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  • अपने बच्चे को काल के मुंह से बचा लाई मां, तेंदुए से लड़कर बचाई बच्चे की जान

    अपने बच्चे को काल के मुंह से बचा लाई मां, तेंदुए से लड़कर बचाई बच्चे की जान

    बिजनौर : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले मे एक महिला द्वारा शक्ति स्वरूपा बनकर काल से लड़ने की एक कहानी सामने आई हैं। महिला ने अपनी जान को दांव पर लगाकर बच्चे को काल के गाल में जाने से बचा लिया। बिजनौर जिले के नगीना थाना क्षेत्र के मिर्जा अलीपुर भारा गांव में शनिवार देर शाम मां के साथ जंगल से घर लौट रहे 10 वर्षीय पर एक तेंदुआ झपटने की तैयारी में था।

    इसी दौरान तेंदुए ने बच्चे पर हमला कर दिया। हमले में बच्चा बुरी तरह घायल हो गया। लेकिन उसकी 32 वर्षीय मां प्रेमलता ने बच्चे को तेंदुआ के जबड़े में जाने से बचा लिया। घायल बच्चे को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नगीना भर्ती कराया। जहां डॉक्टर ने बच्चे हालत चिंताजनक देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। बिजनौर जिला अस्पताल आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी प्रेम प्रकाश ने बताया कि बच्चे के चहरे और हाथ ,पैर पर गंभीर चोटें है। बच्चे हालत स्थिर बनी हुई है।

  • अभिनेत्री बिपाशा बसु के घर गूंजी किलकारियां…

    अभिनेत्री बिपाशा बसु के घर गूंजी किलकारियां…

     

    मुंबई : बॉलीवुड अभिनेत्री बिपाशा बसु और करण सिंह ग्रोवर माता-पिता बन गए हैं। एक्ट्रेस ने अपने पहले बच्चे को जन्म दे दिया है जो कि एक प्यारी सी बेटी है।

    इस खुशखबरी से दोनों बेहद खुश हैं। यह भी अब पेरेंट क्लब में शामिल हो चुके हैं। इसके पहले देबिना बनर्जी और गुरमीत चौधरी ने बेटी का स्वागत किया था। और उसके पहले आलिया भट्ट और रणबीर के यहां नन्हीं-सी कली ने कदम रखा था।

    बिपाशा बसु ने पांच दिन पहले अपना एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वह प्रेग्नेंसी के दौरान डांस कर ही थीं। इसके बाद लोगों ने उनकी जमकर आलोचना की थी। कहा था कि अगर वह अपना ख्याल नहीं रख सकती तो बच्चे का तो ध्यान रखें। हालांकि एक्ट्रेस ने तब बताया था कि उनका बेबी जल्द आने वाला है। और देखिए वह घड़ी फाइनली आ गई। उनके घर परी का आगमन हो गया।

  • दिल्ली पुलिस ने मोगा के युवक को पकड़ा,बरामद हुए 9 पिस्ताैल 

    दिल्ली पुलिस ने मोगा के युवक को पकड़ा,बरामद हुए 9 पिस्ताैल

     

    नई दिल्ली -दिल्ली पुलिस ने पंजाब के युवक को दिल्ली में गिरफ्तार करने का दावा किया है। आरोपी के कब्जे से 9 पिस्ताैल, 18 मैगजीन एवं बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं। समयपुर बादली से गिरफ्तार किए गए उक्त व्यक्ति की पहचान मोगा निवासी 22 वर्षीय जसविंदर सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार जसविंदर के 2 साथ माैके से भागने में कामयाब हो गए।

    उक्त दोनों आरोपियों की तलाश में पंजाब में छापेमारी की जाएगी। प्राथमिक जांच के दाैरान पता चला कि जसविंदर सिंह के दोनों साथी पहले भी आपराधिक वारदातों में शामिल रहे हैं। अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है कि पकड़े गए हथियार कहां सप्लाई किए जाने थे या फिर इन तीनों ने किस वारदात को अंजाम देना था।

  • PM मोदी से मिलने को उत्सुक हैं जो बाइडेन, G-20 समिट में करेंगे मुलाकात- चीनी राष्ट्रपति भी रहेंगे मौजूद

    PM मोदी से मिलने को उत्सुक हैं जो बाइडेन, G-20 समिट में करेंगे मुलाकात- चीनी राष्ट्रपति भी रहेंगे मौजूद

