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  • कॉमेडियन भारती सिंह की तबीयत बिगड़ने के कारण करवाया गया अस्पताल में भर्ती…

    कॉमेडियन भारती सिंह की तबीयत बिगड़ने के कारण करवाया गया अस्पताल में भर्ती…

    मुंबई : कॉमेडियन भारती सिंह ने अपने लेटेस्ट व्लॉग में बताया कि वो मुंबई के कोकिलाबेन अस्पताल में एडमिट है। व्लॉग में उन्होंने फैंस से उनके लिए प्रार्थना करने के लिए कहा। कॉमेडियन ने बताया कि उन्हें कुछ दिन से पेट में काफी दर्द हो रहा था। जब ये दर्द बर्दाशत से बाहर हो गया तो वो अस्पताल चेकअप के लिए गई, जहां उन्हें पता चला कि उनके गाल ब्लैडर में स्टोन है।

    भारती सिंह ने अपने व्लॉग में बताया कि अभी वो हॉस्पिटल में है। कॉमेडियन ने बताया कि उनके पेट में तीन दिन से दर्द हो रहा था। पहले उन्हें लगा कि ये एसिडिटी की वजह से हो रहा है। कॉमेडियन ने बताया कि दर्द की वजह से ना तो भारती और ना ही उनके पति हर्ष लिंबाचिया सो पाए। जब दर्द ज्यादा बढ़ गया को वो हॉस्पिटल आई, जहां कुछ टेस्ट के बाद डॉक्टर ने बताया कि उनके गाल ब्लैडर में स्टोन है। व्लॉग में उन्होंने अपने फैंस से प्रार्थना करने के लिए भी कहा। वीडियो में हॉस्पिटल में एडमिट होते हुए भी भारती सिंह स्टाफ के साथ हंसी-मजाक करते दिखे। वहीं, वो अपने बेटे गोला को याद कर भावुक हो जाती है।

  • 20 मई के बाद जारी होगा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट..

    20 मई के बाद जारी होगा 10वीं और 12वीं का रिजल्ट..

     

    नई दिल्ली : सीबीएसई की तरफ से 10वीं और 12वीं की परीक्षा का रिजल्ट 20 मई के बाद घोषित किया जाएगा। यह जानकारी सीबीएसई की तरफ से अपनी अधिकृत वेबसाइट पर दी गई है। सीबीएसई की तरफ से जानकारी देते हुए बच्चों और उनके अभिभावकों से अपील की गई है कि वे किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सचेत रहें।

    उल्लेखनीय है कि आज इस बात का दावा किया जा रहा था कि आज परिणाम जारी किया जा सकता है। सीबीएसई बोर्ड के आज के ऐलान के बाद 10वीं, 12वीं के 39 लाख स्टूडेंट्स का इंतजार फिलहाल बढ़ गया है।

  • अमेठी से नहीं लड़ रहे चुनाव Rahul Gandhi, क्या यही है कारण?

     
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    नई दिल्ली(उत्तम हिन्दू न्यूज)- लोकसभा चुनावों में उत्तरप्रदेश की हाट सीट अमेठी में इस बार कुछ अलग ही देखने को मिल रहा है। अमेठी से गांधी नेहरू परिवार के 47 साल पुराने रिश्ते पर एक बार फिर से ब्रेक लग गई है। राहुल गांधी अबकी बार अमेठी की बजाय अपनी मां सोनिया गांधी के गढ़ रायबरेली से चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस ने अमेठी से किशोरी लाल शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। आखिर कांग्रेस को ये फैसला क्यों लेना पड़ा आइए समझते है।

    अमेठी से देश की सत्ता तक पहुंचे राहुल गांधी के पूर्वज
    दरअसल 1977 में संजय गांधी के यहां से चुनाव लड़ने के बाद यह गांधी-नेहरू परिवार के राजनैतिक वारिसों के पॉलिटिकल डेब्यू की सीट बन गई। देश-दुनिया में अमेठी की पहचान गांधी-नेहरू परिवार के गढ़ के रूप में होने लगी। संजय गांधी 1977 में पहला चुनाव हार गए थे लेकिन उसके बाद संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी यहां से जीतकर लोकसभा पहुंचते रहे। 1980 से 1991 तक संजय गांधी और राजीव गांधी यहां से जीते। राजीव की मौत के आठ साल बाद सोनिया यहां से 1999 में पहली बार लड़ीं और जीतीं। 2004 से राहुल गांधी इस सीट से जीत रहे थे जिनको 2019 में भाजपा की स्मृति ईरानी ने हरा दिया था।

