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  • ग्लोबल साउथ समिट में बोले PM मोदी; आतंकवाद हमारे समाज के लिए गंभीर खतरा…

     ग्लोबल साउथ समिट में बोले PM मोदी; आतंकवाद हमारे समाज के लिए गंभीर खतरा…

     

    ग्लोबल साउथ समिट के दौरान पीएम मोदी ने खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा की चुनौतियों के साथ-साथ आतंकवाद से निपटने के लिए एकजुटता की अपील की. उन्होंने ये भी कहा कि वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ सम्मेलन एक ऐसा मंच है जहां हम उन लोगों की जरूरतों, आकांक्षाओं को आवाज देते हैं, जिनकी ओर ध्यान नहीं दिया गया.

    आतंकवाद हमारे समाज के लिए गंभीर खतरा... ग्लोबल साउथ समिट में बोले PM मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लोबल साउथ के देशों को स्वास्थ्य सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी विभाजन और आतंकवाद जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुट होने का आह्लवान किया है. शनिवार को वर्चुअल सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया भर में आज अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. ऐसे में इन बुनियादी मुद्दों की ओर ग्लोबल साउथ के देशों को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है.

    तीसरे वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हम आपसी व्यापार, समावेशी विकास और सतत विकास लक्ष्यों को अपनी क्षमता में आगे बढ़ाने के लिए ग्लोबल साउथ के साथ काम करने को तत्पर हैं. उन्होंने बताया कि भारत सोशल इम्पैक्ट फंड में 25 मिलियन डॉलर का प्रारंभिक योगदान देगा.

    ग्लोबल साउथ से एकजुटता की अपील

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज समय की मांग है कि ग्लोबल साउथ के देशों को एकजुट रहना चाहिए, एक स्वर में जरूरी मुद्दों के साथ एक साथ खड़े रहें. ये देश एक-दूसरे की ताकत बनें. हम एक-दूसरे के अनुभवों से सीखें और अपनी क्षमताओं को साझा करें. उन्होंने बताया कि ग्लोबल साउथ के 12 साझेदारों के साथ इंडिया स्टैक या डिजिटल आईडी और भुगतान जैसे सामान साझा करने के समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं.

    प्रधानमंत्री ने इस दौरान आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद की चुनौतियों का भी विस्तार से जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि ये सभी हमारे लिए खतरा बने हुए हैं. एकजुटता से ही इनसे निपटा जा सकता है. उन्होंने कहा कि वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ सम्मेलन विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने का एक मंच बन गया है.

  • जानें किस जगह मॉल को बम से उड़ाने की धमकी?, पुलिस व बम स्क्वॉड मौके पर पहुंचे…

    जानें किस जगह मॉल को बम से उड़ाने की धमकी?, पुलिस व बम स्क्वॉड मौके पर पहुंचे…

     

    गुरुग्राम- गुरुग्राम के एंबियंस मॉल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी एक ई-मेल के जरिए भेजी गई है। इसमें मॉल प्रबंधन को सूचित किया गया कि बिल्डिंग में बम प्लांट किए गए हैं और मॉल के अंदर मौजूद हर व्यक्ति की जान से मारने की धमकी दी गई है।

    ई-मेल में लिखा गया है कि “आप में से कोई भी बच नहीं पाएगा। आपकी मौत होनी है। मैंने बिल्डिंग में बम इसलिए लगाए, क्योंकि मुझे अपनी जिंदगी से नफरत है।”

    मॉल प्रबंधन को ई-मेल मिलने पर पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही गुरुग्राम पुलिस और बम स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मॉल की पूरी तरह से तलाशी ली। मॉल को खाली कराया गया और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया।

    पुलिस और बम स्क्वॉड टीम ने मॉल के अंदर सघनता से जांच की और स्थिति का जायजा लिया। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां धमकी की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और मॉल की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उपाय किए जा रहे हैं। इस घटना ने मॉल में शॉपिंग कर रहे ग्राहकों और स्टाफ के बीच डर का माहौल पैदा कर दिया है।

