Author: Sumesh Sharma

  • विमान में अचानक उठने लगा धुआं, तिरुवनंतपुरम वापस लौटी फ्लाइट; 142 यात्री बाल-बाल बचे

     विमान में अचानक उठने लगा धुआं, तिरुवनंतपुरम वापस लौटी फ्लाइट; 142 यात्री बाल-बाल बचे

     

    नई दिल्ली : ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस’ (Air India Express) के एक प्लेन में शुक्रवार सुबह उड़ान भरने के दौरान संदिग्ध रूप से धुआं दिखाई दिया। जिसके बाद प्लेन (Plane) तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट (Thiruvananthapuram airport) पर पर वापस लौट आया। कंपनी और एयरपोर्ट के सूत्रों ने यह जानकारी दी है।

    एयरपोर्ट के एक सूत्र ने बताया कि मस्कट जाने वाले विमान में धुएं की चेतावनी करीब सुबह साढ़े 10 बजे मिली। प्लेन में 142 यात्री सवार थे।

    जांच के लिए यात्रियों को विमान से उतार दिया गया। एअर इंडिया एक्सप्रेस के प्रवक्ता ने बताया कि यात्रियों के लिए एक वैकल्पिक प्लेन की व्यवस्था की गई है। जांच की जाएगी कि धुआं उठने का क्या कारण है।

    एयर इंडिया एक्सप्रेस ने एक बयान में कहा, हम विमान परिचालन के हर पहलू में सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं और असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं।

  • देश के कई राज्यों में ED ने की रेड, चिटफंड स्कैम से जुड़े हैं तार

     देश के कई राज्यों में ED ने की रेड, चिटफंड स्कैम से जुड़े हैं तार

     

    लुधियाना – देश के कई शहरों में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों ने रेड की है। ये रेड कोलकाता, पंजाब, दिल्ली (Kolkata, Punjab, Delhi) और मुंबई (Mumbai) में अलग-अलग ठिकानों पर रेड पड़ी है। चिटफंड मामले ( Chit fund cases ) में शामिल लोगों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) की जांच जारी है। मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत ईडी शुक्रवार को 24 से अधिक जगहों पर छापेमारी कर रही है।

    लुधियाना में शुक्रवार को ईडी की रेड हुई है। नामी कॉलोनाइजर और कारोबारी विकास धामी के घर टीम ने दबिश दी है। ऑफिस और ठिकानों पर रेड बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, रेड के दौरान काफी दस्तावेज खंगाले गए हैं लेकिन बरामदगी को लेकर अभी कोई सटीक जानकारी सामने नहीं आई है।

  • सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया हाई कोर्ट का फैसला, अब एक बार फिर से खुलेंगे ITR के 90,000 केस

    सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया हाई कोर्ट का फैसला, अब एक बार फिर से खुलेंगे ITR के 90,000 केस

     

    नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने आयकर विभाग (Income Tax Department) के पक्ष में एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पुराने प्रावधानों के तहत विभाग के 90,000 आईटी रिटर्न के मामलों को फिर से खोलने के निर्णय को सही ठहराया है। इनके लिए नोटिस 1 अप्रैल, 2021 के बाद जारी किए गए थे। इन नोटिसों को चुनौती देने के लिए विभिन्न उच्च न्यायालयों में 9,000 से अधिक याचिकाएं दायर की गई थीं। इसमें से अधिकांश मामलों में अदालतों ने टैक्सपेयर्स (Taxpayers) का पक्ष लिया था।

    रिएसेसमेंट के नोटिस 2013-14 से 2017-18 तक के एसेसमेंट ईयर को कवर करते हैं। इनमें इंडिविजुअल और कॉरपोरेट दोनों टैक्सपेयर्स शामिल हैं। इसमें शामिल राशि हजारों करोड़ रुपये हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना था कि आयकर अधिनियम के पूर्व-संशोधित प्रावधानों के अनुसार आयकर विभाग 1 अप्रैल, 2021 के बाद फिर से एसेसमेंट खोल सकता है या नहीं। 1 अप्रैल, 2021 से पहले आयकर अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार यदि एस्केप्ड इनकम 1 लाख रुपये या उससे अधिक थी, तो संबंधित आकलन वर्ष (जिसमें नोटिस प्राप्त हुआ था) से छह साल पहले तक के मामले फिर से एसेसमेंट के लिए खोले जा सकते थे।

