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  • आज से होगा शुरू संसद का शीतकालीन स्त्र; सरकार को घेरने के मूड में विपक्षी दल, तैयार किए मुद्दे

    आज से होगा शुरू संसद का शीतकालीन स्त्र; सरकार को घेरने के मूड में विपक्षी दल, तैयार किए मुद्दे

     

    सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सहित 31 दलों ने सीबीआई और ईडी जैसी जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर चर्चा की मांग की. संसद के इस सत्र में 23 दिनों में कुल 17 बैठकें होनी है.

    संसद सत्र आज से होगा शुरू; सरकार को घेरने के मूड में विपक्षी दल, तैयार किए मुद्दे

    संसद के शीतकालीन सत्र में कुल 17 बैठकें होनी हैं.

    संसद का तीन हफ्ते तक चलने वाला शीतकालीन सत्र आज बुधवार से शुरू हो रहा है और इसमें पहला हफ्ता हंगामेदार रहने की उम्मीद है क्योंकि इस दौरान दिल्ली में नगर निगम चुनाव के बाद गुजरात और हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे आएंगे. नगर निगम का परिणाम आज बुधवार और विधानसभा चुनाव का परिणाम गुरुवार को आएगा. हालांकि इस सत्र में राहुल गांधी और कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के भारत जोड़ो यात्रा में भाग लेने की वजह से शामिल होने की संभावना नहीं है.

    इस बीच विपक्ष ने सरकार को घेरने के लिए जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग सहित कई अहम मुद्दों की पहचान की है, जिसने 16 नए बिलों को विचार और पारित करने के लिए तैयार किया है. सरकार के विधायी एजेंडे में 25 बिल होंगे जिसमें से 16 नए, सात पेंडिंग और दो फाइनेंस बिल होंगे.

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व में वरिष्ठ मंत्रियों ने कल मंगलवार को कई राजनीतिक दलों के नेताओं से मुलाकात की और सदन के सुचारू संचालन के लिए उनका सहयोग मांगा. हालांकि इस सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल नहीं हुए. शीतकालीन सत्र में विपक्षी दलों ने महंगाई, बेरोजगारी, चीन सीमा पर स्थिति, कॉलेजियम के विषय व केंद्र राज्य संबंध जैसे मुद्दों को उठाने व चर्चा के लिए पर्याप्त समय देने की मांग की है.

    संसद में विपक्षी दलों की आवाज सुनी जाए

    विपक्षी नेताओं ने सरकार से कहा कि उसे संसद में विपक्षी दलों की आवाज सुननी चाहिए. कुछ नेताओं ने राजनाथ सिंह, राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल, संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल को बताया कि सत्र पूर्व सर्वदलीय बैठकें सरकार के साथ महज सजावटी चीज बनकर रह गई हैं. बहस की अनुमति देने के आश्वासन पर बात नहीं चल रही है.

    सूत्रों ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) सहित 31 दलों ने सीबीआई और ईडी जैसी जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर चर्चा की मांग की.

    बैठक में कांग्रेस का प्रतिनिधित्व उसके लोकसभा नेता अधीर राजन चौधरी और राज्यसभा में मुख्य सचेतक सैयद नसीर हुसैन ने किया, ने कई मुद्दों पर चर्चा की मांग की, लेकिन पार्टी मुख्य रूप से तीन मुद्दों पर (बॉर्डर पर चीनी घुसपैठ, कीमतों में वृद्धि तथा बेरोजगारी और स्वतंत्र संस्थानों पर हमला) ध्यान केंद्रित करेगी.

  • दिल्ली नगर निगम चुनाव: आज हो जाएगा 1,349 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला, शुरुआती रुझान में AAP-BJP के बीच कांटे की टक्कर

    दिल्ली नगर निगम चुनाव: आज हो जाएगा 1,349 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला, शुरुआती रुझान में AAP-BJP के बीच कांटे की टक्कर

     

    नई दिल्ली : दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के लिए मतगणना शुरू हो चुकी है। 250 वार्डों में चुनाव लड़ने वाले 1,349 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला आज होने जा रहा है। इसके साथ ही राजनीतिक दलों दलों का भी भविष्य दांव पर लगा हुआ है। सुबह 8 बजे से 42 मतदान केंद्रों पर मतगणना शुरू हो गई है। सभी वार्डों में मतगणना के 5 से 10 राउंड होंगे। ऐसा माना जा रहा है कि दोपहर 12 बजे के बाद तक लगभग दिल्ली की मिनी सरकार की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

    शुरुआती रुझान में आम आदमी पार्टी और बीजेपी में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। कांग्रेस इस फाइट से बाहर नजर आ रही है। मतगणना केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा एवं व्यवस्था के बीच वोटों की गिनती की जा रही है। दिल्ली चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए राजधानी में कुल 42 मतगणना केंद्र बनाए हैं। दिल्ली नगर निगम की 250 सीटों पर 4 दिसंबर को मतदान हुआ था।

    ये मतगणना केंद्र शास्त्री पार्क, यमुना विहार, मयूर विहार, नंद नगरी, द्वारका, ओखला, मंगोलपुरी, पीतमपुरा, अलीपुर और मॉडल टाउन में बनाए गए हैं।

  • कल सुबह होगी दिल्ली नगर निगम चुनाव मतगणना ,42 मतगणना केंद्रों पर तैयारियां पूरीं

