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  • पंजाब में 5 BJP नेताओं की सिक्योरिटी बढ़ी, केंद्र ने दी वाई कैटेगरी की सुरक्षा

    पंजाब में 5 BJP नेताओं की सिक्योरिटी बढ़ी, केंद्र ने दी वाई कैटेगरी की सुरक्षा

     

    नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब के पांच भाजपा नेताओं पर खतरे को देखते हुए उनकी सुरक्षा बढ़ा दी है। सभी नेताओं को वाई कैटेगरी की सुरक्षा प्रदान की गई है।

    जानकारी के मुताबिक ये पांचों नेता हाल ही में कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ भाजपा में शामिल हुए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व सांसद अमरीक सिंह अलीवाल, पूर्व विधायक हरजिंदर सिंह ठेकेदार, पूर्व विधायक हरचंद कौर, पूर्व विधायक प्रेम मित्तल और कमलदीप सैनी की सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया गया है। इन सभी को वाई कैटेगरी के तहत सीआरपीएफ के जवानों का कवर दिया जाएगा।

    सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसी इंटेलिजेंस ब्यूरो ने इन पांचों नेताओं पर खतरे को लेकर गृह मंत्रालय को एक रिपोर्ट सौंपी थी। इसके बाद गृह मंत्रालय ने सभी को सुरक्षा देने का फैसला लिया। गौरतलब है कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर लिया था। ये पांचों नेता भी कैप्टन के साथ ही भाजपा में शामिल हुए थे।

  • जानें किस राज्य ने मिलावटी भोजन की सूचना देने पर रखा 51,000 रुपये का इनाम…

    जानें किस राज्य ने मिलावटी भोजन की सूचना देने पर रखा 51,000 रुपये का इनाम…

     

    जयपुर : राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आगामी त्योहारी सीजन के मद्देनजर एक विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके तहत राज्य में मिलावटी भोजन की जानकारी देने वाले को 51,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा। इसका ऐलान गहलोत के आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद किया गया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि शुद्ध खाद्य उत्पाद प्राप्त करना नागरिकों का अधिकार है और सटीकता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। राज्य के लोग मिलावट की शिकायत हेल्पलाइन नंबर 181 पर कर सकते हैं। जिला कलेक्टर और संबंधित अधिकारियों को शिकायत दर्ज करा सकते हैं। व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

    इस बीच, हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने वाले लोगों को मिलावटी भोजन का दावा प्रमाणित होने पर इनाम मिलेगा। साथ ही घटिया खाना बांटने वाले की खबर देने वालों को 5,000 रुपये देने की भी घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में जनभागीदारी सुनिश्चित की जाये। मोबाइल लैब को प्रभावी ढंग से उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए।

    प्रदेश में सैंपल जांच के लिए सात नई लैब स्थापित की जा रही हैं। गहलोत ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती को भी मजबूत किया गया है।

  • मस्जिद से आई अजान के आवाज सुन अमित शाह ने बीच में रोका भाषण, फिर जनता से इजाजत लेने के लिए बोले- चालू करूं भाई!

    मस्जिद से आई अजान के आवाज सुन अमित शाह ने बीच में रोका भाषण, फिर जनता से इजाजत लेने के लिए बोले- चालू करूं भाई!

    बारामूला : जम्मू-कश्मीर के बारामूला में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह लोगों को संबोधित कर रहे थे। इस बीच उन्होंने पास के मस्जिद में जारी अजान के लिए अपना भाषण बीच में ही रोक दिया। अमित शाह के इस कदम को कई लोग सर्वधर्म समभाव से जोड़कर देख रहे हैं।

    बारामूला में शाह को सुनने के लिए लोगों की भीड़ जुटी थी। मंच से खुद गृहमंत्री भी पूरे जोश में संबोधन दे रहे थे, लेकिन इसी बीच उन्हें पता चला की पास ही मस्जिद में अजान शुरू हो गई है। यह खबर लगते ही उन्होंने अपना भाषण बीच में रोक दिया। उन्होंने कहा, मुझे अभी चिट्ठी मिली है कि मस्जिद में अभी समय हुआ है प्रार्थना का, अब समाप्त हो गया है। कुछ समय बाद उन्होंने जनता से ही पूछकर मंच से दोबारा अपनी बात रखना शुरू किया। उन्होंने पूछा, मैं चालू करूं क्या फिर से, जरा जोर से बोलो चालू करूं भाई।

