Category: NATIONAL

  • अब राजनीतिक पार्टियों के ‘फ्री के वादों’ पर लगेगी लगाम! पूरा न करने पर सुप्रीम कोर्ट कर सकता है मान्‍यता रद्द

    अब राजनीतिक पार्टियों के ‘फ्री के वादों’ पर लगेगी लगाम! पूरा न करने पर सुप्रीम कोर्ट कर सकता है मान्‍यता रद्द

     

    (Supreme Court) में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है, जिसमें केंद्र और भारत के चुनाव आयोग (Election Commission of India) को राजनीतिक दलों को विनियमित करने और उन्हें आवश्यक तर्कसंगत घोषणापत्र वादों के लिए जवाबदेह बनाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है. याचिका वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने अपने वकील अश्विनी कुमार दुबे के माध्यम से दायर की थी. याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग से चुनाव चिन्ह को जब्त करने और चुनावी घोषणापत्र में किए गए अपने आवश्यक तर्कसंगत वादों को पूरा करने में विफल रहने वाले राजनीतिक दलों की मान्यता रद्द करने का निर्देश देने की भी मांग की है.

    अपनी याचिका में अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने अदालत से कहा कि चुनाव घोषणापत्र एक दस्तावेज है, जो राजनीतिक दल के इरादों, उद्देश्यों और विचारों की एक प्रकाशित घोषणा है. यह किसी राजनीतिक दल के चुने जाने पर उसके विशेष लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उपयोग किया जाता है.

    राजनीतिक दल तर्कहीन मुफ्त का वादा कर रहे’

    उन्होंने कानून और न्याय मंत्रालय को पंजीकृत और मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के कामकाज को विनियमित करने और आवश्यक तर्कसंगत घोषणापत्र वादों के लिए उन्हें जवाबदेह बनाने के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश देने की भी मांग की. याचिकाकर्ता ने कहा कि लोकतंत्र का आधार निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया है. अगर चुनावी प्रक्रिया की अखंडता से समझौता किया जाता है तो प्रतिनिधित्व की धारणा खाली हो जाती है. राजनीतिक दल तर्कहीन मुफ्त का वादा कर रहे हैं और जरूरी वादे पूरे नहीं कर रहे हैं.

    ‘कोर्ट ही नागरिकों की एकमात्र आशा है’

    याचिकाकर्ता ने आगे अदालत से यह विश्लेषण करने का अनुरोध किया कि क्या राजनीतिक दल वास्तव में शासन के बारे में चिंतित हैं या क्‍या वे लोकतांत्रिक चुनावी राजनीतिक प्रक्रिया को खत्म करने में यकीन रखते हैं. याचिकाकर्ता ने बताया कि केंद्र और चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों के कामकाज को विनियमित करने और घोषणापत्र को विनियमित करने के लिए कदम नहीं उठाए हैं, इसलिए कोर्ट ही नागरिकों की एकमात्र आशा है.

  • NIA ने जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में 18 लोकेशन पर की छापेमारी, आतंकी हमलों से जुड़े मामले में हुई कार्रवाई

    NIA ने जम्मू-कश्मीर और राजस्थान में 18 लोकेशन पर की छापेमारी, आतंकी हमलों से जुड़े मामले में हुई कार्रवाई

    राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीमों ने शनिवार को जम्मू कश्मीर (Jammu Kashmir) के साथ-साथ राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी की. जम्मू-कश्मीर (Rajasthan) के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में आतंकी हमलों (Terrorist Attack) को अंजाम देने के लिए विभिन्न आतंकी समूहों द्वारा रची गई साजिश के सिलसिले में छापे मारी की गई. NIA ने बताया कि एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर के सोपोर, कुपवाड़ा, शोपियां, राजौरी, बडगाम, गांदरबल और राजस्थान के जोधपुर जिले में तलाशी ली. 18 लोकेशन पर छापेमारी सुबह करीब सात बजे शुरू हुई. उत्तर, दक्षिण और मध्य कश्मीर के साथ-साथ और जम्मू क्षेत्र के पीर पंजाल के कुछ हिस्सों में छापेमारी चल रही है.

    समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अधिकारी ने कहा कि राजस्थान के जोधपुर जिले (Jodhpur) में छापेमारी चल रही है, क्योंकि वहां से भी संदिग्धों के शामिल होने की सूचना मिली थी. उन्होंने कहा कि छापेमारी के लिए टीमें भेजी गई हैं और तलाशी जा रही है. कुछ डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं और उनका विश्लेषण किया जा रहा है. ये मामला कई एफआईआर से जुड़ा हुआ है, जिसके तहत जांच एजेंसी द्वारा नागरिक हत्याओं सहित विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है. NIA अब तक इस मामले में अकेले दो दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.

     

    NIA ने अपने बयान में कहा, इन आतंकवादियों और कैडरों ने कई आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया है, जिसमें कई निर्दोष नागरिकों और सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई है. इनकी वजह से कश्मीर की घाटी में आतंक का खौफ पैदा हो गया था, जिससे राज्य की रिट को चुनौती दी गई है. तदनुसार, एनआईए ने मामला आरसी (29/2021/NIA/DLI) दिनांक 10.10.202 के रूप में दर्ज किया था. इसके बाद मामले की शुरुआत की गई.

  • PMFBY के लिए राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम शुरू करेगी केंद्र सरकार, 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने की है तैयारी

    PMFBY के लिए राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम शुरू करेगी केंद्र सरकार, 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने की है तैयारी

     

    PMFBY के लिए राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम शुरू करेगी केंद्र सरकार, 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने की है तैयारी
    सरकार की योजना PMFBY के तहत पंजीकृत 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने की है.

    केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) को लेकर किसानों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम शुरू करने जा रही है. सरकार की कोशिश PMFBY के तहत पंजीकृत करीब 1 करोड़ किसानों तक पहुंचने की है. इस अभियान के दौरान किसानों को रबी सीजन के लिए कराए गए बीमा का पॉलिसी पेपर दिया जाएगा. इसकी शुरुआत केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) करेंगे.

    मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में 26 फरवरी को केंद्रीय मंत्री तोमर इस अभियान की शुरुआत करेंगे. तोमर ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता के लिए राज्यों की सक्रिय भागिदारी जरूरी है. बिजनेस लाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कृषि मंत्रालय ने उन सभी 20 राज्यों को पत्र लिखा है, जहां पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू है. राज्यों से पत्र में कहा गया है वे बीमा कंपनियों के साथ मिलकर कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए काम करें.

    19 राज्यों में 98.65 करोड़ किसान पंजीकृत

    PMFBY के तहत वर्तमान रबी सीजन में 19 राज्यों में करीब 98.65 लाख किसान नामांकित हैं. कर्नाटक को अभी डेटा जमा करना है. इन किसानों के 3.30 करोड़ आवेदनों में से 73.5 प्रतिशत कर्जदार हैं और शेष 26.5 प्रतिशत गैर कर्जदार हैं. केंद्र सरकार ने यह राज्यों पर छोड़ दिया है कि गैर-ऋणी किसानों को कार्यक्रम के तहत कवर किया जाना चाहिए या नहीं.

    एक अधिकारी ने बिजनेस लाइन से बताया कि गैर-ऋणी किसान आम तौर पर कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से अपना नामांकन कराते हैं और वहां से रसीद प्राप्त करते हैं. उन्हें पॉलिसी पेपर की जरूरत नहीं पड़ती जबकि अधिकांश कर्जदार किसानों के पास अपने नामांकन का कोई दस्तावेजी प्रमाण नहीं है, क्योंकि यह ऋण देने वाले बैंकों के माध्यम से किया जाता है.

    केंद्र ने राज्यों को ग्राम पंचायत सदस्यों, संबंधित विभागों के जमीनी स्तर के अधिकारियों, स्थानीय प्रतिष्ठित व्यक्तियों, किसान उत्पादक संगठनों (FPO), कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) को बैठक में आमंत्रित करने का सुझाव दिया है, जहां पॉलिसी पेपर वितरित किए जाएंगे. केंद्र ने राज्यों से इन बैठकों के माध्यम से प्राकृतिक खेती और कृषि में ड्रोन तकनीक को अपनाने के बारे में प्रचार-प्रसार करने को भी कहा है.

