Category: NATIONAL

  • एक ही नंबर पर दो स्मार्टफोन में चला सकेंगे WhatsApp,लेकिन सुविधा के आपको करना पड़ेगा यह काम..

    एक ही नंबर पर दो स्मार्टफोन में चला सकेंगे WhatsApp,लेकिन सुविधा के आपको करना पड़ेगा यह काम..

     

    नई दिल्ली -अगर आप भी एक साथ दो एंड्रायड स्मार्टफोन पर WhatsApp चलाना चाहते हैं आपके लिए नया फीचर पेश है। WhatsApp के ताजा-तरीन मल्टी डिवाइस फीचर का नाम है, कम्पैनियन मोड। सालों से यूजर्स इस फीचर की डिमांड कर रहे थे और अब जाकर लगता है कि ये फीचर हकीकत में उपलब्ध होगा। WhatsApp के एंड्रॉयड बीटा वर्जन 2.22.21.6 में इसको स्पॉट किया गया है। नए फीचर के आने से यूजर्स एक ही नंबर से दो अलग-अलग स्मार्टफोन पर इंसटेंट मैसेजिंग ऐप को इस्तेमाल कर सकेंगे।

    How you can chat with yourself on WhatsApp- Technology News, Firstpost

    इस फीचर्स को मल्टी डिवाइस सपोर्ट के दौर पर पेश किया गया है। नए फीचर की मदद से यूजर्स एक ही मोबाइल नंबर की मदद से दो व्हाट्सएप अकाउंट बनाएं जा सकते हैं। अपडेट के बाद यूजर्स को Register Device as Companion का एक विकल्प मिलेगा, जिससे यूजर्स दूसरे फोन में भी अपने एक ही व्हाट्सएप अकाउंट को ओपन कर सकेंगे। नया डिवाइस लिंक करने के लिए आपको अपने फोन की सेटिंग्स में जाना है और यहां से लिंक्ड डिवाइसेस पर टैप करना है । अब यहां से आपको एक क्यूआर कोड दिखाई देगा। क्यूआर कोड को सेकेंडरी डिवाइस से स्कैन करें और आपके फोन में अकाउंट एक्टिव हो जाएगा।

  • इंटरनेट पर सीखा था लाश के टुकड़े करना और खून साफ करने का तरीका… 

    नई दिल्ली -श्रद्धा वाकर की जघन्य हत्या की जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने श्रद्धा के जिंदा होने का आभास देने के लिए जून तक उसके इंस्टाग्राम अकाउंट का इस्तेमाल किया। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

    No description available.

    वहीं, श्रद्धा की लाश के टुकड़े जिस जंगल में आफताब ने फेंके थे पुलिस उसी जंगल में आफताब को लेकर पहुंची। सूत्रों के मुताबिक जंगल से 10 टुकड़े मिले हैं और पुलिस को शक है कि ये श्रद्धा के शव के हैं। बाकी डीएनए जांच के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। श्रद्धा की हत्या करने के बाद आफताब ने खून साफ करने का तरीका गूगल पर ढूंढा था। फिल्म से प्रेरित होने के बाद भी उसने बॉडी को काटने के लिए गूगल किया था। एसिड से फर्श को साफ करने के बाद डीएनए हटाने के लिए भी आफताब ने गंभीरता से काम किया था। श्रद्धा के दोस्त रजत शुक्ला ने बताया कि 2019 के बाद श्रद्धा काफी रिजर्व रहने लगी थी। जब से यह खबर मीडिया में आई है छतरपुर पहाड़ी की गली नंबर 1 के रहने वाले लोग यह सोचकर हैरान हैं कि कभी उस लड़के के चेहरे पर तनाव के भाव नहीं दिखे। उसने 10 हजार रुपये महीने पर हाउस नंबर 93/1 में किराए पर कमरा लिया था। किसी ने भी उसे हैरान-परेशान नहीं देखा। पड़ोस में रहने वाली कुसुम लता ने बताया, ‘वह एक सामान्य व्यक्ति की तरह बर्ताव करता था और हमेशा उसके चेहरे पर शांति का भाव दिखता था।’ वह इस फ्लैट में 15 मई को ही आया था और तीन दिन बाद उसने वाकर की हत्या कर दी थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि पूनावाला आमतौर पर खाने की डिलिवरी लेने और किराने का सामान लेने के लिए ही बाहर निकलता था।

     

