जानें किस जगह डॉक्टर के घर में मिलीं 5 लाशें, हत्या या आत्महत्या पुलिस पता लगाने में जुटी…

जानें किस जगह डॉक्टर के घर में मिलीं 5 लाशें, हत्या या आत्महत्या पुलिस पता लगाने में जुटी…

 

आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से सनसनी फैल गई. पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तो वहां का नजारा देख सिहर गई. शहर के मशहूर हड्डी डॉक्टर के घर उनकी मां, पत्नी और दो छोटे बच्चों के शव पड़े हुए थे. वहीं, घर की बालकनी में डॉक्टर की लाश फंदे पर लटकी हुई थी. पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. पुलिस पूरी घटना की जांच कर रही है.

घर में एक-एक कर चार शव बिखरे पड़े थे… दो छोटे बच्चे और दो शव महिलाओं के थे. सभी के गलों पर धारदार हथियार से वार कर उन्हें मार डाला गया था. घर के मुखिया का शव फांसी के फंदे पर झूल रहा था. दिल दहला देने वाला यह नजारा आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के एक डॉक्टर फैमिली का है. यहां एक डॉक्टर ने पहले अपनी मां, पत्नी और दो बच्चों की गला काटकर हत्या की बाद में खुद फांसी लगाकर सुसाइड कर ली

विजयवाडा के गुरुनानक नगर में पांच लोगों की मौत से कोहराम मच गया. मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेजा है. आत्महत्या करने से पहले डॉक्टर ने एक सुसाइड नोट लिखा था. पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है. मौके पर फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया. पुलिस नृशंस घटना की जांच में जुटी हुई है.

नौकरानी ने देखा वीभत्स नजारा, निकल गई चीख

घटना मंगलवार 30 अप्रैल की है. गुरुनानक नगर में रहने वाले मशहूर हड्डी रोग विशेषज्ञ 40 साल के डॉक्टर श्रीनिवास ने अपने परिवार के सदस्यों की हत्या कर दी और बाद में खुद आत्महत्या कर ली. इस घटना में डॉ. श्रीनिवास समेत उनकी पत्नी उषा, दो बच्चे शैलजा (9 साल) और श्रीहान (8 साल) और मां रामनम्मा की मौत हो गई. घटना की जानकारी तब हुई जब डॉक्टर के घर काम करने वाली नौकरानी मंगलवार सुबह काम पर आई. नौकरानी ने जब घर के अंदर झांक कर देखा तो उन्होंने डॉ. श्रीनिवास को बालकनी में लटका हुआ पाया. यह नजार देख वह घबरा गई और चीखने लगी.

काट डाले थे गले, पुलिस ने की जांच

नौकरानी की चीख-पुकार सुन आसपास के लोग इकट्ठा हो गए. उन्होंने पुलिस को सूचना दी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पुलिस कमिश्नर रामकृष्ण ने घटनास्थल पर आकर स्थिति का निरीक्षण किया. पुलिस ने बताया कि सभी मृतकों का गला काटा गया है.

अस्पताल खोलने के बाद आ गईं थी आर्थिक दिक्कतें

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉ. श्रीनिवास 1996 एमबीबीएस बैच के पास आउट हैं. उन्होंने गुंटूर मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई की थी. एक साल पहले उन्होंने श्रीजा हॉस्पिटल की शुरुआत की थी. हालांकि, अस्पताल की वजह से उन्हें पिछले कुछ समय से आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. अस्पताल ठीक से न चलने की चिंता से श्रीनिवास उदास रहने लगे थे. दो महीने पहले उन्होंने अस्पताल दूसरे व्यक्ति को सौंप दिया था.

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