    वॉशिंगटन : अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के लिए उत्सुक हैं। इस बात की जानकारी व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने दी है। दोनों नेता इस साल होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में साथ होंगे। एनएसए ने इस दौरान भारत और अमेरिका के संबंधों पर भी बात की और कहा कि दोनों नेताओं ने साझेदारी को मजबूत करने के लिए काफी काम किया है।

    अमेरिका के एनएसए जेक सुलिवन ने शुक्रवार को कहा कि दोनों नेताओं को कई बार व्यक्तिगत रूप से बातचीत और फोन या वीडियो पर बातचीत के कई बार मौके मिले हैं। जब आप इन सभी चीजों को मिला लेंगे, तो नजर आएगा कि दोनों के बीच संबंध काफी प्रैक्टिकल और प्रोडक्टिव हैं, जो कई अहम मुद्दों पर साझा हितों को देखते हैं और भारत-अमेरिका रिश्तों को मजबूत करने के लिए काम करते हैं।

    उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बाइडेन इस साल के साथ-साथ अगले साल होने वाले G20 में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के लिए उत्सुक हैं।

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुलिवन से सवाल पूछा गया कि क्या पीएम मोदी व्हाइट हाउस आएंगे। इसपर उन्होंने कहा कि भारत अगले साल G20 का अध्यक्ष है, तो राष्ट्रपति बाइडेन निश्चित रूप से G20 में जाना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि बाइडेन के राष्ट्रपति पद संभालने के बाद पहले ही पीएम मोदी व्हाइट हाउस में आ चुके हैं।

    मीडिया रिपोर्ट के अनुसार चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इंडोनेशिया के बाली में 14 से 17 नवंबर तक आयोजित होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन समेत थाइलैंड के बैंकॉक में 17 से 19 नवंबर तक चलने वाले एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपेक) के शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी यहां शुक्रवार को देते हुए कहा कि जी-20 शिखर सम्मेलन में शी लगातार तीसरी बार चीन का राष्ट्रपति चुने जाने के बाद पहली बार अपने अमेरिकी समकक्ष बाइडन और विश्व के अन्य नेताओं के साथ आमने-सामने की बातचीत करेंगे।

  • अंधविश्वास ; मरे हुए बाप को जिंदा करने के लिए किया यह बड़ा अपराध ,नवजात को अगवा कर देने जा रही थी बलि; फिर यूं बची मासूम की जान

    अंधविश्वास ; मरे हुए बाप को जिंदा करने के लिए किया यह बड़ा अपराध ,नवजात को अगवा कर देने जा रही थी बलि; फिर यूं बची मासूम की जान

     

    Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में अंधविश्वास और पाखंड का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां अनर्थ करने जा रही एक महिला को समय रहते रोक लिया गया तो एक मासूम की जान बच गई. क्या है ये माजरा, आइए जानते हैं.

    Superstition: मरे बाप को जिंदा करने के लिए किया नवजात को अगवा, देने जा रही थी बलि; फिर यूं बची मासूम की जान

    दिल्ली (Delhi) में अंधविश्वास (Superstition) के मानने वालों का एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है. जहां अपने मरे हुए पिता को जिंदा करने के लिए नवजात बच्चे की बलि देने के मक़सद से मासूम का अपहरण करने वाली महिला को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की टीम ने गिरफ्तार किया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अगवा हुए नवजात बच्चे को भी बरामद कर लिया है. इस मामले में पीड़ित महिला ने बताया कि अपहरणकर्ता महिला ने उनसे सफदरजंग अस्पताल में मुलाकात की और खुद को जच्चा-बच्चा की देखभाल के लिए काम करने वाले एनजीओ की सदस्य बताया था.

    दिल्ली में हुई अंधविश्वास की हैरान कर देने वाली घटना

    दक्षिण पूर्व जिले के थाना अमर कॉलोनी की टीम ने करीब 2 महीने के मासूम बच्चे के अपहरण का सनसनीखेज मामला सुलझा लिया है और 24 घंटे के भीतर कोटला मुबारकपुर से एक महिला को गिरफ्तार किया है. महिला ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने यह सब अपने अंधविश्वास के चलते किया.

    पुलिस की सतर्कता से बची जान

    दक्षिण पूर्वी दिल्ली की डीसीपी ईशा पांडे ने बताया कि 10 नवंबर की शाम करीब 4 बजे थाना अमर कॉलोनी में सूचना मिली कि दिल्ली के गढ़ी गांव से करीब दो महीने के नवजात बच्चे को अज्ञात महिला ने अगवा कर लिया है. इसके बाद अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन टीम बनाई गई. आरोपी महिला ने पीड़िता को बच्चे की मुफ्त दवा और परामर्श दिलाने का वादा किया था. वो लगातार बच्चे की जांच कराने के बहाने संपर्क में रही. 10 नवंबर को आरोपी महिला ने बच्चे की मां को नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया और बच्चे को ले गई. इस इनपुट पर पुलिस ने मौका ए वारदात के आस-पास लगे कैमरे और अन्य सर्विलांस का इस्तेमाल करते हुए 24 घंटे के भीतर बच्चे को बरामद कर लिया.

