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  • तुर्की और सीरिया भूकंप के बाद जान गवाने वालों की संख्या 23,800 के पार पहुंची…

    तुर्की और सीरिया भूकंप के बाद जान गवाने वालों की संख्या 23,800 के पार पहुंची…

     

    अंकारा/दमिश्क  : 6 फरवरी को तुर्की और सीरिया में आए विनाशकारी भूकंप के बाद लगातार छठे दिन शनिवार को भी बचाव कार्य जारी है। भूकंप में मरने वालों की संख्या अब तक 23,831 तक पहुंच गई है। अनादोलू समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की के आपदा और आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण (एएफएडी) ने अपने ताजा अपडेट में कहा कि देश में मरने वालों की संख्या 20,318 है। वहीं 80,052 लोग घायल हुए हैं।

    कहारनमारस प्रांत में केंद्रित 7.7 और 7.6 तीव्रता के भूकंपों ने अदाना, अदियामन, दियारबाकिर, गाजियांटेप, हटे, किलिस, मालट्या, उस्मानिया और सनलिउर्फा प्रांतों में 13 मिलियन से अधिक लोगों को प्रभावित किया।

    सीएनएन ने बताया कि सीरिया में मारे गए लोगों की संख्या 3,513 है।

    स्वयंसेवी संगठन सीरिया सिविल डिफेंस के अनुसार, जिसे व्हाइट हेल्मेट्स के रूप में भी जाना जाता है, देश के उत्तर-पश्चिम में विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों में 2,166 मौतें दर्ज की गईं।

    इस बीच, सीरियाई राज्य मीडिया ने कहा है कि युद्धग्रस्त राष्ट्र के सरकार-नियंत्रित हिस्सों में 1,347 लोगों के मारे जाने की सूचना है।

    उत्तरी और उत्तर पश्चिमी सीरिया में भूकंप प्रभावित विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्रों में तत्काल आपूर्ति की डिलीवरी विपक्षी समूहों और सीरियाई सरकार के बीच लंबे समय से चल रहे गृहयुद्ध से जटिल हो गई है।

    समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने भूकंप प्रभावित आदियामन प्रांत में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा, दुर्भाग्य से बहुत सारी इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। हम जितनी जल्दी चाहते थे, उतनी तेजी से कार्रवाई नहीं कर पाए।

    उन्होंने कहा कि आपातकालीन कार्य बहुत कठिन था, क्योंकि भूकंप का विनाशकारी प्रभाव 500 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ था। उन्होंने कहा कि कार्यो में ठंड एक और बाधा बन रही है।

    एर्दोगन ने पहले स्वीकार किया था कि पहले दिन आपदा के बाद कार्रवाई करने में सरकार की कमियां थीं, लेकिन फिर स्थिति को बेहतर ढंग से प्रबंधित किया गया।

    लेकिन अब देश विदेशी आपातकालीन टीमों सहित 141,000 से अधिक कर्मचारियों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी खोज और बचाव टीमों को इकट्ठा कर चुका है।

    वे लोग जो टेंट में नहीं रहना चाहते, उनके लिए राष्ट्रपति ने एक साल के भीतर भूकंप प्रभावित क्षेत्र का पुनर्निर्माण करने और भूकंप के पीड़ितों के लिए एक वर्ष की किराये की सहायता प्रदान करने का फैसला लिया है।

    एर्दोगन की सरकार को भूकंप पीड़ितों की आलोचना का सामना करना पड़ा है कि आपातकालीन मदद देर से शुरु की गई थी और 10 प्रांतों के भूकंप क्षेत्र में मानवीय सहायता पर्याप्त नहीं थी, जो लगभग 13.5 मिलियन लोगों का घर है।

    एएफएडी के अनुसार, भूकंप प्रभावित क्षेत्रों से 81,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है।

    भूकंप के 108 घंटे बाद प्रांत के अंताक्य जिले में एक इमारत के खंडहर से एक आठ साल के बच्चे को बचाने के बाद रिश्तेदारों और स्थानीय नागरिकों के आंखों से खुशी के आंसू निकलने लगे।

    इस्केंडरन कस्बे में छह लोगों के एक परिवार को 102 घंटे के बाद मलबे से निकाला गया।

    परिवार के दो पड़ोसियों रजि़ये और हसी मूरत किलिंक को 107 घंटों के बाद बचा लिया गया था।

