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  • जानें किस देश ने कही ये बात “मुझे PM मोदी पर भरोसा” दुनिया में शांति के लिए देशों को लाएंगे एक साथ

    जानें किस देश ने कही ये बात “मुझे PM मोदी पर भरोसा” दुनिया में शांति के लिए देशों को लाएंगे एक साथ

     

    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि वह भारत की G20 की अध्यक्षता के दौरान अपने दोस्त प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करने के लिए उत्सुक हैं.

    India G20 Presidency: मुझे PM मोदी पर भरोसा...दुनिया में शांति के लिए देशों को लाएंगे साथ- फ्रांसीसी राष्ट्रपति

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन.

    Image Credit Source: PTI

    भारत ने 1 दिसंबर को औपचारिक रूप से इंडोनेशिया से G20 ग्रुप की अध्यक्षता ग्रहण कर ली. G20 शिखर सम्मेलन अगले साल 9 और 10 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जिसमें समूह के देशों के शीर्ष नेता शिरकत करेंगे. भारत द्वारा G20 ग्रुप की अध्यक्षता संभालने के बाद तमाम देशों ने उम्मीद जताई है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में होने वाला G20 समिट निर्णायक साबित होगा. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा दिखाया और कहा कि दुनिया में शांति और स्थिरता लाने के लिए वो सबको एकजुट करने में सफल होंगे.

    इमैनुएल मैक्रॉन ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य. भारत ने G20 की अध्यक्षता संभाल ली है. मुझे विश्वास है कि मेरे दोस्त नरेंद्र मोदी दुनिया में शांति और स्थिरता लाने के लिए हम सबको एक साथ लाएंगे.’ मालूम हो कि भारत ने जी20 के लिए ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की थीम रखी है. इमैनुएल मैक्रॉन से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि वह भारत की जी20 की अध्यक्षता के दौरान अपने दोस्त प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करने के लिए उत्सुक हैं.

     

    भारत-अमेरिका मजबूत पार्टनर्स- बाइडेन

    बाइडेन ने शुक्रवार को ट्विटर पर कहा था, ‘भारत अमेरिका का एक मजबूत पार्टनर हैं. मैं भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करने के लिए उत्साहित हूं.’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देश जलवायु, ऊर्जा और खाद्य संकट जैसी साझा चुनौतियों से निपटते हुए सतत और समावेशी विकास को आगे बढ़ाएंगे. उन्होंने कहा, ‘भारत की जी-20 प्राथमिकताओं को न केवल हमारे जी-20 भागीदारों, बल्कि दुनिया के दक्षिणी हिस्से के हमारे साथी देशों के परामर्श से आकार दिया जाएगा, जिनकी आवाज अक्सर अनसुनी कर दी जाती है.’

    भारत मुश्किल समय में कई देशों के साथ खड़ा रहा

    वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कहा कि दुनिया भारत को उन देशों की आवाज के रूप में देखती है, जो बदलती वैश्विक व्यवस्था में पीछे छूट गए हैं. बिरला ने कहा कि भारत ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान 150 से अधिक देशों को कोरोना वैक्सीन और बाकी मदद उपलब्ध कराकर यह सम्मान हासिल किया है. उन्होंने कहा कि “वसुधैव कुटुंबकम” का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है. भारत ने न सिर्फ अपने लोगों की परवाह की, बल्कि जरूरत के समय में अन्य देशों के साथ भी खड़ा रहा.’ बता दें कि जी20 ग्रुप में भारत के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, ब्राजील, ब्रिटेन, चीन, कनाडा, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस, इटली, इंडोनेशिया, जर्मनी, मैक्सिको, जापान, रूस, सऊदी अरब और तुर्की शामिल हैं.