  • हादसे की घटना के बारे सुनते ही मदद के लिए पहुंचा एंबुलेंस ड्राइवर, वहां पर मिली अपने ही बेटे की लाश

    हादसे की घटना के बारे सुनते ही मदद के लिए पहुंचा एंबुलेंस ड्राइवर, वहां पर मिली अपने ही बेटे की लाश

     

    नई दिल्ली : इंडोनेशिया में एक दुखद मामला सामने आया है। दरअसल, यहां एक एंबुलेंस ड्राइवर को रोड एक्सीडेंट की एक घटना के बारे में पता चला। इसके बाद वह अपनी गाड़ी लेकर घटनास्थल पर पहुंचता है। इसके बाद वहां जो देखता है, उसके पैर के नीचे से जमीन ही खिसक जाती है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडोनेशिया के एक शहर में रोड एक्सीडेंट की एक घटना सामने आती है। यह घटना बहुत ही भयानक होती है, जिसमें एक बाइक सवार युवक की मौत हो जाती है। लोगों ने यह घटना देखी तो सबसे पहले एंबुलेंस को फोन किया। इसके बाद एक एंबुलेंस ड्राइवर अपनी गाड़ी लेकर तुरंत ही मौके पर पहुंचता है। एंबुलेंस ड्राइवर इंडोनेशिया के एक मेडिकल संस्था में काम करता है। ड्राइवर को 6 नवंबर की शाम 4 बजे एक सड़क हादसे की सूचना मिली। इमरजेंसी कॉल होने के चलते वह तुरंत ही घटनास्थल पर पहुंच जाता है।

    जैसे ही एंबुलेंस ड्राइवर घटनास्थल पर पहुंचता है, वहां उसे उसके बेटे की बाइक दिखाई देती है। इससे उसका दिल काफी धक-धक करने लगता है। इसके बाद एंबुलेंस ड्राइवर देखता है कि एक लाश के चारों तरफ लोग भीड़ लगाकर खड़े होते हैं। एंबुलेंस ड्राइवर उस भीड़ को चीरता हुआ तेजी से लाश के पास पहुंचता है। जैसे ही वह लाश को देखता है उसकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। वह जोर-जोर से चिल्लाने लगता है। वह फूट-फूटकर रोने लगता है। दरअसल, जिस युवक का एक्सीडेंट होता है और उसकी मौत हो जाती है। वह एंबुलेंस ड्राइवर का ही बेटा होता है।

  • बच्चों को टीचर ने पीट-पीटकर खिलाया छिपकली वाला खाना, कहा- बैंगन है, चुपचाप खाओ, 200 छात्र बीमार

    बच्चों को टीचर ने पीट-पीटकर खिलाया छिपकली वाला खाना, कहा- बैंगन है, चुपचाप खाओ, 200 छात्र बीमार

    भागलपुर- बिहार के भागलपुर में उस समय हंगामा हो गया जब एक साथ 200 बच्चे बीमार पड़ गए, जिन्हें अस्पताल दाखिल करवाया गया है। जब बच्चों की अचानक हालत बिगड़ने की बात बच्चों के अभिभावकों के पैरों तले ज़मीन खिसक गई। दरअसल, भागलपुर के एक स्कूल में मिलने वाले मिड-डे मील खाने में बच्चों ने खाने में छिपकली होने की शिकायत की तो टीचर ने पहले उन्हें डांटकर कहा- छिपकली नहीं बैंगन है। जब बच्चों ने खाने से मना किया तो टीचर ने पीट-पीटकर उन्हें खाना खिलाया। जिस के बाद बच्चों की हालत बिगड़ गई।