    क्यों लेना पड़ा कांग्रेस को ये फैसला
    पिछले लोकसभा चुनावों में बीजेपी से मंत्री स्मृति इरानी ने राहुल गांधी को अमेठी से हराया था। 1999 के बाद यह पहला मौक़ा है, जब गांधी परिवार का कोई सदस्य अमेठी से चुनाव नहीं लड़ रहा है। अब ऐसे में सवाल ये है कि राहुल गांधी अमेठी की बजाय क्यों रायबरेली से चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन, गौर करने वाली बात ये है कि राहुल गांधी 2019 में यहां भाजपा नेता स्मृति ईरानी से चुनाव हार गए थे। अमेठी से चुनाव न लड़ने के पीछे कांग्रेस के अंदरखाते में कई कारण हो सकते है। आइए इन प्वाइंटस से समझते है।

    * बीते 5 साल में एक राहुल गांधी एक बार भी अमेठी नहीं गए. इसे भी एक प्रमुख वजह बताया जा रहा है।
    * इस बार के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस कोई जोख़िम नहीं लेना चाह रही, इसलिए राहुल गांधी अमेठी की बजाय रायबरेली से चुनावी मैदान में उतरे।
    * पिछले लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी को अमेठी में बीजेपी नेता स्मृति ईरानी से हार का सामना करना पड़ा था, कांग्रेस ने हार के डर से भी इस सीट पर दाव नहीं खेला।
    * अमेठी के लोगों का कांग्रेस के प्रति विश्वास डगमगा गया है। क्योंकि कांग्रेस का लोगों के बीच न जाना ये बड़ी वजह रही है।
    * एक तर्क ये भी दिया जा रहा है कि गांधी परिवार के किसी सदस्य को रायबरेली से लड़ना था, क्योंकि ये लोकसभा सीट भी गांधी परिवार का मजबूत गढ़ रहा है।

    जानिए कौन है किशोरी लाल शर्मा?
    अमेठी से चुनावी मैदान में उतरे किशोरी लाल शर्मा गांधी परिवार के क़रीबी माने जाते हैं। किशोरी लाल शर्मा मूल रूप से पंजाब के हैं। वह 1983 में कांग्रेस कार्यकर्ता के तौर पर अमेठी आए थे। राजीव गांधी की मौत के बाद वो अमेठी सीट पर कांग्रेस के लिए काम करते रहे, जब गांधी परिवार 1990 के दौर में अमेठी की चुनावी राजनीति से दूर रहा, तब इस सीट पर किशोरी लाल शर्मा सक्रिय रहे थे। 1999 में सोनिया गांधी की पहली चुनावी जीत में किशोरी लाल शर्मा की अहम भूमिका बताई जाती है।

    केएल शर्मा लंबे समय से अमेठी-रायबरेली में नेहरू-गांधी परिवार की आंख और कान बनकर काम करते रहे हैं। अमेठी और रायबरेली इलाके की जनता के लिए गांधी परिवार का दरवाजा केएल शर्मा ही रहे हैं। इस लिहाज से उनकी जमीनी पकड़ मजबूत है। कांंग्रेस ने यही सब जोड़कर इस बार केएल शर्मा को लड़ाया है।

  • अश्लील वीडियो में दिखी महिला हुई किडनैप, पुलिस थाने पहुंचा बेटा,पूर्व पीएम के पोते से जुड़ा है मामला…

     अश्लील वीडियो में दिखी महिला हुई किडनैप, पुलिस थाने पहुंचा बेटा,पूर्व पीएम के पोते से जुड़ा है मामला…

     

    नई दिल्ली- हसन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना के अश्लील वीडियो मामले में एक बड़ा मोड सामने आया है। दरअसल, वायरल वीडियो रेवन्ना जिस महिला का यौन शोषण करते दिख रहे है अब वह महिला किडनैप हो गई है। एक पीड़िता के बेटे की ओर से शिकायत दर्ज करवाई गई है। बेटे ने आरोप लगाया गया कि उसकी मां का अपहरण किया गया है।