  • ईरान की इस्लामिक सरकार लोगों की मांग के आगे घुटने टेकने को तैयार,सैकड़ों लोगों की मौत के बाद झुकी सरकार, 40 साल पुराना हिजाब कानून बदलने को हुई मजबूर

    ईरान की इस्लामिक सरकार लोगों की मांग के आगे घुटने टेकने को तैयार,सैकड़ों लोगों की मौत के बाद झुकी सरकार, 40 साल पुराना हिजाब कानून बदलने को हुई मजबूर

    तेहरान : ईरान में हिजाब के खिलाफ दो महीने से जारी आंदोलन में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। अब ईरान की इस्लामिक सरकार लोगों की मांग के आगे घुटने टेकने को तैयार हो रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने झुकने का मन बना लिया है। ईरान की सरकार ने दशकों पुराने इस कानून में बदलाव का विचार बना लिया है। बता दें कि अभी ईरान में महिलाओं के लिए हिजाब पहनना जरूरी है। अगर वे ऐसा नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होती है।

    16 सितंबर को कुर्दिश ओरिजिन की 22 साल की महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। हिजाब खिसकने की वजह से पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर प्रताड़ित किया था। हालांकि ईरान प्रशासन लगातार सफाई दे रहा है और कह रहा है कि महसा की मौत एक हादसा था। ईरान में शरिया पर आधारित हिजाब का कानून लगाया गया है।

    अमीनी की मौत के बाद शुरू हुआ आंदोलन न केवल ईरान बल्कि कई अन्य देशों तक भी पहुंच गया। ईरान ने इसे अमेरिका और ब्रिटेन की साजिश तक बता दिया। महिलाओं ने अपने हिजाब उतारकर सार्वजनिक रूप से जला दिए। इस बीच कई जगहों पर पुलिस ने कार्रवाई भी की औऱ बहुत सारे लोगों की जान च ली गई। ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद जफर मोंताजेरी ने कहा, संसद औऱ न्यायपालिका दोनों ही इस मामले का हल निकालने के लिए कार्य कर रही हैं।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अटॉर्नी जनरल ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस कानून में क्या बदलाव करने पर विचार किया जा रहा है। बुधवार को संसद के संस्कृति आयोग की बैठक हुई थी। अटॉर्नी जनरल ने कहा कि एक या दो सप्ताह में फैसलों के बारे में पता चल जाएगा। शनिवार को राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने कहा कि संविधान को लागून करने के कुछ तरीके हैं जिससे की इसमें लचीलापन रहे।

  • जानें किस देश के PM को मारने की हुई कोशिश! लेटर बम बना WAR का नया हथियार

    जानें किस देश के PM को मारने की हुई कोशिश! लेटर बम बना WAR का नया हथियार

     

    स्पेन में रहस्यमयी लेटर बम पोस्ट किए जा रहे हैं। अबतक 4 लेटर बम मिल चुके हैं। बुधवार को पहला लेटर बम मैड्रिड में यूक्रेन की एंबेसी में फटा, जिसमें एक अधिकारी घायल हो गया। अब स्पेन के प्रधानमंत्री से लेकर एयरफोर्स तक लेटर बम पहुंच रहे हैं। दो दिन से स्पेन की राजधानी मैड्रिड में लेटर बम का हड़कंप मचा हुआ है।

    बुधवार को मैड्रिड में यूक्रेन की एंबेसी में 2 लेटर बम पहुंचे। पहला पार्सल खोलते ही धमाका हुआ जिसमें यूक्रेन का एक डिप्लोमैट जख्मी हो गया। गुरुवार को इसी तरह का लेटर स्पेन के एयर फोर्स बेस पर भेजा गया। पार्सल की एक्स-रे जांच करने पर पता लगा कि इसमें एक्सप्लोसिव डिवाइस लगी है। इसके बाद स्पेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने जानकारी दी। प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ के स्टाफ ने बताया कि 24 नवंबर को एक्सप्लोसिव से भरा एक पार्सल प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजा गया था। स्पेन में पिछले दो दिन में तीन लेटर बम मिल चुके हैं।