    6 की छात्रा शिवानी कुमारी ने कहा कि जब उन्हें मिड-डे-मील परोसा गया तब आयुष नाम के एक छात्र की थाली से छिपकली मिली। वह जोर से चिल्लाया तो सभी बच्चे खाना छोड़ खड़े हो गए। इसकी जानकारी टीचर चितरंजन को मिली तो वह पहुंचे और थाली देखकर कहने लगे कि छिपकली नहीं बैंगन है। टीचर ने थाली से छिपकली निकाल दी और बोले- चुपचाप खाना है तो खाओ नहीं तो घर जाकर खाओ। जब बच्चे खाना नहीं खा रहे थे तो उन्होंने पीट-पीटकर खाना खिलाया। इसके बाद सभी को उल्टियां होने लगीं। करीब 200 बच्चे बीमार हो गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद धीरे-धीरे परिजन स्कूल पहुंचने लगे। सभी बच्चों को नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    जब यह मामला आग की तरह फैला तो ग्रामीण संजय कुमार के साथ बीडीओ गोपाल कृष्ण जांच के लिए पहुंचे। उन्होंने खाना फेंके जाने वाली जगह का मुआयना किया तो वहां मरी हुई छिपकली भी मिली। वहीं, इस मामले में स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि खाने में छिपकली नहीं थी। मेन्यू में चावल, दाल, आलू-बैंगन की सब्जी थी। खाने में बैंगन का डंठल मिला था, छिपकली नहीं थी। घटना की सूचना पर नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल में एसडीओ, एसडीपीओ, बीडीओ समेत कई अधिकारी पहुंचे। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी विजय कुमार झा ने बताया कि बच्चों के बीमार होने की जानकारी मिली है। किस कारण से बच्चे बीमार पड़े, इसकी जांच होगी। इसके बाद जो जवाबदेह होगा, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ ग्रामीण कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।

  • धर्म परिवर्तन कर इस्लाम और ईसाई बनने वाले दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं, सरकार का हलफनामा

     धर्म परिवर्तन कर इस्लाम और ईसाई बनने वाले दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं, सरकार का हलफनामा

    SC Reservation For Converted Dalits: केंद्र सरकार के हलफनामे में राष्ट्रीय धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यक आयोग के नोट का हवाला दिया गया है जिसके मुताबिक ईसाई और मुस्लिम के मूलतः विदेशी धर्म होने के चलते उनमें जाति व्यवस्था इतनी हावी नहीं है ऐसे में तब्दील हुए दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा देना वहां जाति व्यवस्था को जन्म देगा.

    Reservation case Supreme Court: धर्म परिवर्तन कर इस्लाम और ईसाई धर्म अपनाने वाले दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने वाली याचिकाओं का केंद्र सरकार ने विरोध किया है. समाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामें में यह कहा है कि ईसाई (Christianity) और मुस्लिम समुदाय (Muslim Community) में जातीय आधार पर छुआछूत नहीं है. रंगनाथ  कमीशन ने बिना जमीनी हकीकत का अध्ययन किये हुए ही धर्मान्तरण करने वाले सभी दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की सिफारिश की थी. इसलिए सरकार ने उस सिफारिश को स्वीकार नहीं किया था.

    पूर्व CJI की अध्यक्षता में आयोग का गठन

    हलफनामे में राष्ट्रीय धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यक आयोग के नोट का हवाला दिया गया है जिसके मुताबिक ईसाई और मुस्लिम  के  मूलतः विदेशी धर्म होने के चलते उनमें जाति व्यवस्था इतनी हावी नहीं है और  इनमे तब्दील हुए दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा देना वहां भी जाति व्यवस्था को जन्म देगा.

    सरकार का कहना है कि इस मामले की संजीदगी को देखते हुए  पूर्व चीफ जस्टिस  के जी बालाकृष्णन की अध्यक्षता में एक आयोग का गठन भी किया है जो धर्म परिवर्तन करने वाले दलितों को अनुसूचित जाति के दर्जे पर विचार करेगा.

    सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाएं

    अभी सिर्फ हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के  दलितों को अनुसूचित जाति का दर्जा और उसके मुताबिक आरक्षण का लाभ मिलता है तो इस्लाम और ईसाई धर्म अपनाने वाले दलितों को ये दर्जा हासिल नहीं है। ये आरक्षण संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश 1950 के तहत प्रदान किया जाता है. सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं में इसे चुनौती दी गई है.

    सौजन्य zee news

  • पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका, 5 मजदूरों की दर्दनाक मौत, जानिए कहां हुई ये दुर्घटना

    पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका, 5 मजदूरों की दर्दनाक मौत, जानिए कहां हुई ये दुर्घटना

     

    धमाके की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, जिन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी. घटना की जानकारी मिलते ही दमकल गाड़ियां और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव किया.