    पूनावाला को शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी के महरौली इलाके में अपने लिव-इन पार्टनर की 18 मई को हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बताया जा रहा है कि उसने श्रद्धा के शरीर के 35 टुकड़े कर 18 दिनों के भीतर अलग-अलग जगहों पर फेंके। जांचकर्ताओं ने कहा कि पुलिस की टीमें अधिक जानकारी हासिल करने के लिए उसके फोन को स्कैन कर रही हैं।

    एक अधिकारी ने कहा, वह किसी भी संदेह से बचने के लिए श्रद्धा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक्टिव था। पुलिस की टीमें उसके मोबाइल फोन के विवरण की जांच कर रही हैं। 26 वर्षीय श्रद्धा के परिवार ने दावा किया कि कभी-कभी वह अपनी मां को बताती थी कि आफताब उसे पीटता है। एफआईआर के अनुसार, पीडि़ता का परिवार रिश्ते के विरोध में था। इस पर श्रद्धा का कहना था कि वह 25 साल की है और उसे अपने फैसले लेने का अधिकार है। बाद में, उसने घर छोड़ दिया और आफताब के साथ रहने लगी। लेकिन कभी-कभी, वह अपनी मां को बताती थी कि आफताब उसे पीटता है। 2020 में उसकी मां का निधन हो गया। उसके लगभग 15 से 20 दिन बाद, उसने अपने पिता को फोन किया और आफताब द्वारा पीटे जाने की बात कही।

    पिता ने कहा, वह मुझसे मिली और जब मैंने उसे पूनावाला को छोडऩे और घर लौटने के लिए कहा, तो पूनावाला ने तुरंत उससे माफी मांग ली, जिसके चलते वह दोबारा उसके साथ वापस चली गई। उसने मेरे अनुरोध को नहीं सुना, जिसके कारण मैंने कई महीनों तक उससे बात करना बंद कर दिया। पीडि़ता के माता-पिता 2016 से अलग थे। 2018 में श्रद्धा के पिता को पता चला कि वह पूनावाला के साथ रिश्ते में हैं। पुलिस ने बताया कि आफताब ने 18 मई को श्रद्धा के शरीर के टुकड़े-टुकड़े करने के बाद एक नया रेफ्रिजरेटर खरीदा और उसमें शरीर के अंगों को रखा। बदबू से बचने के लिए उसने अपने घर पर अगरबत्ती जलाई। आफताब कथित तौर पर अमेरिकी क्राइम शो ‘डेक्सटर’ से प्रेरित था, जो एक ऐसे व्यक्ति की कहानी बताता है, जो दोहरी जिंदगी जीता है। सूत्रों ने बताया कि शेफ होने के नाते आफताब चाकू चलाने में माहिर था। हालांकि वारदात में प्रयुक्त चाकू अभी तक बरामद नहीं हो सका है।

  • डीआरआई विभाग की बड़ी कार्रवाई, अमृतसर एयरपोर्ट से पकड़ी 1.08 करोड़ की विदेशी मुद्रा

    You are currently viewing डीआरआई विभाग की बड़ी कार्रवाई, अमृतसर एयरपोर्ट से पकड़ी 1.08 करोड़ की विदेशी मुद्रा

    Big action of DRI department, foreign currency worth 1.08 crore seized from Amritsar airport

    डीआरआई विभाग की बड़ी कार्रवाई, अमृतसर एयरपोर्ट से पकड़ी 1.08 करोड़ की विदेशी मुद्रा

     

    अमृतसरः अमृतसर और चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस को उस वक्त बड़ी सफलता हाथ लगी जब विभाग की अलग-अलग टीमों ने पंजाब के हवाई अड्डों के माध्यम से विदेशी मुद्रा की तस्करी के दो महत्वपूर्ण प्रयासों को विफल कर दिया है। इन दोनों आप्रेशनों में विभाग ने 1.52 करोड़ रुपए से अधिक की विदेशी मुद्रा जब्त की है, जबकि दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। डीआरआई का कहना है कि इन दोनों ही मामलों के पकड़े जाने के बाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स से हो रही विदेशी मुद्रा की तस्करी की चेन टूटी है। यह दोनों ही सर्च 12 नवंबर को की गई और अब पकड़े गए आरोपियों को ज्यूडिशियल रिमांड पर भेज दिया गया है।