    किसी की हत्या करने के लिए लेटर बम का इस्तेमाल किया जाता है। ज्यादातर खुफिया एजेंसी किसी हाई प्रोफाइल टारगेट की हत्या के लिए इस्तेमाल करती हैं। लेटर बम बनाने के लिए एक पार्सल तैयार किया जाता है। इसमें एक एक्सप्लोसिव डिवाइस लगाई जाती है। पार्सल खोलते ही डिवाइस ट्रिगर हो जाती है। पार्सल खोलने वाले की मौत हो जाती है।

    बता दें कि साल 2018 में अमेरिका के कई बड़े नेताओं के पते पर लेटर बम भेजे गए थे। अमेरिका में बम हिलेरी क्लिंटन के पते पर भेजा गया था। सीक्रेट सर्विस ने पार्सल की एक्स-रे जांच की तो एक्सप्लोसिव डिवाइस का पता लगा। इससे पूरे अमेरिका में हड़कंप मच गया था, लेकिन अब स्पेन में इसी तरह के लेटर बम भेजे जा रहे हैं। इनके पीछे कौन है ये दावे से नहीं कहा जा सकता, लेकिन इसका कनेक्शन रूस यूक्रेन युद्ध से माना जा रहा है।

  • जानिए किस जगह नमाज के बाद मदरसे में हुआ बम धमाका, 15 लोगों की मौत, 27 घायल

    जानिए किस जगह नमाज के बाद मदरसे में हुआ बम धमाका, 15 लोगों की मौत, 27 घायल

     

    नई दिल्ली- अफगानिस्तान से इस समय बड़ी खबर सामने आ रही है। समांगन प्रांत के ऐबक शहर में बुधवार की दोपहर जाहदिया मदरसे में बम विस्फोट हुआ है। धमाके में कम से कम पंद्रह लोगों की मौत हो गई जबकि 27 घायल हो गए है। अफगानिस्तान के एक प्रमुख मीडिया समूह ने प्रांतीय अस्पताल के डॉक्टर के हवाले से रिपोर्ट दी। सोशल मीडिया पर धमाके के बाद के वीडियो वायरल हो रहे हैं।

    धमाका दोपहर की नमाज के बाद हुआ है। तालिबान के अधिकारी का कहना है कि उत्तरी अफगानिस्तान के मदरसे में हुए बम धमाके में कम से कम दस छात्रों की मौत हो गई। हमले की अब तक किसी भी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है। विस्फोट के बारे में सुरक्षा अधिकारियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

  • अंतिम संस्कार के दौरान हुआ लैंड स्लाइड- 14 लोगों की मौत- कई मलबे में दबे,जानें कहां घटित हुई ये दुर्घटना..

    अंतिम संस्कार के दौरान हुआ लैंड स्लाइड- 14 लोगों की मौत- कई मलबे में दबे,जानें कहां घटित हुई ये दुर्घटना…

     

    योन्डे : कैमरून की राजधानी में एक शख्स के अंतिम संस्कार के दौरान हुए भूस्खलन से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी क्षेत्रीय गवर्नर ने दी है। इस हादसे में दर्जनों अन्य लोग लापता हैं, वहीं बचावकर्मी मलबे की खुदाई कर लोगों की तलाश कर रहे हैं।

    सेंटर रीजनल गवर्नर नसेरी पॉल बी ने कैमरून के राष्ट्रीय प्रसारक सीआरटीवी को बताया कि रात में भी मलबे में दबे जीवित लोगों की तलाश का काम जारी था।

    उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर हमने 10 शव गिने थे, लेकिन हमारे पहुंचने से पहले ही चार शवों को ले जाया जा चुका था। उन्होंने कहा कि गंभीर हालत में करीब एक दर्जन लोगों को अस्पताल में पहुंचाया गया है।

