Category: POLITICAL

  • भारत की बढ़ती ताकत; कतर से सुरक्षित लौटे पूर्व नौसैनिकों ने कही दिल की बात

    भारत की बढ़ती ताकत; कतर से सुरक्षित लौटे पूर्व नौसैनिकों ने कही दिल की बात

     

    28 दिसंबर, साल 2023 को कतर की एक अदालत ने 8 पूर्व भारतीय नौसेना कर्मियों को जासूसी के आरोप में मौत की सजा सुना दी थी. सजा का फैसला हो जाने के बाद से पीएम मोदी ने व्यक्तिगत तौर पर इस मामले पर बात की, जिसके बाद से इन सभी को रिहा कर दिया गया. 7 नौसेना कर्मी भारत वापस आ गए हैं. इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी. सभी नौसैनिकों ने पीएम को आभार व्यक्त कर धन्यवाद दिया है.

    'पीएम मोदी ने किया मुमकिन', कतर से सुरक्षित लौटे पूर्व नौसैनिकों ने कही दिल की बात

    पूर्व भारतीय नौसेना कर्मी

    कतर में लंबे समय से सजा काट रहे पूर्व भारतीय नौसेना कर्मी सुरक्षित वापस भारत लोट आए हैं. इन सभी कर्मियों की संख्या 8 थी, जिनमें से 7 नौसैनिक वापस आ गए हैं. इस बात की जानकारी विदेश मंत्रालय ने दी. अपने देश वापस आने के बाद मीडिया ने उनसे बातचीत की. बातचीत के दौरान सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आभार व्यक्त किया है.

    साल 2022 में जासूसी के आरोप में इन आठ नौसेनिकों को गिरफ्तार कर लिया गया था, जिसके बाद पिछले साल यानी साल 2023 में उन सभी को कतर कोर्ट ने फांसी की सजा सुना दी थी. भारत सरकार के अपील के बाद इन सब की सजा माफ हुई और अब वह सब सुरक्षित भारत वापस आ गए हैं. वापस आने के बाद सभी नौसेनिकों के चेहरे पर खुशी के साथ सुकून देखने को मिला. सभी ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया. वापस लौटे नौसेनिकों में से एक ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हम सभी ने घर वापस लौटने के लिए 18 महीनों का इंतजार किया है और हमारे वापस आने का पूरा श्रेय उन्होंने पीएम को दिया है. उन सभी में से एक अन्य नौसैनिक का कहा, “हम सभी पीएम के आभारी है, उनके ना होने पर यह संभव नहीं हो पाता. हमारा सुरक्षित वापस आना उनके व्यक्तिगत हस्तक्षेप और कतर के साथ उनके समीकरण के बिना संभव नहीं हो पाता.”

  • लोकसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र में कांग्रेस को लगा एक और बड़ा झटका, अब पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने भी दिया इस्तीफा

    लोकसभा चुनाव से पहले महाराष्ट्र में कांग्रेस को लगा एक और बड़ा झटका, अब पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने भी दिया इस्तीफा

    मुंबई : कांग्रेस को लोकसभा चुनाव से पहले एक और बड़ा झटका लगा है। खबर है कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता अशोक चव्हाण ने इस्तीफा दे दिया है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो सकते हैं। लोकसभा चुनाव से पहले अशोक चव्हाण जैसे दिग्गज कांग्रेसी का इस्तीफा पार्टी के लिए बड़ा झटका कहा जा रहा है। क्योंकि न सिर्फ लोकसभा चुनाव की तैयारी में कांग्रेस को महाराष्ट्र में झटका लगा है बल्कि इसी साल महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव भी होना है।

    महाराष्ट्र कांग्रेस के लिए लोकसभा और विधानसभा दोनों लिहाज से महत्वपूर्ण है। चूंकि महाराष्ट्र में कांग्रेस की सरकार लंबे वक्त तक रही है। कांग्रेस के पास वहां अपना आधार है। लेकिन बड़े नेताओं के छिटकने से कांग्रेस का आधार भी डगमगा सकता है। इसके अलावा लोकसभा में महाराष्ट्र से 48 सीटें हैं, जो यूपी के बाद सबसे अधिक हैं। इस लिहाज से भी कांग्रेस के लिए अशोक चव्हाण का छोड़ना बड़ा झटका हो सकता है।