    डीआरआई विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते बताया कि यूनिट ने 12 नवंबर को अमृतसर हवाई अड्डे पर एक बड़ा अभियान चलाया। दुबई जा रहे एक कपल को हवाई अड्डे के टर्मिनल के अंदर से 1.08 करोड़ रुपए की विदेशी मुद्रा के साथ गिरफ्तार किया गया। हैरानी की बात है कि दोनों यात्रियों ने सुरक्षा जांच पास कर ली थी और इमिग्रेशन भी पास कर लिया था। अधिकारियों द्वारा तलाशी लेने पर 1.08 करोड़ मूल्य की विदेशी मुद्रा उनके कब्जे से बरामद की गई, जिसे विशेष रूप से बनाए गए, छेदों में छुपाया गया था। “दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया और अदालत के समक्ष पेश किया गया, जिसके तत्पश्चात उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

    इस कार्रवाई के बाद इंटेलिजेंस एक्शन में आया और उसी दिन डीआरआई की टीम द्वारा चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी एक और ऑपरेशन चलाया गया। इस कार्रवाई में भी दुबई जाने वाले एक यात्री को डिटेन किया गया। उस यात्री से डीआरआई ने 44 लाख रुपए मूल्य की विदेशी मुद्रा जब्त करने में सफलता हासिल की।

  • सेनाओं की युद्ध तैयारियों से जुड़े वित्तीय मामलों में निर्णय लेने में देरी करना सही नहीं: राजनाथ

  • हाईकोर्ट ने दी डेरा प्रमुख को बड़ी राहत, राम रहीम की पैरोल को चुनौती देने वाली याचिका की खारिज कर

    You are currently viewing हाईकोर्ट ने दी डेरा प्रमुख को बड़ी राहत, राम रहीम की पैरोल को चुनौती देने वाली याचिका की खारिज कर

    High Court gives big relief to Dera chief, dismisses petition challenging Ram Rahim’s parole

    हाईकोर्ट ने दी डेरा प्रमुख को बड़ी राहत, राम रहीम की पैरोल को चुनौती देने वाली याचिका की खारिज कर

    चंडीगढ़: सोमवार कोपंजाब हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ पैरोल को लेकर दायर याचिका को खारिज कर दिया है। इस दौरान कोर्ट ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक इंसान के खिलाफ याचिका को जनहित याचिका कैसे मान लिया जाए। साथ ही कोर्ट ने हरियाणा सरकार को निर्देश देते हुए कहा है याचिकाकर्ता ने चीफ सेक्रेटरी को मांग पत्र दिया है उस पर गौर कर उचित कार्रवाई की जाए। बता दें कि सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की 40 दिन की पैरोल को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे थे।

    बता दें कि हाईकोर्ट के वकील एचसी अरोड़ा द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाए गए थे कि राम रहीम को नियमों की अवहेलना कर पैरोल दी गई है। वह जिस जगह पैरोल पर जाता है तो इससे पहले उस जिले के डीएम से राय ली जाती है। साथ ही याचिका में कहा गया था कि इस समय पंजाब की स्थिति काफी गंभीर है और डेरा प्रमुख सीधे तौर पर पंजाब को प्रभावित करता है। ऐसे में डेरा प्रमुख को पैरोल दिए जाने से पहले पंजाब सरकार से राय ली जानी चाहिए थी।

    हाईकोर्ट के वकील एचसी अरोड़ा द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि हरियाणा सरकार ने नियमों की अवहेलना कर गुरमीत राम रहीम को यह पैरोल दी है. नियमों के अनुसार पैरोल लेने वाला जिस जगह ठहरता है, उस जिले के डीएम से पहले राय ली जाती है, ताकि कानून व्यवस्था की कोई दिक्कत न हो, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया. इससे यह संभावना रहती है कि अपराधी पैराेल के लिए उस जगह को चुनता है जंहा उसे आजादी रहे।

  • डेराप्रेमी हत्याकांड मामले में हिरासत में लिया सब इंस्पेक्टर का बेटा, हत्या के बाद शूटरों के ठहरने का बंदोबस्त करने का आरोप

    You are currently viewing डेराप्रेमी हत्याकांड मामले में हिरासत में लिया सब इंस्पेक्टर का बेटा, हत्या के बाद शूटरों के ठहरने का बंदोबस्त करने का आरोप

    Son of sub-inspector detained in Derapremi murder case, accused of arranging stay of shooters after murder