    कल सुबह होगी दिल्ली नगर निगम चुनाव मतगणना ,42 मतगणना केंद्रों पर तैयारियां पूरीं

     

    नई दिल्ली -दिल्ली नगर निगम की 250 सीटों पर हुए चुनाव के लिए सात दिसंबर को सुबह आठ बजे से 42 मतगणना केंद्रों पर मतों की गिनती शुरू होगी।

    दिल्ली में नगर निगम चुनाव के मतों की गिनती की तैयारियां पूरी कर ली गई और इसके लिए 42 केंद्र बनाए गए हैं। चार दिसंबर को हुए चुनाव में 50.48 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। इस चुनाव में 1,349 उम्मीदवार मैदान में हैं। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के बेहद खास और कड़े इंतजाम दिल्ली पुलिस और अर्ध सैनिक बलों को तैनात कर किए गए हैं। सभी मतगणना केंद्रों की निगरानी ड्रोन कैमरे से की जाएगी।

    दिल्ली नगर निगम चुनाव पर आए सभी एग्जिट पोल्स में आम आदमी पार्टी की जीत रही है। अगर नतीजों के दिन भी परिणाम यही रहे तो निगम में डेढ़ दशक से काबिज भाजपा के लिए यह बड़ा झटका होगा। आम आदमी पार्टी ने इस बार कूड़े के पहाड़ से लेकर साफ-सफाई के मुद्दे पर दिल्लीवालों के बीच गई थी। भाजपा ने भी लगातार चौथी बार जीत के लिए पूरी ताकत झोंकी थी लेकिन एग्जिट पोल को माने तो भाजपा के लिए नतीजे सुखद नहीं दिख रहे हैं।

    ग़ौरतलब है कि 2017 के निगम चुनाव में भाजपा ने तीनों नगर निगमों को मिलाकर कुल 181 सीटों पर जीत दर्ज की थी। उत्तरी नगर निगम के 103 में से 64 सीटें, दक्षिण निगम की 104 में से 70 सीटें और पूर्वी दिल्ली नगर निगम में 63 में से 47 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में आप को महज 48 सीटें जबकि कांग्रेस को 30 सीटें ही मिल पाई थी। अन्य के खाते में 11 सीटें गई थी।

    उल्लेखनीय है कि पहले तीन निगमों को मिलकर 272 वार्ड थे लेकिन तीनों निगमों के एकीकरण के बाद वार्डों की संख्या 250 हो गई है।

  • पंजाब भाजपा ने जारी की कोर कमेटी और वित्त कमेटी की लिस्ट, देखें पूरी लिस्ट

    पंजाब भाजपा ने जारी की कोर कमेटी और वित्त कमेटी की लिस्ट, देखें पूरी लिस्ट

    चंडीगढ़ ;  पंजाब भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने जेपी नड्डा के साथ हुए परामर्श के बाद प्रदेश कोर कमेटी और वित्त कमेटी का किया गठन कर ऐलान किया गया है।

    पूरी सूची इस प्रकार है-

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  • जबतक पाक द्वारा आतंकवाद जारी तबतक PAK से कोई बात नहीं- जयशंकर की जर्मन विदेश मंत्री को कही दो टूक

    जबतक पाक द्वारा आतंकवाद जारी तबतक PAK से कोई बात नहीं- जयशंकर की जर्मन विदेश मंत्री को कही दो टूक

     

    जर्मनी की विदेश मंत्री ने एस जयशंकर से मुलाकात की. इस दौरान दोनों के बीच हिन्द प्रशांत, यूक्रेन संकट, अफगानिस्तान में स्थिति, पाकिस्तान से जुड़े मुद्दे, सीरिया की स्थिति सहित क्षेत्रीय और वैश्विक विषयों पर चर्चा हुई.

    आतंकवाद जारी रहने तक PAK से कोई बात नहीं- जयशंकर की जर्मन विदेश मंत्री को दो टूक

    एस जयशंकर से जर्मनी की विदेश मंत्री ने की मुलाकात.

    भारत और जर्मनी ने ऊर्जा, कारोबार, जलवायु परिवर्तन सहित द्विपक्षीय सहयोग को प्रगाढ़ करने एवं यूक्रेन संकट सहित वैश्विक मुद्दों पर सोमवार को विस्तृत चर्चा की और आवाजाही साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए. रूस से कच्चे तेल के आयात का बचाव करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पिछने नौ महीने में यूरोपीय देशों ने इसकी जितनी खरीद की है, उसका छठा हिस्सा ही भारत ने खरीदा है. दोनों देशों ने हिन्द प्रशांत, यूक्रेन संकट, अफगानिस्तान में स्थिति, पाकिस्तान से जुड़े मुद्दे, सीरिया की स्थिति सहित क्षेत्रीय और वैश्विक विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान किया.

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान के साथ तब तक बातचीत नहीं हो सकती, जब तक कि वह सीमापार से आतंकवाद को जारी रखता है. जयशंकर ने जर्मनी की अपनी समकक्ष एनालेना बेयरबॉक की मौजूदगी में यह टिप्पणी की और कहा कि बर्लिन इस बात को समझता है. विदेश मंत्री ने कहा, हमने हिन्द प्रशांत के विषय और ईरान के मुद्दे, लचीली आपूर्ति श्रृंखला सृजित करने और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के बारे में भी चर्चा की. इसके साथ ही हमारी चर्चा में अधिक सुरक्षित वैश्विक अर्थव्यस्था का विषय भी रहा.