    शाह ने बारामूला शहर में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया, जो अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद कश्मीर में उनकी पहली जनसभा थी। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत धरती के सपूत मकबूल शेरवानी को भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ की, जो 1947 में आदिवासी आक्रमणकारियों से लड़ते हुए शहीद हुए थे। एक स्थानीय मस्जिद से ‘अजान’ (नमाज का आह्वान) आने की आवाज सुनकर शाह ने अपना भाषण रोक दिया। अजान खत्म होने के बाद उन्होंने अपना भाषण फिर से शुरू किया।

    उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की अपनी यात्रा से पहले, पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने उनसे एक ट्वीट कमेंट के माध्यम से पूछा था कि उन्हें जम्मू-कश्मीर के लिए जो किया है, उसका हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा, महबूबाजी खुली आँखों से देखिये और फारूक साहब भी देखिये हमने क्या किया और आपने क्या किया था। आपके शासन में, 87 विधानसभा सदस्य, छह संसद सदस्य और तीन परिवार थे।

    उन्होंने कहा, मोदीजी लोकतंत्र को पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर ले गए। आज इन संस्थानों में 30,000 से ज्यादा जनप्रतिनिधि हैं।
    उन्होंने महबूबा मुफ्ती और फारूक अब्दुल्ला दोनों से उनके शासन के दौरान जम्मू-कश्मीर में किए गए निवेश के बारे में सवाल किया। उन्होंने कहा, 1947 से 70 वर्षो में, जम्मू-कश्मीर में सिर्फ 15,000 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया और 2019 से अब तक 56,000 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है जिससे पांच लाख स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

    उन्होंने कहा, आप लोगों ने कश्मीर को ‘आतंकवादी स्थल’ बनाया, जबकि मोदी जी ने कश्मीर को ‘पर्यटन स्थल’ बनाया है। उन्होंने कहा, इस साल अक्टूबर तक 22 लाख पर्यटक यहां आए थे। आपने स्थानीय युवाओं के हाथों में पत्थर और बंदूकें दीं और मोदीजी ने उन्हें लैपटॉप और मोबाइल फोन दिए। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या आतंकवाद ने कभी दुनिया में किसी की मदद की है। उन्होंने कहा कि 2014 तक, जम्मू-कश्मीर में सिर्फ चार मेडिकल कॉलेज थे और अब जम्मू-कश्मीर में नौ हैं।

    उन्होंने कहा, अनुच्छेद 370 के आने तक गुर्जरों, बकरवालों और पहाड़ियों को कोई आरक्षण नहीं मिल सकता था। मोदीजी ने अनुच्छेद 370 को हटा दिया और अब गुर्जरों, बकरवालों और पहाड़ी लोगों को आरक्षण मिलेगा। मोदी जी ने शर्मा आयोग का गठन किया और इस आयोग की सिफारिशों के माध्यम से हमारे गुर्जर, बकरवाल और पहाड़ी भाइयों और बहनों को अब आरक्षण मिलेगा।

    उन्होंने आगे कहा, कुछ लोग कहते हैं कि हमें पाकिस्तान से बात करनी चाहिए, लेकिन हम कहते हैं कि हमें जम्मू-कश्मीर के लोगों से बात करनी चाहिए। जो लोग पाकिस्तान के साथ बातचीत की वकालत करते हैं उन्हें पीओके जाकर देखना चाहिए और पता लगाना चाहिए कि वहां कितने गांवों में बिजली है। उन्होंने कहा, हम जम्मू-कश्मीर के हर गांव में बिजली लाए। 77 लाख लोगों के पास स्वास्थ्य कार्ड हैं और वे सरकार से 5 लाख रुपये के इलाज के हकदार हैं।

    बता दें कि अमित शाह तीन दिन के जम्मू कश्मीर दौरे पर हैं। कल उन्होंने राजौरी में जनसभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने पहाड़ी समुदाय के लोगों को आरक्षण में लाने के प्रावधान की भी घोषणा की थी। इससे पहले उन्होंने कटरा में पहुंचकर माता वैष्णो देवी के दर्शन किए थे। उन्होंने माता जी की आरती उतार कर मनोकामना की अर्जी भी लगाई थी।

  • कांग्रेस में लगी बड़े नेताओं द्वारा पद से इस्तीफा देने की लगी होड़,जानिए क्या है इसकी वजह

    कांग्रेस में लगी बड़े नेताओं द्वारा पद से इस्तीफा देने की लगी होड़,जानिए क्या है इसकी वजह

     