    चव्हाण से पहले मुंबई कांग्रेस के बड़े नेता और गांधी परिवार के करीबी मिलिंद देवड़ा भी इस्तीफा दे चुके हैं। कुछ दिनों पहले ही महाराष्ट्र सरकार में पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी ने भी कांग्रेस को अलविदा कह दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर से भी मुलाकात की थी। कहा जा रहा है कि वह विधायक पद से इस्तीफा देने के लिए ही नार्वेकर से मिलने पहुंचे थे। खबरें हैं कि वरिष्ठ नेता चव्हाण कुछ समय से कांग्रेस से नाराज चल रहे थे। खास बात है कि महाराष्ट्र में 2024 में ही विधानसभा चुनाव भी होने हैं।

  • किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन की तैयारी को देखते हुए अब किसानों से मिलेंगे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

     किसानों द्वारा विरोध प्रदर्शन की तैयारी को देखते हुए अब किसानों से मिलेंगे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

    चंडीगढ़ : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पंजाब और हरियाणा के किसानों के व्यापक विरोध प्रदर्शन को देखते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सहित तीन केंद्रीय मंत्री किसानों के मौजूदा समस्या का निपटारा करने के लिए सोमवार को चंडीगढ़ में किसान संगठनों से मिलेंगे। इससे पहले 8 फरवरी को इस विषय पर विस्तृत वार्ता हुई थी।

    बता दें कि किसान केंद्र सरकार द्वारा किए गए वादों को पूरा करने की मांग साल 2021 से कर रहे हैं। दरअसल, सरकार ने किसानों से तीन वादे किए थे, जिसमें फसलों पर ‘न्यूनतम समर्थन मूल्य’, ‘स्वामीनाथन कमीशन’ की सिफारिशों को लागू करना, ‘कृषि ऋण माफी’ और पुलिस द्वारा दर्ज केसों को वापस लेना शामिल है, लेकिन अभी तक इन मांगों को पूरा नहीं किया गया है, जिसे ध्यान में रखते हुए अब किसानों ने दिल्ली कूच का फैसला किया है।

    अब अपनी इन्हीं मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले लगभग 200 किसान संगठन आगामी मंगलवार को ‘दिल्ली चलो अभियान’ की शुरुआत करेंगे। वहीं, पीयूष गोयल के अलावा अन्य केंद्रीय मंत्री भी किसान संगठनों से मुलाकात करेंगे, जिसमें कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय शामिल हैंं। इससे पहले भी केंद्रीय मंत्रियों की किसानों संग मुलाकात हुई थी, जिसमें पंजाब के सीएम भगवंंत मान ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई थी।

    भारतीय किसान यूनियन के नेता जगजीत सिंह डल्लेव ने कहा, अभी हम प्रदर्शन, मार्च और मांगों को लेकर बनाई गई योजनाओं पर कायम हैं। इस बीच किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिसबलों की तैनाती कर दी गई है। सोमवार को यात्रियों को हरियाणा में प्रवेश करने के लिए गांव वाले रूट का इस्तेमाल करना होगा। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, किसानों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के सभी पर्याप्त इंतजाम कर लिए गए हैं, ताकि कोई भी अप्रिय घटना ना घट सकें।

    वहीं, पंजाब-हरियाणा की सीमाओं पर बैरिकेड, कंटीले तार और लोहे की कील लगा दिए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति ना घटे। हालांकि, ट्रैफिक जाम की समस्या देखने को मिल रही है। वहीं, सभी संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में अर्धसैनिकों बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना ना घट सके।

    बता दें कि किसानों ने पटियाला के शम्भू बॉर्डर सेे हरियाणा में घुसने की योजना बनाई है। हालांकि, हरियाणा पुलिस ने सभी सीमाओं को बंद कर दिया है।दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए सिंघू, गाज़ीपुर और टिकरी बॉर्डर पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

  • किसान आंदोलन एक बार फिर से हुआ तेज ; विरोध प्रदर्शन से पहले हरियाणा में भारी सुरक्षा, यातायात में बड़े पैमाने पर बदलाव

    किसान आंदोलन एक बार फिर से हुआ तेज ; विरोध प्रदर्शन से पहले हरियाणा में भारी सुरक्षा, यातायात में बड़े पैमाने पर बदलाव