    डेराप्रेमी हत्याकांड मामले में हिरासत में लिया सब इंस्पेक्टर का बेटा, हत्या के बाद शूटरों के ठहरने का बंदोबस्त करने का आरोप

     

    फरीदकोटः कोटकपुरा में डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की हत्या के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने बठिंडा में तैनात एक सब इंस्पेक्टर के बेटे को हिरासत में लिया है। उस पर आरोप है कि हत्या के बाद उसने शूटरों के पटियाला में रहने का बंदोबस्त किया था। यह भी सामने आया है कि आरोपी पंजाबी यूनिवर्सिटी का छात्र है और हॉस्टल में ही रहता है। इसके साथ ही पुलिस आगामी जांच में जुट गई है कि उसने शूटरों के ठहरने का इंतजाम कब और कैसे किया। इस संबंध में भी उससे पूछताछ की जा रही है।

    उधर, सब इंस्पेक्टर ने कहा है कि उसका बेटा बेकसूर है। उसके बेटे को किसी का फोन आया था कि दिल्ली से कुछ मेहमान आने वाले हैं उनके ठहरने का इंतजाम करना है। उसके बेटे का शूटरों से कोई कनेक्शन नहीं है। जिक्रयोग्य है कि अब तक 6 शूटरों में से 3 को पटियाला के बख्शीवाला से गिरफ्तार कर लिया गया था। इनमें से 2 पंजाब के हैं जिन्होंने रेकी की थी। सभी शूटर गोल्डी बराड़ के संपर्क में थे।

    गौरतलब है कि बरगाड़ी बेअदबी मामले में नामजद आरोपी प्रदीप सिंह की बाइक सवार 6 हमलावरों ने बीते वीरवार को कोटकपूरा में दुकान खोलते समय गोलियां मारकर हत्या की थी। हमलावरों ने प्रदीप पर करीब 60 गोलियां चलाई थी। सभी हत्यारोपी घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गए थे। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ ने अपने फेसबुक पेज पर ली थी। डेरा प्रेमी प्रदीप कुमार की हत्या करने वाले तीन शूटरों को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की थी। तीनों की पहचान जीतू, मनीष और मोहित के रूप में हुई है। तीनों शूटर हरियाणा के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इन शूटरों में 2 नाबालिग हैं।

  • अमृतसर में लगे भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई तीव्रता

    You are currently viewing अमृतसर में लगे भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई तीव्रता

    Earthquake tremors in Amritsar, intensity measured at 4.1 on Richter scale

    अमृतसर में लगे भूकंप के झटके, रिक्टर पैमाने पर 4.1 मापी गई तीव्रता

     

    अमृतसरः अमृतसर में सोमवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर ऑफ भूकंप विज्ञान से मिली जानकारी के अनुसार, भूकंप सोमवार सुबह करीब 3.42 बजे आया। रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 4.1 मैग्नीट्यूड थी, जो किसी भी इमारत को हिलाने में सक्षम है। वहीं इस भूकंप का केंद्र बिंदू 145 कि.मी. अमृतसर से पश्चिम में पाकिस्तान के चिनिओट शहर से 8 कि.मी. दूर आंका गया है, जो सतह से 120 किमी नीचे है। पाकिस्तान के चिनिओट में इसकी तीव्रता 4.2 मैग्नट्यूट आंकी गई। इस भूकंप से अभी तक किसी भी जानी-माली नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

    उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिल्ली-एनसीआर में शनिवार, 12 नवंबर 2022 की रात 7.57 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। इसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.4 मापी गई थी। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग घरों से बाहर निकलकर भागने लगे थे। इनकी तीव्रता 4.1 मापी गई।

    बता दें कि बीते दिनों भारत के दिल्ली, यूपी, बिहार, उत्तराखंड, दिल्ली, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई शहरों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। मंगलवार को आए भूकंप का केंद्र नेपाल था। यहां के दोती में एक घर गिरने से 6 लोगों की मौत हो गई थी।

  • दिल दहलाने वाली वारदात: लिव-इन पार्टनर ने युवती के शव के किए 35 टुकड़े, रोजाना रात दो बजे एक अंग को लगाता था ठिकाने, यूं हुआ वारदात का खुलासा…

    दिल दहलाने वाली वारदात: लिव-इन पार्टनर ने युवती के शव के किए 35 टुकड़े, रोजाना रात दो बजे एक अंग को लगाता था ठिकाने, यूं हुआ वारदात का खुलासा…

