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  • BJP ऑफिस में पेट्रोल बम से हमला, पार्टी का इस सरकार पर आरोप, कहा- 15 साल पहले भी ऐसे ही कराया था अटैक

    BJP ऑफिस में पेट्रोल बम से हमला, पार्टी का इस सरकार पर आरोप, कहा- 15 साल पहले भी ऐसे ही कराया था अटैक

     
    Tamil Nadu: BJP ऑफिस में पेट्रोल बम से हमला, पार्टी का DMK सरकार पर आरोप, कहा- 15 साल पहले भी ऐसे ही कराया था अटैक
    तमिलनाडु BJP ऑफिस.

    बीजेपी नेता कराटे त्यागराजन (Karate Thiagarajan) ने गुरुवार को राज्य पार्टी कार्यालय पर कथित बम हमले के लिए तमिलनाडु सरकार (Tamil Nadu Government) को जिम्मेदार ठहराया है. बीजेपी नेता ने कहा, ‘हमारे कार्यालय पर लगभग 1:30 बजे एक पेट्रोल बम (Petrol Bomb) फेंका गया. इसी तरह की घटना 15 साल पहले हुई थी, जिसमें द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) की भूमिका थी. हम इस घटना में तमिलनाडु सरकार की भूमिका की निंदा करते हैं.’ त्यागराजन ने कहा, ‘हमने पुलिस को भी सूचित कर दिया है. BJP कैडर ऐसे हमलों से नहीं घबराते हैं.

    न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एक अज्ञात शख्स ने तमिलनाडु के बीजेपी कार्यालय (Bjp Office) पर बुधवार देर रात करीब एक बजे पेट्रोल बम फेंका था. पार्टी के कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमले की सूचना मिलते ही बीजेपी कार्यकर्ताओं का हुजूम यहां इकट्ठा हो गया. बीजेपी कार्यकर्ता पेट्रोल बम फेंकने वाले शख्स के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक, गुरुवार सुबह करीब 1 बजे दोपहिया वाहन पर सवार बदमाशों ने तमिलनाडु के चेन्नई में स्थित बीजेपी कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला किया था. घटना को अंजाम देने के बाद वे पुलिस को चकमा देकर फौरन फरार हो गए.

    हालांकि, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने चेन्नई के नंदनम इलाके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान 38 वर्षीय विनोथ के रूप में हुई है. उससे पुलिस फिलहाल पूछताछ कर रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी कडुका विनोथ (Kaduka Vinoth) हिस्ट्रीशीटर है, जो पैसे लेकर पेट्रोल बम से हमले करने के लिए जाना जाता है. पुलिस पूछताछ के दौरान, आरोपी ने बताया कि उसने पेट्रोल बम फेंके क्योंकि वह एनईईटी विधेयक (NEET Bill) का समर्थन करने वाली बीजेपी से नाराज था.

     

  • पहाड़ी चट्टानों के बीच 2 दिन से फंसा हुआ था युवक, भारतीय सेना ने सुरक्षित बचाया

    पहाड़ी चट्टानों के बीच 2 दिन से फंसा हुआ था युवक, भारतीय सेना ने सुरक्षित बचाया

     

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, युवक ने अपने दो साथियों के साथ चेराड पहाड़ी की चढ़ाई करने की योजना बनाई, लेकिन उसके दोनों साथी आधे रास्ते से ही वापस आ गए. लेकिन वह आगे बढ़ता रहा जिससे उसका पैर फिसल गया और वह चट्टानों के बीच फंस गया.

     

    Kerala: पहाड़ी चट्टानों के बीच 2 दिन से फंसा हुआ था युवक, भारतीय सेना ने सुरक्षित बचाया
    दो दिन से केरल में पहाड़ी चट्टानों में फंसा हुआ था युवक (ANI)

    भारतीय सेना (Indian Army) के साहसिक और बचाव से जुड़े अभियानों में एक और कड़ी उस समय जुड़ गई जब सेना के बचाव दलों ने बेहतर योजना और रणनीति के साथ एक युवक को बचाने का अभियान (rescue operation) चलाया और सुरक्षित निकालने का कारनामा कर दिखाया. केरल (Kerala) के पलक्कड़ (Palakkad) जिले के मलमपुझा में एक पहाड़ी पर चट्टानों के बीच करीब दो दिन से फंसे युवक को सेना के बचाव दलों ने बचा लिया है.