    कई देशों और वैश्विक सहायता एजेंसियों ने दोनों देशों के लिए समर्थन व्यक्त किया है, और उनमें से कुछ ने भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में बचाव दल और राहत सामग्री भेजी है।

    6 फरवरी को सुबह 4.17 बजे तुर्की के दक्षिणी प्रांत कहारनमारस में 7.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप आया, जिसके कुछ मिनट बाद गजियांटेप प्रांत में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया।

    7.8 तीव्रता के भूकंप का केंद्र गजियांटेप में नूरदागी से 23 किमी पूर्व में 24.1 किमी की गहराई में था।

    दोपहर करीब 1.30 बजे, 7.5 तीव्रता का तीसरा भूकंप कहारनमारास में आया।

  • जानें किस जगह मिली 3.2 टन कोकीन को खेप, नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

    जानें किस जगह मिली 3.2 टन कोकीन को खेप, नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई

     

     

    वेलिंगटन : न्यूजीलैंड के समुद्र में 3.2 टन कोकीन तैरती हुई मिली है। इसकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 30 करोड़ डॉलर (लगभग 2,480 करोड़ रुपये) बताई जा रही है। कोकीन को प्रशांत महासागर से न्यूजीलैंड पुलिस, कस्टम सेवाएं और न्यूजीलैंड रक्षा बलों के संयुक्त अभियान के दौरान बरामद किया गया है। मामले में अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

    पुलिस आयुक्त एंड्रयू कोस्टर ने बताया कि 3.2 टन कोकीन न्यूजीलैंड के बाजार में 30 साल तक आपूर्ति करने के लिए काफी है।

    कोस्टर ने बताया कि कोकीन की यह बरामदगी देश में मादक पदार्थ के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है। इतना ड्रग न्यूजीलैंड के अलावा ऑस्ट्रेलिया के बाजार में एक साल तक खप सकता है।

    कस्टम सेवा के नियंत्रक बिल पेरी ने बताया कि प्रशांत महासागर में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाला गिरोह काफी हद तक जा चुका है। अंतरराष्ट्रीय अपराध समूह विभिन्न तरीकों से बाजार का आकलन कर रहा है। हमने अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से सहयोग मांगा है।

  • जानें किस जगह विस्फोट के बाद इमारत में लगी भीषण आग, 2 साल के बच्चे सहित 12 की मौत

    जानें किस जगह विस्फोट के बाद इमारत में लगी भीषण आग, 2 साल के बच्चे सहित 12 की मौत

     

     

    मॉस्को : बड़ी खबर दक्षिण-मध्य रूस से है। यहां के नोवोसिबिर्स्क शहर में गुरुवार को एक आवासीय इमारत में हुए गैस विस्फोट के कारण भीषण आग लग गई। इस आग की चपेट में आने से 2 साल के बच्चे सहित 12 लोगों की मौत हो गई। प्रांतीय गृह विभाग ने यह जानकारी दी।

    गवर्नर एंड्रे ट्रावनिकोव ने कहा, घटना में घायल 9 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, इनमें से दो की हालत गंभीर है। अधिकारियों ने कहा, सुबह 7 बजकर 43 मिनट पर हुए विस्फोट के समय इमारत में मौजूद दो बच्चों सहित दस लोगों के बारे में जानकारी नहीं है।

  • तुर्की और सीरिया में भूकंप के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हजार के पार पहुंची …

    तुर्की और सीरिया में भूकंप के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हजार के पार पहुंची …

     

     

    अंकारा/दमिश्क : तुर्की और सीरिया में सोमवार को आये विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15,383 हो गयी है। यहां काम कर रहे बचाव दलों और प्रशासन ने यह जानकारी दी।

    तुर्की की समाचार एजेन्सी ने अनादोलु ने गुरुवार को आपदा और आपातकालीन प्रबंधन प्राधिकरण का हवाला देते हुए बताया कि विनाशकारी भूकंप के कारण तुर्की में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 12,391 तक पहुंच गई है।

