भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने दी चेतावनी; FASTag Annual Pass के नाम पर चल रहा बड़ा स्कैम! खरीदने से पहले जरूर पढ़ें ये खबर
नई दिल्ली- अगर आप FASTag Annual Pass खरीदने या उसका नवीनीकरण कराने की योजना बना रहे हैं, तो सावधान हो जाइए। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने FASTag Annual Pass के नाम पर चल रहे बड़े ऑनलाइन फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण के अनुसार, कई फर्जी वेबसाइट और अनधिकृत लिंक लोगों को Annual Pass बेचने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं।
NHAI अधिकारियों ने बताया कि इन फर्जी प्लेटफॉर्म्स पर भरोसा करने से न सिर्फ करीब 3,000 रुपये तक की आर्थिक चपत लग सकती है, बल्कि वाहन मालिकों की व्यक्तिगत और वाहन से जुड़ी संवेदनशील जानकारी के दुरुपयोग का भी खतरा रहता है।
कैसे हो रही है ठगी
NHAI के मुताबिक, फर्जी वेबसाइट और अनधिकृत ऐप्स आकर्षक ऑफर्स के जरिए FASTag Annual Pass बेचने का दावा करते हैं। जैसे ही उपयोगकर्ता इन लिंक्स पर अपनी वाहन और निजी जानकारी दर्ज करता है, कई मामलों में भुगतान तो हो जाता है, लेकिन पास कभी सक्रिय नहीं होता। कुछ उपभोक्ताओं ने यह भी बताया है कि भुगतान के दौरान पेज फ्रीज हो जाता है या VAHAN डेटाबेस में वाहन विवरण न मिलने का बहाना बनाकर प्रक्रिया रोक दी जाती है। ऐसे में NHAI ने स्पष्ट किया है कि केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें और किसी भी अनजान लिंक या वेबसाइट से दूर रहें।
क्या है FASTag Annual Pass
FASTag Annual Pass उन निजी वाहन चालकों के लिए है, जो राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे पर नियमित यात्रा करते हैं। इसके तहत 3,000 रुपये का एकमुश्त भुगतान करने पर एक वर्ष या 200 टोल यात्राओं (जो पहले पूरी हो) तक टोल शुल्क से छूट मिलती है। यह सुविधा केवल Rajmargyatra App या NHAI की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही उपलब्ध है। पास सक्रिय होने पर वाहन मालिक को SMS के जरिए पुष्टि भी भेजी जाती है। हालांकि, यह पास कुछ टोल प्लाजा और निजी एक्सप्रेसवे पर मान्य नहीं होता, इसलिए यात्रा से पहले मार्ग और टोल की जानकारी जांचना जरूरी है।