    लापता महिला के 20 वर्षीय बेटे ने मैसूरु जिले के केआर नगर पुलिस स्टेशन में इसे लेकर शिकायत दर्ज कराई। इसमें कहा गया कि उसकी मां को रेवन्ना परिवार का एक परिचित बहला-फुसलाकर ले गया। अपहरणकर्ता की पहचान सतीश बबन्ना के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने प्रज्वल के पिता और जद (एस) विधायक एचडी रेवन्ना के कहने पर महिला को प्रज्वल के खिलाफ गवाही देने से रोकने के लिए ऐसा किया। रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायत के आधार पर पुलिस ने एचडी रेवन्ना के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर लिया है। एफआईआर में कहा गया कि एचडी रेवन्ना की पत्नी भवानी रेवन्ना के समन के बहाने महिला को अपने साथ जाने के लिए मनाया गया। बेटे ने कहा, ‘मतदान वाले दिन की बात है। जब बबन्ना ने मेरी मां को हमारे घर पर छोड़ा। उसने मेरे पेरेंट्स से कहा कि अगर वे हमारे घर आएं तो पुलिस को कुछ भी न बताया जाए। साथ ही उसने धमकी दी कि हमारे खिलाफ केस दर्ज कर लिया जाएगा। ऐसा हमें कहा गया कि अगर पुलिस आए तो सचेत रहना होगा।’ हालांकि, 29 अप्रैल को वह वापस लौटा। उसने हमारे परिवार के लिए कानूनी खतरों का हवाला दिया और मां को जबरन मोटरसाइकिल पर साथ ले गया।

    महिला ने 6 साल तक घरेलू सहायिका के तौर पर किया काम
    शिकायतकर्ता के मुताबिक, उसकी मां ने होलेनरसीपुर में एचडी रेवन्ना के घर और उसके खेत में 6 साल तक घरेलू सहायिका के तौर पर काम किया। मगर, अब से 3 साल पहले उसने नौकरी छोड़ दी। वह अपने गांव लौट आई जहां अब दिहाड़ी मजदूरी करती है। रेवन्ना के लोगों की ओर से कहा गया कि अगर मेरी मां को पुलिस ने पकड़ा तो केस दर्ज होगा और हम सभी जेल चले जाएंगे। उन्होंने कहा कि रेवन्ना ने मेरी मां को लाने के लिए कहा है। इसके बाद वह मेरी मां को मजबूर करने लगे और जबरन ही अपनी बाइक पर बैठाकर ले गया। बेटे ने कहा कि उसे 1 मई को यह जानकारी मिली कि एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसमें उसकी मां के साथ यौन उत्पीड़न हो रहा है।

  • बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष व लोकसभा में संसदीय दल के कांग्रेसी नेता अधीर रंजन ने चुनाव प्रचार के दौरान पत्रकार को जड़ा थप्पड़

    बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष व लोकसभा में संसदीय दल के कांग्रेसी नेता अधीर रंजन ने चुनाव प्रचार के दौरान पत्रकार को जड़ा थप्पड़

     

    कोलकाता- बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष व लोकसभा में संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी अपने विवादित बयानों के कारण अक्सर ही सुर्खियों में रहते हैं, लेकिन अब देखा जा रहा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान वह बार-बार अपना आपा खो रहे हैं। मुर्शिदाबाद के बहरमपुर से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर चौधरी पर इस बार चुनाव प्रचार के दौरान एक पत्रकार को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है।

    जानकारी के मुताबिक, कांडी अनुमंडल के कुली बरोआ इलाके में चुनाव प्रचार के बाद बाहर निकलने के दौरान एक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया रिपोर्टर ने अधीर से सवाल किया कि क्या आपने कहा है कि टीएमसी के बदले भाजपा को ही वोट दे दें तो ज्यादा अच्छा है। आरोप है कि इसके बाद ही अधीर ने अपना आपा खो दिया और उन्होंने पत्रकार धक्का देने के साथ थप्पड़ जड़ दिया। हालांकि, अधीर ने इन आरोपों से इनकार किया है।

    बता दें कि गत दिनों एक सभा में अधीर ने कहा था कि तृणमूल को वोट देना भाजपा को वोट देने के समान है और उसे वोट देने से अच्छा है कि भाजपा को ही वोट दे दें। हालांकि, बाद में उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा व टीएमसी किसी को वोट न दें।