    याओंडे के पड़ोस में स्थित दमास में जिस जगह भूस्खलन हुआ उसे गवर्नर ने एक “बहुत खतरनाक स्थान” बताया और उन्होंने लोगों को इस स्थान को खाली करने को कहा।

  • विदेशी महिला की हत्या कर भागा पंजाब का युवक गिरफ्तार, दस लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का था इनाम

    विदेशी महिला की हत्या कर भागा पंजाब का युवक गिरफ्तार, दस लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का था इनाम

     

    नई दिल्ली -क्वींसलैंड में एक ऑस्ट्रेलियाई महिला की कथित रूप से हत्या करने के बाद 2018 से फरार चल रहे 38 वर्षीय एक व्यक्ति को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया। हाल ही में, ऑस्ट्रेलियाई पुलिस ने आरोपी की सूचना देने पर एक मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया था। आरोपी की पहचान पंजाब के बुट्टर कलां के रहने वाले राजविंदर सिंह के रूप में हुई है, जो क्वींसलैंड के इनफिसिल में मेल नर्स के रूप में काम करता था। जानकारी के मुताबिक, आरोपी राजविंदर सिंह ने 21 अक्टूबर 2018 को क्वींसलैंड में अपने कुत्ते को टहला रही 24 वर्षीय टोयाह कोडिर्ंगली पर जानलेवा हमला किया था। जिसमें उसकी मौत हो गई।

    कोडिंग्ले की हत्या के दो दिन बाद सिंह ऑस्ट्रेलिया में अपनी नौकरी, पत्नी और तीन बच्चों को छोड़कर देश से भाग गया। ऑस्ट्रेलियाई पुलिस के अनुसार, कॉडिर्ंगली की हत्या के अगले दिन, सिंह ने 22 अक्टूबर को केर्न्‍स को छोड़ दिया, और फिर 23 अक्टूबर को सिडनी से भारत के लिए उड़ान भरी। अधिकारियों द्वारा उनके भारत आगमन की पुष्टि की गई। मार्च 2021 में, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने भारत से सिंह को प्रत्यर्पित करने का अनुरोध किया। इस नवंबर अनुरोध को मंजूरी दे दी गई थी। 2 नवंबर को, क्वींसलैंड पुलिस ने दस लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का इनाम घोषित किया था, जो विभाग द्वारा अब तक की सबसे बड़ी पेशकश थी।

  • वॉलमार्ट में ताबड़तोड़ फायरिंग, 10 लोगों की मौत

    वॉलमार्ट में ताबड़तोड़ फायरिंग, 10 लोगों की मौत

     

    वर्जीनिया :  अमेरिका में वर्जीनिया के चेसापीक स्थित वॉलमार्ट स्टोर में ताबड़तोड़ गोलीबारी में 10 लोगों की मौत की खबर सामने आ रही है, जबकि अन्य के घायल होने की भी जानकारी सामने आ रही है। फायरिंग की घटना का पता चलते ही चेसापीक पुलिस ने बैटलफील्ड ब्लाव्ड के ठीक सामने वॉलमार्ट में कथित सक्रिय शूटर को पकड़ने के प्रयास किए और उस पर फायरिंग की।

    हालंकि पुलिस ने फौरन कार्रवाई करते हुए हमलावर को मार गिराया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि बैटलफील्ड बुलेवार्ड के वॉलमार्ट में गोलीबारी करने वाला संदिग्ध मारा गया है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया है कि 10 लोगों मौत हुई है।

    इससे पहले अमेरिका के कोलोराडो स्प्रिंग्स शहर के एक नाइट क्लब में 20 नवंबर को ताबड़तोड़ गोलीबारी हुई थी, जिसमें कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 18 लोग घायल हो गए थे।

  • Rishi Sunak के खिलाफ उठे बगावत के सुर, जिसके बाद सरकार को टालना पड़ा अहम विधेयक पर मतदान

