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  • पंजाब विधानसभा का 3 अक्टूबर तक चलेगा सत्र, BAC मीटिंग में नहीं बुलाने पर भाजपा ने किया वॉकआउट

     पंजाब विधानसभा का 3 अक्टूबर तक चलेगा सत्र, BAC मीटिंग में नहीं बुलाने पर भाजपा ने किया वॉकआउट

     

    चंडीगढ़ :  पंजाब विधानसभा का सत्र 12 बजे तक स्थगित रहने के बाद अब फिर से शुरु हो गया है। इसी बीच बिजनेस एडवायजरी कमेटी (बीएसी) की मीटिंग हुई जिसमें सत्र की समय सीमा बढ़ाने को मंजूरी दे दी गई है। जानकारी के अनुसार, बीएसी की मीटिंग में फैसला लिया गया कि सत्र की कार्यवाही 3 अक्तूबर तक चलेगी। उधर, बीएसी द्वारा मीटिंग में नहीं बुलाए जाने पर भाजपा ने सदन से वॉकआउट किया। इसके अलावा बीजेपी ने प्रधानमंत्री द्वारा चंडीगढ़ एयरपोर्ट का नाम भगत सिंह के नाम पर करने के बदले धन्यवाद प्रस्ताव न लाने का भी विरोध किया।

    बता दें, पंजाब के विधानसभा सेशन को लेकर राजभवन और आप सरकार के बीच कई दिनों तक खींचतान के बाद राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने रविवार को 27 सितंबर को सदन आहूत करने की मंजूरी दे दी थी। सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों के बारे में राज्यपाल को आप सरकार की ओर से सूचित किए जाने के एक दिन बाद उन्होंने सत्र आहूत करने की मंजूरी दी।

    भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने शनिवार को राज्यपाल को सूचित किया था कि 27 सितंबर को विधानसभा के नियमित सत्र में पराली जलाने, जीएसटी और बिजली आपूर्ति जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। राज्यपाल को यह भी बताया गया कि इसके अलावा, सत्र के दौरान सदस्यों से मिली नोटिस के अनुसार विभिन्न मुद्दों पर कामकाज भी ‘पंजाब विधानसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों’ के प्रासंगिक प्रावधानों के अनुसार किया जा सकता है।

  • पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में पेश किया विश्वासमत, 3 अक्टूबर को वोटिंग

    चंडीगढ़ : पंजाब के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच तनातनी के बाद पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आज शुरू हुआ। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने सदन में विश्वासमत पेश किया। विधानसभा के विशेष सत्र में राज्य के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विश्वास मत का विरोध करते हुए कहा कि विश्वास प्रस्ताव लाना राज्यपाल की शक्तियां चुनौती है। उन्होंने राज्य विधानसभा में कहा कि मैं सदन के पटल पर इसकी निंदा करता हूं। कांग्रेस, अकाली दल के विधायकों ने ट्रेजरी बेंच द्वारा विश्वास प्रस्ताव पेश करने का कड़ा विरोध किया। राजस्थान कांग्रेस में चल रहे संकट पर कटाक्ष करते हुए भगवंत मान ने कहा कि अब वे हमें कानूनों के बारे में सिखाएंगे? पहले, उन्हें अपना घर व्यवस्थित करना चाहिए। विधानसभा की कार्यवाही को 29 सितंबर तक के लिए स्थगित किया गया है। विश्वास मत पर वोटिंग 3 अक्टूबर को होगी।

    पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने रविवार को राज्य विधानसभा का सत्र आयोजित करने को लेकर राजभवन और आप सरकार के बीच कई दिनों तक चली खींचतान के बाद 27 सितंबर को सदन बुलाने की मंजूरी दे दी। अध्यक्ष की घोषणा के बाद भाजपा के दो विधायक अश्वनी शर्मा और जंगी लाल महाजन सदन से वॉकआउट कर गए। सदन के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान ने यह भी कहा कि सदन की कार्य मंत्रणा समिति ने सत्र की अवधि तीन अक्टूबर तक बढ़ाने का फैसला किया है, जबकि पहले यह एक दिन का था।