    सेना के जवानों ने ऑपरेशन शुरू करने से पहले बाबू नामक युवक को पहाड़ी से सुरक्षित निकालने से पूर्व भोजन और पानी मुहैया कराया. टेलीविजन चैनल पर प्रसारित तस्वीरों में दिख रहा है कि सेना के जवान युवक की पहाड़ी से उतरने में मदद कर रहे हैं. सेना के इन विशेष दलों को इस तरह के बचाव कार्यों में विशेषज्ञता प्राप्त है और वे मंगलवार रात को बेंगलुरु से यहां पहुंचे थे.

    पहाड़ी पर चट्टानों के बीच फंसा था बाबू

    तस्वीरों में दिख रहा है कि युवक को एक बचाव कर्मी ने खुद से बांध रखा था और उसे आराम देने के लिए बीच-बीच में रुक कर बचाव दल धीरे-धीरे उतर रहा था.

    युवक को बुधवार सुबह 10 बजकर आठ मिनट पर सेना के जवानों ने सुरक्षित निकाला और इसके साथ ही वृहद स्तर पर चले बचाव अभियान का समापन हुआ. यह राज्य में अपने तरह का पहला बचाव अभियान था, जिसमें स्थानीय निकाय, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, तटरक्षक शामिल थे और वायुसेना को तैयार रखा गया था. उल्लेखनीय है कि बाबू सोमवार से ही पहाड़ी पर चट्टानों के बीच फंसा था.

  • सुरक्षा में हुई चूक के बाद पहली बार पंजाब जाएंगे पीएम मोदी, जालंधर की रैली में करेंगे जनता से बात

    सुरक्षा में हुई चूक के बाद पहली बार पंजाब जाएंगे पीएम मोदी, जालंधर की रैली में करेंगे जनता से बात

     

    इससे पहले मंगलवार को फतेह रैली में हिस्सा लेते हुए भी उन्होंने इस बात की जानकारी दी थी. उन्होंने कहा था कि वह कुछ दिनों बाद फिर पंजाब जाएंगे लोगों को मिलेंगे.

     

    Punjab Election: सुरक्षा में हुई चूक के बाद पहली बार पंजाब जाएंगे पीएम मोदी, जालंधर की रैली में करेंगे जनता से बात
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फाइल फोटो)

    पंजाब विधानसभा चुनाव (Punjab Assembly Election) में काफी कम वक्त बचा है. ऐसे में सभी राजनीतिक पार्टियां जनता को लुभाने की कोशिश में जुटी हुई हैं. बीजेपी की ओर से अब खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पार्टी की कमान संभालते नजर आ रहे हैं. मंगलवार को वर्चुअल रैली करने के बाद अब पीएम मोदी पंजाब में फिजिकल रैली करेंगे. 5 जनवरी को पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई चूके के बाद ये पहली बार है जब पीएम मोदी पंजाब का दौरा करेंगे.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 फरवरी को पंजाब के जालंधर में फिजिकल रैली करेंगे और पंजाब की जनता से सीधे बात करेंगे. इससे पहले मंगलवार को फतेह रैली में हिस्सा लेते हुए भी उन्होंने इस बात की जानकारी दी थी. उन्होंने कहा था कि वह कुछ दिनों बाद फिर पंजाब जाएंगे लोगों को मिलेंगे.

    5 जनवरी को रोका गया था पीएम मोदी का काफिला

    बता दें, पंजाब दौरे के दौरान पांच जनवरी को कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा रास्ता बाधित किए जाने के कारण मोदी का काफिला 15-20 मिनट तक एक फ्लाईओवर पर फंसा रहा था. इस घटना को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रधानमंत्री की सुरक्षा में ”गंभीर” चूक करार दिया था.

    प्रधानमंत्री मोदी को फिरोजपुर में एक कार्यक्रम में कई विकास योजनाओं का शिलान्यास करना था और उसके बाद एक रैली को संबोधित करना था. सड़क मार्ग से जाते समय उस समय ‘‘सुरक्षा में गंभीर चूक’’ हुई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने उनके आगे के रास्ते को अवरुद्ध कर दिया था. इसके चलते, प्रधानमंत्री एक फ्लाईओवर पर 20 मिनट तक फंसे रहे और बाद में उनके काफिले को वापस लौटना पड़ा था.