    Rishi Sunak के खिलाफ उठे बगावत के सुर, जिसके बाद सरकार को टालना पड़ा अहम विधेयक पर मतदान

    लंदन : ब्रिटेन के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को पहली बार अपनी ही पार्टी के सांसदों की बगावत की धमकी का सामना करना पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस कारण उन्हें ब्रिटिश सरकार की मकान निर्माण की योजना संबंधी विधेयक पर मतदान टालना पड़ा है।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुनक की टोरी पार्टी के करीब 47 व अन्य सांसदों के साथ मिलकर लेवलिंग-अप व रिजनरेशन बिल में संशोधन के प्रस्ताव पर दस्तखत किए हैं। इससे स्थानीय परिषदों द्वारा अनिवार्य रूप से मकानों के निर्माण के लक्ष्य को पूरा करने पर रोक लग सकती है।

    यह विधेयक आज हाउस ऑफ कामंस में चर्चा के लिए वापस आएगा और इस पर अगले सोमवार को मतदान होने वाला था। पीएम सुनक के समक्ष इस विधेयक पर मतदान में हार का खतरा है, क्योंकि उन्हें सिर्फ 69 सदस्यों का कामकाजी बहुमत हासिल है। यदि 47 बागी सदस्यों को विरोधी लेबर व अन्य विपक्षी दलों का समर्थन मिला तो उनकी पहली पराजय हो सकती है।

    इस विधेयक पर आज चर्चा की संभावना है, लेकिन एक सरकार अधिकारी का कहना है कि इस पर मतदान सोमवार को नहीं होगा। अधिकारी ने कहा कि सदन की कार्यसूची में इसके लिए वक्त की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि लेवलिंग-अप मंत्री मिशेल गोव अगले कुछ सप्ताहों में इस विधेयक पर सांसदों के साथ चर्चा जारी रखेंगे और उम्मीद है कि वे क्रिसमस बाद तक मतदान टालने में कामयाब रहेंगे।

    ब्रिटिश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर मकान निर्माण करना चाहती है, इसलिए यह विधेयक लाकर स्थानीय निकायों के लिए लक्ष्य तय कर अनिवार्य रूप से उनका निर्माण कराना चाहती है। कंजरवेटिव पार्टी व विपक्ष यदि इसमें संशोधन लाकर योजना पर अमल रुकवा दें तो यह सुनक सरकार के लिए एक तरह की हार या बड़ा झटका हो सकता है। देखना होगा बुधवार को होने वाली बहस में सुनक सरकार व उनकी पार्टी के सांसद तथा विपक्षी दल क्या रुख अपनाते हैं।

  • सोलोमन द्वीप में भूकंप, 7.0 की तीव्रता वाले झटके से कांपी धरती; सुनामी की अलर्ट

     सोलोमन द्वीप में भूकंप, 7.0 की तीव्रता वाले झटके से कांपी धरती; सुनामी की अलर्ट

    नई दिल्ली : सोलोमन द्वीप में मंगलवार को भूकंप के जोरदार झटके लगे हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.0 मापी गई है और भूकंप की स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में सुनामी का अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। हालांकि अभी नुकसान को लेकर कोई जानकारी नहीं है। एक दिन पहले इंडोनेशिया में विनाशकारी भूकंप आया था जिसमें मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 162 हो गई है और सैकड़ों लोग घायल हैं।

    जावा के गवर्नर रिदवान कामिल ने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़कर 162 हो गई है। उन्होंने कहा कि मरने वालों में ज्यादातर बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि भूकंप के वक्त स्कूलों में पढ़ने वाले ज्यादातर बच्चे अपनी पढ़ाई खत्म होने के बाद इस्लामिक स्कूल में तालीम ले रहे थे। इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी (बीएनपीबी) ने कहा है कि आधिकारिक तौर पर मरने वालों की संख्या 62 बताई गई है।