    तमिलनाडु: मदुरै में पटाखा फैक्ट्री में जोरदार धमाका, 5 मजदूरों की दर्दनाक मौत

    पटाखा फैक्ट्री में धमाका, 5 की मौत

    तमिलनाडु के मदुरै जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में बड़ा ब्लास्ट हुआ है. घटना उसिलांबट्टी के एक गांव की है, जहां ब्लास्ट में पांच मजदूरों की जान चली गई. जिला एसपी ने पुष्टि की है कि यह धमाका एक प्राइवेट पटाखा फैक्ट्री में हुआ है. धमाका इतना तेज था कि पूरी फैक्ट्री के परखच्चे उड़ गए. धमाके की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, जिन्होंने पुलिस को घटना की जानकारी दी. घटना की जानकारी मिलते ही दमकल गाड़ियां और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव किया.

    पटाखा फैक्ट्री में धमाका कैसे हुआ, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है, लेकिन जिला एसपी ने घटना में पांच मजदूरों के मारे जाने की पुष्टि की, जो फैक्ट्री में काम कर रहे थे. धमाके के वक्त कितने लोग फैक्ट्री में मौजूद थे और घटना में कितने लोग घायल हुए हैं, इसकी पुष्टि खबर लिखे जाने तक नहीं हो पाई है.

    तमिलनाडु में पटाखा फैक्ट्री में धमाके

    तमिलनाडु में पटाखा फैक्ट्री में धमाके की यह पहली घटना नहीं है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पटाखा फैक्ट्री में पहले भी कई धमाके हुए हैं और इस तरह के धमाकों में बड़ी संख्या में मजदूरों ने जान भी गंवाई है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जून महीने में ही कुड्डलोर में एक पटाखा बनाने वाली फैक्ट्री में धमाका हुआ था, जिसमें तीन मजदूरों की मौत हो गई थी. इस घटना में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवार वालों को राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालीन ने तीन-तीन लाख रुपए का मुआवजा भी दिया था. मुख्यमंत्री ने इस घटना में जांच के आदेश भी दिए थे.

  • चुनावों के मद्देनजर हिमाचल ने सील किये बार्डर, बढ़ाई चैकिंग… पढ़ें पूरी खबर

    You are currently viewing चुनावों के मद्देनजर हिमाचल ने सील किये बार्डर, बढ़ाई चैकिंग… पढ़ें पूरी खबर

    Himachal sealed borders in view of elections, increased checking… read full news

    चुनावों के मद्देनजर हिमाचल ने सील किये बार्डर, बढ़ाई चैकिंग… पढ़ें पूरी खबर

     

    पठानकोट: 12 नवंबर को हिमाचल में होने वाले चुनावों के मद्देनजर हिमाचल पुलिस ने एक बार फिर से बार्डर इलाकों में चैकिंग बढ़ा दी है। जिसके तहत हर वाहन की 2-2, 3-3 बार चैकिंग हो रही है। व्यापारियों के लिए काम करना जोखिम भरा हो गया है। बहुत सारे व्यापारी पठानकोट में रहते हैं परंतु उनका व्यवसाय जसूर, डमटाल और अन्य कंदरोड़ी क्षेत्र स्थित फैक्टरियां है। ऐसी परिस्थितियों में सबसे अधिक प्रभावित यही लोग हो रहे हैं।

    वहीं दूसरी ओर चुनाव निष्पक्ष करवाना प्रशासन की कोशिश रहती है, ऐसी परिस्थितियों में अगले 3 दिन कम-से-कम लोग हिमाचल-प्रदेश की ओर जाएं तो अच्छा रहेगा अन्यथा चैकिंग अवश्य होगी। जरूरत पड़ने पर ही हिमाचल का बार्डर क्रॉस करना चाहिए। 10 नवंबर को 5 बजे के बाद जो भी पंजाब से लोग हिमाचल में प्रचार करने के लिए गए हुए हैं उन्हें वापस आना होगा क्योंकि उसके बाद प्रचार खत्म हो जाएगा और आगे से स्थानीय लोग डोर-टू-डोर ही प्रचार करेंगे।

    इलैक्शन कमीशन की गाइडलाइंज के चलते चुनाव वाले क्षेत्र के साथ लगने वाला जो क्षेत्र होता है वहां पर भी प्रशासन को अलर्ट जारी करना पड़ता है। इसी के चलते जिला प्रशासन ने बार्डर के साथ-साथ जो क्षेत्र है वहां पर ड्राई-डे घोषित किया हुआ है ताकि हिमाचल के लोग पंजाब में आकर शराब न खरीद सकें। इसी प्रकार पंजाब पुलिस ने भी अपने-अपने क्षेत्र में पुलिस की नाकेबंदी कर रखी है ताकि कोई भी चीज इस क्षेत्र से हिमाचल की तरफ न जा सके।