    फतेह रैली में क्या बोले पीएम मोदी?

    इससे पहले मंगलवार को फतेह रैली में पीएम मोदी ने कहा, पंजाब के लिए ये चुनाव क्या सिर्फ एक नई सरकार बनाने के लिए है? ये चुनाव क्या एक नया मुख्यमंत्री बनाने भर के लिए है? ये चुनाव क्या नए एमएलए, नए मिनिस्टर चुनने के लिए है? जी नहीं, ये पंजाब में विकास की गति तेज करने और पंजाब को अनिश्चितता की स्थिति से बाहर निकालने के लिए चुनाव है.

    पीएम ने आगे कहा, भाजपा अपने साथियों के साथ पंजाब के लिए विकास और विश्वास का नया और पुख्ता रोडमैप लेकर आई है. पंजाब के लिए एनडीए ने अपने 11 संकल्प सामने रखे हैं. ये 11 संकल्प हर उस पंजाबी के हैं, जो पंजाब और पंजाबियत की बात करते है.

  • Arunanchal Pradesh: बर्फीले तूफान और हिमस्खलन की वजह से 7 सैनिकों की मृत्यु, सेना की आधिकारिक पुष्टि

    Arunanchal Pradesh: बर्फीले तूफान और हिमस्खलन की वजह से 7 सैनिकों की मृत्यु, सेना की आधिकारिक पुष्टि

    अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके में 6 फरवरी से लापता सेना के 7 जवान हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे. लेकिन अब पुष्टि हुई है कि उन सभी सैनिकों की मृत्यु हो गई है. सेना को उन सभी सैनिकों के शव मिल गए हैं.

    Arunanchal Pradesh: बर्फीले तूफान और हिमस्खलन की वजह से 7 सैनिकों की मृत्यु, सेना की आधिकारिक पुष्टि
    • 6 फरवरी से लापता 7 सैनिकों की मृत्यु
    • अरुणाचल प्रदेश में सेना को सभी के शव मिले
    • बर्फीले तूफान और हिमस्खलन के दौरान लापता हुआ था सैनिकों का दल

    नई दिल्ली: अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके में 6 फरवरी से लापता सेना के 7 जवान हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे. लेकिन अब पुष्टि हुई है कि उन सभी सैनिकों की मृत्यु हो गई है. सेना को उन सभी सैनिकों के शव मिल गए हैं.

    खराब मौसम के चलते लापता हुए थे सैनिक

    कामेंग सेक्टर के ऊंचाई वाले इलाके में हिमस्खलन की घटना सामने आई थी. लापता जवान रविवार को गश्त कर रहे एक सैन्य दल का हिस्सा थे. तभी पहाड़ी से हिमस्खलन होने से जवान उसकी चपेट में आ गए. सूत्रों ने जवानों को ढूंढ़ने का खूब प्रयास किया.

    बचाने के लिए किए गए प्रयास

    विशेष टीमों को विमान से मौके पर भेजा गया, ताकि बचाव कार्य में उनकी सेवाएं ली जा सकें. इलाके में मौसम खराब था और पिछले कुछ दिनों से लगातार बर्फबारी हो रही थी. इसी की चपेट में 7 सैनिक आ गए.

     

  • राज्यसभा में बरसे पीएम मोदी; कांग्रेस न होती तो इमरजेंसी का कलंक न होता, सिखों का नरसंहार न होता, लोकतंत्र परिवारवाद से मुक्त होता 

    राज्यसभा में बरसे पीएम मोदी; कांग्रेस न होती तो इमरजेंसी का कलंक न होता, सिखों का नरसंहार न होता, लोकतंत्र परिवारवाद से मुक्त होता

     

     

    कांग्रेस न होती तो इमरजेंसी का कलंक न होता, सिखों का नरसंहार न होता, लोकतंत्र परिवारवाद से मुक्त होता: राज्यसभा में बरसे पीएम मोदी
    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

    संसद में बजट सत्र (Budget Session 2022) के 7वें दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने राज्यसभा में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब दिया. इस दौरान उन्होंने अपने शब्दों से कांग्रेस (Congress) पर जमकर प्रहार किया. उन्होंने राज्यसभा में कहा, अगर महात्मा गांधी के इच्छानुसार कांग्रेस न होती तो इमरजेंसी का कलंक न होता, सिखों का नरसंहार न होता, लोकतंत्र परिवारवाद से मुक्त होता. लोकतंत्र और बहस भारत में सदियों से चल रहा है और कांग्रेस की परेशानी यह है कि परिवारवाद के आगे उन्होंने कुछ सोचा ही नहीं.