    चंडीगढ़ : 13 फरवरी को राष्ट्रीय राजधानी में किसानों के विरोध मार्च से पहले हरियाणा में प्रवेश बिंदुओं पर भारी सुरक्षा व्‍यवस्‍था और यातायात परिवर्तन ने सोमवार को यात्रियों की आवाजाही को बुरी तरह प्रभावित किया। लगभग सभी राष्ट्रीय राजमार्गों और प्रमुख सड़कों पर पुलिस की तैनाती के बीच, यात्रियों ने अपनी आगे की यात्रा के लिए हरियाणा में प्रवेश करने के लिए गाँव के मार्गों को चुना।

    यहां एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए हरियाणा में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

    बैरिकेड्स, बोल्डर, रेत से भरे टिप्पर और कंटीले तारों और लोहे की कीलें लगाकर पंजाब-हरियाणा सीमाओं को सील करने से भारी ट्रैफिक जाम के साथ वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ा है। अप्रिय घटनाओं को रोकने के लिए अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है.

    पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में 60 दिनों के लिए शहर में सीआरपीसी की धारा 144 लागू कर दी गई है।

    दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए सिंघू, गाज़ीपुर और टिकरी बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

    कई किसान संघों, जिनमें ज्यादातर उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब से हैं, ने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है।

    2021 में निरस्त किए गए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन वापस लेने पर सहमति के बाद से यह किसानों द्वारा किया गया दूसरा सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन है।

    एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी के अलावा, किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने, कृषि ऋण माफी और पुलिस मामलों को वापस लेने के अलावा, लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों के लिए “न्याय” की भी मांग कर रहे हैं।

    हरियाणा के अंबाला, जिंद, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में स्थानीय अधिकारियों ने पंजाब की सीमाओं पर लगभग सभी प्रवेश बिंदुओं को बड़ी कंक्रीट की दीवारें खड़ी करके सील कर दिया है।

    कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए 13 फरवरी को अंबाला, कुरूक्षेत्र, कैथल, जिंद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में रात 11.59 बजे तक मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहेंगी।

    सरकार ने यात्रियों को दिल्ली-चंडीगढ़ राजमार्ग न लेने की सलाह दी है।

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम को दी 11,600 करोड़ की सौगात, कामाख्या मंदिर कॉरिडोर सहित कई प्रोजेक्ट की रखी आधारशिला

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम को दी 11,600 करोड़ की सौगात, कामाख्या मंदिर कॉरिडोर सहित कई प्रोजेक्ट की रखी आधारशिला

     

    नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज असम दौरे पर हैं। यहां पीएम मोदी गुवाहाटी के खानापारा वेटनरी फील्ड में पहुंचे। यहां पीएम ने मां कामाख्या मंदिर कॉरिडोर समेत असम में 11 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया। इसे महाकाल और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तरह 498 करोड़ रुपए खर्च कर डेवलप किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा- अयोध्या में 22 जनवरी को श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन के बाद मैं अब यहां मां कामाख्या के द्वार पर आया हूं। आज मुझे यहां मां कामाख्या दिव्यलोक परियोजना का शिलान्यास करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

    PM मोदी ने कहा, इस बजट में एक बहुत बड़ी योजना की घोषणा हुई है। बीते 10 वर्षों तक हमने हर घर तक बिजली पहुंचाने का अभियान चलाया, अब हम बिजली का बिल जीरो करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। बजट में सरकार ने रूफटॉप सोलर की योजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत शुरुआत में सरकार 1 करोड़ परिवारों को रूफटॉप सोलर लगाने में मदद करेगी। इससे उनका बिल भी जीरो होगा, साथ ही सामान्य परिवार अपने घर पर बिजली पैदा कर उसे बेचकर कमाई भी करेगा।

    10 सालों में देश में रिकॉर्ड संख्या में कॉलेज, युनिवर्सिटी बनें
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, बीते कुछ दिनों में मुझे देश के अनेक तीर्थों की यात्रा करने का अवसर मिला है। अयोध्या में भव्य आयोजन के बाद मैं अब यहां मां कामाख्या के द्वार पर आया हूं। आज मुझे यहां मां कामाख्या दिव्य लोक परियोजना का शिलान्यास करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। असम में आस्था, अध्यात्म और इतिहास से जुड़े सभी स्थानों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जा रहा है। विरासत को संजोने के इस अभियान के साथ ही विकास का अभियान भी तेजी से चल रहा है। बीते 10 वर्षों को देखें तो हमने देश में रिकॉर्ड संख्या में कॉलेज, युनिवर्सिटी बनाए हैं।