    सीएम और राज्यपाल के बीच विवाद
    राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने इससे पहले 22 सितंबर को विश्वास प्रस्ताव लाने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की राज्य सरकार की योजना को खारिज कर दिया था। आप सरकार ने पहले कहा था कि 27 सितंबर के प्रस्तावित सत्र का इस्तेमाल पराली जलाने और बिजली क्षेत्र के मुद्दों पर चर्चा के लिए किया जाएगा। आप सरकार को 117 सदस्यीय सदन में 92 विधायकों के साथ भारी बहुमत प्राप्त है, लेकिन आप ने आरोप लगाया था कि केंद्र में भाजपा और उसकी सरकार ने तथाकथित ‘ऑपरेशन लोटस’ के माध्यम से राज्य में सरकार को गिराने का प्रयास कर रही है।

  • RSS कार्यकर्ता के घर पर दो लोगों ने 3 पेट्रोल बम फेंक कार में लगा दी आग, CCTV में कैद हुई वारदात…

    RSS कार्यकर्ता के घर पर दो लोगों ने 3 पेट्रोल बम फेंक कार में लगा दी आग, CCTV में कैद हुई वारदात…

     

    चेन्नई : तमिलनाडु के मदुरई में आरएसएस कार्यकर्ता के घर पर तीन पेट्रोल बम फेंके गए हैं। यह हमला शनिवार शाम करीब 7:38 बजे अनुप्पनदी हाउसिंग बोर्ड इलाके में स्थित एमएस कृष्णन के आवास पर हुआ। यह पूरा मामला घर के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। आरएसएस कार्यकर्ता एमएस कृष्णन का घर मेल अनुप्पनादी हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी में है। वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि बाइक सवार दो लोग घर के सामने आए और एक-एक कर पेट्रोल बम फेंके और फरार हो गए। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है।

    दक्षिण मदुरई के असिस्टेंट शानमुगम ने बताया, ‘आरएसएस मेंबर के घर पर तीन पेट्रोल बम फेंके गए हैं। हम मामले की जांच कर रहे हैं। हालांकि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ है।’ इस मामले में आरएसएस मेंबर कृष्णन और बीजेपी के जिला अध्यक्ष सुसीनद्रन ने कीराथुराई पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले में कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।

    कृष्णन ने इस पूरे मामले में कहा, ‘मैं आरएसएस के लिए पिछले 45 सालों से काम कर रहा हूं। करीब 7 बजे हमने अपने घर पर पूजा की थी जिसमें करीब 65 लोग शामिल हुए थे। तभी मैंने बाहर धमाके की आवाज सुनी। मैं जब बाहर आया मेरी गाड़ी में आग लगी हुई थी। पिछली बार 2014 में पुलिस ने मुझे सुरक्षा दी थी। क्योंकि उस वक्त मेरी जान को खतरा था। इसके बाद 2021 में सुरक्षा हटा ली गई थी।’ उन्होंने लगातार हो रही ऐसी घटनाओं पर कहा कि, ‘मेरे अलावा करीब 20 और आरएसएस कार्यकर्ताओं पर अलग-अलग हमले हुए हैं। यह केवल तमिलनाडु की बात है। हमने पुलिस में इसकी शिकायत की है। पुलिस ने हमें आश्वासन दिया है कि वह आज रात तक आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे।’

  • पंजाब में खत्म हुई राजनीतिक तकरार,पंजाब विधानसभा विशेष सेशन को राज्यपाल ने दी मंजूरी

    पंजाब में खत्म हुई राजनीतिक तकरार,पंजाब विधानसभा विशेष सेशन को राज्यपाल ने दी मंजूरी

     

    : पंजाब सरकार और राज्यपाल के बीच जारी तनातनी आखिरकार खत्म हो गई है। गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित ने 2 बार की तकरार के बाद आखिरकार पंजाब सरकार के विधानसभा सेशन को मंजूरी दे दी है। पंजाब सरकार ने गवर्नर से 27 सितंबर को सत्र बुलाने की मांग की थी। बता दें कि इससे पहले सरकार की ओर से 22 सितंबर को बुलाई गई बैठक को राज्यपाल ने रद्द कर दिया था।

    अब 27 सितंबर को बुलाए गए विधानसभा के विशेष सत्र को राज्यपाल ने मंजूरी दे दी है। गवर्नर हाउस की तरफ से इसके ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। ऑर्डर में गवर्नर ने भारतीय संविधान के आर्टिकल (1) की धारा 174 का जिक्र करते हुए मंजूरी दी है।