  • जानें क्यों खाली करवाया गया लखनऊ एयरपोर्ट के पास 1.5 किलोमीटर का ऐरिया , 2 कर्मचारी हुए बेहोश 

    जानें क्यों खाली करवाया गया लखनऊ एयरपोर्ट के पास 1.5 किलोमीटर का ऐरिया , 2 कर्मचारी हुए बेहोश

     

     

    लखनऊ : शनिवार को लखनऊ एयरपोर्ट के कार्गो टर्मिनल पर एक बड़ी घटना हुई, जब कैंसर का रेडियो एक्टिव मटेरियल लीक हो गया। घटना के दौरान सुरक्षा उपकरणों का अलार्म बजते ही हड़कंप मच गया। तत्परता से एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को सूचित किया गया, जिसके बाद एरिया को तुरंत खाली कराया गया। 2 कर्मचारी बेहोश हो गए। 1.5 किमी का एरिया खाली कराया गया। लोगों की एंट्री बंद कर दी गई है।

    सूत्रों के अनुसार, एक फ्लाइट लखनऊ से गुवाहाटी के लिए रवाना होने वाली थी, जब टर्मिनल 3 पर स्कैनिंग के दौरान मशीन ने बीप किया। कैंसर रोधी दवाओं का लकड़ी के बॉक्स में पैक किया गया था, जिसमें रेडियो एक्टिव तत्व का इस्तेमाल होता है। स्कैनिंग के दौरान रेडियो एक्टिव मटेरियल के लीक होने का पता चला, जिससे अलार्म बज उठा।

    घटना के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियां हरकत में आ गईं और मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को बुलाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर एरिया को खाली करवा दिया गया और प्रभावित लोगों को वहीं रोक लिया गया। यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है।

  • बड़ी दुर्घटना: खड़े ट्राले से टकराई जयपुर से लु​धियाना जा रही बस, ड्राइवर की गर्दन कटकर हुई अलग, 27 यात्री घायल

    बड़ी दुर्घटना: खड़े ट्राले से टकराई जयपुर से लु​धियाना जा रही बस, ड्राइवर की गर्दन कटकर हुई अलग, 27 यात्री घायल

     

     

    जींद- हरियाणा के जींद में आज एक बड़ा हादसा हो गया। जहां खड़े ट्राले से एक प्राइवेट बस टकरा गई। हादसा इतना भयानक था कि बस ड्राइवर की गर्दन कट कर अलग हो गई और बस में सवार करीब 27 यात्री बुरी तरह घायल हो गए।

    डबल डेकर बस जयपुर से लु​धियाना जा रही थी। इसमें कुल 52 यात्री सवार थे। टक्कर इतनी भयंकर थी कि बस के परखच्चे उड़ गए। सवारियों के मुताबिक बस रात को लगभग 10 बजे जयपुर से चली थी। रात के समय लगभग सभी सवारियां सो रही थी। बस की स्पीड ज्यादा थी। सुबह करीब साढ़े 3 बजे जब बस किलाजफरगढ़ गांव के पास पहुंची तो ड्राइवर उसे कंट्रोल नहीं कर पाया। इससे बस की सड़क पर खड़े ट्रॉले से टक्कर हो गई। जैसे ही बस ट्रॉले से टकराई तो चीख पुकार मच गई।

    जानकारी के मुताबिक ट्रॉला ड्राइवर टॉयलेट करने के लिए रुका था। टॉयलेट करने के बाद वह ट्रॉला के पास पहुंचने ही वाला था कि तभी बस ट्रॉला से टकरा गई। घायल हुए यात्रियों को रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है।

  • केंद्र सरकार ने मानी डॉक्टरों की मांग; सुरक्षा को लेकर कमेटी बनाने को राजी

     केंद्र सरकार ने मानी डॉक्टरों की मांग; सुरक्षा को लेकर कमेटी बनाने को राजी

    कोलकाता : कोलकाता रेप मर्डर केस के विरोध में प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों की मांग केंद्र सरकार ने मान ली है। सरकार ने कहा है कि वह सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट को लेकर समिति बनाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि फोर्डा, आईएमए और सरकारी अस्पतालों के आरडीए की तरफ से बताई गई चिंताओं के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्रालय उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक कमेटी का गठन कर रहा है। यह कमेटी स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर सभी संभव कदमों का ब्योरा देगी।