    रूस से तेल आयात करने का उठा मुद्दा

    जयशंकर ने जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक के साथ द्विपक्षीय सहयोग के विविध आयामों पर विस्तृत चर्चा की. बैठक के बाद जर्मनी की विदेश मंत्री एनालेना बेयरबॉक के साथ संयुक्त प्रेस संबोधन में जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के कारोबार को बढ़ाने के बारे में चर्चा यूक्रेन संघर्ष से काफी पहले शुरू हुई थी. जयशंकर ने रूस से कच्चे तेल के आयात पर कहा कि यह बाजार से जुड़े कारकों से प्रेरित हैं. उन्होंने कहा कि फरवरी से नवंबर तक यूरोपीय संघ ने रूस से अधिक मात्रा में जीवाश्म ईंधन का आयात किया है.

    जयशंकर ने कहा, मैं समझता हूं कि संघर्ष की स्थिति (यूक्रेन में) है. मैं यह भी समझता हूं कि यूरोप का एक विचार है और यूरोप अपने विकल्प चुनेगा और यह यूरोप का अधिकार है. लेकिन यूरोप अपनी पसंद के अनुसार ऊर्जा जरूरतों को लेकर विकल्प चुने और फिर भारत को कुछ और करने के लिए कहे. उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया से यूरोप द्वारा तेल खरीदने से भी दबाव पड़ा है. उनसे पूछा गया था कि भारत क्यों रूस से कच्चा तेल खरीद रहा है. वहीं, बेयरबॉक ने कहा, जब दुनिया कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही है तो हमारे लिये मिलकर आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है.

    आतंकवाद पर भी हुई बात

    क्षेत्र को चीन की चुनौतियों के बारे में एक प्रश्न के जवाब में जर्मनी की विदेश मंत्री ने कहा कि खतरों का आकलन करने की जरूरत है. उन्होंने साथ ही चीन को कई मायने में प्रतिस्पर्धी बताया. बेयरबॉक दो दिवसीय यात्रा पर सोमवार को भारत पहुंची. उनकी यात्रा ऐसे समय में हुई है जब चार दिन पहले ही भारत ने जी20 समूह की औपचारिक अध्यक्षता ग्रहण की है. जयशंकर ने कहा, हमने अफगानिस्तान की स्थिति और पाकिस्तान के बारे में चर्चा की जिसमें सीमा पार आतंकवाद से जुड़ा विषय भी शामिल था.

    विदेश मंत्री ने कहा, हमने दोनों देशों के लोगों के बीच सम्पर्क बढ़ाने पर चर्चा की. साथ ही इस दिशा में समग्र प्रवासन एवं आवाजाही साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिससे लोगों के लिए एक-दूसरे के देश में पढ़ाई, शोध और काम करना आसान होगा. जयशंकर ने कहा, हमारी चर्चा में वीजा से जुड़ा मुद्दा भी उठा. बेयरबॉक ने कहा कि दुनिया कठिन परिस्थितियों का सामना कर रही है और इस समय में भारत ने जी20 की अध्यक्षता ग्रहण की है, साथ ही वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का मासिक अध्यक्ष भी बना है. उन्होंने कहा कि हम भारत के साथ सुरक्षा सहयोग को और बढ़ाना चाहते हैं जो सबसे बड़ा लोकतंत्र और उभरती हुई अर्थव्यवस्था है तथा दुनिया के कई देशों के लिए आदर्श है

  • गुजरात, हिमाचल और दिल्ली नगर निगम चुनाव का एग्जिट पोल, जानें BJP, कांग्रेस और AAP का क्या हाल?

    गुजरात, हिमाचल और दिल्ली नगर निगम चुनाव का एग्जिट पोल, जानें BJP, कांग्रेस और AAP का क्या हाल?

     

     

    Zee Media-BARC Exit Poll: एग्ज़िट पोल के अनुसार बीजेपी को गुजरात में बड़ी जीत के साथ वापसी कर सकती है, जबकि हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों के एग्ज़िट पोल में भी बीजेपी की वापसी का अनुमान है. एमसीडी चुनाव के एग्ज़िट पोल में आप को बड़ा फायदा हो रहा है.

     

    Gujarat, Himachal Pradesh and MCD Election Exit poll: गुजरात को अगर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत की प्रयोगशाला कहा जाए तो गलत नहीं होगा, क्योंकि इस राज्य में बीजेपी बीते 27 वर्षों से लगातार चुनाव जीत रही है और 24 वर्षों से ज्यादा समय से लगातार बीजेपी का यहां शासन है. गुजरात चुनाव को लेकर एग्जिट पोल (Gujarat Election Exit Polls) के जो आंकड़े आ रहे हैं और अगर ये नतीजों में बदलता है तो ये तय है कि आने वाले दिनों में देश की राजनीति पर इसका काफी ज्यादा असर देखने को मिलेगा.

