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  • जालंधर : मांगे न मानने पर किसानों ने घेरा भाजपा के पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया का घर, जमकर किया प्रदर्शन

    जालंधर : मांगे न मानने पर किसानों ने घेरा भाजपा के पूर्व मंत्री मनोरंजन कालिया का घर, जमकर किया प्रदर्शन

     

    MBD WEB NEWS जालंधर (सुमेश शर्मा) पिछले कई दिनों से शंभु बॉर्डर में बैठे किसानों की मांगे न मानने से परेशान होकर किसानों ने आज जालंधर में भाजपा के पूर्व कैबिनेट मंत्री मनोरंजन कालिया के घर बाहर धरना लगाया । एस.के.एम. यूनियन द्वारा जमकर प्रदर्शन किया । किसानों ने मनोरंजन कालिया पर आरोप लगाए हैं कि वह किसानों के हक में कोई स्टेंड नहीं ले रहे हैं। सेंट्रल में उनके मुद्दों को नहीं उठा रहे हैं। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस ने मनोरंजन कालिया के आवास के बाहर धरना प्रदर्शन किया था।

    केंद्र सरकार और किसानों के बीच गत दिनों चौथे दौर की बैठक हुई थी जिसमें किसानों को 5 फसलों पर एम.एस.पी. देने की बात पर चर्चा हुई। लेकिन किसानों ने केंद्र के इस प्रस्ताव को इंकार कर दिया। किसानों ने 21 फरवरी को कूच करने का ऐलान किया है। किसानों ने कहा कि वह मनोरंजन कालिया को जगाने आएं है। किसानों ने कहा कि अगर पूर्व भाजपा मंत्री कालिया ने उनकी मांगें सेंट्रल में न उठाई तो वह इसी तरह प्रदर्शन करते रहेंगे।

  • महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण पर लिया बड़ा फैसलाः शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत मराठा आरक्षण के ड्राफ्ट को मंजूरी

    महाराष्ट्र सरकार ने मराठा आरक्षण पर लिया बड़ा फैसलाः शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत मराठा आरक्षण के ड्राफ्ट को मंजूरी

     

     

    मुंबई : महाराष्ट्र कैबिनेट ने शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत मराठा आरक्षण के बिल के मसौदे को मंजूरी दी। पिछले चार दशकों से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए शिंदे सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। मसौदे में सरकार ने उन त्रुटियों को दूर कर लिया है, जिसके आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने मराठा आरक्षण को खारिज कर दिया था। सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा था कि मराठा समाज को टिकाऊ और कानून के दायरे में आरक्षण देने के लिए विधानमंडल का विशेष सत्र आयोजित किया गया।

    इससे पहले मराठा आरक्षण के लिए आंदोलन कर रहे मनोज जरांगे पाटिल ने सोमवार को सभी मराठा विधायकों से अपील की थी कि एकमत से आरक्षण बिल का समर्थन करें। अगर आरश्रण को लेकर विधायकों ने आवाज नहीं उठाई तो समझा जाएगा वे मराठा विरोधी हैं।

    मराठा आरक्षण की मांग करने वाले मनोज जरांगे की मांग है कि सरकार मराठाओं को कुनबी जाति का प्रमाण पत्र जारी करे। असल में कुनबी जाति के लोगों को सरकारी नौकरियों से लेकर शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण मिलता है। अगर मराठाओं को कुनबी जाति का प्रमाण मिलता है तो उन्हें खुद-ब-खुद आरक्षण का फायदा मिल जाएगा।

    आजादी से पहले मराठवाड़ा क्षेत्र हैदराबाद के रियासत का हिस्सा था। मनोज जरांगे ने कहा है कि सितंबर 1948 में निजाम का शासन खत्म होने तक मराठाओं को कुनबी जाति माना जाता था और वो ओबीसी जाति में आते थे। इसलिए मराठाओं को कुनबी जाति में एक बार फिर जोड़ा जाए।

  • किसान आंदोलन : केन्द्र सरकार ने दिया है प्रस्ताव

    किसान आंदोलन : केन्द्र सरकार ने दिया है प्रस्ताव

     