    क्या है मामला
    2021 के संशोधन में यह समय-सीमा बदल दी गई। इसके मुताबिक आयकर अधिकारी तीन साल पहले तक के मामलों को फिर से खोल सकते थे यदि एस्केप्ड इनकम 50 लाख रुपये से कम थी। यदि राशि अधिक थी, तो विभाग 10 साल तक पीछे जा सकता था। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि 2021 के संशोधन ने एक नया प्रावधान (धारा 148ए) जोड़ा गया। इसके मुताबिक विभाग को रिएसेसमेंट नोटिस भेजने से पहले एक प्रारंभिक (कारण बताओ) नोटिस भेजना चाहिए। इससे टैक्सपेयर्स सुनवाई का अधिकार मिला और आयकर अधिकारी प्रस्तुत किए गए सबमिशन पर विचार करने के लिए बाध्य था।

    हालांकि, कोविड-19 महामारी को देखते हुए सरकार ने पुराने कानून के तहत नोटिस जारी करने की समय अवधि बढ़ाने के लिए एक अधिसूचना जारी की। इस कारण पुराने कानून के प्रावधानों के अनुसार 1 अप्रैल, 2021 से 30 जून, 2021 के बीच रिएसेसमेंट नोटिस जारी किए गए। सुप्रीम कोर्ट को यह तय करना था कि ये नोटिस सही हैं या नहीं। बॉम्बे हाई कोर्ट, गुजरात हाई कोर्ट, इलाहाबाद हाई कोर्ट जैसे कई उच्च न्यायालयों ने विभिन्न आधारों पर सभी रिएसेसमेंट नोटिस रद्द कर दिए। उनका मुख्य तर्क यह था कि नए प्रावधान ज्यादा फायदेमंद थे और टैक्सपेयर्स के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए थे।

    इन उच्च न्यायालयों ने माना था कि संशोधित कानून रिएसेसमेंट नोटिस जारी करने की समय सीमा नहीं बढ़ाएगा। अधिवक्ता दीपक जोशी ने कहा कि आयकर विभाग ने माना है कि संशोधित कानून के तहत समय विस्तार निर्धारण वर्ष 2015-16 (वित्तीय वर्ष 2014-15) पर लागू नहीं होता है। इस प्रकार, इस विशेष वित्तीय वर्ष के लिए कार्यवाही समय-सीमा समाप्त होने के कारण अमान्य होगी। हालांकि एसेसमेंट ईयर 2013-14 और 2014-15 के लिए रिएसेसमेंट वैध होंगे क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संशोधित प्रावधानों को संशोधित कानून के साथ पढ़ा जाना चाहिए।

  • Kangana ने की एक बार फिर विवादित टिप्पणी, बोलीं- हमारे पड़ोसी राज्य के युवा Bikes पर आते हैं और उत्पात मचाते हैं

    Kangana ने की एक बार फिर विवादित टिप्पणी, बोलीं- हमारे पड़ोसी राज्य के युवा Bikes पर आते हैं और उत्पात मचाते हैं

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    Kangana
    •  मंडीः अपनी टिप्पणियों को लेकर अक्सर विवादों में रहने वाली हिमाचल के मंडी से सांसद कंगना रनोट ने एक बार फिर से विवाद टिप्पणी करते हुए पंजाब का नाम लिए बगैर कहा कि हमारे पड़ोसी राज्य के युवा बाइक पर आते हैं और और उत्पाद मचाते हैं। बताया जा रहा है कि कंगना मंडी में गांधी जयंती के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान संबोधित कर रही थीं।

    मंडी संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत सरकाघाट में जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद कंगना