  • Earthquake: जम्मू कश्मीर के कटरा में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 3.5 रही तीव्रता

    Earthquake: जम्मू कश्मीर के कटरा में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 3.5 रही तीव्रता

     

    Earthquake: जम्मू कश्मीर के कटरा में महसूस किए गए भूकंप के झटके, 3.5 रही तीव्रता
    जम्मू कश्मीर में भूकंप के झटके

    जम्मू और कश्मीर (Jammu Kashmir) के कटरा में भूकंप (Earthquake) आया. हालांकि, भूकंप ज्यादा तीव्रता का नहीं था. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी (National Center for Seismology) ने इसकी जानकारी दी है. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप सुबह लगभग 3.02 बजे आया. भूकंप जम्मू और कश्मीर के कटरा से 84 किमी पूर्व में आया था. इसकी तीव्रता 3.5 थी. बता दें बुधवार सुबह 5.45 बजे भी जम्मू कश्मीर के पहलगाम में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे.  इसकी तीव्रता भी काफी कम थी. रिक्टर स्केल के मुताबिक, यह 3.2 थी.अभी तक अच्छी बात ये रही कि इन भूकंप से किसी के हताहत होने की कोई खबर सामने नहीं है.

    वहीं इससे पहले 5 फरवरी को जम्मू-कश्मीर में सुबह भूकंप के ज़ोरदार झटके महसूस किए गए थे, जिसकी तीव्रता इन दो मुकाबले के काफी ज्यादा थी. रिक्टर स्केल  पर इसकी तीव्रता 5.7 मापी गई थी. बता दें केंद्र शासित प्रदेश में भूकंप की स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से फोन पर बात भी की थी. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के मुताबिक, इस भूकंप की रिक्टर स्केल पर तीव्रता 5.7 रही और सुबह लगभग 9.45 बजे के आसपास ये झटके महसूस किए गए थे

    डर से कांपे लोग, निकले घर से बाहर

    5 फरवरी को आए इस भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान-ताज़ाकिस्तान बॉर्डर के पास था जिसके चलते जम्मू-कश्मीर में काफी तेज़ झटके महसूस किए गए. जम्मू-कश्मीर समेत पंजाब और नोर्थ इंडिया में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. ये झटके इतने तेज थे कि जम्मू-कश्मीर, चंडीगढ़ और पंजाब में कई जगहों पर लोग डर के घरों से बाहर निकलते दिखाई दिए थे.झटके जम्मू संभाग के उधमपुर, डोडा, किश्तवाड़, पुंछ के साथ ही कश्मीर घाटी में महसूस किए गए थे.

    बीते एक साल में देश में आए 965 छोटे बड़े भूकंप

    नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के आंकड़ों पर डाले तो देश में एक जनवरी 2020 से लेकर 31 दिसंबर 2020 के बीच कुल 965 छोटे बड़े भूकंप दर्ज किए गए. सुकून देने वाली बात यह रही है कि इन सभी भूंकंपों की तीव्रता कम थी जिसकी वजह से कोई बड़ी तबाही नहीं हुई.

  • सड़क हादसे में पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू की मौत, पंजाब के CM चरणजीत सिंह चन्नी ने जताया दुख

    सड़क हादसे में पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू की मौत, पंजाब के CM चरणजीत सिंह चन्नी ने जताया दुख

     

    दुखद: सड़क हादसे में पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू की मौत, पंजाब के CM चरणजीत सिंह चन्नी ने जताया दुख
    Deep Sidhu
    पंजाबी अभिनेता दीप सिद्धू (Punjabi actor Deep Sidhu) की हरियाणा में सोनीपत के पास एक सड़क दुर्घटना (Road Accident) में मौत हो गई. सोनीपत पुलिस ने इसकी पुष्टि की. बता दें कि दीप सिद्धू किसान आंदोलन के दौरान काफी चर्चा में आए थे. पिछले साल 26 जनवरी को लाल किले में हुई हिंसा के मामले में उन्हें आरोपी बनाया गया था. इस मामले में उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी. बताया जा रहा है कि दीप अपने दोस्तों के साथ दिल्ली से पंजाब लौट रहे थे. इसके बाद उनकी गाड़ी हादसे का शिकार हो गई. ये हादसा कुंडली बॉर्डर के पास हुआ. दीप अपनी स्कार्पियो से जा रहे थे, इसी दौरान सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से उनकी गाड़ी टकरा गई. हरियाणा पुलिस ने कहा, ‘दीप सिद्धू की कार कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे पर पिपली टोल के पास खड़े एक ट्रक से टकरा गई.’