    बीजेपी फिर से जीत रही है गुजरात में चुनाव

    एग्जिट पोल के जो आंकड़े हैं उससे तो यही लगता है कि बीजेपी फिर से गुजरात में चुनाव जीत रही है और बीजेपी इस बार 2017 से ज्यादा सीटें जीत सकती है. इस एग्जिट पोल को BARC ने किया है और इसके मुताबिक, गुजरात में बीजेपी 110 से 125 सीटें जीत सकती हैं. 2017 में बीजेपी ने 99 सीटें जीती थीं. यानी एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी कम से कम 11 सीटों का फायदा हो रहा है. अब कांग्रेस के गुजरात में प्रदर्शन की बात करें तो एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेस 45 से 60 सीटें जीत सकती है. 2017 में कांग्रेस ने 77 सीटें जीती थीं. यानी इस बार 2017 के मुकाबले कांग्रेस को कम से कम 17 सीटों का नुकसान हो सकता है. एग्जिट पोल के मुताबिक नुकसान का ये आंकड़ा 32 सीटों तक भी पहुंच सकता है.

    आम आदमी पार्टी को गुजरात चुनाव में 1 से 5 सीटें जीतने की संभावना है. 2017 के मुकाबले ये आम आदमी पार्टी के लिए ये बड़ी बात हैं, क्योंकि 2017 में आम आदमी पार्टी गुजरात विधानसभा चुनाव में 29 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और सभी सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी. 2017 में आम आदमी पार्टी को केवल 0.10  प्रतिशत वोट मिला था. एग्जिट पोल के मुताबिक अन्य के हिस्से में शून्य से लेकर 4 सीटें आने की संभावना है. यानी एग्जिट पोल मुताबिक गुजरात में त्रिकोणीय मुकाबला नहीं रहा और बीजेपी क्लीन स्वीप कर रही है.

    गुजरात में किस जाति ने किस पार्टी पर जताया भरोसा?

    सीटों के बाद अगर बात करें कि किस जाति ने किस पार्टी पर भरोसा सबसे ज्यादा जताया है तो यहां सीधे तौर बीजेपी ही बाजी मारती दिख रही है. एग्जिट पोल के मुताबिक, 49 प्रतिशत सवर्ण हिंदू ने बीजेपी को तो 41 सवर्ण हिंदू ने कांग्रेस को वोट दिया है. जबकि, आप और अन्य पर 10 प्रतिशत सवर्ण हिंदू ने भरोसा जताया है. एग्जिट पोल के मुताबिक 48 प्रतिशत OBC ने बीजेपी को, 43 प्रतिशत ने कांग्रेस को वोट किया है.

    गुजरात के राजनीति पटेल की भूमिका बेहद अहम है और यहां पटेल कडवा और लेउवा में बंटे हैं. एग्जिट पटेल में 58 प्रतिशत कडवा पटेल ने बीजेपी को वोट दिया है, जबकि 34 प्रतिशत कडवा पटेल ने कांग्रेस पर भरोसा जताया है. वहीं, 53 प्रतिशत लेउवा पटेल ने बीजेपी पर, तो 37 प्रतिशत ने कांग्रेस पर भरोसा जताया है. एग्जिट पोल के मुताबिक आम आदमी पार्टी को ज्यादा पटेल वोट नहीं मिला है. लेउवा पटेल ज्यादातर सौराष्ट्र-कच्छ इलाके में रहते हैं, जबकि कडवा पटेल समुदाय के लोग उत्तर गुजरात के मेहसाणा, अहमदाबाद, कड़ी-कलोल, विसनगर इलाके में रहते हैं.

    गुजरात के पिछड़ों ने भी बीजेपी पर ही भरोसा जताया है. एग्जिट पोल के मुताबिक 48 प्रतिशत दलित ने बीजेपी को, तो 41 प्रतिशत ने कांग्रेस को वोट किया है. आम आदमी पार्टी पर 7 प्रतिशत दलित ने भरोसा जताया है. वहीं, आदिवासी भी गुजरात में बीजेपी को ही पसंद करते हैं. एग्जिट पोल के मुताबिक 49 प्रतिशत आदिवासी और बीजेपी को वोट किया, जबकि कांग्रेस पर 42 प्रतिशत आदिवासी ने भरोसा जताया है. अगर मुस्लिमों की बात करें तो एग्जिट पोल के मुताबिक सबसे ज्यादा 67 प्रतिशत मुस्लिमों ने कांग्रेस को वोट दिया, जबकि आम आदमी पर 19 प्रतिशत मुस्लिमों ने भरोसा जताया है. एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी को 11 प्रतिशत मुस्लिमों का वोट मिलने की संभावना है.

    हिमाचल चुनाव में पुरानी पेंशन स्कीम था बड़ा मुद्दा

    इस बार हिमाचल प्रदेश चुनाव में पुरानी पेंशन स्कीम बड़ा मुद्दा था और कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार बीजेपी सरकार को घेर रही थी. एग्जिट पोल के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के 55 प्रतिशत लोगों का मानना है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस को चुनावी फायदा होने की संभावना है, हालांकि 42 प्रतिशत लोग मानते हैं कि कांग्रेस को इससे फायदा नहीं होगा.

    पुरानी पेंशन स्कीम के अलावा हिमाचल प्रदेश में कई और मुद्दे अहम रहे जिसने मतदान को प्रभावित किया है. एग्जिट पोल में 32 प्रतिशत लोगों ने माना कि उन्होंने केंद्र-राज्य की योजनाओं के आधार पर वोट दिया, जबकि 15 प्रतिशत लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा जताते हुए वोट डालने की बात कही है. यानी एग्जिट पोल  के मुताबिक इन मतदाताओं ने बीजेपी के पक्ष में वोट डाले. वहीं 12 प्रतिशत लोगों को लिए पुरानी पेंशन स्कीम मतदान करने का एक अहम मुद्दा था.  बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे भी इस चुनाव में बेहद अहम रहे.