     

    केन्द्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा, वाणिज्य एवं उद्योगमंत्री पीयूष गोयल और केन्द्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय और किसान संगठनों के बीच हुई चौथे दौर की वार्ता की समाप्ति के बाद जो प्रस्ताव केन्द्र सरकार द्वारा किसान संगठनों को दिया गया है उससे समझौते की आशा बनी है।

    पत्रकारों से बात करते हुए केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि किसानों से सकारात्मक चर्चा हुई। हमने दलहन समेत कुछ फसलों पर पांच वर्ष की गारंटी का प्रस्ताव दिया है। किसान नेताओं ने पंजाब में गिरते जलस्तर का मुद्दा उठाया। इस पर हमने प्रस्ताव दिया कि अगर अरहर, उड़द जैसे अनाज को एमएसपी में लाया जाता है तो आयात में कमी आएगी व जल स्तर की भी रिकवरी होगी। किसानों ने मक्का और कपास को भी एमएसपी पर खरीदने की मांग की। हमने कहा कि एनसीसीएफ व नैफेड फसलों को एमएसपी पर खरीदेंगी। यह अनुबंध पांच वर्ष चलेगा। एक पोर्टल बनेगा। इससे किसानों की आमदनी भी बढ़ेगी।

    काटन कारपोरेशन आफ इंडिया भी किसानों से पांच साल का एग्रीमेंट करेगी जो कपास एमएसपी पर खरीदेगी। उन्होंने किसानों से प्रदर्शन खत्म कर घर लौटने की अपील की। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री होने के चलते पंजाब के प्रतिनिधि के तौर पर बैठक में शामिल हुआ। तीन फसलों पर पांच साल तक एमएसपी की लिखित गारंटी देने का प्रस्ताव दिया है। अब निर्णय किसानों को लेना है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि सकारात्मक वार्ता हुई, लेकिन निष्कर्ष अभी बाकी है। केन्द्र ने जो प्रस्ताव दिया है, उस पर हम अपने संगठनों से बात करेंगे। कृषि विशेषज्ञों से भी राय लेंगे। फिर किसान संगठनों से चर्चा करेंगे कि यह किसान हित में है या नहीं। सरकार ने जो प्रस्ताव दिया है, उस पर हम विचार करेंगे। यदि कोई सहमति नहीं बनी तो 21 फरवरी को 11 बजे हम शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली के लिए आगे बढ़ेंगे। सरकार की तरफ से सकारात्मक संकेत दिए गए है। सरकार के अनुसार सरकारी बैंकों का कृषि ऋण माफ हो सकता है, निजी ऋण चुकाना होगा। पिछले आंदोलन में किसानों पर दर्ज 3500 केस वापस हो सकते हैं।

    किसान संगठनों की तरफ से सरकार द्वारा दिए प्रस्ताव पर विचार करने की बात एक सकारात्मक संकेत ही है। सरकार द्वारा दिया प्रस्ताव व्यवहारिक है क्योंकि इससे किसानों को गेहूं और चावल की फसल चक्र से बाहर निकलने का अवसर मिलेगा और आर्थिक सुरक्षा भी बनी रहेगी। प्रस्ताव पंजाब के हित में भी है क्योंकि जब गेहूं और चावल को छोड़ अन्य फसलों की एमएसपी पर खरीद शुरू होगी तो गिरते हुए भू- जलस्तर पर नकेल और भूमि की क्षीण होती उपजाऊ शक्ति भी थम जाएगी।

    सरकार ने किसानों की मुश्किलों को समझते हुए जो प्रस्ताव दिया है उस को किसानों को स्वीकार करते हुए जिन अन्य कठिनाइयों का सामना वह कर रहे हैं उनको लेकर सरकार के साथ अपनी बातचीत जारी रखनी चाहिए। किसानों को यह भी समझना चाहिए कि रास्ता रोकने के कारण पंजाब की अर्थ व्यवस्था पर तत्काल रूप से बुरा प्रभाव तो पड़ ही रहा है अगर धरना जारी रहा तो वर्तमान के साथ-साथ पंजाब का भविष्य भी धूमिल हो जाएगा। क्योंकि धरने और प्रदर्शनों के कारण पंजाब व पंजाबियों की छवि भी बिगड़ रही है।