    इस कमेटी को सुझाव देने के लिए अलग-अलग प्रतिनिधियों और राज्य सरकारों का भी स्वागत है। मंत्रालय प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों से अपील करता है कि वह जनहित के लिए डेंगू-मलेरिया के बढ़ते केसों के मद्देनजर काम पर लौटें। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा), इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और दिल्ली के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक रेजिडेंट डॉक्टर के खिलाफ हुई घटना के बाद नई दिल्ली में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय से मुलाकात की।

    इस दौरान एसोसिएशन ने उनके कार्यस्थल पर स्वास्थ्य कर्मियों की सुरक्षा के बारे में उनकी चिंताओं को रखा। इस दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने प्रतिनिधियों की मांगों को सुना और डॉक्टर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया।

  • कोलकाता रेप-मर्डर केस अपडेट: बीती रात CBI के लौटते ही हुई तोड़फोड़ के बाद FORDA ने किया ऐलान, फिर शुरू होगी देशव्यापी डॉक्टरों की हड़ताल

    कोलकाता रेप-मर्डर केस अपडेट: बीती रात CBI के लौटते ही हुई तोड़फोड़ के बाद FORDA ने किया ऐलान, फिर शुरू होगी देशव्यापी डॉक्टरों की हड़ताल

     

    कोलकाता रेप-मर्डर को लेकर बीती रात एक भीड़ ने अस्पताल परिसर में जमकर उत्पात मचाया। जिसके बाद आज FORDA ने फिर से देशव्यापी हड़ताल की घोषणा कर दी है।

     

    Doctor Protest - India TV Hindi
    बीती रात हुई तोड़फोड़ के बाद फिर से डॉक्टरों की हड़ताल शुरू

    आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हास्पिटल में बीती रात हुई तोड़फोड़ के बाद एक बार फिर डॉक्टरों की हड़ताल शुरू होने जा रही है। इसका ऐलान आज FORDA ने किया है। फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन इंडिया यानी FORDA ने कहा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हास्पिटल में हुई घटना को देखते हुए हम अपने सहयोगियों और मेडिकल समुदाय के साथ खड़े हैं।

    केंद्र व राज्य सरकार की निंदा

    आगे कहा कि हम मानते हैं कि हमारा हड़ताल वापस लेने का पिछला निर्णय सद्भभावना के आधार पर लिया गया था। हमें मंत्रालय के दिए आश्वासन पर हमारे समाज में संकट और निराशा हुई है। पिछली रात की हुई घटना ने हमें हैरान व व्यथित कर दिया है। यह हमारे पेशे के लिए काले अध्याय की तरह है। हम कल की घटना के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार की कड़ी निंदा करते हैं। हाल ही की हुई घटना को देखते हुए हमने फिर से हड़ताल तुरंत प्रभाव से शुरू करने का निर्णय लिया है।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने सिस्टम सुधारने के लिए लाल किले से दिया नया टास्क

     प्रधानमंत्री मोदी ने सिस्टम सुधारने के लिए लाल किले से दिया नया टास्क

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11वीं बार लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया. अपने संबोधन में पीएम मोदी ने देश की संस्थाओं को नया टास्क दिया. पीएम मोदी ने भाषण में दो रिफॉर्म की बात कही. उन्होंने कहा कि एक साल में दो रिफॉर्म करें और उसको जमीन पर उतारें. प्रधानमंत्री ने ये टास्क सिस्टम सुधारने के लिए दिया है.

     

    'एक साल में दो रिफॉर्म करें...', पीएम मोदी ने सिस्टम सुधारने के लिए लाल किले से दिया नया टास्क

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की संस्थाओं को टास्क दिया. पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए कहा कि एक साल में दो रिफॉर्म करें और उसको जमीन पर उतारें. प्रधानमंत्री ने ये टास्क सिस्टम सुधारने के लिए दिया है.