    नई दिल्ली : दिल्ली में एक दिल दहलाने वाली वारदात का खुलासा हुआ है। यहां आफताब नामक एक शख्स ने 1500 किलोमीटर से दूर आकर लिव इन पार्टनर श्रद्धा की बेरहमी से हत्या कर दी। दिल्ली पुलिस ने 5 महीने पहले हुए कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए आफताब अमीन पूनावाला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब आफताब के जरिए मरने वाली श्रद्धा के शरीर के उन टुकड़ो को तलाशने की कोशिश कर रही है, जिनको आफताब ने हत्या करने के बाद अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया था।

    दरअसल, श्रद्धा के पिता ने दिल्ली के महरौली थाने में बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पिता विकास मदान ने पुलिस को बताया कि वह परिवार सहित महाराष्ट्र के पालघर में रहते हैं। उनकी 26 साल की बेटी श्रद्धा मुंबई के मलाड में स्थित मल्टीनेशनल कंपनी के कॉल सेंटर में नौकरी करती थी। यहीं पर श्रद्धा की मुलाकात आफताब अमीन से हुई। दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे और वे लिव-इन रिलेशन में रहने लगे। जब परिवार को इस रिश्ते के बारे में जानकारी हुई तो उन्होंने विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके बाद आफताब और श्रद्धा ने मुंबई छोड़ दिया और दिल्ली आकर रहने लगे।

    पिता ने बताया कि उनको बाद में पता चला कि उनकी बेटी महरौली के छतरपुर इलाके में रहती है। उन्होंने बताया कि किसी न किसी माध्यम से बेटी की जानकारी मिलती रहती थी। उन्हें फेसबुक पर अपलोड की गई फोटो से यह भी पता लगा कि श्रद्धा हिमाचल प्रदेश घूमने भी गई है, लेकिन उसके बाद से कोई सूचना नहीं मिली। फोन नंबर पर भी संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वह भी बंद आ रहा था। जिसके बाद किसी अनहोनी की आशंका होने पर वह 8 नवंबर को सीधे छतरपुर स्थित फ्लैट में गए जहां बेटी किराए पर रहती थी। वहां पर ताला बंद होने के बाद विकास ने महरौली थाने में पहुंचकर पुलिस को किडनैपिंग की सूचना दी और एफआईआर दर्ज कराई।

    पुलिस ने मामला दर्ज कर तब जांच शुरू की और आफताब को गिरफ्तार कर लिया। आफताब ने बताया कि शादी करने को लेकर श्रद्धा अक्सर उस पर दबाव बनाती थी। इसी पर दोनों में विवाद होता रहता था, इसलिए 18 मई को झगड़ा हुआ तो उसने श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर शव को आरी से 35 टुकड़ों में काटा और अलग-अलग तीन जगहों पर फेंक दिया। फिलहाल पुलिस की टीम आरोपी के बयान के आधार पर श्रद्धा की लाश के टुकड़े ढूंढने में लगी हुई है।

    पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आफताब ने श्रद्धा की गला घोंटकर हत्या की और आरी से 35 टुकड़े करके, अपने घर में रखा। जिसके लिए आफताब एक नया बड़ा फ्रिज खरीदकर लाया और 18 दिनों तक घर में रखा। रात को 2 बजे शरीर के टुकड़े को एक-एक करके प्लास्टिक बैग में लेकर जाता था और फेंक कर आ जाता था।

  • उदयपुर-अहमदाबाद रुट पर बने नए ट्रैक पर रात को विस्फोट से उड़ाने की साजिश हुई नाकाम, PM मोदी ने 13 दिन पहले किया था उद्घाटन

    उदयपुर-अहमदाबाद रुट पर बने नए ट्रैक पर रात को विस्फोट से उड़ाने की साजिश हुई नाकाम, PM मोदी ने 13 दिन पहले किया था उद्घाटन

    उदयपुर : उदयपुर-अहमदाबाद नए रेलवे ट्रैक को उड़ाने की बड़ी साजिश रची गई थी लेकिन यह नाकाम हो गई। इस नए ट्रैक पर रात को विस्फोट से उड़ाने की कोशिश से हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार विस्फोट में डेटोनेटर का उपयोग किया गया। जांच के लिए मौके पर एटीएस की टीम पहुंच गई है। घटना स्थल के दोनों ओर से ट्रेन की आवाजही बंद है। बता दें, 13 दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे लाइन की शुरुआत की थी।