    MCD चुनाव में किसने किसे दिया वोट?

    BARC के एक्ज़िट पोल के अनुसार, बीजेपी को कुल 39 प्रतिशत लोगों ने वोट दिया है, जिसमें बीजेपी को 42 प्रतिशत वोट पुरुषों ने जबकि 32 प्रतिशत वोट महिलाओं ने दिए हैं. इसी तरह आम आदमी पार्टी को कुल 46 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है, जिसमें उसे 44 प्रतिशत वोट पुरुषों के, जबकि 50 प्रतिशत वोट महिलाओं के मिल सकते हैं. यानी BARC के एक्ज़िट पोल के अनुसार महिलाओं ने आम पार्टी के लिए जमकर वोटिंग की है.

    MCD चुनाव में कूड़ा और साफ-सफाई सबसे बड़ा मुद्दा

    एक्ज़िट पोल के अनुसार. दिल्ली में कूड़ा और साफ-सफाई का मुद्दा पहले पायदान पर रहा. करीब 50 प्रतिशत पुरुषों और 43 फीसदी महिलाओं के लिए ये सबसे बड़ा मुद्दा रहा. इसके बाद दूसरे नंबर पर पॉल्यूशन का नंबर आता है, जहां 19 प्रतिशत पुरुषों और 14 फीसदी महिलाओं ने इसे बड़ा मुद्दा माना. दिल्ली में शराब नीति पर भी जमकर सियासत हुई है. शराब घोटाले को लेकर दिल्ली सरकार पर कई आरोप भी लगाए गए, लेकिन  BARC के  एक्जिट पोल के अनुसार दिल्ली के 37 प्रतिशत वोटर मानते हैं कि शराब नीति में घोटाला हुआ, जबकि 52 प्रतिशत का ये मानना है कि दिल्ली की शराब नीति में कोई घोटाला नहीं हुआ.

  • पंजाब में कांग्रेस के नेता ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से पहले CM मान से क्यों की मुलाकात? जानें क्या है वजह

    पंजाब में कांग्रेस के नेता ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से पहले CM मान से क्यों की मुलाकात? जानें क्या है वजह

     

    कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में पार्टी के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की और उनसे राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को ठीक से संपन्न कराने की मांग की.

     

    पंजाब में 'भारत जोड़ो यात्रा' से पहले CM मान से क्यों मिले कांग्रेस के नेता? जानें वजह

    पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने की मुख्‍यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात.

    कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही भारत जोड़ो यात्रा इस समय राजस्थान में है. यह पैदल यात्रा जनवरी के पहले हफ्ते में पंजाब पहुंचने की संभावना है. लेकिन कांग्रेस को पंजाब में भारत जोड़ो यात्रा को लेकर कुछ शंकाएं हैं. इन्हें लेकर सोमवार को पंजाब कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की. चूंकि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार है, इसलिए कांग्रेस नेताओं ने सीएम से मुलाकात करके राज्य में इस यात्रा को आसानी से संपन्न कराने की मांग की.

    कांग्रेस की पंजाब इकाई के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में पार्टी के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की और उनसे राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को ठीक से संपन्न कराने की मांग की. यात्रा के जनवरी के पहले सप्ताह में पंजाब पहुंचने की उम्मीद है. प्रतिनिधिमंडल में सांसद रवनीत सिंह बिट्टू और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राणा केपी सिंह शामिल थे.

     

     कांग्रेस ने यात्रा के लिए किया तैयारी पूरी होने का दावा

    वड़िंग ने कहा, अगले महीने पंजाब में प्रवेश करने जा रही भारत जोड़ो यात्रा से पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात की. आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा से बचाने और सुचारू यात्रा के लिए प्रशासनिक सहयोग को लेकर मुख्यमंत्री से आग्रह किया. उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस राज्य में भारत जोड़ो यात्रा को लेकर उत्साहित है. राज्य में कांग्रेस नेताओं ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए पूरी तैयारियां कर ली हैं. भारत जोड़ो यात्रा पंजाब में फतेहगढ़ या राजपुरा से शुरू होने की संभावना है. इसके बाद यह जालंधर, ब्यास, गुरदासपुर होते हुए पठानकोट जाएगी.

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद में लाइन में लगकर किया वोट, गुजरात में 14 जिलों की 93 सीटों पर वोटिंग जारी

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अहमदाबाद में लाइन में लगकर किया वोट, गुजरात में 14 जिलों की 93 सीटों पर वोटिंग जारी

     