    पंजाब के CM चन्नी ने जताया दुख

    दीप सिद्धू के निधन पर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी (Punjab CM Charanjit Singh Channi) ने शोक जताया है. सीएम चन्नी ने ट्वीट कर कहा, ‘प्रसिद्ध अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता दीप सिद्धू के दुर्भाग्यपूर्ण निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ. मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं’.

     

    पंजाब ने आज एक युवा गतिशील आवाज खो दी- मनजिंदर सिंह सिरसा

    दीप सिद्धू के निधन पर सिख नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने शोक जताया. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘ दीप सिद्धू के परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. पंजाब ने आज एक युवा गतिशील आवाज खो दी है.’

  • संसद टीवी का ‘हैक’ हुआ यूट्यूब चैनल! हैकर्स ने नाम बदलकर Ethereum क्रिप्टोकरेंसी किया

    संसद टीवी का ‘हैक’ हुआ यूट्यूब चैनल! हैकर्स ने नाम बदलकर Ethereum क्रिप्टोकरेंसी किया

    यूट्यूब ने मंगलवार को संसद टीवी (Sansad TV) के उस यूट्यूब चैनल को बंद कर दिया. जिस चैनल पर संसद की अधिकांश कार्यवाही प्रसारित होती हैं. दरअसल, बताया जा रहा है कि संसद टीवी के यूट्यूब चैनल को हैक कर लिया गया है.

    संसद टीवी का 'हैक' हुआ यूट्यूब चैनल! हैकर्स ने नाम बदलकर Ethereum क्रिप्टोकरेंसी किया
    संसद

    यूट्यूब (YouTube) ने मंगलवार को संसद टीवी (Sansad TV) के उस यूट्यूब चैनल को बंद कर दिया. जिस चैनल पर संसद की अधिकांश कार्यवाही प्रसारित होती हैं. दरअसल, बताया जा रहा है कि संसद टीवी के यूट्यूब चैनल को हैक कर लिया गया है. इसलिए यूट्यूब ने यह कदम उठाया है. संसद टेलीविजन (Sansad Television) ने एक प्रेस रिलीज में बताया कि चैनल के अकाउंट को हैक कर उसका नाम बदलकर ‘एथेरियम’ रख दिया गया था जो एक क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) है.

    यूट्यूब पर संसद टीवी के अकाउंट को कथित तौर पर यूट्यूब के सामुदायिक दिशानिर्देशों के उल्लंघन करने के चलते बंद कर दिया गया है. यूट्यूब के इस चैनल पर लोकसभा (Lok Sabha) और राज्यसभा (Rajya Sabha) की कार्यवाही का सीधा प्रसारण किया जाता है. सोशल मीडिया पर ऐसी खबरें चल रही हैं कि संसद टीवी के चैनल को हैक कर उसका नाम बदलकर एथेरियम रख दिया गया था जो कि एक क्रिप्टोकरेंसी है. अधिकारियों का कहना है कि गूगल के सामने इस मुद्दे को उठाया गया है. एक अधिकारी ने कहा कि हैकिंग जैसा कुछ हुआ है. गूगल से शिकायत की गई है और वे उसे देख रहे हैं.

    स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल

    संसद टीवी के यूट्यूब चैनल के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं. स्क्रीनशॉट में लिखा है, ‘इस अकाउंट को यूट्यूब के सामुदायिक दिशानिर्देशों के उल्लंघन के चलते बंद कर दिया गया है.’ हालांकि, इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि किन दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया गया था या किस आधार पर यह कार्रवाई की गई है. मंगलवार की सुबह चैनल खोलने पर लिखा आया, ‘यह पेज उपलब्ध नहीं है. इसके लिए माफी चाहते हैं. कुछ और खोजने की कोशिश करें.’ इसके अलावा, ‘404 एरर’ भी दिखा रहा था.