    10 साल में परिस्थितियां बदली
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आप भी जानते हैं कि 10 साल पहले असम समेत पूरे पूर्वोत्तर में क्या स्थिति थी। पूरे पूर्वोत्तर में रेल यात्रा और हवाई यात्रा बहुत ही सीमित थी। एक राज्य से दूसरे राज्य में आना-जाना तो छोड़िए, एक जिले से दूसरे जिले में आने-जाने में भी कई घंटे लग जाते थे। इन सारी परिस्थितियों को आज भाजपा की डबल इंजन सरकार ने, NDA की सरकार ने बदला है। हमारे तीर्थ, हमारे मंदिर, हमारे आस्था के स्थान सिर्फ दर्शन करने के स्थल नहीं है, ये हज़ारों वर्षों की हमारी सभ्यता की यात्रा की निशानियां हैं। दुर्भाग्य से आजादी के बाद जिन्होंने लंबे समय तक देश में सरकार चलाई वे भी आस्था के इन पवित्र स्थानों का महत्व समझ नहीं पाए। उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए अपनी ही संस्कृति, अतीत पर शर्मिंदा होने का एक ट्रेंड बना दिया था। कोई भी देश अपने अतीत को ऐसे भूलकर, अपनी जड़ो को काटकर विकसित नहीं हो सकता।”

    हर घर बिजली पहुंचाने का चलाया अभियान
    PM मोदी ने कहा, इस बजट में एक बहुत बड़ी योजना की घोषणा हुई है। बीते 10 वर्षों तक हमने हर घर तक बिजली पहुंचाने का अभियान चलाया, अब हम बिजली का बिल जीरो करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। बजट में सरकार ने रूफटॉप सोलर की योजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत शुरुआत में सरकार 1 करोड़ परिवारों को रूफटॉप सोलर लगाने में मदद करेगी। इससे उनका बिल भी जीरो होगा, साथ ही सामान्य परिवार अपने घर पर बिजली पैदा कर उसे बेचकर कमाई भी करेगा।

  • विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप के बाद केजरीवाल और मंत्री आतिशी की बढ़ीं मुश्किलें, दिल्ली पुलिस इस मामले में देगी नोटिस

      विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप के बाद केजरीवाल और मंत्री आतिशी की बढ़ीं मुश्किलें, दिल्ली पुलिस इस मामले में देगी नोटिस

     

    नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) के कुछ विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का प्रयास करने संबंधी अरविंद केजरीवाल के दावे की जांच के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री कार्यालय को नोटिस सर्व किया है। वहीं क्राइम ब्रांच की टीम आज मंत्री आतिशी के घर भी नोटिस देने जाएगी। दिल्ली पुलिस ने सीएम ऑफिस को जो नोटिस सर्व किया है उसमें तीन सवालों के जवाब पूछे गए हैं, जिनमें कहा गया है- 1-जो आरोप लगाए हैं उसका सबूत दीजिए, 2- सात विधायकों के नाम बताइए और 3- जो सबूत हैं वो दीजिए, ताकि जांच की जा सके।

    Delhi Police will give notice to AAP minister Atishi : दिल्ली क्राइम ब्रांच की एक टीम मंत्री आतिशी के घर भी पहुंची, लेकिन पता चला कि वह चंडीगढ़ में हैं। इसलिए दिल्ली पुलिस उनके घर नहीं पहुंची। अब टीम आज आतिशी के घर जाएगी। दिल्ली क्राइम ब्रांच के अधिकारी शुक्रवार को केजरीवाल को नोटिस देने के लिए उनके आवास पर पहुंचे, लेकिन वह मौजूद नहीं थे।

    केजरीवाल ने कुछ दिन पहले आरोप लगाया था कि आप के सात विधायकों से संपर्क किया गया और उनमें से प्रत्येक को दलबदल करने के लिए 25 करोड़ रुपये की पेशकश की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि कथित शराब घोटाले में उन्हें गिरफ्तार करने और दिल्ली में उनकी सरकार को गिराने की साजिश रची जा रही है।