    गांधीनगर : गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण में उत्तर और मध्य गुजरात के 14 जिलों की 93 सीटों पर सोमवार को प्रात: आठ बजे मतदान शुरू हो गया। सुचारु एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए तैयारियां कल ही पूरी कर ली गयीं थी। इस चुनाव में 27 साल से राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। इस बीच, पीएम मोदी ने अहमदाबाद के रानिप में एक स्कूल में बने पोलिंग बूथ पर मतदान किया। उन्होंने आम नागरिकों की तरह लाइन में लगकर ही वोटिंग की। वे पोलिंग स्टेशन तक पैदल चल कर पहुंचे।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी पी भारती ने बताया कि गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गयी थीं। मतदान केन्द्रों और कर्मचारियों की सभी जरूरी व्यवस्था और चुनाव में उपयोग में ली जानेवाली ईवीएम और वीवीपैट (37,432 बीयू, 36157 सीयू और 40,066 वीवीपीएटी) भी तैयार कर ली गयी थीं। दूसरे चरण में 18-पाटण सीट पर 16 उम्मीदवार होने से दो बैलेट यूनिट होंगी, जबकि अहमदाबाद के 47-नरोडा निर्वाचन क्षेत्र में 17, 49-बापुनगर में 29 और 50-अमराईवाडी में 17 उम्मीदवार होने से दो बैलेट यूनिट होंगी। दूसरे चरण के मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार बंद करने के नियम के तहत शनिवार की शाम पांच बजे चुनावी शोर थम गया था। इसके बाद कोई अनधिकृत बाहरी व्यक्ति चुनाव वाले क्षेत्रों में नहीं रहने दिया गया। मतदान सुबह आठ बजे से पांच बजे तक होगा।

    उन्होंने बताया कि मतदान के लिए 1,13,325 कर्मचारी/अधिकारी तैनात किये गये जिनमें 29,062 निर्वाचन अधिकारी और 84,263 चुनाव कर्मी शामिल हैं।

    दूसरे चरण की 93 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए कुल 833 प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं जिनमें 764 पुरुष और 69 महिलाएं हैं। इनमें 74 सामान्य, छह अनुसूचित जाति और 13 अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटें हैं। चुनाव में शामिल होने वाले दलों की कुल संख्या 61 है।

    राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा सभी 93 सीटों पर आठ महिला और 85 पुरुष, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने आठ महिलाओं सहित कुल 90 सीटों पर, आम आदमी पार्टी (आप) ने एक महिला सहित सभी 93सीटों पर, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने चार महिलाओं सहित 44 सीटों पर, गरवी गुजरात पार्टी ने तीन महिलाएं और 22 पुरुष 25 सीटों पर, भारतीय ट्राइबल पार्टी ने 12 पुरुष और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन ने दो महिलाओं सहित सात सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि 285 निर्दलीय प्रत्याशियों में 21 महिलाएं और 264 पुरुष शामिल हैं।

    इस चुनाव के लिए राज्य के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों के 14 जिलों के बनासकांठा की (09), पाटन (04), मेहसाणा (07), साबरकांठा (04), अरवल्ली (03), गांधीनगर (05), अहमदाबाद (21), आणंद (07), खेड़ा (06), महीसागर (03), पंचमहाल (05), दाहोद (06), वड़ोदरा (10) और छोटाउदेपुर की (03) सीटों सहित 14 जिलों में कुल 93 सीटों के लिए दूसरे चरण में 2,51,58,730 मतदाता हैं, जिनमें 1,29,26,501 पुरुष, 22,31,335 महिला और 894 ट्रांसजेंडर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। 49-बापुनगर में सबसे अधिक 29 उम्मीदवार और सबसे कम तीन उम्मीदवार 28-ईडर में हैं। सबसे कम मतदाता 49-बापूनगर में 2,07,461 मतदाता और सबसे ज्यादा मतदाता 41-घाटलोडिया में 4,28,542 मतदाता हैं। क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे छोटा विधानसभा क्षेत्र 51-दरियापुर (06 वर्ग किमी) और सबसे बड़ा क्षेत्र 16-राधनपुर (2,544 वर्ग किमी)। वेबकास्टिंग 13,319 मतदान केंद्रों पर की जाएगी।इस चरण में 505 पुरुष और 155 महिला समेत 660 एनआरआई मतदाता भी अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। राज्य की 93 विधानसभा सीटों के लिए दूसरे चरण में 2904 शहरी मतदान स्थलों पर 8533 मतदान केन्द्र हैं, जबकि 12,071 ग्रामीण मतदान स्थलों पर 17,876 मतदान केन्द्र हैं। विशिष्ट मतदान केंद्रों में 93 मॉडल मतदान केंद्र, 93 दिव्यांग संचालित, 93 इको फ्रेंडली, 651 सखी, 14 युवा संचालित मतदान केंद्र हैं।

    दूसरे चरण में 17,607 पुरुष और 664 महिला मतदाता समेत 18,271 सेवा मतदाता, 99 वर्ष से अधिक आयु के 5,412 और 18 से 19 वर्ष की आयु के 5,96,328 मतदाता होंगे। दूसरे चरण में सोमवार पांच दिसंबर को 14 जिलों में मतदान होना है जिनमें छह उत्तर गुजरात के बनासकांठा, पाटन, साबरकांठा, महेसाणा, अरावल्ली, गांधीनगर हैं और मध्य गुजरात के अहमदाबाद,खेड़ा, आणंद, वडोदरा, दाहोद, पंचमहाल, महिसागर तथा छोटा उदेपुर हैं।