    पीएम मोदी ने कहा, भारत के लोकतंत्र को सबसे ज्यादा खतरा परिवारवादी पार्टिंयों से है. इसमें सबसे पहली कैजुअल्टी टेलेंट की होती है. उन्होंने कहा कि संसद में कहा गया कि कांग्रेस न होती तो क्या होता, इसका जवाब मैं देता हूं. महात्मा गांधी की ही यह इच्छा थी. अगर उनकी इच्छा के अनुसार अगर कांग्रेस न होती तो आज लोकतंत्र परिवारवाद से मुक्त होता. पंजाब सालों तक आतंकवाद की आग में नहीं जलता, कश्मीरी पंडितों को कश्मीर नहीं छोड़ना पड़ता. कांग्रेस नहीं होती तो बेटियों को तंदूर में फेंकने की घटना नहीं होती.

    राज्यसभा में जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यूपीए काल से महंगाई की तुलना करें तो पता चलेगा महंगाई क्या होती है. उन्होंने कहा कि यूपीए काल में महंगाई दहाई अंक में थी. अगर अमेरिका की तुलना करें तो भारत में महंगाई कम ही है. हम महंगाई को रोकने की हर संभव कोशिश कर रह रहे हैं.

  • ओवैसी पर हुए हमले के मामले पर गृह मंत्री अमित शाह ने राज्‍य सभा में दिया ये जवाब

    ओवैसी पर हुए हमले के मामले पर गृह मंत्री अमित शाह ने राज्‍य सभा में दिया ये जवाब

    Amit Shah ने कहा कि मौखिक रूप से सूचना मिली है कि असदुद्दीन ओवैसी ने सुरक्षा लेने से मना कर दिया है. उनसे विनती है कि सुरक्षा ले लें और हमारी चिंता का समाधान करें.

    नई दिल्ली: एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) पर हुए हमले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने राज्य सभा (Rajya Sabha) में जवाब दिया है. अमित शाह ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी Z कैटेगरी की सुरक्षा लें.

    घटना में सुरक्षित बच गए ओवैसी

    गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ओवैसी जनसंपर्क कार्यक्रम करने के बाद दिल्ली लौट रहे थे. जब उनका काफिला टोल प्लाजा, नेशनल हाईवे-9, थाना- पिलखुआ, जनपद- हापुड़, उत्तर प्रदेश से गुजरा तो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा उनके काफिले पर गोलियां चलाई गईं. इस घटना में ओवैसी सुरक्षित बच गए. लेकिन उनके वाहन के निचले हिस्से में गोलियों के तीन निशान दिखाई दिए. इस घटना को तीन गवाहों द्वारा देखा भी गया.

    मामले की हो रही है जांच

    उन्होंने आगे कहा कि इस संबंध में एक एफआईआर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और अपराधी कानून संशोधन अधिनियम 1932 की धारा 7 तहत थाना पिलखुआ, जनपद हापुड़ में पंजीकृत की गई. इसकी विवेचना की जा रही है.

    ओवैसी के कार्यक्रम की पहले से नहीं थी सूचना

    अमित शाह ने कहा कि ओवैसी का जिला हापुड़ में पहले से कोई कार्यक्रम नियत नहीं था और ना ही कोई पूर्व सूचना जिला नियंत्रण कक्ष को भेजी गई थी. ओवैसी घटना के बाद सुरक्षित दिल्ली वापस पहुंच गए. जिले के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया. विवेचना के क्रम में स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया और उनसे दो अनाधिकृत पिस्तौल, प्रत्येक से एक-एक और एक Alto कार की बरामदगी की गई है.

    गृह मंत्री ने कहा कि घटनास्थल और वाहन की फॉरेन्सिक टीम द्वारा जांच की जा रही है और साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं. दोनों अभियुक्तों से उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा पूछताछ की जा रही है. जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में और सामान्य है. कड़ी सतर्कता भी बरती जा रही है. केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा तुरंत ही राज्य सरकार की तरफ से रिपोर्ट प्राप्त की गई है. पहले भी कई मौकों पर केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के खतरे के आकलन के आधार पर ओवैसी को सुरक्षा देने के लिए केंद्र सरकार ने निर्देश जारी किए हैं. लेकिन ओवैसी द्वारा सुरक्षा लेने की अनिच्छा के कारण दिल्ली पुलिस और तेलंगाना पुलिस द्वारा उन्हें सुरक्षा देने का प्रयास सफल नहीं हो पाया.

