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RSS के स्थापना वर्ष की सौवीं जयंती पर आज महानगर में 7 स्थानों पर समारोहों का किया आयोजन

RSS के स्थापना वर्ष की सौवीं जयंती पर आज महानगर में 7 स्थानों पर समारोहों का किया आयोजन

 

MBD NEWS (सुमेश शर्मा) जालंधर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष समारोहों को लेकर समाज के सभी वर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। संघ के स्थापना वर्ष की सौवीं जयंती पर आज महानगर में 7 स्थानों पर समारोहों का आयोजन किया गया जिनमें पूर्ण गणवेशधारी स्वयंसेवकों के साथ-साथ गणमान्य नागरिकों की भी भारी उपस्थिती देखने को मिली।

श्रद्धानन्द नगर की ओर से साईंदास सीनियर सेकेण्डरी स्कूल में करवाए गए समारोह को सम्बोधित करते हुए संघ की सामाजिक समरसता गतिविधि के उत्तर क्षेत्र संयोजक श्री प्रमोद कुमार ने बताया कि संघ संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी जन्मजात ही देशभक्त थे। बाल्यकाल में ही उन्होंने इंगलैण्ड की महारानी के जन्मदिवस पर आयोजित समारोह के लड्डू लेने से इंकार कर दिए और एक बार सुरंग के रास्ते से होते हुए एक किले की दीवार पर पहुंच कर अंग्रेजी सरकार का ध्वज यूनियन जेक उतार फेंका। इसके बदले उन्हें शारीरिक दण्ड भी झेलने पड़े। केवल इतना ही नहीं युवा अवस्था में वे बंगाल में सक्रिय क्रान्तिकारी संगठन अनुशीलन समिति के सदस्य बन गए। कोलकाता के नैशनल कालेज से क्रान्तिकारियों की गतिविधियों से डरी अंग्रेज सरकार ने बोगस डिग्री बिल ला कर यहां की डिग्रियों को जाली घोषित करने का प्रयास किया तो डॉ. हेडगेवार जी व उनके साथियों ने पूरे देश में इसका विरोध किया। मजबूरन सरकार को अपना यह कदम वापिस खींचना पड़ा। अपने सम्बोधन मे ंसंघ अधिकारी ने कहा कि डॉ. हेडगेवार ने समाज को देशभक्ति, संगठन और अनुशासन का सबक पढ़ाने के लिए संघ की स्थापना की। इतिहास साक्षी है कि इसी मार्ग पर चलते हुए स्वयंसेवकों ने जहां स्वतंत्रता संग्राम में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया वहीं स्वतंत्रता के बाद लोकतंत्र बचाने से लिए इमरजेंसी का विरोध किया और इस सत्याग्रह में एक लाख से अधिक स्वयंसेवकों ने अपनी गिरफ्तारियां दीं। 1962 में चीन के साथ युद्ध में संघ के स्वयंसेवकों ने हर तरह से सेना व सरकार का साथ दिया। इसी के चलते 1963 के गणतंत्र दिवस समारोह में तत्कालीक प्रधानमंत्री पण्डित जवाहर लाल नेहरू संघ के स्वयंसेवकों को निमन्त्रित किया और तीन हजार स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में इस समारोह में हिस्सा लिया। आज के समारोह में डॉ. अजय कालिया, श्री उमामहेश्वर और प्रिंसिपल राकेश शर्मा भी उपस्थित थे।

पठानकोट बाईपास में बल्ले बल्ले फार्म में आयोजित श्री गुरु अमरदास नगर के समारोह को सम्बोधित करते हुए संघ के पंजाब प्रान्त के बौद्धिक प्रमुख स. बलजिंद्र सिंह ने कहा कि उत्सवों की अधिकता हमारी सांस्कृतिक समृद्धि का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि मानव की प्रकृति है कि पेट की भूख के बाद बुद्धि व मन की क्षुब्धा जाग्रत होती है जो संस्कृति का विकास करती है। उन्होंने बताया कि साल में 365 दिन हैं और भारत में त्यौहारों की संख्या एक हजार से अधिक है। यह प्रमाण है कि हम अतीत में भौतिक, बौद्धिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक दृष्टि से सम्पन्न राष्ट्र थे। गुलामी के एक हजार के कालखण्ड में हमारे समाज में कई तरह की विकृतियां व बुराईयों का समावेश हुआ, जिन पर आज हम शनै-शनै विजय प्राप्त करते जा रहे हैं।

समारोह में नगर संघचालक श्री नवीन चावला, पंजाब पुलिस के सेवानिवृत डी.आई.जी. श्री सुरेन्द्र कालिया व डॉ. सुनीत अग्रवाल भी अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

महानगर में आज बस्ती शेख के रामलीला ग्राउंड में आयोजित समारोह श्री हरगोबिन्द नगर के कार्यक्रम में श्री पिंकी जुल्का अध्यक्ष और श्री संजीवन सिंह धालीवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह को मुख्य वक्ता के रूप में नगर के संघचालक श्री प्रदीप सरगोत्रा ने सम्बोधित किया। हकीकत नगर के समारोह में श्री महेन्द्र सूरी अध्यक्ष और श्री अभिषेक शीतल विज मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह को विभाग कार्यवाह श्री सुशील सैनी ने मुख्य वक्ता के रूप में सम्बोधित किया। कृष्ण नगर के सदासुख चोपड़ा एस.डी. पब्लिक स्कूल में आयोजित समारोह में श्री अरुण जोशी ने अध्यक्ष और संत बिक्रमजीत जी मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित हुए। समारोह को महानगर प्रचारक श्री भानु ने सम्बोधित किया। बावड़ी धर्मशाला में आयोजित सैनिक नगर के समारोह में स. सतविन्द्र सिंह बेदी अध्यक्ष और कर्नल जयबंस सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। समारोह को पंजाब के सह-व्यवस्था प्रम्मुख श्री नरेन्द्र कुमार ने संबोधित किया। इसी तरह आदमपुर में भी संघ का स्थापना दिवस समारोह मनाया गया जिसमें श्री सुरेन्द्र कुमार अध्यक्ष, राजयोगिनी बहन सीमा जी मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित रहीं। समारोह को संघ के विभाग प्रचारक श्री नवदीप कुमार ने सम्बोधित किया।