    द्वितीय चरण में राज्य के 14 जिलों में पांच दिसंबर को मतदान के लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा श्रम आयुक्त कार्यालय ने किसी भी व्यवसाय, औद्योगिक इकाई या किसी अन्य प्रतिष्ठान में कार्यरत कर्मचारियों और दैनिक कर्मचारियों को मतदान के दिन सवैतनिक अवकाश देने की घोषणा की है। पहले चरण में दक्षिण गुजरात और सौराष्ट्र के 19 जिलों जिनमें दक्षिण गुजरात के वलसाड, नवसारी, सूरत, तापी, नर्मदा, भरूच, डांग हैं और सौराष्ट्र के सुरेन्द्रनगर, राजकोट, मोरबी, जामनगर, देवभूमि द्वारका, पोरबंदर, गिर सोमनाथ, जूनागढ़, अमरेली, भावनगर, बोटाद तथा कच्छ में एक दिसंबर को मतदान हुआ था।

    श्रीमती भारती ने ‘यूनीवार्ता’ को बताया कि दूसरे चरण के लिए अधिसूचना 10 नवंबर को जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गयी थी। दूसरे चरण के लिए 10 से 17 नवंबर तक नामांकन दाखिल किये गए। नामांकन के अंतिम दिन 17 नवंबर तक कुल 1515 प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र भरे थे। इनकी 18 नवंबर को जांच की गयी। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान 403 पर्चे रद्द किए गए और 1112 नामांकन पत्र वैध मिले। नाम वापसी की अंतिम तारीख तक विभिन्न दलों के डमी उम्मीदवारों समेत 279 ने नामांकन वापस ले लिये और अब कुल 833 प्रत्याशी मैदान में रह गए हैं। मध्य गुजरात एवं उत्तर गुजरात की कुल 93 सीटों पर पांच दिसंबर को मतदान होगा।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने अनुसार पहले चरण के लिए पोस्टल बैलेट वोटिंग की गणना और संकलन का काम जारी है। शुरुआती औसत अनुमानित मतदाता टर्नआउट रुझान 60.23 प्रतिशत से अधिक था जो 63.31 प्रतिशत पर पहुंच गया है, इसमें पोस्टल बैलेट वोटिंग (डाक मतपत्र से मतदान) के आंकड़े शामिल नहीं हैं। सबसे अधिक नर्मदा जिले में 78.42 प्रतिशत, तापी जिले में 77.04 प्रतिशत, डांग में 67.33, गिर सोमनाथ में 65.94 प्रतिशत, अमरेली में 57.60, कच्छ 59.85, जामनगर 60.01, जूनागढ़ 59.54, देवभूमि द्वारका 61.71, नवसारी 71.06,पोरबंदर 59.50, भरूच 67.19, भावनगर में 60.83, मोरबी 69.95, राजकोट 60.63, वलसाड़ 69.40, सूरत 62.23, सुरेन्द्रनगर 62.84 और सबसे कम बोटाद 57.59 प्रतिशत मतदान हुआ है। पोस्टल बैलेट वोटिंग (डाक मतपत्र से मतदान) के आंकड़े शामिल नहीं हैं। इससे मतदान प्रतिशत बढ़ने की संभावना है।

    उन्होंने बताया कि कड़ी सुरक्षा के बीच पहले चरण का मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली थी। पिछले चुनाव में वर्ष 2017 में इन्ही क्षेत्रों में 89 सीटों पर हुए पहले चरण के मतदान में 66.79 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इस बार पिछली बार से करीब तीन प्रतिशत कम मतदान हुआ है। राज्य के 33 जिलों की कुल 182 विधानसभा सीटों के लिये दो चरणों में मतदान होना है। राज्य के 89 सीटों पर पहले चरण में एक दिसंबर को 63.31 प्रतिशत हो गया और शेष 93 सीटों पर पांच दिसंबर को दूसरे चरण में मतदान होगा। पहले चरण के लिए 70 महिलाओं सहित 788 और दूसरे चरण के लिए 69 महिलाओं 833 सहित कुल 1621 प्रत्याशी मैदान में रह गये हैं। दोनों चरणों के मतदान की गणना एक साथ आठ दिसंबर को और मतदान की प्रक्रिया 10 दिसंबर को पूरी कर ली जाएगी। हिमाचल प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव की मतगणना भी आठ दिसंबर को ही होनी है।

  • हाईकोर्ट ने राजनीतिक दलों से पूछा कि क्यो न लगा दी जाए जातीय रैलियों पर  पूर्ण पाबंदी

    हाईकोर्ट ने राजनीतिक दलों से पूछा कि क्यो न लगा दी जाए जातीय रैलियों पर  पूर्ण पाबंदी

     

    प्रयागराज : इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख राजनीतिक दलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि राज्य में जाति आधारित रैलियों पर हमेशा के लिए पूर्ण प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए और उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग को उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं करनी चाहिए। नौ साल पहले पारित अपने अंतरिम आदेश पर कोई कार्रवाई नहीं होने के बाद अदालत ने नए नोटिस जारी किए। मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने वकील मोतीलाल यादव द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर आदेश पारित किया, जिसमें उत्तर प्रदेश में जाति आधारित रैलियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी।

    बेंच ने अपने आदेश में सुनवाई की अगली तारीख 15 दिसंबर तय करते हुए इस मुद्दे पर जवाब देने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त को नोटिस भी जारी किया है। इसी जनहित याचिका पर 11 जुलाई 2013 को सुनवाई करते हुए पीठ ने राज्य में जाति आधारित रैलियों के आयोजन पर अंतरिम रोक लगा दी थी। हालांकि, नौ साल बाद भी न तो चारों पक्षों में से किसी ने और न ही सीईसी के कार्यालय ने उन्हें जारी किए गए उच्च न्यायालय के नोटिसों पर अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत की।