    Youtube के कम्युनिटी गाइडलाइन के मुताबिक, ये दिशानिर्देश सभी यूजर्स के लिए और प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सभी प्रकार के कंटेंट के लिए समान हैं. इसमें वीडियो, वीडियो पर कमेंट्स, थंबनेल, लिंक और डिस्क्रिप्शन में जाने वाला कंटेंट शामिल है. यूट्यूब में मशीनरी और एक मैनुअल टीम का कॉम्बिनेशम है, जो यूट्यूब द्वारा उक्त सभी दिशानिर्देशों को लागू करता है और उन पर नजर बनाए रखता है. प्लेटफॉर्म ने इन दिशानिर्देशों के लेआउट को डिजाइन किया है ताकि कम्युनिटी के लिए एक सुरक्षित, मैत्रीपूर्ण वातावरण सुनिश्चित किया जा सके.

  • कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर कही बड़ी बात, दिल्ली से चल रहे थे कैप्टन तो हमने बदल दिया CM, पंजाब से चलने वाले चन्नी को चुनो’:प्रियंका गांधी

    कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर कही बड़ी बात, दिल्ली से चल रहे थे कैप्टन तो हमने बदल दिया CM, पंजाब से चलने वाले चन्नी को चुनो’:प्रियंका गांधी

     

    कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) ने आज पंजाब (Punjab) में चुनावी जनसभा  संबोधित करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) की सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए जनता को राज्य में मुख्यमंत्री बदलने की वजह बताई है.

     

    नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) ने आज पंजाब (Punjab) में चुनावी जनसभा  संबोधित करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) की सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए जनता को राज्य में मुख्यमंत्री बदलने की वजह बताई है. प्रियंका गांधी ने वर्तमान सीएम चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) की तारीफ करते हुए बीजेपी (BJP) के साथ-साथ आम आदमी पार्टी (AAP) पर भी तीखा हमला बोला.

    कैप्टन सरकार दिल्ली से चल रही थी: प्रियंका

    कांग्रेस की स्टार प्रचारक प्रियंका गांधी ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब से न चलकर दिल्ली से चल रहे थे, इसलिए पार्टी ने उन्हें बदल डाला. प्रियंका इशारा था कि कैप्टन केंद्र सरकार यानी बीजेपी (BJP) के इशारों पर चल रहे हैं. प्रियंका ने कहा कि पंजाब की सरकार चलाने के लिए पार्टी ने गरीब परिवार से चरणजीत सिंह चन्नी को मुखिया चुना. हम चाहते हैं कि पंजाब की सरकार पंजाब से चलनी चाहिए. आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी तो वह दिल्ली से चलेगी. चन्नी सरकार पंजाब से चलेगी.

    प्रियंका गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत अपने पंजाब से संबंधों से की.कहा कि उन्हें पंजाब की पावन धरती पर आकर खुशी हो रही है.उनकी शादी पंजाबी परिवार में हुई है. पंजाबियत की उन्हें समझ है. पंजाबियों की खुद्दारी की समझ है. किसानों के आंदोलन में पंजाबियों की खुद्दारी दिखी. पंजाबी झुके नहीं. प्रियंका गांधी ने करीब 11 मिनट का भाषण दिया.

    गौरतलब है कि पंजाब चुनाव को लेकर प्रियंका गांधी का यह पहला दौरा है. राहुल गांधी इससे पहले 2 बार पंजाब आ चुके हैं. पहली बार में वह अमृतसर गए और फिर जालंधर से वर्चुअल रैली की. इसके बाद लुधियाना आकर चरणजीत चन्नी को CM चेहरा घोषित किया.