    नई दिल्ली – कांग्रेस अध्यक्ष की भागदौड़ में कांग्रेसियों में माहौल काफी गर्माया हुआ है। वहीं इस बीच खबर आ रही है कि कांग्रेस के तीन नेताओं ने प्रवक्ता पद्द से इस्तीफा दे दिया है।

    कांग्रेस नेता गौरव वल्लभ, दीपेंद्र एस हुड्डा और सैयद नसीर हुसैन ने पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि इस्तीफे की वजह खरगे के लिए चुनाव प्रचार करना है। तीनों ने बयान जारी करते हुए कहा कि पार्टी अध्यक्ष के रूप में मल्लिकार्जुन खरगे के चुनाव प्रचार के लिए हम लोगों ने आधिकारिक प्रवक्ता के पद से इस्तीफा दे दिया है और चाहते हैं कि यह चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष हो।

    इन सब के बीच खरगे का बयान भी सामने आया है। खरगे ने कहा कि मैं गांधी परिवार और कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ विचार-विमर्श करूंगा तथा उस पर अमल भी करूंगा। कांग्रेस के एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत के तहत नामांकन वाले दिन ही मैंने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दिया। मैं किसी के विरोध में नहीं उतरा हूं, कांग्रेस को मजबूत करने के लिए अध्यक्ष पद के चुनाव में उतरा हूं। उन्होंने संवादादाताओं से बातचीत में इस धारणा को भी खारिज कर दिया कि उन्हें गांधी परिवार का समर्थन हासिल है। खरगे ने कहा कि कांग्रेस के कई वरिष्ठ और युवा नेताओं के कहने पर वह चुनाव मैदान में उतरे हैं।

  • केजरीवाल ने दिया बड़ा बयान: अब राघव चड्ढा को किया जा सकता है गिरफ्तार

    केजरीवाल ने दिया बड़ा बयान: अब राघव चड्ढा को किया जा सकता है गिरफ्तार

     

     

    केजरीवाल का बड़ा बयान: अब राघव चड्ढा को किया जा सकता है गिरफ्तार केजरीवाल का बड़ा बयान: अब राघव चड्ढा को किया जा सकता है गिरफ्तार

    नई दिल्लीः गुजरात में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर जारी सियासी गहमागहमी के बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सनसनीखेज दावा किया है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि राघव चड्ढा गिरफ्तार हो सकते हैं। उन्होंन ट्वीट कर इसकी आशंका जताई है। बता दें कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और गुजरात के सह प्रभारी हैं।

    अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘जब से राघव चड्ढा को गुजरात का सह प्रभारी नियुक्त किया है और उन्होंने गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए जाना चालू किया है, अब सुन रहे हैं कि राघव चड्ढा को भी ये लोग गिरफ़्तार करेंगे। किस केस में करेंगे और क्या आरोप होंगे, ये अभी ये लोग बना रहे हैं।’

    अरविंद केजरीवाल की आशंका ऐसे वक्त में आई है, जब आम आदमी पार्टी के कई नेता गिरफ्तार हो चुके हैं। हाल ही में दिल्ली आबकारी नीति में कथित घोटाले को लेकर मनीष सिसोदिया के करीबी माने जाने वाले विजय नायर को गिरफ्तार किया गया है। दिल्ली शराब नीति मामले में नामजद 15 आरोपियों में गिरफ्तार होने वाले विजय नायर पहले आरोपी हैं। इसी मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी आरोपी हैं और वह आरोपी नंबर 1 हैं।

  • राजनीति में कुछ भी सम्भव ;भाजपा ने जालंधर में सजा दी जनता की विधानसभा

    राजनीति में कुछ भी सम्भव ;भाजपा ने जालंधर में सजा दी जनता की विधानसभा

    खेल खेल में राजनीति और राजनीति में खेल

     

    जालंधर  कहते है न राजनीति में कुछ भी सम्भव है विधानसभा सत्र के बायकाट के बाद भाजपा ने डमी विधानसभा सजाकर आम आदमी पार्टी सरकार का अलग ढंग से विरोध शुरू किया है। इस डमी विधानसभा में पूर्व विधायक केवल ढिल्लों को स्पीकर बनाया गया है जबकि जालंधर से भाजपा नेता रमन पब्बी को सचिव की कुर्सी पर बिठाया गया है। डमी विधानसभा सत्र का नाम भाजपा ने जनता की विधानसभा रखा है।

    वेल में भाजपा नेता सुनील जाखड़, पूर्व विधायक केडी भंडारी, पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया, जालंधर कैंट के पूर्व विधायक सरबजीत सिंह मक्कड़ और अविनाश चंद्र पहुंचे हैं। मौके पर पूर्व मेयर सुनील ज्योति के अलावा भाजपा जिला प्रधान सुशील शर्मा भी पहुंचे।

  • कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव से दिग्विजय सिंह ने भी लिया नाम वापिस, मल्लिकार्जुन खड़गे का बनेंगे प्रस्तावक

    कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव से दिग्विजय सिंह ने भी लिया नाम वापिस, मल्लिकार्जुन खड़गे का बनेंगे प्रस्तावक

     कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। अध्यक्ष पद के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे अशोक गहलोत ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है।

     

    LIVE: कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे दिग्विजय सिंह, मल्लिकार्जुन खड़गे का बनेंगे प्रस्तावक

     

    कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव दिलचस्प होता जा रहा है। अध्यक्ष पद के लिए सबसे मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहले ही चुनाव लड़ने से इनकार कर चुके हैं। अब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भी अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और कहा कि अगर आप फॉर्म भर रहे हैं तो मैं आपके साथ हूं। मैंने साफ कहा कि आपके खिलाफ लड़ने की मैं सोच भी नहीं सकता हूं। इसलिए मैंने अब तय किया है कि उनका प्रस्तावक बनूंगा। वहीं, पार्टी के असंतुष्ट गुट के नेता शशि थरूर चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी में हैं। आज ही शशि थरूर के भी नामांकन करने की संभावना है।

    कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे दिग्विजय सिंह

    दिग्विजय सिंह कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मैं तीन बातों पर समझौता नहीं करता। पहला गरीब, दलित और आदिवासी के हित। इसके अलावा सांप्रदायिकता के खिलाफ संघर्ष। तीसरा विषय यह है कि मैं गांधी-नेहरू परिवार के प्रति वफादार हूं। दिग्विजय ने कहा, ‘मैंने मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की और कहा कि अगर आप फॉर्म भर रहे हैं तो मैं आपके साथ हूं। मैंने साफ कहा कि आपके खिलाफ लड़ने की मैं सोच भी नहीं सकता हूं। इसलिए मैंने अब तय किया है कि उनका प्रस्तावक बनूंगा।’

    खड़गे दोपहर के करीब नामांकन पत्र करेंगे दाखिल!

    प्रमोद तिवारी ने संकेत दिया कि इस पर आम सहमति बन सकती है कि सोनिया गांधी के बाद पार्टी के शीर्ष पद पर कौन काबिज होगा। उन्होंने बताया कि खड़गे दोपहर के करीब अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। तिवारी ने कहा कि खड़गे पार्टी में सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं और वह दलित नेता भी हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने का शुक्रवार को आखिरी दिन है।

  • कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से मुख्यमंत्री गहलोत ने अब किया इनकार और बीते दिनों हुए घटनाक्रम के लिए सोनिया गांधी से मांगी माफी…

    कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से मुख्यमंत्री गहलोत ने अब किया इनकार और बीते दिनों हुए घटनाक्रम के लिए सोनिया गांधी से मांगी माफी…

     

    इसे कहते हैं राजनीति जो पल पल बदलती ही रहती है यह बात यह बात हम यूं ही नहीं कह रहे कुछ वक्त पहले राजस्थान में चल रही राजनीतिक घटनाओं के बाद आज दिल्ली में एक नया मोड़ आ गया

     

    राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वो कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे. वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी भी संशय की स्थिति बनी हुई है.

    Congress President Election: कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से गहलोत ने किया इनकार, सोनिया गांधी से मांगी माफी

    अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उन्होंने हालात को देखते हुए फैसला लिया है कि वो अध्यक्ष पद का चुनाव नहीं लड़ेंगे.

    ‘सोनिया गांधी से मांगी माफी’

    सीएम अशोक गहलोत ने कहा, ‘मैंने सोनिया गांधी से मुलाकात करते मांगी माफी, सोरी फील किया. सोनिया गांधी के साथ मैंने बातचीत की. पिछले 50 साल में मैंने कांग्रेस पार्टी में वफादार सिपाही के रूप में काम किया. आलाकमान ने पूरा विश्वास करके मुझे जिम्मेदारी दी. मैं प्रदेश अध्यक्ष, एआईसीसी महासचिव सहित कई पदों पर रहा. दो दिन पहले जो घटना हुई उससे बेहद दुखी और आहत हुआ.’