    पीएम मोदी ने कहा, आज देश में करीब 3 लाख संस्थाएं काम कर रही हैं. चाहे वो पंचायत हो, नगर पंचायत हो, नगर पालिका हो, महानगर पालिका हो, UT हो, राज्य हो, जिला हो. मैं अपनी इन 3 लाख इकाइयों से आह्वान करता हूं कि आप साल में अपने स्तर पर 2 रिफॉर्म करें और उसको जमीन पर उतारें.

    पीएम मोदी ने कहा कि आप देखिए हम देखते ही देखते साल में 25-30 लाख रिफॉर्म कर सकते हैं. जब 25-30 लाख रिफॉर्म हो जाएं, तब सामान्य मानवी का विश्वास कितना बढ़ जाएगा. उसकी शक्ति राष्ट्र को नई ऊंचाई पर ले जाने में कितनी काम आएगी और इसलिए हम अपने स्तर पर बदलावों के लिए आगे आएंगे. हिम्मत के साथ आगे आएं. उन्होंने कहा कि सामान्य मानवी पंचायत स्तर पर भी मुसीबत झेल रहा है, उन मुसीबतों से हम मुक्ति दिलाएं तो मुझे पक्का विश्वास है कि हम सपनों को पार कर सकते हैं.

     

  • Indian कोस्ट गार्ड ने पानी के अंदर फहराया तिरंगा…

    Indian कोस्ट गार्ड ने पानी के अंदर फहराया तिरंगा…

     

    इंडियन कोस्ट गार्ड ने हर घर तिरंगा अभियान के तहत पानी के अंदर तिरंगा फहराया और राष्ट्र भावना एवं एकता को बेहद ही यादगार तरीके से प्रदर्शित किया।

    Indian Coast Guard, Indian Coast Guard Tiranga - India TV Hindi

    इंडियन कोस्ट गार्ड ने पानी के अंदर तिरंगा फहराया।

    नई दिल्ली: देशभर में 78 वें स्वतंत्रता दिवस को लेकर खास तैयारी की जा रही है और लोग अपने-अपने तरीके से इसे यादगार बनाने में जुटे हुए हैं। इस बीच इंडियन कोस्ट गार्ड ने भी बहुत ही खास अंदाज में तिरंगा फहराया है और इसका वीडियो भी सामने आ गया है। दरअसल, कोस्ट गार्ड की तरफ से लक्षद्वीप में पानी के अंदर तिरंगा फहराया गया। सरकार के अलग-अलग विभाग इन दिनों अपने अंदाज में आजादी के जश्न को यादगार बनाने में जुटे हुए हैं, और इंडियन कोस्ट गार्ड ने भी उसी दिशा में एक शानदार कोशिश की है।

    राष्ट्र भावना और एकता का हुआ अनोखा प्रदर्शन

    बता दें कि भारतीय तटरक्षक के लक्षद्वीप जिला मुख्यालय ने 78वें स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर पानी के अंदर तिरंगा फहराया गया। भारतीय कोस्ट गार्ड के द्वारा हर घर तिरंगा अभियान के तहत तिरंगा फहराया गया और राष्ट्र भावना और एकता को प्रदर्शित किया गया। हर घर तिरंगा अभियान के तहत भारतीय तटरक्षक बल कई आयोजन करा रही है। इसी के अंतर्गत गांधीनगर क्षेत्रीय मुख्यालय (उत्तर पश्चिम) में वॉकथॉन का आयोजन किया गया। इसके अलावा कोच्चि और बेपोर में भारतीय नौसेना की एक यूनिट ने अनाथालय का दौरा किया और मछुआरों के साथ विशेष सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम आयोजित किया।

  • DRDO ने ग्लाइड बम का  किया सफल परीक्षण,बढ़ाई सेना की ताकत..