     

  • दिल्ली के बवाना इलाके में गिरी चार मंजिला बिल्डिंग, 4 की मौत 2 घायल

    दिल्ली के बवाना इलाके में गिरी चार मंजिला बिल्डिंग, 4 की मौत 2 घायल

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बवाना इलाके में शुक्रवार को एक चार मंजिला इमारत गिरने से नौ साल की बच्ची समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए

    गुरुग्राम के बाद दिल्ली के बवाना इलाके में गिरी चार मंजिला बिल्डिंग, 4 की मौत 2 घायल
    • दिल्ली के बवाना इलाके में गिरी 4 मंजिला बिल्डिंग
    • नौ साल की बच्ची समेत चार लोगों की मौत हो गई
    • राजीव रतन आवास योजना के तहत बनी थी बिल्डिंग

     

    नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बवाना इलाके में शुक्रवार को एक चार मंजिला इमारत गिरने से नौ साल की बच्ची समेत चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए. मृतकों की पहचान रुकैया खातून, शहजाद, आफरीन और दानिश के रूप में हुई है, जो जेजे कॉलोनी के सभी निवासी हैं, जबकि फातिमा और शहनाज के रूप में पहचानी गई दो महिलाओं को बचा लिया गया और उन्हें अस्पताल भेज दिया गया. एक पुलिस अधिकारी ने कहा, दोनों खतरे से बाहर हैं.

    घटना के बाद मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम

    दिल्ली दमकल सेवा के प्रमुख अतुल गर्ग ने मीडिया को बताया कि घटना के बारे में शुक्रवार दोपहर 2.48 बजे के करीब एक फोन आया. जिसके बाद दमकल की चार गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. मकान गिरने की सूचना मिलने के बाद बाहरी उत्तर जिला पुलिस भी मौके पर पहुंची.

    राजीव रतन आवास योजना के तहत बनी थी बिल्डिंग

    पुलिस उपायुक्त बृजेंद्र कुमार यादव ने कहा कि ढह गई इमारत राजीव रतन आवास योजना का हिस्सा है जिसमें लगभग 300-400 फ्लैट हैं. यादव ने बताया कि तुरंत तीन जेसीबी, एक हाइड्रा और दो एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया. फिलहाल रेस्क्यू आपरेशन का काम खत्म हो गया है.

    बिल्डिंग की नींव और पिलर हो चुके थे खोखले

    गिरी हुई बिल्डिंग के रेस्क्यू आपरेशन में शामिल फायरकर्मी ने बताया कि इस बिल्डिंग के गिरने की वजह भी यही थी कि उसकी नींव और पिलर खोखले हो चुके थे और सपोर्ट बिल्कुल खत्म हो चुका था, जिससे वो खड़ी हो सकती थी.

    इससे पहले गुरुग्राम में हुआ ऐसा हादसा

    गौरतलब है कि इससे पहले गुरुग्राम में एक रिहायशी इमारत का एक हिस्सा ढह जाने के बाद शुक्रवार को मलबे से एक और शव निकाला गया. इसके साथ ही, इस हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 2 हो गयी है. पुलिस ने रिहायशी इमारत चिंटेल्स पाराडाइजो के बिल्डर और ठेकेदार के खिलाफ लापरवाही बरतने का एक मामला दर्ज किया है.

  • रोगी की मौत पर रो पड़े पूरे अस्पताल के डॉक्टर, वजह जानकर आप भी हो जाएंगे भावुक

    रोगी की मौत पर रो पड़े पूरे अस्पताल के डॉक्टर, वजह जानकर आप भी हो जाएंगे भावुक

     

    जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के श्रीनगर (Srinagar) शहर के मनोरोग रोग अस्पताल में एक कश्मीरी पंडित की मौत के दूसरे दिन एक दुर्लभ दृश्य  देखने को मिला. अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी उसके मरने पर इतने दुखी थे, जैसे उन्होंने अपने ही परिवार के एक सदस्य को खो दिया है

    श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के श्रीनगर (Srinagar) शहर के मनोरोग रोग अस्पताल में एक कश्मीरी पंडित की मौत के दूसरे दिन एक दुर्लभ दृश्य  देखने को मिला. अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारी उसके मरने पर इतने दुखी थे, जैसे उन्होंने अपने ही परिवार के एक सदस्य को खो दिया है. 1990 के दशक की शुरूआत में समुदाय के बड़े पैमाने पर पलायन से ठीक पहले एक कश्मीरी पंडित लड़की को उसके परिवार ने श्रीनगर के मनोरोग रोग अस्पताल में भर्ती कराया था.