    अध्यक्ष का चुनाव लड़ने से किया इनकार

    उन्होंने आगे कहा, ‘मैं दिल्ली में एक लाइन का प्रस्ताव पास नहीं करवा पाया. कांग्रेस के इतिहास मे ऐसा पहली बार ऐसा हुआ इसके लिए मैंने सॉरी फील किया. मैंने तय किया है कि अध्यक्ष का चुनाव नहीं लडूंगा.’

    सीएम पद को लेकर कही ये बात

    वहीं, राजस्थान के मुख्यमंत्री पद को लेकर गहलोत नें कुछ भी साफ तौर पर नहीं कहा. उन्होंने कहा, राजस्थान के सीएम पद का फैसला आलाकमान (सोनिया गांधी) करेगा. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी की वजह से मुझे सबकुछ मिला, मंत्री रहा मुख्यमंत्री बना, जो घटना हुई, उसने हिला कर रख दिया है और मुझे दुख है. देश में संदेश गया की मैं सीएम बने रहना चाहता हूं.’

    17 अक्टूबर को होना है चुनाव

    कांग्रेस दो दशक से अधिक समय के अंदर अपने पहले गैर गांधी परिवार के अध्यक्ष को लाने की तैयारी कर रही है. तीनों गांधी 17 अक्टूबर को होने वाले चुनाव से बाहर रहेंगे, अब तक शशि थरूर ने नामांकन पत्र मांगा है. इस मुलाकात के बीच आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह नामांकन फॉर्म लेने को कांग्रेस मुख्यालय पहुंचेंगे. कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए शशि थरूर ने नामांकन पत्र लिया है तो वहीं अब पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह भी नामांकन पत्र ले लिया है. केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के अध्यक्ष मधुसूदन मिस्त्री के दिल्ली में मौजूद न होने के कारण वह शुक्रवार को नामांकन पत्र भरेंगे.

  • प्रधानमंत्री मोदी ने 3400 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का किया लोकार्पण, जानें किस मॉडल का किया जिक्र…

    प्रधानमंत्री मोदी ने 3400 करोड़ रुपए की परियोजनाओं का किया लोकार्पण, जानें किस मॉडल का किया जिक्र…

     

    नई दिल्ली :  गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिन के गुजरात दौरे पर पहुंच गए हैं। उन्होंने सूरत में रोड शो किया। इसके बाद शहर को 3400 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात दी। विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद प्रधानमंत्री ने जनसभा को संबोधित किया।

    पीएम ने कहा कि नवरात्रि के व्रत में सूरत आना थोड़ा मुश्किल होता है। उन्होंने शहर को श्रम का सम्मान करने वाला बताया। पीएम ने कहा कि आज दुनिया के सबसे तेजी से विकसित होते शहर में सूरत का नाम है। इसके अलावा देश के स्वच्छ शहरों में भी हम सूरत का नाम गर्व से लेते हैं। उन्होंने एयरपोर्ट मंजूरी में देरी के बहाने विपक्ष पर निशाना साधा। अब प्रधानमंत्री भावनगर जाएंगे। जिले के लोगों को 5200 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की सौगात देंगे।

    इस दौरान पीएम मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि नवरात्रि के चल रहे समारोहों के दौरान गुजरात में बुनियादी ढांचे, खेल और आध्यात्मिक स्थलों की आधारशिला रखना मेरे लिए सौभाग्य की बात है। सूरत जनभागीदारी और एकता का एक बेहतरीन उदाहरण है। पूरे भारत के लोग सूरत में रहते हैं, यह एक छोटा भारत है। साथ ही उन्होंने कहा कि सूरत की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये शहर श्रम का सम्मान करने वाला शहर है।

    सूरत 4-P का उदाहरण है
    पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि इस सदी के शुरुआती दशकों में जब दुनिया में 3-P यानि Public Private Partnership की चर्चा होती थी, तब मैं कहता था कि सूरत 4-P का उदाहरण है। 4-P यानि People, Public, Private Partnership। यही मॉडल सूरत को विशेष बनाता है। आज सूरत के सभी लोगों ने ऐसा कर के दिखा दिया है। मुझे खुशी है कि आज दुनिया के सबसे तेजी से विकसित होते शहर में सूरत का नाम है।

  • दिल्ली पहुंचे सचिन पायलट, सोनिया गांधी से कर सकते हैं मुलाकात; पढ़ें हर अपडेट

    दिल्ली पहुंचे सचिन पायलट, सोनिया गांधी से कर सकते हैं मुलाकात; पढ़ें हर अपडेट

    यहां लगातार पढ़ते रहें राजस्थान की सियासत से जुड़ा हर अपडेट…

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