    प्राप्त जानकारी के अनुसार सांसद कंगना ने अपने संबोधन के दौरान कहा, हमारे पड़ोसी राज्य से नई-नई चीजें यहां आने लगी है। कोई चिट्टा, कोई कुछ, कोई कुछ, इन्होंने हमारे यूथ को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। हमने इनसे से कुछ नहीं सीखना। वो चाहे चिट्टा हो, वो चाहे उग्रता हो, चाहे कुछ भी हो। फिर कंगना जनता से पूछती है कि आपको पता है कि मैं किस राज्य की बात कर रही हूं। आखिर में कंगना कहती हैं कि बाइक पर आते हैं, ड्रग्स लेते हैं और बहुत हो हल्ला करते हैं, बहुत उत्पात मचाते हैं। पता नहीं कौन कौन कौन सी शराब पीते हैं। आप कल्पना नहीं कर सकते हैं।

    कंगना ने कहा कि हिमाचलवासियों की जो अपनी संस्कृति हैं,हमारा जो अपना ग्रामीण कल्चर है, हमारे अपने बच्चे किसी तरीके से इनके प्रभाव न आएं। हमें ये संकल्प करना है हमें आप गांव की और अपने पशुओं की स्वच्छता बनाए रखनी है।

    स्वच्छता केवल बाहर की नहीं होती। स्वच्छता स्वभाव और संस्कार की भी होती है। कंगना कहती है पश्चिम बंगाल हो या कोई और.. लोग बेटी को अकेले देखते हैं और रेप कर देते हैं। मगर, हिमाचल ऐसा इकलौता राज्य है, जहां यदि कोई बेटी रात में गाड़ी रोकती है तो गाड़ी चालक उस बेटी-बहन को सुरक्षित घर छोड़कर आता है।

    जिक्रयोग्य है कि इससे पहले भी कंगना रनोट किसान आंदोलन के संबंध में लेकर पंजाब और पंजाब के किसानों को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देती रही है। यही वजह है कि कंगना का पंजाब के लोग बार-बार विरोध करते रहे हैं।

  • Jalandhar की इस नहर से मिला अज्ञात बच्चे का शव, जांच में जुटी Police

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    Dead body of unknown child found in this canal of Jalandhar, police engaged in investigation

    Jalandhar की इस नहर से मिला अज्ञात बच्चे का शव, जांच में जुटी Police

     

    • जालंधरः महानगर के अंतर्गत आते बस्ती बावा खेल नहर के पास उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक बच्चे के शव मिला। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। वहीं मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि नहर में नहा रहे बच्चों ने इस अज्ञात बच्चे के शव को देखा जिसके बाद मौके पर भीड़ इकट्ठी हो गई।

    नहर में बच्चे का शव मिलने के बाद पहुंची पुलिस व लोगों की भीड़ का दृश्य। - Dainik Bhaskar

    इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार वीरवार दोपहर बस्ती बाबा खेल की नहर में बच्चे सुबह नहा रहे थे, नहाते समय बच्चे की नजर नहर के बीच साइड में पानी में अटके एक अज्ञात बच्चे पर पड़ी, तब उसने बाहर लोगों को आवाज़ लगाई और बताया कि यह बच्चा नहर में पड़ा है। जिसके बाद लोगों द्वारा बच्चों को नहर से बाहर निकाला और संबंधित थाना पुलिस को सूचित किया। वहीं पुलिस द्वारा पहुंचकर शव की शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। बच्ची को देखते हुए उसकी उम्र 3 से 6 महीने की बताई जा रही है। पुलिस द्वारा कहा गया है कि बहुत ही शर्मनाक बात है।

    वहीं मौके पर पहुंची पुलिसने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारियों ने बताया कि नहर के आसपास के लगे कैमरे चेक किए जाएंगे, ऐसी घिनौनी हरकत करने वाले को बक्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने मृत बच्चे के शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

  • अरविंद केजरीवाल अपना सरकारी निवास खाली कर  LPU के चांसलर सांसद अशोक मित्तल के घर होंगे शिफ्ट …

    अरविंद केजरीवाल अपना सरकारी निवास खाली कर  LPU के चांसलर सांसद अशोक मित्तल के घर होंगे शिफ्ट …

     

    नई दिल्ली  – Kejriwal will shift to LPU Chancellor MP Ashok Mittal house … दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल (Ashok Mittal ) के घर शिफ्ट होंगे। इस बारे में अशोक मित्तल ने कहा कि जब कुछ दिन पहले केजरीवाल ने सीएम पद से इस्तीफा दिया, तो मुझे कुछ समय बाद पता चला कि उनके पास रहने के लिए घर नहीं है, मैंने उन्हें अपने दिल्ली वाले घर में रहने के लिए आमंत्रित किया, मुझे यह जानकर खुशी हुई कि उन्होंने मेरा घर चुना है। अशोक मित्तल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (Lovely Professional University) के चांसलर हैं।

    अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से ही विधायक हैं। केजरीवाल के नए ठिकाने से रविशंकर शुक्ला लेन स्थित आप मुख्यालय से कुछ ही मीटर की दूरी पर हैं। दिल्ली में विधानसभा चुनाव फरवरी 2025 में होना प्रस्तावित हैं। केजरीवाल नई दिल्ली से अपनी विधानसभा और दिल्ली चुनावों का प्रचार देखेंगे। AAP के नेताओं, पार्षदों, विधायकों, और सांसदों के साथ-साथ पूरी दिल्ली की जनता ने केजरीवाल को अपने घर की पेशकश की थी।

  • नवरात्रि पर फूलों से सजा मां वैष्णो का दरबार, रंग बिरंगी रोशनी देख भक्त हुए मन्त्रमुक्त

     

    कटरा : शारदीय नवरात्रों की प्रतिपदा को जम्मू के कटरा स्थित मां वैष्णो देवी का भवन दुल्हन की तरह सज गया है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु देवी की आराधना को जुटे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा का खास ख्याल रखा गया है। वहीं, मां वैष्णो देवी भवन परिसर में विशाल शत चंडी महायज्ञ का आयोजन भी किया गया है।

    माता के भवन परिसर में जगह-जगह बने विशाल पंडाल, स्वागत द्वार और देवी-देवताओं की मूर्तियां श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही हैं। देसी और विदेशी फलों-फूलों की महक से वातावरण महक रहा है। मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन पाने के लिए भक्तों की संख्या बढ़ती जा रही है। बुधवार दोपहर तक लगभग 25,500 श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवा लिया था और वे मां के दर्शन के लिए रवाना हो चुके थे। श्रद्धालुओं को बिना किसी देरी के आरएफआईडी यात्रा कार्ड उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे उन्हें यात्रा में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं हो रही है।

    कटरा में श्रद्धालुओं के लिए आरएफआईडी यात्रा कार्ड प्राप्त करने के लिए कई पंजीकरण केंद्र खोले गए हैं, जिनमें रेलवे स्टेशन, मुख्य बस अड्डा, हेलीपैड और अन्य स्थान शामिल हैं। बिना आरएफआईडी कार्ड के किसी को भी वैष्णो देवी की यात्रा की अनुमति नहीं है। सभी प्रवेश द्वारों पर पुलिस और श्राइन बोर्ड के अधिकारी मौजूद हैं, जो कार्ड की जांच के बाद श्रद्धालुओं को आगे बढ़ने की अनुमति दे रहे हैं। नए लाल और पीले रंग के आरएफआईडी कार्ड जारी किए गए हैं, जबकि पुराने कार्ड अब मान्य नहीं होंगे। ऑनलाइन यात्रा पर्ची लेकर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कटरा रेलवे स्टेशन पर सेल्फ रजिस्ट्रेशन एटीएम स्थापित किया गया है, जिससे वे बिना कतार में लगे यात्रा कार्ड प्राप्त कर सकते हैं।

    अर्ध कुवारी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक लंगर की व्यवस्था की गई है, जहां उन्हें शुद्ध घी की खिचड़ी और अन्य पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। पानी की व्यवस्था के लिए आरोग्य युक्त जल केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, मां वैष्णो देवी भवन परिसर में विशाल शत चंडी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 51 पंडितों द्वारा पूजा-अर्चना की जाएगी। यह यज्ञ देश और विश्व की सुख-शांति के लिए आयोजित किया जा रहा है।

    सुरक्षा के कड़े प्रबंध भी किए गए हैं। कटरा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सीआरपीएफ के जवान तैनात हैं। लगभग 400 सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से भी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए 6 सेक्टर बनाए गए हैं, जिनमें विभिन्न प्रमुख स्थानों पर अधिकारी तैनात रहेंगे। विशेष सुविधाओं की अग्रिम बुकिंग पूरी तरह से फुल हो चुकी है, जिसमें हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार सेवा, और रोपवे शामिल हैं। श्रद्धालुओं को अटका आरती में शामिल होने का भी अवसर मिलेगा, जहां देश के नामी गायक भजन प्रस्तुत करेंगे।

