MBD WEB NEWS

NEET-UG EXAM  पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया बड़ा फैसला; ऑनलाइन एग्जाम कराने की याचिका खारिज;  ‘पेन-पेपर’ मोड पर ही होगा री-टेस्ट..

NEET-UG EXAM  पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया बड़ा फैसला; ऑनलाइन एग्जाम कराने की याचिका खारिज;  ‘पेन-पेपर’ मोड पर ही होगा री-टेस्ट..

 

 

नई दिल्ली : मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी (NEET-UG) को लेकर देशव्यापी विवाद और पेपर लीक के आरोपों के बीच देश की सर्वोच्च अदालत से एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस साल होने वाली नीट-यूजी की री-टेस्ट (पुनः परीक्षा) को पूरी तरह ऑनलाइन यानी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने की मांग वाली याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद यह साफ हो गया है कि इस साल का री-टेस्ट अपने पुराने और पारंपरिक ‘पेन-पेपर मोड’ (ओएमआर शीट) के जरिए ही आयोजित किया जाएगा।

अगले साल से बदल सकता है पूरा पैटर्न, NTA ने कोर्ट में दिया हलफनामा

हालांकि, ओएमआर शीट आधारित परीक्षा का यह ढर्रा हमेशा के लिए नहीं रहने वाला है। मामले की सुनवाई के दौरान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण हलफनामा (Affidavit) दाखिल किया है। एनटीए ने कोर्ट को आश्वस्त किया है कि वह अगले साल से नीट-यूजी परीक्षा को पूरी तरह से डिजिटल और कंप्यूटर बेस्ड मॉडल (CBT) पर शिफ्ट करने की पूरी तैयारी कर रही है, ताकि भविष्य में होने वाली परीक्षाओं को पूरी तरह से सुरक्षित और पारदर्शी बनाया जा सके।

दिग्गजों ने लगाई थी गुहार, कहा था- पेपर लीक रोकने के लिए सिर्फ ऑनलाइन ही रास्ता

गौरतलब है कि इस साल नीट परीक्षा में बड़े पैमाने पर हुई कथित धांधलियों और पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए परीक्षा प्रणाली को तुरंत बदलने की मांग की गई थी। इसके लिए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद सुधाकर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में एक संयुक्त जनहित याचिका (Writ Petition) दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि पेपर लीक जैसी गंभीर राष्ट्रव्यापी घटनाओं को रोकने के लिए तुरंत ‘कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट’ (CBT) फ्रेमवर्क लागू किया जाना बेहद जरूरी है, जिसे कोर्ट ने इस सत्र के लिए व्यावहारिक न मानते हुए नामंजूर कर दिया।

पीएम मोदी खुद रख रहे हैं हर हलचल पर नजर

नीट पेपर लीक और नतीजों में गड़बड़ी के इस संवेदनशील मामले पर सुप्रीम कोर्ट लगातार कड़ा रुख अपनाए हुए है और हर गतिविधि की खुद निगरानी रख रहा है। पिछले हफ्ते ही शीर्ष अदालत ने एनटीए और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को कड़ी फटकार लगाते हुए पेपर लीक के आरोपों पर विस्तृत जवाब तलब किया था।

दूसरी ओर, इस पूरे विवाद पर केंद्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरी स्थिति और जांच की प्रगति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। सरकार ने साफ किया है कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और उनकी मेहनत के साथ किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं होने दिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।