‘ युद्ध नशे के विरुद्ध’ डिप्टी कमिश्नर ने विभागीय अधिकारियों को नशा मुक्ति केंद्रों का साप्ताहिक दौरा करने के दिए निर्देश
बेहतर विभागीय तालमेल पर कार्यवाही के साथ संवेदनशील क्षेत्रों को माडल क्षेत्रों में बदलने का न्योता
कहा, नशे के विरुद्ध युद्ध केवल जन सहयोग से ही जा सकता है जीता
MBD NEWS: जालंधर, 28 जुलाई नशे की बुराई को समाप्त करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए, डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रत्येक गुरुवार को नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों का दौरा करने का निर्देश दिया ताकि वे उपचाराधीन रोगियों से बातचीत कर उन्हें नशा छोड़ने के लिए प्रेरित किया जा सकें।

जिला प्रशासकीय परिसर में नार्को समन्वय केंद्र (नार्को) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए, डा. अग्रवाल ने कृषि, बागवानी, कौशल विकास, डेयरी और रोजगार सृजन विभागों के अधिकारियों को नशा करने वालों से नियमित रूप से बातचीत करने, उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापिस लाने के लिए प्रेरित और संवेदनशील बनाने तथा समाज में सम्मानपूर्वक जीवन निर्वाह करने हेतु विभिन्न रोजगार अवसरों के बारे में जागरूक करने को कहा।
पंजाब सरकार द्वारा नशे के विरुद्ध शुरू किए गए ‘ युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान को और मज़बूत करते हुए, डिप्टी कमिश्नर ने विभिन्न विभागों को नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों के लिए विकास योजनाओं का खाका तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों को खेल के मैदानों, स्वास्थ्य केंद्रों, जिम, पार्कों, रोज़गार प्रोग्राम और स्वास्थ्य गतिविधियों के माध्यम से आदर्श क्षेत्रों में तबदील किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के बुनियादी सुधार एक बड़ा बदलाव लाएँगे। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में नशे की आपूर्ति को तोड़ने के लिए पुलिस विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की।
डा.अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग को दवाओं का नशे के तौर पर उपयोग बंद करने के भी सख्त निर्देश दिए और कहा कि इनके उपयोग को सिंथेटिक दवाओं के समान समझा जाए। उन्होंने पुलिस विभाग को अन्य राज्यों से सिंथेटिक और फार्मास्युटिकल दवाओं को रोकने के लिए अंतर-जिला चौकियों पर निगरानी बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कोई भी नागरिक व्हाट्सएप नंबर 9779-100-200 पर नशे से संबंधित जानकारी सांझा कर सकता है। उन्होंने बताया कि पुनर्वास केंद्र शेखे और विभिन्न क्लीनिकों के अलावा, सिविल अस्पताल जालंधर और नूरमहल में दो नशा मुक्ति केंद्र चल रहे है।
डिप्टी कमिश्नर ने जिलावासियों से नशे से संबंधित किसी भी प्रकार के परामर्श एवं सहायता के लिए जिला नशा मुक्ति हेल्पलाइन नंबर 0181-2911969 का अधिक से अधिक उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह पहल जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराती है।