    गौरतलब है कि कुछ दिन पहले रोड शो के दौरान उन पर नारेबाजी करने वाले एक तृणमूल कार्यकर्ता को थप्पड़ मारने का आरोप लगा था। इसके बाद पिछले सप्ताह बुधवार को रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान मुर्शिदाबाद में जब हिंसा हुई थी और घायलों को देखने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अस्पताल पहुंचे तो वहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध किया था। उस समय कैमरे के सामने उन्होंने एक भाजपा कार्यकर्ता को धक्का दे दिया था। पिछले शनिवार को फिर से नउदा इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान अधीर के सामने तृणमूल कार्यकर्ता ‘गो बैक’ नारे लगाने लगे तो वे उनसे भिड़ गए। इस दौरान कांग्रेस और तृणमूल कार्यकर्ताओं की धक्कामुक्की भी हुई थी

  • पार्सल खोलते ही हुआ धमाका; पिता और बेटी की हुई मौत

    पार्सल खोलते ही हुआ धमाका; पिता और बेटी की हुई मौत

    अहमदाबाद- गुजरात से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां साबरकांठा के वडाली के वेदा गांव में ऑनलाइन पार्सल ब्लास्ट में दो लोगों की मौत हो गई। घटना में पास खड़े परिवार के दो अन्य सदस्य भी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    जानकारी के अनुसार, वडाली तालुका के वेद गांव में एक व्यक्ति ने इलेक्ट्रिक आइटम का ऑनलाइन ऑर्डर किया था। जिसका पार्सल आया था। पार्सल खुलते ही जोरदार धमाका हो गया। पार्सल खोलने वाले एक 30 वर्षीय व्यक्ति और एक 11 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। पुलिस उपाधीक्षक और जिला एलसीबी सहित वडाली पुलिस मौके पर पहुंच गई है और मामले की आगे की जांच कर रही है। धमाका इतना जोरदार था कि घटनास्थल के आसपास अफरा-तफरी मच गई।

  • चुनाव आयोग ने जारी की एडवाइजरी, राजनीतिक पार्टियां सर्वे की आड़ में मतदाताओं की डिटेल मांगना बंद करें, उन्हें न दें किसी तरह का प्रलोभन..

    चुनाव आयोग ने जारी की एडवाइजरी, राजनीतिक पार्टियां सर्वे की आड़ में मतदाताओं की डिटेल मांगना बंद करें, उन्हें न दें किसी तरह का प्रलोभन..

    चुनाव आयोग ने जारी की एडवाइजरी, राजनीतिक पार्टियां सर्वे की आड़ में मतदाताओं की डिटेल मांगना बंद करें, उन्हें न दें किसी तरह का प्रलोभन..

    नई दिल्ली- लोकसभा चुनाव लड़ रहे राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग ने एक एडवाइजरी जारी की है। आयोग ने जारी अपनी एडवाइजरी में सख्त हिदायत दी है कि वो सर्वे के नाम पर मतदाताओं से चुनाव के बाद फायदे वाले स्कीम से जुड़ा पंजीकरण कराना बंद करें। आयोग का मानना है कि ऐसे सर्वे से वोटिंग प्रभावित होती है।

    चुनाव आयोग ने कहा है कि इस तरह की गतिविधियों को गंभीरता से लिया गया है। पार्टियां और उम्मीदवार सर्वे की आड़ में मतदाताओं का विवरण मांग रहे हैं। इसे तुरंत बंद कर देना चाहिए। आयोग ने कहा कि इसके जरिए मतदाताओं को पंजीकरण के लिए आमंत्रित किया जाता है जो एक तरह से प्रलोभन है। ऐसे मामले में चुनाव आयोग ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

    चुनाव आयोग की ओर से जारी एडवाइजरी में जिन गतिविधियों को तुरंत बंद करने का निर्देश दिया गया है उनमें ये गतिविधियां शामिल हैं :

    1. समाचार पत्रों में विज्ञापन के जरिए वोटर्स को मोबाइल पर मिस्ड कॉल देकर या टेलीफोन नंबर पर कॉल कर लाभ के लिए खुद को पंजीकृत करने के लिए कहना,

    2. गारंटी कार्डों के लिए पैम्फलेट द्वारा व्यक्तिगत लाभ चाहने वालों से उनका विवरण जैसे नाम, उम्र, पता, मोबाइल नंबर, बूथ संख्या, निर्वाचन क्षेत्र का नाम और संख्या आदि मांगना,