    अमित शाह ने कहा कि ओवैसी की सुरक्षा का पुनः मूल्यांकन कराया गया है और खतरे के आकलन के आधार पर उनका दिल्ली में बुलेट प्रूफ कार के साथ अखिल भारतीय स्तर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है. मौखिक सूचना जो हमें मिली है कि उन्होंने सुरक्षा लेने से अभी भी इनकार किया है. मैं सदन के माध्यम से उनसे विनती करना चाहूंगा कि वो तत्काल सुरक्षा ले लें और हम सभी की चिंता का समाधान करें.

  • पंजाब में राहुल गांधी की सुरक्षा में हुई चूक, चलती गाड़ी में फेंका झंडा; चेहरे पर लगा

    पंजाब में राहुल गांधी की सुरक्षा में हुई चूक, चलती गाड़ी में फेंका झंडा; चेहरे पर लगा

    Rahul Gandhi Security Lapse: राहुल गांधी लुधियाना गए हुए हैं. वहां उनको काले झंडे भी दिखाए गए. पुलिस ने झंडा फेंकने वाले को पूछताछ के बाद छोड़ दिया है.

    लुधियाना: पंजाब (Punjab) के लुधियाना (Ludhiana) में राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक (Rahul Gandhi Security Lapse) हो गई है. एक शख्स ने राहुल गांधी की चलती कार में झंडा फेंका जो राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के चेहरे पर जा लगा. बता दें कि कल (रविवार को) लुधियाना में राहुल गांधी ने सीएम चेहरे के रूप में चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) के नाम का ऐलान किया था.

    किसने राहुल गांधी की गाड़ी में फेंका झंडा?

    बताया जा रहा है कि राहुल गांधी की चलती कार में झंडा फेंकने वाला शख्स यूथ कांग्रेस का नेता नदीम खान है. पुलिस ने उसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया है. उसके खिलाफ ये कहकर कार्रवाई नहीं की गई है कि उसकी राहुल गांधी को नुकसान पहुंचाने की मंशा नहीं थी.

    कैसे हुई राहुल गांधी की सुरक्षा में चूक?

    अब सवाल उठता है कि क्या राहुल गांधी का काफिला निकलने से पहले ट्रैफिक को क्लियर नहीं करवाया गया था. राहुल गांधी की सुरक्षा में ये चूक कैसे हो गई?

    पुलिस की सुरक्षा ढीली रही

    गौरतलब है कि पंजाब एक बॉर्डर स्टेट है. लुधियाना, पंजाब का वो इलाका है जहां पहले से अलर्ट जारी है. इसके बावजूद वीआईपी काफिले के गुजरने के दौरान पुलिस की

  • तांत्रिक द्वारा बताए स्थान पर मिल शव, दो महीने से लापता था रिटायर्ड फौजी

    तांत्रिक द्वारा बताए स्थान पर मिल शव, दो महीने से लापता था रिटायर्ड फौजी

    दो महीने से लापता रिटायर्ड फौजी का जब घरवालों को कोई सुराग नहीं मिला तो वह तांत्रिक की शरण में पहुंचे. तांत्रिक ने जिस जगह पर शव के होने बात बताई, उसी जगह पर शव मिला.

    भिंड: मध्य प्रदेश में भिंड जिले के गोरमी इलाके में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है जहां दो माह से लापता फौजी की तलाश कर रहे परिजनों को मुंबई के एक तांत्रिक से जानकारी मिली कि रिटायर्ड फौजी का शव क्वारी नदी में है. परिजनों ने इस बात की सूचना पुलिस को दी. पुलिस के साथ मौके पर पहुंच कर कुछ देर में नदी से शव खोज निकाला. पुलिस मामले को संदिग्ध मानते हुए जांच में जुट गई है.

