जयपुर : राजस्थान की सड़कों पर आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों के आतंक से परेशान नागरिकों के लिए एक बड़ी खबर है। राज्य में कुत्तों के काटने की बढ़ती घटनाओं और आवारा पशुओं से होने वाली मौतों पर सख्त रुख अपनाते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के बड़े शहरों से आवारा जानवरों को हटाने का निर्देश जारी किया है।
हाईकोर्ट ने यह महत्वपूर्ण आदेश सोमवार को एक स्वतः संज्ञान याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। अदालत ने जयपुर, जोधपुर और उदयपुर के नगर निकायों को तत्काल प्रभाव से शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों और अन्य जानवरों को हटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि इस प्रक्रिया में जानवरों को कम से कम शारीरिक नुकसान हो। इस मामले की अगली सुनवाई 8 सितंबर को निर्धारित की गई है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति नगर निगम के कर्मचारियों को इस काम से रोकता है या उनके काम में बाधा डालता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने निगम अधिकारियों को ऐसे लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करने सहित सभी आवश्यक कदम उठाने की पूरी छूट दी है।
राजस्थान हाईकोर्ट का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के ठीक बाद आया है, जिसमें शीर्ष अदालत ने दिल्ली-NCR, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में कुत्तों के काटने की लगातार घटनाओं के मद्देनजर सभी आवारा कुत्तों को हटाने का आदेश दिया था।
लंबे समय से प्रदेश के नागरिक आवारा कुत्तों के आतंक से परेशान थे और कई बार शिकायतें भी दर्ज करा चुके थे। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद अब उम्मीद है कि आम जनता को इस समस्या से निजात मिल सकेगी।