    3. मतदाताओं की जानकारी जैसे नाम, राशन कार्ड नंबर, पता, फोन नंबर, बूथ नंबर, बैंक खाता नंबर, मांगने वाले फॉर्म का वितरण कराना,

    4. वेब प्लेटफॉर्म या वेब/मोबाइल एप्लिकेशन का प्रचार या प्रसार का इस्तेमाल राजनीतिक दलों/उम्मीदवारों द्वारा करना और इसके जरिए मतदाताओं का विवरण जैसे नाम, पता, फोन नंबर, बूथ नंबर, निर्वाचन क्षेत्र का नाम और नंबर आदि मांगा जाना,

    5. लोगों से उन्हें मिल रही लाभकारी योजनाओं के साथ-साथ नाम, पति/पिता का नाम, संपर्क नंबर, पता आदि के बारे में जानकारी जुटाना।

  • जानें किस जगह डॉक्टर के घर में मिलीं 5 लाशें, हत्या या आत्महत्या पुलिस पता लगाने में जुटी…

    जानें किस जगह डॉक्टर के घर में मिलीं 5 लाशें, हत्या या आत्महत्या पुलिस पता लगाने में जुटी…

     

    आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से सनसनी फैल गई. पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो वहां का नजारा देख सिहर गई. शहर के मशहूर हड्डी डॉक्टर के घर उनकी मां, पत्नी और दो छोटे बच्चों के शव पड़े हुए थे. वहीं, घर की बालकनी में डॉक्टर की लाश फंदे पर लटकी हुई थी. पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. पुलिस पूरी घटना की जांच कर रही है.

    घर में एक-एक कर चार शव बिखरे पड़े थे… दो छोटे बच्चे और दो शव महिलाओं के थे. सभी के गलों पर धारदार हथियार से वार कर उन्हें मार डाला गया था. घर के मुखिया का शव फांसी के फंदे पर झूल रहा था. दिल दहला देने वाला यह नजारा आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के एक डॉक्टर फैमिली का है. यहां एक डॉक्टर ने पहले अपनी मां, पत्नी और दो बच्चों की गला काटकर हत्या की बाद में खुद फांसी लगाकर सुसाइड कर ली

    विजयवाडा के गुरुनानक नगर में पांच लोगों की मौत से कोहराम मच गया. मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. आत्महत्या करने से पहले डॉक्टर ने एक सुसाइड नोट लिखा था. पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है. मौके पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया. पुलिस नृशंस घटना की जांच में जुटी हुई है.

    नौकरानी ने देखा वीभत्स नजारा, निकल गई चीख

    घटना मंगलवार 30 अप्रैल की है. गुरुनानक नगर में रहने वाले मशहूर हड्डी रोग विशेषज्ञ 40 साल के डॉक्टर श्रीनिवास ने अपने परिवार के सदस्यों की हत्या कर दी और बाद में खुद आत्महत्या कर ली. इस घटना में डॉ. श्रीनिवास समेत उनकी पत्नी उषा, दो बच्चे शैलजा (9 साल) और श्रीहान (8 साल) और मां रामनम्मा की मौत हो गई. घटना की जानकारी तब हुई जब डॉक्टर के घर काम करने वाली नौकरानी मंगलवार सुबह काम पर आई. नौकरानी ने जब घर के अंदर झांक कर देखा तो उन्होंने डॉ. श्रीनिवास को बालकनी में लटका हुआ पाया. यह नजार देख वह घबरा गई और चीखने लगी.

    काट डाले थे गले, पुलिस ने की जांच

    नौकरानी की चीख-पुकार सुन आसपास के लोग इकट्ठा हो गए. उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पुलिस कमिश्नर रामकृष्ण ने घटनास्थल पर आकर स्थिति का निरीक्षण किया. पुलिस ने बताया कि सभी मृतकों का गला काटा गया है.

    अस्पताल खोलने के बाद आ गईं थी आर्थिक दिक्कतें

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉ. श्रीनिवास 1996 एमबीबीएस बैच के पास आउट हैं. उन्होंने गुंटूर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई की थी. एक साल पहले उन्होंने श्रीजा हॉस्पिटल की शुरुआत की थी. हालांकि, अस्पताल की वजह से उन्हें पिछले कुछ समय से आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. अस्पताल ठीक से न चलने की चिंता से श्रीनिवास उदास रहने लगे थे. दो महीने पहले उन्होंने अस्पताल दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया था.