    तीस साल का साथ टूटा

    श्रीनगर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में मनोचिकित्सा विभाग के प्रमुख प्रो. मकबूल अहमद डार ने कहा कि वह 30 साल तक हमारे साथ रही. वह अस्पताल के इस विस्तारित परिवार का हिस्सा बन गई थी.

    अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि मरीज की मां कभी-कभार उससे मिलने आती थी, लेकिन जिस देखभाल और स्नेह से उसकी बेटी का इलाज किया जा रहा था, उसे देखकर मां ने कभी बेटी को वापस ले जाने के लिए नहीं कहा

    हिंदू रीति रिवाजों से अंतिम संस्तार

    मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने के बाद जब मरीज को नहीं बचाया जा सका, तो डॉक्टरों ने उसकी बहन को बुलाया जो शहर में रहती है. ‘मरीज को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अस्पताल में अंतिम स्नान कराया गया.

    डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने जताया शोक

    उसका इलाज और देखभाल करने वाले डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने कहा, ‘उसका आखिरी सफर हमने उसी अस्पताल से शुरू कराया जो पिछले 30 साल से उसका घर था और हम उसके साथ शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के साथ श्मशान घाट गए. हम अपने आंसुओं को नहीं रोक सके, हालांकि ये सब तब भी हुआ जबकि किसी की मौत को इतने करीब से देखना हमारे पेशे का हिस्सा है.’

    उसके अस्पताल में रहने के दौरान, डॉक्टर उसे उसके नाम से बुलाते थे और वह अपनी मानसिक बीमारी के बावजूद वो हर डॉक्टर को नाम से पहचानती थी.

    मनोचिकित्सक रोगों के लिए श्रीनगर के अस्पताल के स्टाफ का इस लड़की की अंतिम यात्रा में शामिल होना कश्मीरियों के मानवीय मूल्यों को परिभाषित करता है. वहीं इस घटनाक्रम को घाटी की उदार संस्कृति के गौरवशाली अध्याय के रूप में याद किया जाएगा.

  • विधानसभा चुनाव के पहले दौर में BJP में शामिल हुए WWE के द ग्रेट खली, दिल्ली पार्टी दफ्तर में ली सदस्यता

    विधानसभा चुनाव के पहले दौर में BJP में शामिल हुए WWE के द ग्रेट खली, दिल्ली पार्टी दफ्तर में ली सदस्यता

     

    विधानसभा चुनाव के बीच BJP में शामिल हुए WWE के द ग्रेट खली, दिल्ली पार्टी दफ्तर में ली सदस्यता
    द ग्रेट खली बीजेपी में हुए शामिल

    रेसलर खली (Wrestler The Great Khali) आज भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं. खली ने दिल्ली स्थित बीजेपी दफ्तर में पार्टी की सदस्यता हासिल की. खली हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं. उनका असली नाम दलीप सिंह राणा (Dalip Singh Rana) है. बीजेपी (BJP) ज्वाइन करने के बाद खली ने पीएम मोदी की तारीफ की.द ग्रेट खली ने कहा कि बीजेपी ज्वाइन करके उनको अच्छा लग रहा है. वह बोले कि शायद ही कोई ऐसा देश बचा होगा जहां मैंने रेसलिंग नहीं की हो. पैसे कमाने होते तो अमेरिका में ही रहता. लेकिन मैं भारत आया क्योंकि देश के प्रति मेरे अंदर प्यार है.

    खली ने आगे कहा,  देखा है कि मोदी के रूप में देश को सही प्रधानमंत्री मिला है. मुझे लगा क्यों ना देश में रहकर, साथ जुड़कर देश को आगे ले जाने में योगदान दूं. उन्होंने कहा कि वह पीएम मोदी और बीजेपी की विचारधारा से प्रभावित हैं.बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद अरुण सिंह और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में खली ने बीजेपी को ज्वाइन किया.