    पंजाब उद्योग के क्षेत्र में पिछड़ता जा रहा है। धरने और रास्ता रोकने के कारण निवेशक पंजाब में निवेश करने से घबराएगा जिस कारण प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ेगी। इस स्थिति से बचने का एक ही हल है कि प्रस्ताव स्वीकार कर बातचीत जारी रहे। मुख्यमंत्री मान ने बैठक में पंजाब के प्रतिनिधि के रूप में भाग लिया है। उनकी प्राथमिकता पंजाब के हित को सम्मुख रख कर किसानों को टकराव की जगह संवाद की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना ही होनी चाहिए। यह भी पंजाब व पंजाबियों की सेवा ही होगी।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जम्मू के लिए सौगातों का खोला पिटारा 

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जम्मू के लिए सौगातों का खोला पिटारा 

    नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जम्मू के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया। पीएम मोदी ने जम्मू के लिए 32 हजार करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं की घोषणा की। इनमें से कई परियोजनाओं का उद्घाटन और कई का शिलान्यास पीएम मोदी के द्वारा किया गया। पीएम मोदी के द्वारा जम्मू को दी गई सौगातें स्वास्थ्य, शिक्षा, रेल, सड़क, विमानन, पेट्रोलियम के साथ ही नागरिक बुनियादी ढांचे सहित कई क्षेत्रों से जुड़ी हैं।

    इस मौके पर पीएम मोदी ने यहां एक जनसभा को भी संबोधित किया और कहा कि यहां से मेरा 40 साल से भी ज्यादा पुराना रिश्ता रहा है। उन्होंने वहां के लोगों से वादा किया कि जम्मू-कश्मीर को विकसित बनाकर ही मानेंगे। उन्होंने कहा कि एक वो दिन भी थे, जब जम्मू-कश्मीर से सिर्फ निराशा की खबरें आती थीं। बम, बंदूक, अपहरण, अलगाव… ऐसी ही बातें जम्मू-कश्मीर का दुर्भाग्य बना दी गई थीं। लेकिन आज जम्मू-कश्मीर विकसित होने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है।

    पीएम मोदी ने परिवारवाद को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ”जम्मू-कश्मीर बहुत दशकों तक परिवारवाद की राजनीति का शिकार रहा है। परिवारवाद की राजनीति करने वालों ने हमेशा सिर्फ अपना स्वार्थ देखा है, आपके हितों की चिंता नहीं की है और परिवारवाद की राजनीति का सबसे ज्यादा अगर कोई नुकसान उठाता है, तो हमारे युवा उठाते हैं। जो सरकारें सिर्फ एक परिवार को आगे बढ़ाने में जुटी रहती हैं, वो सरकारें अपने राज्य के दूसरे युवाओं का भविष्य ताक पर रख देती हैं। ऐसी परिवारवादी सरकारें युवाओं के लिए योजनाएं बनाने को भी प्राथमिकता नहीं देती। सिर्फ अपने परिवार के बारे में सोचने वाले लोग कभी आपके परिवार की चिंता नहीं करेंगे। मुझे खुशी है कि जम्मू-कश्मीर को इस परिवार राजनीति से मुक्ति मिल रही है।”

    प्रधानमंत्री मोदी ने आगे आर्टिकल 370 का जिक्र करते हुए कहा, “यह 370 की ताकत देखिए, 370 जाने के कारण आज मैंने हिम्मत के साथ देशवासियों को कहा है कि अगले चुनाव में भाजपा को 370 दीजिए और एनडीए को 400 पार कर दीजिए। अब प्रदेश का कोई भी इलाका पीछे नहीं रहेगा, सब मिलकर आगे बढ़ेंगे, यहां जो लोग दशकों तक अभाव में जी रहे थे, उन्हें भी आज सरकार के होने का एहसास हुआ है।”

  • राजनीति के माहिर कमलनाथ बोले- ताउम्र कांग्रेसी रहूंगा

    राजनीति के माहिर कमलनाथ बोले- ताउम्र कांग्रेसी रहूंगा

     