    इसी तरह सीरिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सीरिया में कम से कम 1 हजार 262 लोग मारे गए और 2,285 लोग सरकारी कब्जे वाले क्षेत्रों में घायल हुए। मीडिया रिपोर्टों में बचावकर्मियों का हवाला देते हुए कहा गया है कि सीरिया में विपक्ष के कब्जे वाले क्षेत्र में कम से कम 1,730 लोग मारे गए और 2,850 से अधिक घायल हुए।

    सोमवार को स्थानीय समयानुसार सुबह 4:17 बजे तुर्की के दक्षिणी प्रांत कहारनमारस में 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, इसके कुछ मिनट बाद देश के दक्षिणी प्रांत गजियांटेप में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया और दोपहर 1:24 बजे 7.6 तीव्रता का भूकंप आया था।

    इस बीच बुधवार को एक 82 सदस्यीय चीनी बचाव दल चार्टर्ड विमान एयर चाइना पर 8,000 किमी से अधिक की उड़ान भरने के बाद स्थानीय समयानुसार सुबह 4:30 बजे तुर्की के अदाना हवाई अड्डे पर पहुंचा।

  • हिंडनबर्ग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के खिलाफ सुनवाई के लिए तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट, याचिका में साजिश का दावा

    हिंडनबर्ग द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के खिलाफ सुनवाई के लिए तैयार हुआ सुप्रीम कोर्ट, याचिका में साजिश का दावा

     

    नई दिल्ली : अदाणी समूह और हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के मामले से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया। याचिका में कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई है। SC ने रिपोर्ट को चुनौती देती याचिकाओं को स्वीकार कर लिया है। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि विदेशी फर्म ने साजिश रची थी, जिससे निवेशकों को नुकसान हुआ। इस रिपोर्ट को लेकर भारत में सड़क से लेकर संसद तक चर्चाओं का दौर जारी है।

    शीर्ष न्यायालय शुक्रवार को याचिकाओं पर सुनवाई करने जा रहा है। हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट के खिलाफ एड्वोकेट एमएल शर्मा और विशाल तिवारी की तरफ से दो अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई थीं। याचिकाओं में आरोप लगाए गए हैं कि हिंडनबर्ग ने अडानी स्टॉक्स की शॉर्ट सेलिंग की साजिश रची है, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान हुआ है।

  • तुर्की और सीरिया में भूकंप के बाद मरने वालों की संख्या 7,800 के पार पहुंची..

    तुर्की और सीरिया में भूकंप के बाद मरने वालों की संख्या 7,800 के पार पहुंची..

     

     

    अंकारा/दमिश्क : तुर्की में सोमवार को आए विनाशकारी भूकंप में मरने वालों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 5,894 और सीरिया में 1,932 हो गई, जबकि सीरिया पर अमेरिकी प्रतिबंध हटाने की मांग तेज हो गई है। तुर्की के स्वास्थ्य मंत्री फहरेट्टिन कोका और अलेप्पो गवर्नरेट मुख्यालय में मीडिया कार्यालय के अनुसार, तुर्की और सीरिया में घायलों की संख्या क्रमश: 31,777 और 1,449 हो गई है।

    बीबीसी ने बताया कि दोनों देशों में मरने वालों की संख्या में और वृद्धि होने की उम्मीद है क्योंकि खराब मौसम के कारण बचाव अभियान में बाधा आ रही है।

    स्थानीय समयानुसार सुबह 4:17 बजे तुर्की के दक्षिणी प्रांत कहमनमारस में 7.7 तीव्रता से भूकंप आया, इसके कुछ मिनट बाद देश के दक्षिणी प्रांत गजियांटेप में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया और कहारनमारस में स्थानीय समयनुसार दोपहर 1:24 बजे 7.6 तीव्रता का भूकंप आया।

    बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की के दक्षिणी प्रांत हैटे और सीरिया के उत्तरी अलेप्पो शहर में सबसे अधिक लोगों की जान गई, जबकि लेबनान, इजराइल और साइप्रस ने भी झटके महसूस किए। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने भूकंप से प्रभावित देश के 10 प्रांतों में मंगलवार को तीन महीने के आपातकाल की घोषणा की।

    उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह निर्णय यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि खोज और बचाव गतिविधियों और बाद के अध्ययनों को जल्दी से पूरा किया जा सके।

  • 7.8 तीव्रता का भूकंप से हिला तुर्की, तेज झटकों से धराशायी हुई कई इमारतें; 53 लोगों की मौत