    अमेरिकी भूगर्भीय सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक कल पश्चिम जावा के सियानजुर शहर में 5.6 तीव्रता का भूकंप 10 किमी की गहराई में आया था। कामिल ने बताया कि भूकंप के बाद इमारतों के मलबे से सैंकड़ों लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जिनमें से कई लोगों को उपचार अस्पतालों के परिसर में किया जा रहा है। राहत एवं बचाव अभियान पूरी रात चलता रहा ताकि अन्य लोगों को बचाने की कोशिश की जा सके। जो अभी भी ढही हुई इमारतों के मलबे में फंसे हुए हैं। जिस क्षेत्र में भूकंप आया वह घनी आबादी वाला है और भूस्खलन की भी आशंका जतायी गयी है। भूकंप के झटकों स कई क्षेत्रों में घर मलबे में तब्दील हो गए हैं।

    स्थानीय मीडिया से बात करते हुए श्री कामिल ने कहा कि भूकंप में लगभग 326 लोग घायल हो गए हैं। इनमें से अधिकतर लोगों की ढहे हुए इमारतों के मलबे में दबने से हड्डियां टूट गयी हैं। उन्होंने कहा अभी भी कुछ निवासी अलग-अलग स्थानों में फंसे हुए है और आशंका जतायी की मृतकों और घायलों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।

    पश्चिम जावा के गवर्नर ने कहा कि 13,000 से अधिक लोग आपदा से विस्थापित हुए हैं और भूकंप से 2,200 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हो गए थे। सियानजुर शहर में प्रशासन के प्रमुख हरमन सुहरमन ने कहा कि लोगों को ज्यादातर चोटें इमारतों में मलबे में फंसे से लगी हैं और उनकी हड्डियां टूट गयी है।

    उन्होंने कहा कि अधिकारी देश के सुदूर इलाकों में भूकंप से हताहत हुए लोगों की संख्या के संबंध में अभी भी जानकारी जुटा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सोमवार को आए भूकंप के बाद भी 25 झटके महसूस किए गए हैं।

  • इंडोनेशिया में आया भीषण भूकंप, 44 की मौत, 300 से ज्यादा लोग घायल

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    Strong earthquake in Indonesia, 44 killed, more than 300 people injured

    इंडोनेशिया में आया भीषण भूकंप, 44 की मौत, 300 से ज्यादा लोग घायल

     

    जावाः इंडोनेशिया में इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां इस वक्त 5.4 की तीव्रता के भूकंप ने सबको हिलाकर रख दिया है। इस भूकंप से कई मौतें हुई हैं और 300 लोग घायल हैं। शुक्रवार को भी इंडोनेशिया में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। तब रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.6 मापी गई थी। इस भूकंप की वजह से 44 लोगों की मौत की खबर है और 300 से ज्यादा लोग घायल हैं। स्थानीय अधिकारी का हवाला देते हुए एएफपी ने ये जानकारी दी है। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 5.4 मापी गई है।

    बताया जा रहा है कि ये भूकंप इतना तेज था कि शहर की बड़ी-बड़ी इमारतें हिल गईं और लोग अपने घर और ऑफिसों से बाहर की तरफ भागने लगे। इससे पहले शुक्रवार को भी इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में भूकंप आया था। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 6.6 मापी गई थी। इसकी गहराई 20 किमी जमीन के अंदर थी। इंडोनेशिया की लोकल मीडिया के मुताबिक, भूकंप से चिआनजूर में कई इमारतें और उनकी छतों को नुकसान पहुंचा है।

    यहां के मौसम विभाग का कहना है कि नागरिक सावधानी रखें क्योंकि इस इलाके में भूकंप के और झटके भी महसूस किए जा सकते हैं। इसलिए लोग इमारतों से दूर रहें। कहा ये भी जा रहा है कि इस भूकंप की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि कई लोग मलबे में दबे हो सकते हैं और कई लोगों को फ्रैक्चर हुआ है।