    कमलनाथ और नकुलनाथ के बीजेपी ज्वाइन करने की अटकलों के बीच नई खबर सामने आई है. सांसद सज्जन वर्मा का कहना है कि कमलनाथ ने कांग्रेस नहीं छोड़ रहे. उन्होंने बताया कि कमलनाथ ने खुद मीटिंग में इस बात को कहा है. सांसद सज्जन सिंह ने कहा कि कमलनाथ के जाने का सवाल ही नहीं उठता. जिस आदमी ने कांग्रेस के साथ 40 साल बिताए हैं, वो ऐसे ही आसानी से पार्टी छोड़कर जा नहीं सकते. वो कांग्रेस के ही रहेंगे.

     

    मतभेद थे-मनभेद नहीं...मान गए कमलनाथ, बोले- ताउम्र कांग्रेसी रहूंगा

    कमलनाथ

    मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम कमलनाथ और उनके बेटे नकुलनाथ को लेकर अटकलों का दौर जारी है. इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है. कमलनाथ के आवास पर सांसद सज्जन वर्मा सहित कुछ लोगों की दो घंटे की बैठक चली. सज्जन वर्मा का कहना है कि कमलनाथ ने कांग्रेस नहीं छोड़ रहे. उन्होंने बताया कि कमलनाथ ने खुद मीटिंग में इस बात को कहा है.

    सज्जन वर्मा की मानें तो कमलनाथ ने मीटिंग में साफ तौर पे कहा है कि वो कल भी कांग्रेसी थे, वो आज भी कांग्रेसी हैं और वो ताउम्र कांग्रेस में रहेंगे. कांग्रेस में अंदरूनी मतभेद जरूर था लेकिन मनभेद नहीं है. अब सब सुलझ गया है और वो कांग्रेस को छोड़कर कहीं कहीं नहीं जाएंगे. ऐसे में नकुलनाथ को लेकर जो अटकलें लगाई जा रही थीं, उस पर भी उन्होंने बयान देते हुए कहा कि जब पिता नहीं जाएगा तो बेटा कहां जाएगा कांग्रेस छोड़ के.

    उन्होंने आगे कहा कि जाने का सवाल ही नहीं उठता, जिस आदमी ने कांग्रेस के साथ 40 साल बिताए हैं, वो ऐसे पार्टी छोड़कर जा ही नहीं सकते. वह बहुत जल्दी भोपाल जाकर लोकसभा की तैयारी करेंगे. नुकलनाथ भी कहीं नहीं जाएंगे, वो छिंदवाड़ा से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे. सज्जन वर्मा का कहना है कि कमलनाथ ने कहा है कि वो मीडिया से बात नहीं करेंगे, कहा, मैं अफवाह का जवाब देने नहीं जाऊंगा, पता नहीं कहां से ये अफवाह उठी है.

    बता दें, कमलनाथ के बीजेपी में शामिल होने को लेकर सियासत गर्म है. रविवार को भी पूरे दिन कमलनाथ को लेकर सस्पेंस बना रहा. कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कमलनाथ के बीच बातचीत भी हुई. कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कमलनाथ कांग्रेस में रुके रहें, बेटा नकुल बीजेपी जाए, जिसने ट्विटर बायो से कांग्रेस हटाया, वो कांग्रेस को मंजूर नहीं. हालांकि कांग्रेस ये नहीं चाहती कि कमलनाथ को बीजेपी में जाने दिया जाए, जिससे खराब संदेश जाए.

    कांग्रेस को एहसास है कि गांधी परिवार से रिश्तों के बावजूद दिग्गज कमलनाथ के जाने से डैमेज होगा, इसलिए दिग्विजय सिंह ने मोर्चा संभाला है और कमलनाथ से बात की. उसके बाद कमलनाथ की नाराजगी दूर करते हुए राहुल गांधी से कमलनाथ का संपर्क कराया गया. कांग्रेस का कमलनाथ को साफ संदेश है कि ऐसा नहीं हो सकता कि पिता कांग्रेस में और बेटा समर्थकों के साथ बीजेपी में रहे. सूत्रों का ये भी कहना है कि कमलनाथ परिवार को लेकर बीजेपी ने ऑपरेशन कमल नहीं चलाया.