     7.8 तीव्रता का भूकंप से हिला तुर्की, तेज झटकों से धराशायी हुई कई इमारतें; 53 लोगों की मौत

     

    अंकारा : तुर्की में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए हैं। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.8 है। यूएस जियोलॉजिकल सर्विस के मुताबिक भूकंप के ये झटके दक्षिण पूर्वी तुर्की के गाजियांटेप में महसूस किए गए हैं। तुर्की प्रशासन के मुताबिक अभी तक 53 लोगों की मृत्यु हो गई है। 150 से ज्यादा इमारतों को नुकसान पहुंचा है। यह आंकड़ा अभी बढ़ भी सकता है। सनलिउर्फा मेयर ने इसकी पुष्टि की है।

    यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप का केंद्र गाजियांटेप से लगभग 33 किलोमीटर (20 मील) और नूरदगी शहर से लगभग 26 किलोमीटर (16 मील) दूर था। यह 18 किलोमीटर (11 मील) की गहराई पर केंद्रित था।

    जानकारी के मुताबिक, भूकंप के झटके दूर सीरिया तक महसूस किए गए। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें आई हैं। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की मानें तो भूकंप की वजह से कई लोगों के हताहत होने की आशंका है।

    तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने ट्विटर पर कहा कि भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव दलों को तुरंत भेजा गया। हमें उम्मीद है कि हम इस आपदा को एक साथ जल्द से जल्द और कम से कम नुकसान के साथ पार कर लेंगे।

  • पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का निधन, लंबे वक्त से  अमाइलॉइडोसिस बीमारी के कारण थे बीमार…

    पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ का निधन, लंबे वक्त से  अमाइलॉइडोसिस बीमारी के कारण थे बीमार…

     

    इस्लामाबाद : पाकिस्तान पूर्व राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ का लंबी बीमारी के बाद दुबई में शुक्रवार को निधन हो गया। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट्स के मुताबिक अमाइलॉइडोसिस बीमारी से जूझ रहे थे।

    परवेज मुशर्रफ का जो आखिरी वीडियो सामने आया उसमें देखा गया कि वह चलने में असमर्थ थे। वे पूरी तरह व्हील चेयर के भरोसे थे और खाना भी नहीं खा पा रहे थे।

    11 अगस्त 1943 को परवेज मुशर्रफ का जन्म दरियागंज नई दिल्ली में हुआ था। 1947 में उनके परिवार ने पाकिस्तान जाने का फैसला किया। विभाजन के महज कुछ दिन पहले ही उनका पूरा परिवार पाकिस्‍तान पहुंचा था। उनके पिता सईद ने नए पाकिस्‍तान सरकार के लिए काम करना शुरू किया और विदेश मंत्रालय के साथ जुड़े।

    इसके बाद उनके पिता का तबादला पाकिस्‍तान से तुर्की हुआ, 1949 में ये तुर्की चले गए। कुछ समय यह अपने परिवार के साथ तुर्की में रहे, वहीं उन्‍होंने तुर्की भाषा बोलनी भी सीखी। मुशर्रफ अपने युवा काल में खिलाड़ी भी रहे हैं। 1957 में इनका पूरा परिवार फिर पाकिस्‍तान लौट आया। इनकी स्‍कूली शिक्षा कराची के सेंट पैट्रिक स्‍कूल में हुई और कॉलेज की पढ़ाई लहौर के फॉरमैन क्रिश्चियन कॉलेज में हुई।

    आपको बता दें कि परवेज मुशर्रफ वह शख्स हैं जिन्हें कि पाकिस्तान में फांसी की सजा सुनाई गई थी। पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार पेशावर हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस वकार अहमद सेठ की अध्यक्षता में विशेष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने ऐसी सजा सुनाई गई थी।

    पाकिस्तान में 3 नवंबर, 2007 को इमरजेंसी लगाने और और दिसंबर 2007 के मध्य तक संविधान को निलंबित करने के जुर्म में परवेज मुशर्रफ पर दिसंबर 2013 में देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था। मुशर्रफ को 31 मार्च, 2014 को दोषी ठहराया गया था। 79 वर्षीय मुशर्रफ ने 1999 से 2008 तक पाकिस्तान पर शासन किया था। मुशर्रफ मार्च 2016 से दुबई में रह रहे थे।