  • सात फेरों के बिना हिन्दू विवाह मान्य नहीं,हिंदू विवाह एक संस्कार है और यह “सॉन्ग-डांस”, “वाइनिंग-डायनिंग” का आयोजन नहीं: सुप्रीम कोर्ट

    सात फेरों के बिना हिन्दू विवाह मान्य नहीं,हिंदू विवाह एक संस्कार है और यह “सॉन्ग-डांस”, “वाइनिंग-डायनिंग” का आयोजन नहीं: सुप्रीम कोर्ट

     

    नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने शादी को लेकर अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि हिंदू विवाह एक संस्कार है और यह “सॉन्ग-डांस”, “वाइनिंग-डायनिंग” का आयोजन नहीं है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि हिंदू विवाह को वैध होने के लिए, इसे सप्तपदी (पवित्र अग्नि के चारों ओर फेरे के सात चरण) जैसे उचित संस्कार और समारोहों के साथ किया जाना चाहिए और विवादों के मामले में इन समारोह का प्रमाण भी मिलता है। कोर्ट ने कहा कि यह एक संस्कार है, कोई लेन-देन नहीं है इसलिए इसके लिए सिर्फ प्रमाण पत्र काफी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि हिंदू धर्म में सात फेरे और अन्य रीति रिवाज जरूरी हैं। कोर्ट ने कहा कि हिंदू मैरिज एक्ट के सेक्शन 8 के तहत शादी का रजिस्ट्रेशन जरूरी है और सेक्शन 7 के तहत हिंदू रीति रिवाज से शादी होना भी आवश्यक है। कोर्ट ने कहा कि सेक्शन 8 इस बात का प्रमाण है कि दो लोगों ने सेक्शन 7 के तहत सभी रीति रिवाजों के साथ शादी की है। जस्टिस बीवी नागरत्न और जस्टिस अगस्टिन जॉर्ज मैसी की बेंच ने फैसले में कहा कि अगर भविष्य में कोई कपल अलग होना चाहता है तो उस समय शादी के दौरान हुए रीति रिवाजों की तस्वीरें प्रमाण के तौर पर पेश करना जरूरी होती हैं। अदालत ने शादी को लेकर कहा कि केवल रजिस्ट्रेशन करा लेना ही विवाह को वैद्यता नहीं देता है। हाल के वर्षों में कई ऐसे उदाहरण सामने आए जिसमें महिला और पुरुष कागज के आधार पर रजिस्ट्रेशन करा लेते हैं। जबकि रजिस्ट्रार द्वारा ऐसा कोई सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाता जिससे ये तय हो कि शादी हिंदू मैरिज एक्ट के तहत हुई है। इसी तरह का ये ताजा मामला सामने है।

  • आफत का समय खत्म घबराएं नहीं…स्कूलों को बम की धमकी भरी ई मेल निकली फर्जी

    आफत का समय खत्म घबराएं नहीं…स्कूलों को बम की धमकी भरी ई मेल निकली फर्जी

     
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    नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज)- दिल्ली पुलिस ने कहा है कि राजधानी के कई स्कूलों में बम रखे जाने से संबंधित ई मेल जांच में फर्जी निकली है और स्कूलों की जांच में कुछ नहीं मिला है इसलिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। राजधानी के करीब 100 स्कूलों में बुधवार सुबह बम विस्फोट किए जाने से संबंधित ई मेल मिलने के बाद अफरा तफरी का माहौल बन गया था। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस ने स्कूलों में तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने कहा है कि स्कूलों में जांच में कुछ नहीं मिला है और यह ई मेल फर्जी है।

    पुलिस ने कहा है कि घबराने की कोई बात नहीं है क्योंकि दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसी सुरक्षा प्रोटोकॉल को ध्यान में रखकर सभी ज़रूरी कदम उठा रही है। इस पूरे मामले की जांच में जुटी एजेंसियों को शक है कि ईमेल भेजने के लिए जिस IP एड्रेस का इस्तेमाल हुआ है, उसका सर्वर विदेश में मौजूद है। नोएडा-गाजियाबाद-दिल्ली पुलिस कोऑर्डिनेशन के साथ तफ्तीश को आगे बढ़ा रही है। यह भी सामने आया है कि ईमेल भेजने के लिए एक ही आईपी एड्रेस का इस्तेमाल किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, स्कूलों को धमकीभरा ईमेल रूस से भेजा गया है. जांच के दौरान IP address Russia language detect हुई है।