    शाम 4 बजे के बाद फोन हो गया था बंद 

    दरअसल, गोरमी क्षेत्र के घिलौआ गांव के रहने वाले बलबीर सिंह रिटायर फौजी थे. परिजनों के मुताबिक, वे 7 दिसंबर को अपनी बाइक से भिंड के अंबेडकर नगर में अपनी बहन के घर गए थे. उस दिन वहीं रहे और अगले दिन ग्वालियर की आर्मी कैंटीन में गए, कार्ड रिन्यू कराया और वापस बहन के घर भिंड वापस चले गए.  उसके अगले दिन 9 दिसंबर को वे वापस अपने गांव में घर पर नहीं पहुंचे. शाम चार बजे तक उनका फोन चालू था और फिर बाद में फोन स्विच्ड ऑफ हो गया.

    तांत्रिक की बताई जगह पर मिला शव

    परिजनों ने तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला जिसके बाद गोरमी पुलिस थाने में सूचना कर रिपोर्ट दर्ज कराई गई. बलबीर के मुंबई में रहने वाले भतीजे सुरेश सिंह का फोन बेटे जितेंद्र के पास आया जिसने फोन पर बताया कि मुंबई में रहने वाले सयाने नाम के एक तांत्रिक ने कुछ जानकारी दी है. तांत्रिक ने बताया है डिड़ी गांव में क्वारी नदी के पुल के नीचे नदी किनारे पचास गज की दूरी पर दाहिनी ओर शव मिल जाएगा.

    इसके बाद परिजनों ने गोरमी थाना प्रभारी को सूचित किया और सुबह पुलिस थाना पहुंचे. डिड़ी गांव पहुंच कर क्वारी नदी के पुल के नीचे नदी किनारे बताए गए स्थान पर खोजबीन शुरू की गई तो देर शाम शव मिल गया.

    बुआ के बेटे पर जताया हत्या का शक 

    रिटायर्ड फौजी के बेटे ने इस पूरे मामले में अपने बुआ के बेटे पर शक जताया है. उसका कहना है कि पिता बलबीर घर में पैसे नहीं देते थे. वे सारा लेनदेन और जमा पूंजी बुआ के घर रखते थे. ऐसे में उनके परिवार पर भी किसी अनहोनी घटना होने का संदेह है जिसकी जांच हो तो कोई सुराग मिल सकता है.

    खराब हालत में मिला शव 

    वहीं, शव मिलने के बाद जिला अस्पताल भिजवाया गया. सोमवार सुबह शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया जिसके बाद गोरमी पुलिस थाना प्रभारी ने बताया कि मामला संदिग्ध नज़र आ रहा है. नदी में शव गढ़ा मिला है जिसे दो बड़े पत्थरों से बांधा गया था. चूंकि नदी में होने से जलीय जीव शव की बुरी तरह नोंच चुके हैं. ऐसे में सिर्फ कद-काठी के अनुसार पहचान मानी जा रही है. शव पर कोई कपड़ा न होने से भी सीधी शिनाख्त नहीं हो पाई है. शव की डीएनए जांच कराई जाएगी. साथ ही पीएम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा. आगे उसी हिसाब से कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा.

  • क्रिकेटर सुरेश रैना के पिता का निधन, कैंसर से पीड़ित त्रिलोक चंद्र रैना ने गाजियाबाद में ली अंतिम सांस

     

    क्रिकेटर सुरेश रैना के पिता का निधन, कैंसर से पीड़ित त्रिलोक चंद्र रैना ने गाजियाबाद में ली अंतिम सांस

     

    क्रिकेटर सुरेश रैना (Suresh Raina) के पिता त्रिलोक रैना काफी मेहनती शख्स थे. कम सैलरी में उन्होंने अपने बच्चों को अच्छी परवरिश दी. उनके बेटे सुरेश रैना एक नामी क्रिकेटर रहे.

     

