पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में पेश किया विश्वासमत, 3 अक्टूबर को वोटिंग

चंडीगढ़ : पंजाब के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बीच तनातनी के बाद पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र आज शुरू हुआ। पंजाब के सीएम भगवंत मान ने सदन में विश्वासमत पेश किया। विधानसभा के विशेष सत्र में राज्य के नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने विश्वास मत का विरोध करते हुए कहा कि विश्वास प्रस्ताव लाना राज्यपाल की शक्तियां चुनौती है। उन्होंने राज्य विधानसभा में कहा कि मैं सदन के पटल पर इसकी निंदा करता हूं। कांग्रेस, अकाली दल के विधायकों ने ट्रेजरी बेंच द्वारा विश्वास प्रस्ताव पेश करने का कड़ा विरोध किया। राजस्थान कांग्रेस में चल रहे संकट पर कटाक्ष करते हुए भगवंत मान ने कहा कि अब वे हमें कानूनों के बारे में सिखाएंगे? पहले, उन्हें अपना घर व्यवस्थित करना चाहिए। विधानसभा की कार्यवाही को 29 सितंबर तक के लिए स्थगित किया गया है। विश्वास मत पर वोटिंग 3 अक्टूबर को होगी।

पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने रविवार को राज्य विधानसभा का सत्र आयोजित करने को लेकर राजभवन और आप सरकार के बीच कई दिनों तक चली खींचतान के बाद 27 सितंबर को सदन बुलाने की मंजूरी दे दी। अध्यक्ष की घोषणा के बाद भाजपा के दो विधायक अश्वनी शर्मा और जंगी लाल महाजन सदन से वॉकआउट कर गए। सदन के अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान ने यह भी कहा कि सदन की कार्य मंत्रणा समिति ने सत्र की अवधि तीन अक्टूबर तक बढ़ाने का फैसला किया है, जबकि पहले यह एक दिन का था।

सीएम और राज्यपाल के बीच विवाद
राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने इससे पहले 22 सितंबर को विश्वास प्रस्ताव लाने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की राज्य सरकार की योजना को खारिज कर दिया था। आप सरकार ने पहले कहा था कि 27 सितंबर के प्रस्तावित सत्र का इस्तेमाल पराली जलाने और बिजली क्षेत्र के मुद्दों पर चर्चा के लिए किया जाएगा। आप सरकार को 117 सदस्यीय सदन में 92 विधायकों के साथ भारी बहुमत प्राप्त है, लेकिन आप ने आरोप लगाया था कि केंद्र में भाजपा और उसकी सरकार ने तथाकथित ‘ऑपरेशन लोटस’ के माध्यम से राज्य में सरकार को गिराने का प्रयास कर रही है।

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