  • जानें किस जगह आम आदमी पार्टी के तीन पार्षदों ने थामा BJP का दामन

    जानें किस जगह आम आदमी पार्टी के तीन पार्षदों ने थामा BJP का दामन

    चंडीगढ़ : आम आदमी पार्टी को चंडीगढ़ में बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। चंडीगढ़ के तीन आप पार्षदों ने रविवार को भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने आम आदमी पार्टी के इन पार्षदों के भाजपा में शामिल होने की तस्वीरों को शेयर करते हुए एक्स पर पोस्ट कर कहा, ” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याणकारी नीतियों से प्रभावित होकर चंडीगढ़ से आम आदमी पार्टी की पार्षद पूनम देवी, नेहा और गुरचरण काला आज दिल्ली में भाजपा में शामिल हुए।”

    तावड़े ने कहा, “आप ने उनके साथ धोखा किया है, लेकिन भाजपा उन्हें बिना किसी झूठे वादे के उनकी क्षमता के अनुसार न्याय देगी। भाजपा परिवार में आप सभी का स्वागत है। हम साथ मिलकर चंडीगढ़ के नागरिकों की बेहतरी के लिए काम करेंगे।”

    इस मौके पर विनोद तावड़े ने कहा कि तीनों पार्षदों को भाजपा में पूर्ण मान सम्मान मिलेगा और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाएगी। अरूण सूद ने बताया के भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है और मेयर भाजपा का ही रहेगा और चंडीगढ़ भाजपा लोक भलाई की नीतियों के चलते भाजपा का कारवां बढ़ता रहेगा।

  • ओबीसी को लेकर राहुल गांधी ने किया सवाल तो केंद्रीय मंत्री से मिला करारा जवाब

     ओबीसी को लेकर राहुल गांधी ने किया सवाल तो केंद्रीय मंत्री से मिला करारा जवाब

    नई दिल्ली : ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ लेकर उत्तर प्रदेश की अमेठी पहुंचे राहुल गांधी ने ओबीसी समुदाय को लेकर एक बार फिर बयान दिया। केंद्र सरकार को निशाने पर लेते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ”मुझे बताओ कि हाई कोर्ट में कितने दलित, आदिवासी और पिछड़े लोग हैं?”

    उन्होंने इसके साथ ही वहां मौजूद लोगों से कहा कि ”आपके पास साहस नहीं है, आप सभी सो रहे हैं। देशभर के हाई कोर्ट में 650 के करीब न्यायाधीश हैं और आपकी जनसंख्या 73 प्रतिशत है। मुझे बताओ नौकरशाहों में आपके कितने लोग हैं?” इसके बाद राहुल गांधी के सवाल पर किरण रिजिजू ने करारा जवाब दिया। राहुल गांधी ने ऐसा ही बयान ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान प्रयागराज में भी दिया और वह देश की 73 प्रतिशत आबादी को जातिगत जनगणना कराकर उनका हक दिलाने का वादा करते नजर आए थे। खासकर ओबीसी समुदाय को लेकर वह लगातार अपनी यात्राओं में बोल रहे हैं।

    दरअसल, राहुल गांधी पीएम मोदी के ओबीसी होने पर भी सवाल खड़े कर चुके हैं। तब, सरकार की तरफ से उन्हें जवाब दिया गया था। इस बार राहुल गांधी के सवाल पर अरुणाचल प्रदेश से भाजपा सांसद और केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरण रिजिजू ने जवाब देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि आज राहुल गांधी ने फिर कहा कि भारत सरकार में केवल 3 ओबीसी सचिव हैं और ओबीसी न्यायाधीश नगण्य हैं। क्या वह भोले हैं या मूर्ख हैं?