    UP: क्रिकेटर सुरेश रैना के पिता का निधन, कैंसर से पीड़ित त्रिलोक चंद्र रैना ने गाजियाबाद में ली अंतिम सांस
    क्रिकेट सुरेश रैना के पिता त्रिलोक रैना का आज निधन हो गया. (साभार-ट्विटर)
    क्रिकेट सुरेश रैना (Suresh Raina) के पिता त्रिलोक रैना का आज निधन हो गया. वह काफी समनय से कैंसर से जूझ रहे थे. दिसंबर महीने से सुरेश रैना के पिता की तबीयत काफी खराब चल रही थी. त्रिलोक चंद्र रैना (Trilok Chandra Raina Passed Away) ने आज गाजियाबाद आवास पर अंतिम सांस ली. क्रिकेटर सुरेश रैना लगातार पिता की सेवा में लगे थे. गाजियाबाद के राजनगर में आज उनके पिता का निधन हो गया. उनके निधन से पूरे क्रिकेट (Cricketer)  जगत में शोक की लहर दौड़ गई. वहीं सुरेश रैना के फैंस भी इस खबर से काफी दुखी हैं.
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक क्रिकेटर सुरेश रैना (Cricketer  Suresh Raina) के पिता और कश्मीरी पंडित त्रिलोक चंद्र रैना भारतीय सेना में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में सेवाएं दे चुके हैं. उनका पैतृक गांव जम्मू-कश्मीर के रैनावारी में है. 1990 में कश्मीरी पंडितों की हत्या के बाद त्रिलोक चंद्र रैना गांव छोड़कर गाजियाबाद शिफ्ट हो गए थे. त्रिलोक चंद्र रैना के दो बेटे दिनेश और सुरेश हैं उनकी दो बेटियां भी हैं.
  • Lata Mangeshkar Passes Away : जब किसी के ओवररेटेड सिंगर कहने पर छिड़ गई थी ट्विटर वॉर, अदनान सामी ने लगा दी थी हेटर्स की क्लास

    Lata Mangeshkar Passes Away : जब किसी के ओवररेटेड सिंगर कहने पर छिड़ गई थी ट्विटर वॉर, अदनान सामी ने लगा दी थी हेटर्स की क्लास

     

    Lata Mangeshkar Passes Away : जब किसी के ओवररेटेड सिंगर कहने पर छिड़ गई थी ट्विटर वॉर, अदनान सामी ने लगा दी थी हेटर्स की क्लास
    लता मंगेशकर

    लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) भारत की दिग्गज सिंगर थीं. पूरा देश उनके गानों का दीवाना होने के साथ-साथ उनकी रिस्पेक्ट भी करता है. कोई अगर सिंगर के खिलाफ एक शब्द भी बोलता है तो लाखों लोग उनके सपोर्ट में खड़े हो जाते हैं. एक बार तो सोशल मीडिया पर लता मंगेशकर के सपोर्ट के लिए सोशल मीडिया पर वॉर छिड़ गई थी. अब वो किस्सा क्या था और किसने सिंगर को ओवररेटेड कहा था वो हम आपको बताते हैं. दरअसल, एक दिन अदनान सामी (Adnan Sami) ने लता मंगेशकर, नूर जहां और आशा भोसले की फोटो शेयर की थी.

    उस पोस्ट पर कई सेलेब्स ने उनकी तारीफ की थी. वहीं, एक यूजर ने लता मंगेशकर को ओवररेटेड कहा था. उस यूजर को जवाब देते हुए अदनाम ने ट्वीट किया था, बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद. कुछ गलत बोलने से अच्छा है अपना मुंह बंद रखो.

    कई लोगों ने अदनान को सपोर्ट किया और उस ट्वीट करने वाली महीला को ट्रोल किया. इसके अलावा डायरेक्टर विवेक अग्निहोत्री ने भी लता मंगेशकर को लेकर ट्वीट किया था. उन्होंने ट्वीट किया था. सिर्फ लता मंगेशकर की वजह से ही मैं सरस्वती पर विश्वास करता हूं और उनको लेकर गलत बोलने वालों की वजह से मैं डेविल पर विश्वास करता हूं.

    वह आगे एक और ट्वीट करते हैं, अगले जन्म में लता मंगेशकर के हेटर्स हमारी तरह हों जो उनकी खूबसूरती और आवाज को सही से समझें. इसके बाद सभी ने कहा कि लता मंगेशकर जैसी कोई सिंगर नहीं हो सकतीं. ट्विटर पर उस दिन लता मंगेशकर का नाम ट्रेंड होने लगा था.

    बता दें कि, लता मंगेशकर ने एक हजार से ज्यादा हिंदी फिल्मों में गाना गाया है. इसके अलावा वह 36 क्षेत्रीय फिल्मों में भी गाना गा चुके हैं. लता जी ने कुल मिलाकर 5 हजार से ज्यादा गाने गाए हैं. लता ने छोटी उम्र से अपने करियर की शुरुआत की थी और आखिरी साल 2009 में आई फिल्म ‘जेल’ में उन्होंने गाना गाया था.