  • बच्चे को एयरपोर्ट पर ही छोड़ गए मां-बाप,चेक इन एजेंट ने तुरंत एयरपोर्ट अथॉरिटी से संपर्क किया और दंपति को पकड़ लिया

     बच्चे को एयरपोर्ट पर ही छोड़ गए मां-बाप,चेक इन एजेंट ने तुरंत एयरपोर्ट अथॉरिटी से संपर्क किया और दंपति को पकड़ लिया

     

     

    मां-बाप के लिए बच्चे जिगर का टुकड़ा होते हैं। अपने बच्चों के लिए माता-पिता कुछ भी कर सकते हैं। पर इस्राइल से एक अलग ही मामला सामने आया है जिसे सुन कर आप भी हैरान हो जाएंगे। हुआ यूं कि जहां एक दंपति अपने बच्चे का हवाई टिकट लाना भूल गए तो फ्लाइट पकड़ने के लिए बच्चे को एयरपोर्ट पर ही छोड़ गए। इस्राइल एयरपोर्ट अथॉरिटी ने घटना की पुष्टि की है।

    ये घटना इस्राइल के तेल अवीव स्थित बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दंपति को मंगलवार को Ryanair की फ्लाइट से तेल अवीव से बेल्जियम के ब्रूसेल्स की उड़ान भरनी थी। एयरपोर्ट के टर्मिनल- एक पहुंचने पर उन्हें पता चला कि वह अपने नवजात बच्चे का टिकट लाना ही भूल गए हैं। दंपति पहले ही देरी से एयरपोर्ट पहुंचा था। जब वह एयरपोर्ट पहुंचे तो फ्लाइट के लिए चेक इन बंद हो चुका था। जिसके बाद दंपति ने नवजात बच्चे को एयरपोर्ट पर ही छोड़ा और खुद फ्लाइट में चेक इन के लिए सिक्योरिटी चेक के लिए पहुंच गए।

    चेक इन एजेंट ने तुरंत एयरपोर्ट अथॉरिटी से संपर्क किया और दंपति को पकड़ लिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • पेशावर की एक मस्जिद में नमाज के दौरान जोरदार धमाका, 28 की मौत, 150 से ज्यादा घायल

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    28 killed, more than 150 injured in a massive explosion during prayers in a mosque in Peshawar

    पेशावर की एक मस्जिद में नमाज के दौरान जोरदार धमाका, 28 की मौत, 150 से ज्यादा घायल

     

    पाकिस्तानः पाकिस्तान के पेशावर में सोमवार दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब यहां पुलिस लाइंस इलाके में स्थित एक मस्जिद में जोहर की नमाज के दौरान जोरदार बम धमाका हुआ। इस धमाके में करीब 28 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि 150 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें पेशावर के लेडी रीडिंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सुरक्षा और स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि पेशावर के पुलिस लाइंस इलाके में एक मस्जिद के भीतर सोमवार को हुए इस शक्तिशाली आत्मघाती विस्फोट में दो पुलिसकर्मियों की भी मौत हुई है। अभी कई और लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।

    सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि आत्मघाती हमलावर नमाज़ के दौरान सबसे आगे की लाइन में मौजूद था, इसी दौरान उसने खुद को उड़ा लिया, जिससे ज़ोहर की नमाज़ अदा करने वाले दर्जनों लोग घायल हो गए। प्रत्यत्क्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद का एक हिस्सा गिर गया। विस्फोट की आवाज करीब 2 किमी दूर तक सुनी गई। विस्फोट के बाद हर जगह धुआं था।” यह एक आत्मघाती विस्फोट था क्योंकि हमलावर मस्जिद के भीतरी आंगन के अंदर था। जब धमाका हुआ तब ज़ोहर की नमाज़ शुरू ही हुई थी।

    वहीं, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री ने मस्जिद में हुए सुसाइड अटैक पर ट्वीट करके कहा, “पेशावर की पुलिस लाइन मस्जिद में नमाज के दौरान हुए आतंकी आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा करता हूं। मेरी प्रार्थना और संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। यह जरूरी है कि हम अपनी खुफिया जानकारी जुटाने में सुधार करें और आतंकवाद के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए अपने पुलिस बलों को उचित रूप से तैयार करें।”