    इस पर चिंता व्यक्त करते हुए पीठ ने राजनीतिक दलों और मुख्य चुनाव आयुक्त को 15 दिसंबर तक अपना जवाब दाखिल करने के लिए नए नोटिस जारी किए हैं। अपने 2013 के आदेश में न्यायमूर्ति उमा नाथ सिंह और न्यायमूर्ति महेंद्र दयाल की पीठ ने कहा था, जाति-आधारित रैलियां आयोजित करने की अप्रतिबंधित स्वतंत्रता, पूरी तरह से नापसंद है और आधुनिक पीढ़ी की समझ से परे है। ऐसा आयोजन कानून के शासन को नकारने और नागरिकों को मौलिक अधिकारों से वंचित करने का कार्य होगा।

    पीठ ने तब यह भी कहा था, राजनीतिकरण के माध्यम से जाति व्यवस्था में राजनीतिक आधार की तलाश करने के उनके प्रयास में, ऐसा प्रतीत होता है कि राजनीतिक दलों ने सामाजिक ताने-बाने और सामंजस्य को गंभीर रूप से बिगाड़ दिया है। इसके परिणामस्वरूप सामाजिक विखंडन हुआ है। याचिकाकर्ता ने कहा था कि जातीय अल्पसंख्यक, बहुसंख्यक समूहों के वोटों को लुभाने के लिए डिजाइन किए गए राजनीतिक दलों की ऐसी अलोकतांत्रिक गतिविधियों के कारण अपने ही देश में द्वितीय श्रेणी के नागरिकों की श्रेणी में आ गए हैं।

  • जानें किस देश ने कही ये बात “मुझे PM मोदी पर भरोसा” दुनिया में शांति के लिए देशों को लाएंगे एक साथ

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    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि वह भारत की G20 की अध्यक्षता के दौरान अपने दोस्त प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करने के लिए उत्सुक हैं.

    India G20 Presidency: मुझे PM मोदी पर भरोसा...दुनिया में शांति के लिए देशों को लाएंगे साथ- फ्रांसीसी राष्ट्रपति

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन.

    Image Credit Source: PTI

    भारत ने 1 दिसंबर को औपचारिक रूप से इंडोनेशिया से G20 ग्रुप की अध्यक्षता ग्रहण कर ली. G20 शिखर सम्मेलन अगले साल 9 और 10 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जिसमें समूह के देशों के शीर्ष नेता शिरकत करेंगे. भारत द्वारा G20 ग्रुप की अध्यक्षता संभालने के बाद तमाम देशों ने उम्मीद जताई है कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में होने वाला G20 समिट निर्णायक साबित होगा. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा दिखाया और कहा कि दुनिया में शांति और स्थिरता लाने के लिए वो सबको एकजुट करने में सफल होंगे.

    इमैनुएल मैक्रॉन ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य. भारत ने G20 की अध्यक्षता संभाल ली है. मुझे विश्वास है कि मेरे दोस्त नरेंद्र मोदी दुनिया में शांति और स्थिरता लाने के लिए हम सबको एक साथ लाएंगे.’ मालूम हो कि भारत ने जी20 के लिए ‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की थीम रखी है. इमैनुएल मैक्रॉन से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि वह भारत की जी20 की अध्यक्षता के दौरान अपने दोस्त प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करने के लिए उत्सुक हैं.

     

    भारत-अमेरिका मजबूत पार्टनर्स- बाइडेन

    बाइडेन ने शुक्रवार को ट्विटर पर कहा था, ‘भारत अमेरिका का एक मजबूत पार्टनर हैं. मैं भारत की जी20 अध्यक्षता के दौरान अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करने के लिए उत्साहित हूं.’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देश जलवायु, ऊर्जा और खाद्य संकट जैसी साझा चुनौतियों से निपटते हुए सतत और समावेशी विकास को आगे बढ़ाएंगे. उन्होंने कहा, ‘भारत की जी-20 प्राथमिकताओं को न केवल हमारे जी-20 भागीदारों, बल्कि दुनिया के दक्षिणी हिस्से के हमारे साथी देशों के परामर्श से आकार दिया जाएगा, जिनकी आवाज अक्सर अनसुनी कर दी जाती है.’

    भारत मुश्किल समय में कई देशों के साथ खड़ा रहा

    वहीं, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को कहा कि दुनिया भारत को उन देशों की आवाज के रूप में देखती है, जो बदलती वैश्विक व्यवस्था में पीछे छूट गए हैं. बिरला ने कहा कि भारत ने कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान 150 से अधिक देशों को कोरोना वैक्सीन और बाकी मदद उपलब्ध कराकर यह सम्मान हासिल किया है. उन्होंने कहा कि “वसुधैव कुटुंबकम” का इससे बड़ा उदाहरण और क्या हो सकता है. भारत ने न सिर्फ अपने लोगों की परवाह की, बल्कि जरूरत के समय में अन्य देशों के साथ भी खड़ा रहा.’ बता दें कि जी20 ग्रुप में भारत के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, अर्जेंटीना, ब्राजील, ब्रिटेन, चीन, कनाडा, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, फ्रांस, इटली, इंडोनेशिया, जर्मनी, मैक्सिको, जापान, रूस, सऊदी अरब और तुर्की शामिल हैं.