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पंजाब सरकार की कैबिनेट के मीटिंग में लिये बड़े फैसले: अब बिना टेंडर 5 लाख की खरीदारी कर सकेंगे विभाग, बॉर्डर पर तैनात डॉक्टर-टीचरों को मिलेगा खास भत्ता

पंजाब सरकार की कैबिनेट के मीटिंग में लिये बड़े फैसले: अब बिना टेंडर 5 लाख की खरीदारी कर सकेंगे विभाग, बॉर्डर पर तैनात डॉक्टर-टीचरों को मिलेगा खास भत्ता

 

चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई अहम फैसले लिए गए हैं। सरकार ने सरकारी विभागों के कामकाज में तेजी लाने के लिए खरीद नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकारी विभाग 5 लाख रुपए तक का सामान बिना टेंडर प्रक्रिया के खरीद सकेंगे। पहले यह सीमा 2.50 लाख रुपए थी। सरकार का मानना है कि ‘पंजाब प्रोक्योरमेंट रूल्स’ में इस संशोधन से छोटी-मोटी खरीदारी के लिए लंबी टेंडर प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी।

कैबिनेट ने अवैध माइनिंग पर नकेल कसने के लिए भी सख्त कदम उठाए हैं। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने जानकारी दी कि अब माइनिंग के काम में लगी सभी गाड़ियों पर जीपीएस (GPS) लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके जरिए वाहनों की लाइव ट्रैकिंग की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि रेत कहां से उठाई गई और कहां ले जायी जा रही है। माइनिंग विभाग में पारदर्शिता लाने के लिए एक विशेष अथॉरिटी भी बनाई जाएगी जो गड़बड़ियों पर नजर रखेगी।

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने एक अनोखी पहल की है। अब सरकारी अस्पतालों में प्राइवेट स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सेवाएं ली जाएंगी। सरकार करीब 300 प्राइवेट डॉक्टरों को इंपैनल करेगी, जिन्हें जरूरत पड़ने पर ‘ऑन कॉल’ बुलाया जाएगा। इन डॉक्टरों को ओपीडी और इंडोर मरीजों को चेक करने के बदले इंसेंटिव दिया जाएगा। दिन में बुलाने पर प्रति मरीज और विजिट के हिसाब से भुगतान होगा, जबकि रात के समय इमरजेंसी में बुलाने पर यह इंसेंटिव डबल (दोगुना) दिया जाएगा। इससे अस्पतालों में स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी दूर होगी।

इसके अलावा, पंजाब सरकार ने सोसायटियों और ट्रस्टों की मनमानी रोकने के लिए 1860 के ‘सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट’ में ऐतिहासिक संशोधन किया है। अब प्रदेश में चल रही सोसायटियों और ट्रस्टों का सालाना ऑडिट अनिवार्य होगा। उनकी वित्तीय जांच के लिए सरकार प्रबंधक (मैनेजर) नियुक्त करेगी। वित्त मंत्री ने बताया कि अक्सर लोग सोसायटी रजिस्टर करवाकर जमीनों की खरीद-फरोख्त या लीज पर देने का धंधा करते थे, जिसे अब रोका जाएगा।

बॉर्डर एरिया में कर्मचारियों की कमी को देखते हुए सरकार ने वहां तैनात होने वाले डॉक्टरों और शिक्षकों को ‘स्पेशल इंसेंटिव’ देने का फैसला किया है। यह नीति राज्य के 7 सीमावर्ती जिलों में लागू होगी। सीएम मान ने अधिकारियों को इसका पूरा ड्राफ्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसे अगली कैबिनेट मीटिंग में मंजूरी के लिए लाया जाएगा। साथ ही, सहकारिता विभाग में भी सुधार करते हुए अधिकारियों के काम और शक्तियों का बंटवारा कर दिया गया है, ताकि एक ही अधिकारी के पास दोहरी जिम्मेदारियां न रहें और पारदर्शिता बनी रहे।