     DRDO ने ग्लाइड बम का  किया सफल परीक्षण,बढ़ाई सेना की ताकत..

     

    गौरव बम भारतीय सेना की ताकत को और बढ़ाएगा. यह एक हजार किलोग्राम का ग्लाइड बम है जो दुश्मन को तबाह कर देगा. उड़ीसा तट पर डीआरडीओ ने मंगलवार को इसका सफल परीक्षण किया.

     

    दुश्मनों को तबाह करेगा एक हजार किलो का गौरव बम, DRDO ने किया सफल परीक्षण

    डीआरडीओ ने ग्लाइड बम का सफल परीक्षण किया है.

    DRDO ने ओडिशा तट से दूर भारतीय वायु सेना के Su-30 MK-I प्लेटफॉर्म से लंबी दूरी के ग्लाइड बम ‘गौरव’ का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया है. गौरव एक हवा से लॉन्च किया जाने वाला 1,000 किलोग्राम क्लास का ग्लाइड बम है जो लंबी दूरी तक लक्ष्य को भेदने में सक्षम है. उड़ान-परीक्षण के दौरान, ग्लाइड बम ने लॉन्ग व्हीलर द्वीप पर स्थापित लक्ष्य को सटीक सटीकता के साथ मारा.

    गौरव ग्लाइड बम को भारतीय वायुसेना के लिए विशेष तौर पर डिजाइन किया गया है. जो नेविगेशन सिस्टम से लैस है. फाइटर जेट से लांच करने के बाद भी ये अपने नेविगेशन सिस्टम से टारगेट तक पहुंच सकता है और और ध्वस्त कर सकता है.

    1000 किलोग्राम का है बम

    ग्लाइड बम गौरव 1000 किलोग्राम का है, जो फाइटर जेट से लांच किए जाने के बाद 150 और उससे अधिक की दूरी तय कर दुश्मन को नेस्तनाबूत कर सकता है. इस बम में विंग भी हैं और नेविगेशन सिस्टम भी लगा है, जिससे यह किसी भी टारगेट तक पहुंच कर हमला कर सकता है. यह जीपीएस की मदद से संभव होता है, जो प्लेन से लांच होने के बाद नेविगेशन में सेट टारगेट को ध्वस्त कर सकता है.

    Gaurav Bomb

    डीआरडीओ ने इस बम को डिजाइन किया है.

     

    DRDO ने डिजाइन किए है बम

    डीआरडीओ ने भारतीय सेना के लिए दो बम डिजाइन किए हैं, इनमें पहले ग्लाइड बम गौरव है जो लंबी दूरी तक किसी भी लक्ष्य को भेद सकता है, इसमें विंग भी हैं, जबकि दूसरा गौतम है जो शॉर्ट रेंज टारगेट भेदता है. इन बमों का निर्माण अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस कर रहा है.

    सफल रहा है परीक्षण

    ग्लाइड बम गौरव ने लान्ग व्हीलर द्वीप पर तैनात लक्ष्य को सटीकता के साथ भेदा. परीक्षण का सारा डाटा टेलीमेट्री और इलेक्ट्रो ऑप्टिकल ट्रेकिंग सिस्टम में कैप्चर हुआ है. इस पूरे टेस्ट की निगरानी डीआरडीओ वैज्ञानिकों ने की. यह परीक्षण सुखोई फाइटर प्लेन से किया गया. इससे पहले पिछली साल भी ग्लाइड बम का परीक्षण किया गया था जो सफल रहा था.

  • आज से देश भर में चल रही रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने दिया सुरक्षा का भरोसा; CBI आज से शुरू करेगी जांच

    आज से देश भर में चल रही रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म, स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने दिया सुरक्षा का भरोसा; CBI आज से शुरू करेगी जांच

     

     

    हाई कोर्ट के आदेश के बाद फॉरेंसिक और मेडिकल एक्सपर्ट्स के साथ सीबीआई की एक टीम बुधवार को कोलकाता पहुंच रही है और जांच शुरू करेगी. इससे पहले सीबीआई ने कोलकाता रेप और मर्डर केस की जांच अपने हाथ में ले ली.