  • ‘पराली जलाने वालों पर केंद्र और पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार…

    ‘पराली जलाने वालों पर केंद्र और पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने लगाई फटकार…

     

    नई दिल्ली- दिल्ली में बढ़ रहे प्रदूषण को लेकर फिर से चर्चा शुरू हो गई है, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार के साथ-साथ राज्य सरकार को भी कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने जोर देकर बोला कि किसी ने भी गंभीरता से इस मुद्दे को नहीं समझा। इसके ऊपर लगातार जल रही पराली से भी सर्वोच्च अदालत खासा नाराज नजर आई।

    असल में सुप्रीम कोर्ट इस बात से नाराज था कि केंद्र सरकार के पैनल कमिशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने पराली जलाने को लेकर अपनी बैठक में कोई चर्चा नहीं की। कोर्ट ने कहा कि 3 साल पहले हमने आदेश दिया था कि प्रदूषण करने वाले पर मुकदमा चलना चाहिए, लेकिन आप तो आज तक काफी नरम हैं, ऐसा रवैया क्यों अपनाया जा रहा है। इस पर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने सफाई दी कि सख्ती इस वजह से नहीं की गई क्योंकि प्रदूषण में कमी आ रही थी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट इस सफाई से संतुष्ट नहीं हुआ। उसने आंकड़े बताते हुए कहा कि इस साल पराली जलाने की 129 घटना रिपोर्ट हुई हैं, लेकिन किसी भी मामले में कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, ना कोई एक्शन लिया गया। अब केंद्र की कमेटी से तो सवाल हुए ही, पंजाब सरकार को भी सुप्रीम कोर्ट से फटकार पड़ी। राज्य सरकार से पूछा गया कि आपके राज्य में ही 129 प्रणाली जलाने की घटना हुई है, आपकी राजनीतिक मजबूरियां हो सकती हैं, लेकिन कोई एक्शन ना लेना काफी निराशाजनक है। आप अभी तक यह भी सुनिश्चित नहीं कर पाए कि किसान मशीनों को ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें।

    पंजाब के वकील ने इस पर कहां कि छोटे किसानों को काफी समस्या रहती है। हम चाहते हैं उन्हें दिल्ली से सब्सिडी मिल जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट इस बात से खफा होकर पूछा कि आखिर दिल्ली से क्यों सब्सिडी चाहिए। इस पर पंजाब के वकील का तर्क रहा प्रदूषण दिल्ली का है, ऐसे में अगर केंद्र इजाजत देगा तो दिल्ली सरकार से पैसे मिल सकते हैं।

  • ईरान-इजराइल की टेंशन का ‘बम’ आज भारतीय शेयर बाजार पर गिरा, निवेशकों के 6 लाख करोड़ हुए स्वाहा

    ईरान-इजराइल की टेंशन का ‘बम’ आज भारतीय शेयर बाजार पर गिरा, निवेशकों के 6 लाख करोड़ हुए स्वाहा

     

    नई दिल्ली- भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में भारी गिरावट के साथ खुले। इसकी वजह मध्य पूर्व में ईरान और इजरायल के बीच तनाव को माना जा रहा है। ईरान-इजराइल की टेंशन का ‘बम’ आज भारतीय शेयर बाजार पर फूट गया। गुरुवार को जब 2 अक्टूबर की छुट्टी के बाद शेयर बाजार खुले, तब सुबह से ही इसमें ब्लडबाथ देखने को मिला। बीएसई सेंसेक्स 1264 अंक की गिरावट के साथ खुला। वहीं एनएसई निफ्टी भी 345 अंक से ज्यादा गिरकर खुला। दोपहर तक ये गिरावट और गहरी हो गई। बीएसई सेंसेक्स में गिरावट का स्तर 1800 अंक से ज्यादा हो गया। जबकि एनएसई निफ्टी की गिरावट 550 अंक से अधिक हो गई।