    पंजाब में आप सरकार और गवर्नर के बीच ऑपरेशन लोटस के आरोपों के बाद तकरार बढ़ी है। आप ने भाजपा पर उनके विधायकों को खरीदने का आरोप लगाया, जिसके बाद बहुमत साबित करने के लिए स्पेशल सेशन बुला लिया। पहले इसे गवर्नर ने मंजूरी दे दी। विपक्षी विधायकों ने विरोध जताया तो लीगल ओपिनियन लेकर गवर्नर ने इसे रद्द कर दिया। इसके बाद बिजली और पराली के मुद्दे पर बहस की बात कह सरकार ने फिर सेशन बुला लिया, जिस पर फिर टकराव हुआ।

  • जानें AAP के किस विधायक के पिता ने निगला जहर:गंभीर हालत में लुधियाना लाया गया; घटना के वक्त चंडीगढ़ में थे MLA 

    जानें AAP के किस विधायक के पिता ने निगला जहर:गंभीर हालत में लुधियाना लाया गया; घटना के वक्त चंडीगढ़ में थे MLA

     

    विधायक लाभ सिंह ऊगोके के पिता दर्शन सिंह। - Dainik Bhaskar
    विधायक लाभ सिंह ऊगोके के पिता दर्शन सिंह।

    पंजाब के भदौड़ से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को हराकर आम आदमी पार्टी से विजेता रहा लाभ सिंह ऊगोके के पिता दर्शन सिंह ने सल्फास निगल ली है जिस कारण उनकी बिगड़ती हालत को देख उन्हें तुरंत DMC अस्पताल लुधियाना लाया गया है।

    विधायक ऊगोके के पिता की हालत गंभीर बताई जा रही है। बता दें जैसे ही आम आदमी पार्टी के वर्करों और पदाधिकारियों को इस बात का पता चला तो अस्पताल में भी नेताओं का आना-जाना लग गया।

    लाभ सिंह उगोके चुनाव से पहले गांव में ही मोबाइल मरम्मत की दुकान चलाया करते थे। विधायक ऊगोके ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को 37,558 हजार से अधिक वोटों से हराया है। जिस समय दर्शन सिंह ने सल्फास निगली उस समय विधायक ऊगोके चंडीगढ़ में पार्टी विधायकों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे तो उन्हें फोन पर जानकारी दी गई।

    ऊगोके की माता बलदेव कौर ने ऊगोके की जीत पर कहा था कि मुझे बेहद खुशी है कि मेरे बेटे ने यह जीत हासिल की है, वह भी मौजूदा मुख्यमंत्री को हराकर लेकिन मैं अपने कर्तव्य का निर्वहन करती रहूंगी। मेरे लिए, यह जीवन का एक तरीका है। नौकरी की कमाई मेरा घर चलता है। बता दें विधायक ऊगोके की माता गांव के ही सरकारी स्कूल में सफाई कर्मचारी है।

    क्या वजह थी जहरीला पदार्थ खाने की

    दर्शन सिंह के भाई जगतार सिंह ने बताया कि वह काम पर गया हुआ था। इतने में घर से फोन आया कि दर्शन की लाभ सिंह ऊगोके के बड़े भाई के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद उन्होंने गुस्से में आकर कोई जहरीली वस्तु निगल ली लेकिन अभी हालत खतरे से बाहर है। वह एक अन्य मीडिया रिपोर्ट्स मुताबिक जगतार ने यह भी कहा है कि उसके भाई को अटेक जैसी दिक्कत भी आई है जिस कारण उसे अस्पताल लाया गया है। अब मामले में सच्चाई क्या है ये दर्शन सिंह के बयानों के बाद ही पता चल पाएगी।

  • फर्श पर गद्दा बिछाकर सोते दिखे कांगेस के नेता, सिर के नीचे तकिया भी नहीं लगाया

    फर्श पर गद्दा बिछाकर सोते दिखे कांगेस के नेता, सिर के नीचे तकिया भी नहीं लगाया

     

    Digvijaya Singh Lifestyle: दिग्विजय सिंह ने 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी 192 दिनों की लंबी ‘नर्मदा यात्रा (Narmada Yatra)’ के दौरान उसी सादगी का प्रदर्शन किया था.