    उन्होंने आगे लिखा कि एक नया आईएएस अधिकारी सीधे सचिव नहीं बन सकता और एक नया वकील सीधे उच्च न्यायालय या सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नहीं बन सकता। अभी सचिवों का वर्तमान बैच आम तौर पर 1992 बैचों से संबंधित है या उससे पहले का है। उस समय, एससी और एसटी के लिए आरक्षित श्रेणियां थीं, लेकिन ओबीसी के लिए नहीं। अखिल भारतीय सेवा (एआईएस) में ओबीसी वर्गीकरण न्यायालय के फैसले के बाद 1995 के बाद आया। जो कोई भी देश में सेवा और सेवा की प्रगति को समझता है वह जानता है कि वरिष्ठता प्राप्त करने में बैच प्रणाली कैसे काम करती है। क्या कांग्रेस पार्टी ने अपने समय में अधिक ओबीसी/एससी/एसटी आईएएस अधिकारियों और एससी/एसटी/ओबीसी न्यायाधीशों को बढ़ावा देने के लिए कुछ किया है?

    रिजिजू ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आगे लिखा कि यह आदमी भारत विरोधी ताकतों के समर्थन से भारतीय समाज को अस्थिर करना और अराजकता पैदा करना चाहता है। लेकिन, भारत की जनता के आशीर्वाद से पीएम नरेंद्र मोदी ‘सबका साथ, सबका विकास’ की भावना के साथ भारत को आगे बढ़ाने की शक्ति पा रहे हैं।

  • बीजेपी का थीम सॉन्ग रिलीज, 6 मिनट के गाने में देखें नए भारत की तस्वीर

    बीजेपी का थीम सॉन्ग रिलीज, 6 मिनट के गाने में देखें नए भारत की तस्वीर

     

     

    बीजेपी के दो दिवसीय अधिवेशन का आज आखिरी दिन है. इस दौरान मोदी सरकार के 10 सालों के कार्यकाल को लेकर बीजेपी ने थीम सॉन्ग रिलीज किया है. इस गाने में नए भारत की तस्वीर के साथ-साथ मोदी सरकार के कामों को दिखाया है. गाने का टाइटल है ‘फिर एक बार मोदी सरकार’. गाने में पूरे भारत की तस्वीर दिखाई गई है. लगभग हर राज्य की भाषा का भी इस्तेमाल भी गाने में किया गया है.

    फिर एक बार मोदी सरकार...बीजेपी का थीम सॉन्ग रिलीज, 6 मिनट के गाने में देखें नए भारत की तस्वीर

    पीएम नरेंद्र मोदी.

    बीजेपी के दो दिवसीय अधिवेशन का आज आखिरी दिन है. इस दौरान मोदी सरकार के 10 सालों के कार्यकाल को लेकर बीजेपी ने थीम सॉन्ग रिलीज किया है. इस गाने में नए भारत की तस्वीर के साथ-साथ मोदी सरकार के कामों को दिखाया है. गाने का टाइटल है ‘फिर एक बार मोदी सरकार’. गाने में पूरे भारत की तस्वीर दिखाई गई है. लगभग हर राज्य की भाषा का भी इस्तेमाल भी गाने में किया गया है.

    6 मिनट के इस गाने की शुरुआत में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज, वृद्धावस्था पेंशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के बारे में जिक्र किया गया है. फिर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना, पीएम किसान योजना, रोहतांग टनल के बारे में जिक्र है. इसके बाद नारी शक्ति को भी गाने के जरिए दिखाया गया है. महिलाओं के लिए मोदी सरकार ने क्या काम किए हैं, उन्हें दिखाया है. कोरोना काल से निपटने के लिए मोदी सरकार ने क्या काम किए. सड़कों-हाईवे को किस तरह डिवलप किया, इस बारे में बताया है. गाने के अगले पार्ट में चंद्रयान-3, राम मंदिर, जी-20 और नए भारत का जिक्र किया गया है.

    भारतीय जनता पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर जनवरी में भी अपना एक थीम सॉन्ग लॉन्च किया था. 25 जनवरी 2024 को लॉन्च किए गए इस थीम सॉन्ग के बोल थे “सपने नहीं, हकीकत बुनते हैं, तभी तो सब मोदी को चुनते हैं.” पार्टी की इस थीम सॉन्ग में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का भी जिक्र किया गया था.