    3 अक्टूबर को बीएसई सेंसेक्स करीब 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ 83,002.09 अंक पर खुला, तुरंत बाद ही ये गिरावट 850 अंक के आसपास आ गई। हालांकि 9.30 बजे तक मार्केट ने संभलना शुरू कर दिया और सेंसेक्स की गिरावट महज 550 अंक के आसपास रह गई। जबकि इससे पहले प्री-ओपन मार्केट में सेंसेक्स ने 1,264.2 अंक का गोता लगाया था। इसी तरह एनएसई निफ्टी 345.3 अंक की गिरावट के साथ 25,452.85 अंक की गिरावट के साथ खुला। हालांकि बाजार में रिकवरी जल्द दिखने लगी और गिरावट महज 200 अंक की रह गई। प्री-ओपन मार्केट में निफ्टी में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई थी। भले मार्केट में जल्द ही सुधार के संकेत दिखने लगे हों, लेकिन शुरुआती गिरावट ने निवेशकों के करीब 6 लाख करोड़ रुपए साफ कर दिए। बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का टोटल मार्केट कैपिटलाइजेशन मंगलवार के मुकाबले 5.63 लाख करोड़ रुपए गिरकर गुरुवार को बाजार खुलते ही 4.69 लाख करोड़ रुपए पर आ गया।

    मंगलवार को ईरान के इजराइल पर ताजा हमले के बाद दुनियाभर के बाजारों में अफरा-तफरी मचने की आशंका थी। हालांकि 2 अक्तूबर को जब इंटरनेशनल मार्केट में ट्रेडिंग हुई, तो मार्केट पर इसका असर ना के बराबर दिखा। एशिया के प्रमुख बाजार जापान के निक्की 225 इंडेक्स में 2% तक की ग्रोथ देखी गई है। वहीं अमेरिका के एसएंडपी 500 इंडेक्स में भी 0.79 प्रतिशत की ग्रोथ दर्ज की गई है।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्कूल में मनाई गांधी जयंती, छात्राओं से की मुलाकात, दिया ये संदेश

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्कूल में मनाई गांधी जयंती, छात्राओं से की मुलाकात, दिया ये संदेश

     

    पीएम नरेंद्र मोदी गांधी जयंती के मौके पर स्कूल पहुंचे. जहां उन्होंने छात्राओं के साथ लंबी बातचीत की. उन्होंने छात्राओं को महात्मा गांधी से जुड़ी कई बातें बताई और उनसे भी कई सवाल किए. पीएम मोदी ने छात्राओं को सुकन्या समृद्धि योजना से लेकर योगा तक को लेकर कई जानकारी दी.

    PM मोदी ने स्कूल में मनाई गांधी जयंती, छात्राओं से की मुलाकात, दिया ये संदेश

    पीएम नरेंद्र मोदी

    पीएम मोदी ने गांधी जयंती के मौके पर अपने एक्स पर स्कूल में साफ-सफाई करते हुए कई फोटोज शेयर कीं. इस दौरान उन्होंने छात्राओं से खूब बातचीत की. उन्होंने छात्राओं से पूछा कि स्वच्छता से क्या क्या फायदे होते हैं? तभी छात्राओं में से एक ने जवाब दिया कि इससे हमें बीमारी नहीं होती. इसके साथ ही पीएम मोदी ने जब छात्राओं से पूछा कि अगर शौचालय नहीं होगा तो क्या होगा? तब छात्राओं ने जवाब दिया कि इससे बीमारियां फैलती हैं. तब पीएम मोदी ने उन्हें बताया कि पहले के समय में 100 में 60 प्रतिशत लोगों के घरों में टॉयलेट नहीं था, तब सारी बीमारियों का कारण यही बनता था और उसमें सबसे ज्याद कष्ट मताओं और बहनों को होता था.

    पीएम मोदी ने छात्राओं से बात करते हुए आगे बताया कि जब से स्वच्छ भारत अभियान चलाया गया, तो सबसे पहले स्कूलों में टॉयलेट बनाए गए, छात्राओं के लिए अलग बनाए. आज छात्राएं स्कूल में पढ़ रही हैं. फिर पीएम मोदी ने स्कूली छात्राओं से सवाल किया कि इसका फायदा हुआ की नहीं हुआ? जिसके जवाब में सभी लड़कियों ने खुश होकर हां में जवाब दिया.