    RGKar Case: रेजिडेंट डॉक्टरों ने खत्म की हड़ताल, स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने दिया सुरक्षा का भरोसा; CBI आज से शुरू करेगी जांच

    स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद डॉक्टरों ने खत्म किया हड़ताल

    कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और फिर हत्या के बाद देशभर के कई अस्पतालों के डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे. लेकिन फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) ने आज मंगलवार को अपना हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर दिया. सरकार की ओर से उनकी मांग को मान लिए जाने के बाद हड़ताल खत्म कर दी गई. वहीं, फॉरेंसिक और मेडिकल एक्सपर्ट्स के साथ सीबीआई की एक टीम बुधवार को कोलकाता पहुंचेगी और जांच शुरू करेगी.

    केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अविरल माथुर ने कहा, “हमने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की और अपनी संशोधित मांगें उनके सामने रखीं. उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि वे डॉक्टरों के काम के लिए सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराएंगे.” माथुर ने कहा, “उन्होंने हमें आश्वासन दिया है कि हमारी मांगों को समयबद्ध तरीके से देखा जाएगा. एक समिति बनाई जाएगी और हम उसका हिस्सा होंगे. हमारी सभी मांगें स्वीकार कर ली गई हैं, इसलिए, फोर्डा हड़ताल वापस ले रहा है.”

     

    बुधवार को क्राइम सीन पर पहुंचेगी CBI

    इस बीच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रेप और मर्डर केस केस की जांच मंगलवार को अपने हाथ में ले ली. जांच एजेंसी ने कलकत्ता हाई कोर्ट के आदेश के कुछ ही घंटों में केस से जुड़ी सभी औपचारिकताएं पूरी कर लीं. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि राज्य पुलिस को मामले के दस्तावेज केंद्रीय जांच एजेंसी को तत्काल सौंपने का निर्देश दिया.

    एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक और मेडिकल एक्सपर्ट्स के साथ सीबीआई अधिकारियों की एक टीम बुधवार को दिल्ली से कोलकाता के लिए रवाना होगी. हाई कोर्ट ने राज्य पुलिस को सुबह 10 बजे तक (बुधवार) केस डायरी सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था.

    पहले FORDA ने कहा था- जारी रहेगी हड़ताल

    इससे पहले फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एफओआरडीए) ने कहा था कि वह स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर संगठन अपनी हड़ताल जारी रखेगा. कोलकाता में एक ट्रेनी डॉक्टर की रेप और हत्या के बाद यह हड़ताल शुरू की गई थी.

    एफओआरडीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए कहा, “केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा संरक्षण अधिनियम पर कोई आश्वासन नहीं होने तक कोई वापसी नहीं होगी. हमारी मांगें अधूरी हैं. जब तक हमारी मांगें पूरी तरह से स्वीकार नहीं कर ली जातीं, हम हड़ताल जारी रखेंगे.”

    कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में एक ट्रेनी डॉक्टर की नृशंस हत्या के विरोध में देश के कई सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टर सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए. इसकी वजह से ओपीडी और गैर-आपातकालीन सर्जरी सहित वैकल्पिक सेवाएं बाधित हो गईं.

    इस बीच इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने स्वास्थ्य मंत्री नड्डा के साथ बैठक करके मेडिकल बिरादरी को प्रभावित करने वाले प्रमुख मुद्दों को उठाया. आईएमए ने स्वास्थ्य मंत्री को अपनी मांगों का एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें अस्पतालों को सुरक्षित क्षेत्र घोषित करना, हिंसा के खिलाफ केंद्रीय कानून लागू करना और मेडिकल कॉलेजों की मान्यता के लिए सुरक्षा शर्तें भी शामिल हैं.

    आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. आरवी अशोकन के अनुसार, जेपी नड्डा ने पहली दो मांगों पर विचार करने पर सहमति जताई और मेडिकल कॉलेजों के लिए सुरक्षा शर्तों की मांग को स्वीकार कर लिया.