    अरविंद केजरीवाल ने आगे लिखा था, ‘हमारे सभी MLA भी मजबूती से साथ हैं। इस बार भी ये लोग अपने नापाक इरादों में फेल होंगे। ये लोग जानते हैं कि दिल्ली की जनता के लिए हमारी सरकार ने कितने काम किए हैं। इनकी पैदा की गयी तमाम अड़चनों के बावजूद हमने इतने काम किए हैं। दिल्ली की जनता AAP से बेइंतहा प्यार करती है। इसलिए चुनावों में AAP को हराना इनके बस की बात नहीं। तो एक फर्जी शराब घोटाले के बहाने गिरफ्तार करके सरकार गिराना चाहते हैं।

  • भारत के बजट में सरकार ने सेना के लिए बनाया कुछ ऐसा प्लान,जिससे तिलमिला उठे ये देश

    भारत के बजट में सरकार ने सेना के लिए बनाया कुछ ऐसा प्लान,जिससे तिलमिला उठे ये देश

     

    वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कुल रक्षा बजट 6.2 लाख करोड़ रुपए है, जिसमें 1.41 लाख करोड़ रुपए की डिफेंस पेंशन भी शामिल है – जो पिछले वित्त वर्ष में आवंटित 5.94 लाख करोड़ रुपए से केवल 4.3 फीसदी ज्यादा है. खास बात तो ये है कि इस बार डिफेंस बजट की देश के कुल बजट में 13.04 फीसदी हिस्सेदारी होने वाली है.

    भारत का बजट देख पाक और चीन हुए परेशान, सरकार ने सेना के लिए बनाया कुछ ऐसा प्लान

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने अंत​रिम बजट में सेना को मजबूत करने के लिए डिफेंस में इजाफा किया है. इस बजट को देखकर चीन और पाकिस्तान भी सकते में आ गए हैं. ये बढ़ोतरी 6.17 फीसदी की गई है. वास्तव में ईस्टर्न लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल यानी एलएसी पर चीन के साथ चल रहे गतिरोध और पिछले साल जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों पर कई आतंकी हमलों की वजह से फैसला लिया गया है.

    इसके अलावा, आले वाले वित्त वर्ष के रक्षा बजट में सेना, नौसेना और भारतीय वायु सेना को कितना बजट ऐलोकेट किया ​गया है, इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है. वित्त वर्ष 2024-25 के लिए कुल रक्षा बजट 6.2 लाख करोड़ रुपए है, जिसमें 1.41 लाख करोड़ रुपए की डिफेंस पेंशन भी शामिल है – जो पिछले वित्त वर्ष में आवंटित 5.94 लाख करोड़ रुपए से केवल 4.3 फीसदी ज्यादा है. खास बात तो ये है कि इस बार डिफेंस बजट की देश के कुल बजट में 13.04 फीसदी हिस्सेदारी होने वाली है.

    डिफेंस में इनोवेशन में जोर

    अपने बजट भाषण में, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने टेक सेवी यूथ या कंपनियों को डीप टेक्नोलॉजी के लिए लांग टर्म लोन देने की घोषणा की है. इसके लिए सरकार ने एक लाख करोड़ रुपए के कोष का ऐलान किया है. साथ ही डिफेंस सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-अप को टैक्स बेनिफिट दिया है. 2024-25 के लिए तीनों डिफेंस सर्विसेज के लिए कैपिटल बजट ऐलोकेशन 1.72 लाख करोड़ रुपए है – जो पिछले वित्त वर्ष में 1.62 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा है. सूत्रों के अनुसार, डिफेंस बजट में मामूली इजाफे का प्रमुख कारण आर्म्ड फोर्सेस द्वारा लिमिटेड नए कांट्रैक्ट पर साइन करना और शेड्यूल पेमेंट और डिलिवरी में कमी है. यह 2023-24 के कैपिटल बजट के 1.57 लाख करोड़ रुपए के रिवाइज्ड एस्टीमेट में भी रिफ्लेक्ट हो रहा है, जो वित्तीय वर्ष में आवंटित 1.62 लाख करोड़ रुपए से कम था.