    Digvijay Singh: फर्श पर गद्दा बिछाकर सोते दिखे दिग्विजय सिंह, सिर के नीचे तकिया भी नहीं लगाया

    कब ली गई थी दिग्विजय सिंह की ये तस्वीर

    मध्य प्रदेश कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ‘वर्तमान तस्वीर तब ली गई जब दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) पार्टी के कुछ अन्य कार्यकर्ताओं के साथ एक दिन के पैदल मार्च, ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद आराम करने गए थे. इस बीच, ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी अपने अध्यक्ष के चुनाव के लिए कमर कस रही है.

    नर्मदा यात्रा के दौरान भी फर्श पर सोते थे दिग्विजय सिंह

    दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले अपनी 192 दिनों की लंबी ‘नर्मदा यात्रा (Narmada Yatra)’ के दौरान उसी सादगी का प्रदर्शन किया था. वह फर्श पर सोते थे, उनके एक सहयोगी ने कहा, जो पूरी ‘नर्मदा परिक्रमा’ के दौरान उनके साथ थे.

  • जानिए कौन से कांग्रेस के यह दिग्गज नेता भी अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के मूड में! गहलोत और शशि थरूर को देगा चुनौती

    जानिए कौन से कांग्रेस के यह दिग्गज नेता भी अध्यक्ष का चुनाव लड़ने के मूड में! गहलोत और शशि थरूर को देगा चुनौती

     

    Congress के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए अधिसूचना जारी की. अधिसूचना के अनुसार, गुरुवार से नामांकन फॉर्म उपलब्ध होंगे, जबकि 24 सितंबर से 30 सितंबर के बीच नामांकन दाखिल किया जाएगा.

    पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी भी कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. उनके करीबी सूत्रों ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में राज्य पार्टी के प्रतिनिधियों से मुलाकात की, जो चुनाव में मतदाता हैं. प्रत्येक उम्मीदवार को अपना नाम प्रस्तावित करने के लिए 10 प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधियों की आवश्यकता होती है.

    मनीष तिवारी कांग्रेस नेतृत्व के मुखर आलोचकों में से एक हैं और उन्होंने पार्टी में सुधार की मांग की है. कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव के लिए अधिसूचना जारी की. अधिसूचना के अनुसार, गुरुवार से नामांकन फॉर्म उपलब्ध होंगे, जबकि 24 सितंबर से 30 सितंबर के बीच नामांकन दाखिल किया जाएगा.

    नामांकन की जांच एक अक्टूबर को होगी और उसी दिन वैध उम्मीदवार की सूची प्रकाशित की जाएगी. नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर है, जिसके बाद एक अंतिम सूची लाई जाएगी. मतदान जहां 17 अक्टूबर को होगा, वहीं मतगणना 19 अक्टूबर को होगी. सूत्रों के मुताबिक, अशोक गहलोत और शशि थरूर के बीच संभावित मुकाबला होगा.

    अशोक गहलोत ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से दो घंटे तक मुलाकात की थी, जिसके बाद वह राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल होने के लिए केरल के लिए रवाना हो गए. सूत्रों ने बताया कि सोनिया गांधी ने कहा है कि चुनाव निष्पक्ष होगा और वह किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेंगी. जाहिर तौर पर बैठक में राजस्थान के मुद्दे पर भी चर्चा हुई, लेकिन इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है. गहलोत अगले सप्ताह पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल कर सकते हैं. हालांकि, वह राज्य में मुख्यमंत्री की कुर्सी को नहीं छोड़ना चाहते.

    राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की मांग

    उधर राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने की मांग जारी है. कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि राहुल गांधी ऐसे शख्स है जो कठिन परिश्रम या संघर्षों से दूर नहीं भागते हैं. यही कारण है कि आम कार्यकर्ता उन्हें अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करते देखना चाहता है.

    कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में पार्टी नेता राहुल गांधी के प्रति अपनी पसंद का संकेत देते हुए पायलट एक टीवी चैनल पर उन सवालों को टाल गये कि यदि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ते हैं तो क्या वह उनका समर्थन करेंगे.