    ‘मोदी फिर से बनेंगे प्रधानमंत्री’

    बता दें, आज अधिवेशन में अमित शाह ने दावा किया पीएम मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मोदी के विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने को लेकर हम यहां से जाएंगे. 2047 में भारत कैसा होगा ये पीएम मोदी का संदेश को लेकर जाएंगे. प्रधानमंत्री ने हर क्षेत्र में विकास किया है. उन्होंने कहा कि 75 वर्ष में इस देश ने 17 लोकसभा चुनाव, 22 सरकारें और 15 प्रधानमंत्री देखें हैं. देश में हर सरकार ने अपने समय पर समयानुकूल विकास करने का प्रयास किया है, लेकिन आज मैं बिना किसी कन्फ्यूजन के कह सकता हूं कि समग्र विकास, हर क्षेत्र का विकास और हर व्यक्ति का विकास करने का काम केवल नरेन्द्र मोदी जी के 10 वर्षों में हुआ है. सरकार ने उन 60 करोड़ गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर करने के लिए काम किया है जो पहले विकास प्रक्रिया से अलग-थलग महसूस करते थे.

    अमित शाह ने कहा कि दलित, आदिवासी और पिछड़े समाज का एक वोटबैंक की तरह कांग्रेस और इंडी अलायंस बहुत उपयोग किया, लेकिन उन्हें पहली बार सम्मान और हिस्सेदारी देने का काम बीजेपी की मोदी सरकार ने किया. मैं आज आप सबके माध्यम से बीजेपी के करोड़ों कार्यकर्ताओं से कहना चाहता हूं कि अगले चुनाव में दो खेमें आमने-सामने हैं.

  • पंजाब सरकार व्यापक योजनाबंदी के साथ से बदलेगी शहरों की रूप-रेखा- बलकार सिंह

    पंजाब सरकार व्यापक योजनाबंदी के साथ से बदलेगी शहरों की रूप-रेखा- बलकार सिंह

     

    पंजाब सरकार व्यापक योजनाबंदी के साथ से बदलेगी शहरों की रूप-रेखा- बलकार सिंह

    स्थानीय निकाय मंत्री द्वारा जालंधर शहर में 3.75 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत

    1.13 करोड़ रुपए के साथ डॉ. अंबेडकर पार्क का होगा नवीनीकरण

    1.54 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों का काम शुरू

    MBD WEB NEWS(सुमेश शर्मा) जालंधर, 18 फरवरी पंजाब के स्थानीय निकाय मंत्री बलकार सिंह ने कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में शहरी क्षेत्रों की व्यापक योजनाबंदी के तहत रूप-रेखा बदली जाएगी, जिसके तहत सड़कों, पार्कों, सीवरेज, पेयजल की विभिन्न प्रोजैक्टों को स्थानीय निकाय विभाग द्वारा मंजूरी दी गई है ।

    आज यहां सांसद मैंबर सुशील कुमार रिंकू, विधायक शीतल अंगुराल के साथ जालंधर शहर में लगभग 3.75 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार के विकास मुख्य एजेंडे के तहत कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं जिसके तहत 100 आबादी को कवर किया जाएगा।

    उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न शहरों में सड़कों के नवीनीकरण और मज़बूतीकरण का काम जल्द पूरा किया जाएगा क्योंकि इस संबंध में टैंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

    उन्होंने भारत रत्न डॉ. बी आर अंबेडकर न्यू ग्रीन पार्क के नवीनीकरण का 1.13 करोड़ रुपये से कार्य शुरू करने के अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब की सोच के अनुसार पंजाब सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए वचनबद्ध है, जिसके तहत घर-घर जाकर राशन सप्लाई अभियान, 1076 हैल्पलाइन नंबर, 90 प्रतिशत उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली, 600 आम आदमी क्लीनिक, स्कूल ऑफ एमिनेंस शुरू किए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि पार्क के नवीनीकरण का कार्य अलाट हो चुका है, जिसमें पार्क में बैठने की व्यवस्था, सामने की चारदीवार,
    फुटपाथ, ओपन जिम पलांटेशन आदि शामिल हैं।