    डिफेंस का ओवरऑल रेवेन्यू बजट

    रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस बजट से मौजूदा एसयू-30 बेड़े को और बड़ा किया जाएगा. साथ ही मौजूदा मिग-29 के लिए एडवांस इंजन का अधिग्रहण, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी-295 और मिसाइल सिस्टम के अधिग्रहण को फंड किया जाएगा. जानकारी के अनुसार डेक-बेस्ड फाइटर प्लेन, सबमरी, जेन नेक्स्ट के सर्वे वेसल्स जैसे प्रोजेक्ट्स को पूरा किया जाएगा. यहां तक ​​कि डिफेंस का ओवरऑल रेवेन्यू बजट, जिसमें आर्म्ड फोर्सेस की सैलरी और अलाउंस के साथ फ्यूल, गोला-बारूद और असेट्स के मेंटेनेंस का खर्च भी शामिल है.

    इन तमाम चीजों के लिए 2.82 लाख करोड़ रुपए का बजट ऐलोकेट किया गया है. जो पिछले वित्त वर्ष में 2.7 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा थोड़ा ज्यादा है. इसमें तीनों सेनाओं के तहत अग्निपथ योजना के लिए 5,979 करोड़ रुपए का आवंटन भी शामिल है. रक्षा मंत्रालय ने कहा कि सैलरी से अलग रेवेन्यू एक्सपेंडिचर के लिए 92,088 करोड़ रुपए तय किया गया है, जोकि वित्त वर्ष 2022-23 के मुकाबले 48 फीसदी ज्यादा है.

  • चंडीगढ़ मेयर चुनाव की धांधली का आरोप लगाते हुए दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री मान ने कहा भाजपा का बस चले तो चुनाव ही न होने दें

    चंडीगढ़ मेयर चुनाव की धांधली का आरोप लगाते हुए दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री मान ने कहा भाजपा का बस चले तो चुनाव ही न होने दें

     
     0 

    नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज)-चंडीगढ़ मेयर चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाकर आम आदमी पार्टी दिल्ली में भाजपा मुख्यालय पर हल्ला बोल रही है। इस दौरान आप वर्करों ने भाजपा हेडक्वार्टर की तरफ कूच किया, जिनको पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर रोक लिया। इसके बाद आप के वर्करों और दिल्ली पुलिस में धक्कामुक्की हुई। नेताओं और वर्करों को हिरासत में लिया जा रहा है। प्रदर्शन के दाैरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “इनका(भाजपा) बस चले तो चुनाव ही ना होने दें और अगर कोर्ट के जरिए हमने चुनाव करवा भी लिए तो उसका निर्णय ऐसे ही होगा… फिर इतना पैसा क्यों खर्च किया जाता है? देश में चुनाव करवाने के लिए सीधा ही तानाशाही करार कर दी जाए… अगर 2024 में किसी तरह ये(भाजपा) आ गए तो नरेंद्र मोदी का नाम नरेंद्र मोदी नहीं रहेगा बल्कि नरेंद्र पुतिन बन जाएगा…।”

    दिल्ली में बीजेपी भी केजरीवाल के खिलाफ सड़कों पर उतरी। बीजेपी ईडी की तरफ से समन के बाद पेश नहीं होने को लेकर विरोध कर रही है।

  • मोदी सरकार ने डिफेंस बजट  को बढ़ाकर 6.21 लाख करोड़ रुपए किया, पिछले साल के मुकाबले 27 हजार करोड़ का इजाफा

     

    नई दिल्ली : सरकार ने गुरुवार को 2024-25 के अंतरिम बजट में रक्षा बजट बढ़ाकर 6.21 लाख करोड़ रुपये कर दिया, जो पिछले वित्त वर्ष के 5.94 लाख करोड़ रुपये के आवंटन से 4.72 प्रतिशत अधिक है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा गुरुवार को संसद में पेश बजट में 13 प्रतिशत से अधिक का आवंटन रक्षा मंत्रालय को किया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बढ़े हुए बजटीय आवंटन से सशस्त्र बलों को अत्याधुनिक, विशिष्ट प्रौद्योगिकी वाले घातक हथियारों, लड़ाकू विमानों, जहाजों, प्लेटफार्मों, मानव रहित हवाई वाहनों, ड्रोन और विशेषज्ञ वाहनों सहित अन्य से लैस करने में सुविधा होगी।

    मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि मौजूदा सुखोई-30 बेड़े के नियोजित आधुनिकीकरण के साथ-साथ विमानों की अतिरिक्त खरीद, मौजूदा मिग-29 के लिए उन्नत इंजनों का अधिग्रहण, परिवहन विमान सी-295 और मिसाइल प्रणालियों के अधिग्रहण को आवंटित बजट से वित्त पोषित किया जाएगा।

    इसके अलावा, ‘मेक इन इंडिया’ की पहल को आगे बढ़ाने के लिए, घरेलू उत्पादन में अत्याधुनिक तकनीक सुनिश्चित करने के लिए एलसीए एमके-1 आईओसी/एफओसी कॉन्फ़िगरेशन को अतिरिक्त रूप से वित्त पोषित किया जाएगा। मंत्रालय ने कहा, भारतीय नौसेना की परियोजनाएं जैसे जहाज पर उतरने वाले लड़ाकू विमानों, पनडुब्बियों, अगली पीढ़ी के सर्वेक्षण जहाजों आदि की खरीद इस आवंटन के माध्यम से पूरी की जाएगी।

    मंत्रालय ने कहा कि आवंटन का बड़ा हिस्सा देश को घरेलू स्तर पर निर्मित अगली पीढ़ी की हथियार प्रणाली प्रदान करने के लिए घरेलू स्रोतों के माध्यम से खरीद के लिए उपयोग किया जाएगा, जिसका जीडीपी पर कई गुना प्रभाव पड़ेगा, रोजगार पैदा होंगे, पूंजी निर्माण सुनिश्चित होगा और घरेलू अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन मिलेगा।

    वित्त वर्ष 2024-25 के लिए रक्षा के लिए बजटीय आवंटन वित्त वर्ष 2022-23 के आवंटन से लगभग एक लाख करोड़ (18.35 प्रतिशत) अधिक है और वित्त वर्ष 23-24 के आवंटन से 4.72 प्रतिशत अधिक है।

    मंत्रालय के कुल आवंटन में से, 27.67 प्रतिशत का एक बड़ा हिस्सा पूंजीगत व्यय के लिए इस्तेमाल होता है, 14.82 प्रतिशत नियमित कार्यों और परिचालन तैयारियों पर राजस्व व्यय के लिए, 30.68 प्रतिशत वेतन और भत्ते के लिए, 22.72 प्रतिशत पेंशन के लिए और 4.11 प्रतिशत नागरिक संगठनों के लिए जाता है। वित्त वर्ष 2024-25 के लिए रक्षा में पूंजीगत व्यय के लिए बजटीय आवंटन 1.72 लाख करोड़ रुपये है जो वित्त वर्ष 22-23 के वास्तविक व्यय से 20.33 प्रतिशत अधिक है और वित्त वर्ष 23-24 के संशोधित आवंटन से 9.40 प्रतिशत अधिक है।

    मंत्रालय ने कहा कि यह आवंटन तीनों सेनाओं की दीर्घकालिक एकीकृत परिप्रेक्ष्य योजना (एलटीआईपीपी) के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य वित्त वर्ष 2024-25 में कुछ बड़े अधिग्रहणों को मूर्त रूप देकर सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के माध्यम से महत्वपूर्ण क्षमता अंतराल को भरना है।

  • रेल रोको आंदोलन की घोषणा के बाद आज ट्रेन रोकने करने जा रहे एमपी सिमरनजीत मान नजरबंद

    रेल रोको आंदोलन की घोषणा के बाद आज ट्रेन रोकने करने जा रहे एमपी सिमरनजीत मान नजरबंद

     

    फतेहगढ़ साहिब –संगरूर से सांसद सिमरनजीत सिंह मान को आज पुलिस ने घर में ही नजरबंद कर लिया। उनके आवास के बाहर और आसपास पुलिस फोर्स तैनात कर इलाके को छावनी में बदल दिया गया। किसी को अंदर जाने और बाहर आने की इजाजत नहीं है। दरअसल, सोशल वर्कर व ब्लॉगर भाना सिद्धू की गिरफ्तारी के विरोध में सांसद मान ने 1 फरवरी यानी गुरुवार से धूरी में रेल रोको आंदोलन का ऐलान किया था।