    उन्होंने इस सवाल का जवाब भी टाल दिया कि यदि उनके प्रतिद्वंद्वी गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष बनते हैं तो क्या वह राजस्थान के मुख्यमंत्री बनेंगे. उन्होंने कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन चुनाव लड़ता है. चुनाव के अंत में मजबूत कांग्रेस उभरकर सामने आएगी. उसके लिए हम सभी को मिलकर काम करने की जरूरत है साथ मिलकर काम करने से ही हम बीजेपी को सत्ता से हटा पायेंगे. पायलट ने कहा कि फिलहाल वह अटकलें नहीं लगा सकते कि कौन चुनाव लड़ेगा. यह बात 24 सितंबर तक या उसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगी.

  • सोनिया से मिले अशोक गहलोत, बोले-पहले कोशिश कर राहुल गांधी को मनाएंगे, अगर नहीं माने तो लड़ सकते हैं कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव

    सोनिया से मिले अशोक गहलोत, बोले-पहले कोशिश कर राहुल गांधी को मनाएंगे, अगर नहीं माने तो लड़ सकते हैं कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव

    कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव होना तय लग रहा है। इसी बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोनिया गांधी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष पद संभालने के लिए राहुल गांधी को मनाएंगे अगर नहीं माने तो चुनाव लड़ सकते हैं।

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की, जब उन्होंने संकेत दिया कि वह कांग्रेस अध्यक्ष के  चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि गहलोत और सोनिया गांधी के बीच चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव एजेंडे में था। राजस्थान के मुख्यमंत्री ने सोनिया गांधी से उनके 10 जनपथ आवास पर मुलाकात की। उम्मीद है वे आज मुंबई जाएंगे, गुरुवार को कोच्चि पहुंचेंगे और राहुल गांधी को पार्टी की बागडोर संभालने के लिए मनाने की आखिरी कोशिश करेंगे।

     

    जयपुर से यहां पहुंचने के बाद पत्रकारों से बातचीत में गहलोत ने स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि वह कांग्रेस के राष्ट्रपति चुनाव के लिए मैदान में उतर सकते हैं।हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि वह राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष का पद संभालने के लिए मनाने के लिए अंतिम प्रयास करेंगे। गहलोत ने कहा कि वह ऐसे फैसले लेंगे जिनसे कांग्रेस मजबूत हो। उन्होंने कहा कि पार्टी और आलाकमान ने मुझे सब कुछ दिया है। मैं 40-50 साल से पदों पर हूं। मेरे लिए कोई भी पद महत्वपूर्ण नहीं है, मुझे जो भी जिम्मेदारी दी गई है, मैं उसे पूरा करूंगा।

    मंगलवार को राजस्थान में कांग्रेस विधायकों से कहा था कि अगर वह पार्टी के अध्यक्ष का चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करने का फैसला करते हैं तो उन्हें नई दिल्ली आने के लिए कहा जाएगा। गहलोत और सोनिया गांधी के बीच बैठक कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण द्वारा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अध्यक्ष चुनाव के लिए अधिसूचना जारी करने से ठीक एक दिन पहले हुई है।

    दो दशक से अधिक समय के बाद कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए एक प्रतियोगिता देखने की संभावना है। शशि थरूर सोनिया गांधी और गहलोत के साथ बैठक के बाद मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं, यह संकेत देते हुए कि वह अपनी टोपी रिंग में फेंक देंगे अगर राहुल गांधी पार्टी की बागडोर संभालने के लिए सहमत नहीं हैं।

  • कैप्टन की पार्टी का भाजपा में होगा विलय, परिवार समेत आधा दर्जन पूर्व विधायक भी होंगे शामिल

     कैप्टन की पार्टी का भाजपा में होगा विलय, परिवार समेत आधा दर्जन पूर्व विधायक भी होंगे शामिल

     

    पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस बनाने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अब भाजपा के साथ जाने की तैयारी कर ली है। वह 19 सितंबर को दिल्ली में भाजपा का दामन थामेंगे।

     

    भाजपा में होगा कैप्टन की पार्टी का विलय, परिवार समेत आधा दर्जन पूर्व विधायक भी होंगे शामिल

     

    पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़कर नई पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस बनाने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अब भाजपा के साथ जाने की तैयारी कर ली है। वह सोमवार यानी 19 सितंबर को दिल्ली में भाजपा का दामन थाम सकते हैं। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा उन्हें भाजपा की सदस्यता दिला सकते हैं और इसके साथ ही उनकी पार्टी का भाजपा में विलय हो जाएगा। इस मौके पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी जय इंदर कौर, बेटा रणइंदर कौर और नाती निर्वाण सिंह भी भाजपा में एंट्री ले सकते हैं। हालांकि उनकी पत्नी परनीत कौर अब भी कांग्रेस की सांसद हैं, जिनके खिलाफ ऐक्शन की मांग अकसर कांग्रेसी करते रहे हैं।

    कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसी सप्ताह की शुरुआत में दिल्ली आकर होम मिनिस्टर अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही अटकलें लग रही थीं कि कैप्टन अब भाजपा में जा सकते हैं। पंजाब विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने भाजपा के साथ मिलकर ही चुनाव लड़ा था, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सकी थी। खुद कैप्टन अमरिंदर सिंह को पटियाला की अपनी परंपरागत सीट पर करारी हार झेलनी पड़ी थी। कैप्टन की बेटी जय इंदर कौर ने ही पिछले दिनों बताया था कि पंजाब लोक कांग्रेस के भाजपा में विलय को लेकर बात चल रही है।

    पंजाब के पूर्व सीएम के साथ राज्य के करीब आधा दर्जन विधायक भी भाजपा में आ सकते हैं। बता दें कि कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे सुनील जाखड़ भी अब भाजपा में ही शामिल हैं। इस तरह पंजाब में भले ही भाजपा तीन विधायकों की ही पार्टी है, लेकिन उसने कई वरिष्ठ नेताओं को अपने पाले में लाकर अपनी उपस्थिति जरूर मजबूत की है। शिरोमणि अकाली दल से गठबंधन तोड़ने के बाद से ही भाजपा लगातार अपने दम पर मजबूती हासिल करने में जुटी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह 9 सालों तक पंजाब के सीएम रहे हैं और उनकी अच्छी साख है। ऐसे में भाजपा उन्हें अपने पाले में लाकर बढ़त हासिल करना चाहती है।

  • कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांगे 2000 , सिर्फ 500 दिया तो सब्जियां फेंक दीं; दुकानदार के गंभीर आरोप

    भारत जोड़ो यात्रा के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांगे 2000 , सिर्फ 500 दिया तो सब्जियां फेंक दीं; दुकानदार के गंभीर आरोप

     

     

    दुकानदार एस फवाज ने कहा, ‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक गुट दुकान पर आ पहुंचा। उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा के लिए चंदा मांगा। मैंने इसके लिए 500 रुपये दे दिए, लेकिन वे 2000 रुपये की मांग कर रहे थे।’

    भारत जोड़ो यात्रा के लिए कांग्रेसियों ने 2000 मांगे, 500 दिया तो सब्जियां फेंक दीं; दुकानदार के गंभीर आरोप

     

    केरल के कोल्लम में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के लिए 2000 रुपये नहीं देने पर एक दुकानदार को धमकी देने का मामला सामने आया है। दुकान के मालिक एस फवाज ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर तौल मशीनों को नुकसान पहुंचाने और सब्जियां फेंकने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह इस यात्रा के लिए 500 रुपये दे पाने में ही सक्षम थे।

    एस फवाज ने कहा, ‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं का एक गुट दुकान पर आ पहुंचा। उन्होंने भारत जोड़ो यात्रा के लिए चंदा मांगा। मैंने इसके लिए 500 रुपये दे दिए, लेकिन वे 2000 रुपये की मांग कर रहे थे। मैं इतना पैसा नहीं दे सका तो उन्होंने तौल मशीनों को नुकसान पहुंचाया और सब्जियां फेंक दीं।’

    कांग्रेस ने तीन कार्यकर्ताओं को किया सस्पेंड
    कांग्रेस ने इस मामले पर तत्काल ऐक्शन लेते हुए पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं को सस्पेंड कर दिया है। कांग्रेस की केरल यूनिट के अध्यक्ष के सुधाकरण ने ट्वीट करके यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वे हमारी विचारधारा का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं और ऐसे बर्ताव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। पार्टी स्वेच्छा से छोटे चंदों के जरिए क्राउडफंडिंग कर रही है, यहां दूसरों की तरह कॉर्पोरेट डोनेशन नहीं है।