    कैबिनेट मंत्री ने यह भी कहा कि न्यू ग्रीन पार्क क्षेत्र के कायाकल्प के लिए सड़कों, पेयजल प्रोजैक्ट भी शुरू की गई हैं।

    कैबिनेट मंत्री ने शहर में करीब 2 किमी लंबी सड़कों के नवीनीकरण का काम भी शुरू करवाया गया, जिसमें 81 लाख रुपए वाला 1.14 किमी और करीब 73 लाख रुपए की लागत से सड़क के नवीनीकरण कार्य शुरू किया गया है।

    इसके अलावा न्यू ग्रीन पार्क में 24.32 लाख रुपये की लागत से 600 फीट गहरे ट्यूबवेल का नीवपथर भी रखा गया, जिससे न्यू ग्रीन पार्क, बुटां पिंड, प्रताप नगर, पंजाबी बाग आदि क्षेत्र के निवासियों को फायदा होगा।

    इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने लोगों की समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को उनके समाधान के निर्देश दिये।उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से कहा कि वे विकास कार्यों को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करें और काम की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें।

    इस अवसर पर चेयरपर्सन राजविंदर कौर थियाडा, कैबिनेट मंत्री की पत्नी हरप्रीत कौर, ओलंपियन सुरिंदर सिंह सोढ़ी, नगर निगम कमिश्नर गौतम जैन, अतिरिक्त कमिश्नर अमरजीत सिंह व अन्य मौजूद रहे।

    कैप्शन – कैबिनेट मंत्री बलकार सिंह जालंधर शहर में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करते हुए। सांसद सुशील कुमार रिंकू और विधायक शीतल अंगुराल भी मौजूद है।

  • थोडी देर में शुरू हो सकती है केंद्र-किसानों के बीच  चंडीगढ़ में बैठक, किसान बोले- नतीजे का कर रहे इंतजार

    थोडी देर में शुरू हो सकती है केंद्र-किसानों के बीच  चंडीगढ़ में बैठक, किसान बोले- नतीजे का कर रहे इंतजार

    थोडी देर में शुरू हो सकती है केंद्र-किसानों के बीच  चंडीगढ़ में बैठक, किसान बोले- नतीजे का कर रहे इंतजार

     

    केंद्र के साथ होने वाली बैठक को लेकर किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि उन्हें उम्मीद है कि 3 केंद्रीय मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक के बाद किसानों को अच्छी खबर मिलेगी. अब गेंद सरकार के पाले में है.

     

    फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी समेत कई अन्य मांगों को लेकर किसान संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं. केंद्र पर दबाव बनाने को लेकर दिल्ली चलो मार्च को रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारी किसान अभी हरियाणा से लगे पंजाब के बॉर्डर्स शंभू और खनौरी पर डेरा डाले हुए हैं. वहीं केंद्र और किसानों के बीच बातचीत भी जारी है और शाम 6 बजे चंडीगढ़ में चौथे दौर की वार्ता होने वाली है. इस बीच हरियाणा के कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर तट पर किसान संगठनों और खाप पंचायतों ने सभी संगठनों ने एक मंच पर साथ आकर संघर्ष करने का फैसला लिया.

    किसान नेताओं और 3 केंद्रीय मंत्रियों के बीच आज शाम 6 बजे चंडीगढ़ में चौथे दौर की बैठक होने वाली है. इससे पहले गुरुवार रात 5 घंटे तक चली बैठक में दोनों पक्षों के बीच कोई नतीजा नहीं निकला. इससे पहले दोनों के बीच 8 फरवरी और 12 फरवरी को बातचीत हुई थी, और यह भी बेनतीजा रही.

    आज की बैठक का इंतजार कर रहेः चढूनी

    चौथे दौर की बैठक में केंद्र की ओर से केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय शामिल होंगे तो किसानों की ओर से ‘दिल्ली चलो’ मार्च का आह्वान करने वाले संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं के साथ कई किसान नेता शामिल होंगे.