    स्थानीय ग्रामीणों की सजगता से इस नए रूट पर बड़ा हादसा टल गया। सूत्रों के मुताबिक घटना शनिवार देर रात सलूम्बर मार्ग पर केवड़े की नाल में ओढ़ा रेलवे पुल की है। यहां गत रात 10 बजे ग्रामीणों को आसपास धमाके की आवाज सुनाई दी। इसके बाद कुछ युवा तुरंत पटरी पर पहुंचे। वहां कि हालत सभी देख दंग रह गए। उन्होंने बताया कि रेलवे लाइन पर बारूद पड़ा था। ऐसा लगता है जैसे रेलवे पुल को उड़ाने की साजिश की गई है।

    पटरियां कई जगह से टूट चुकी हैं। पुल पर लाइन से नट-बोल्ट भी गायब मिले। ट्रैक पर लोहे की पतली चादर भी उखड़ी हुई मिली। उदयपुर के पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि एफएसएल टीम मौके पर है। जांच के बाद ही सही स्थिति का पता लग पाएगा। रेलवे अजमेर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक चौहान ने बताया कि घटना हुई है। जांच जारी है। घटनास्थल के दोनों ओर ट्रेनों को रोक दिया गया है।

  • आतंकवाद के खिलाफ रणनीति तैयार भारत से होगा आतंक पर अंतिम प्रहार, साल में तीन वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी करने वाला पहला देश

    आतंकवाद के खिलाफ रणनीति तैयार भारत से होगा आतंक पर अंतिम प्रहार, साल में तीन वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी करने वाला पहला देश

    नई दिल्ली : वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ रणनीति तैयार करने के लिए पूरी दुनिया की निगाहें अब भारत पर टिकी हुईं हैं। भारत से ही आतंकवाद पर अंतिम प्रहार करने की तैयारी की जा रही है। इसका उदाहरण है, आतंक के खिलाफ अहम रणनीतिक फैसले लेने के लिए वैश्विक संगठनों द्वारा भारत को चुना जाना। इंटरपोल और संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद निरोधी समिति की बैठक के बाद अब भारत अगले हफ्ते नो मनी फॉर टेरर सम्मेलन की मेजबानी करने जा रहा है।

    दुनियाभर में बढ़ रही आतंकी घटनाएं और आतंकवादियों द्वारा उच्च तकनीक का इस्तेमाल जैसी चुनौतियां आज पूरे विश्व में परेशानी का सबब बनी हुई है। यही वजह है कि इससे निपटने के लिए वैश्विक संगठन अलग अलग रणनीति बनाने और सभी देशों के बीच समन्वय स्थापित करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।

    इस प्रयास में भारत उनकी पहली पसंद बनकर उभरा है। पिछले कई सालों में भारत एकलौता ऐसा देश है, जहां एक साल में आतंकवाद विरोधी 2 वैश्विक सम्मेलन आयोजित हो चुके हैं, जबकि एक का आयोजन कुछ ही दिनों में होने वाला है।

    2 बड़े सम्मेलनों में बनी थी आतंक पर कड़े प्रहार की रणनीति
    शांतिप्रिय राष्ट्रों के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने और आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने के मामले में निरंतर सहयोग के लिए एक पुल बनाने में मदद करने के लिए भारत ने अक्टूबर में दो वैश्विक कार्यक्रमों- दिल्ली में इंटरपोल की वार्षिक आम सभा और मुंबई एवं दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र की आतंकवाद विरोधी कमेटी के एक विशेष सत्र की मेजबानी की थी। इन दोनों सम्मेलनों में आतंकवाद और उससे निपटने के तरीकों पर अहम रणनीति तैयार की गई।

    दिल्ली में 18-19 नवंबर को नो मनी फॉर टेरर सम्मेलन
    भारत सरकार का गृह मंत्रालय 18 और 19 नवंबर को नई दिल्ली में तीसरे मंत्रिस्तरीय ‘नो मनी फॉर टेरर’ सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। गृह मंत्रालय ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य पेरिस (2018) और मेलबर्न (2019) में अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा आयोजित पिछले दो सम्मेलनों में आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने से संबंधित चचार्ओं को आगे बढ़ाना है।

    जानकारी के मुताबिक नो मनी फॉर टेरर सम्मेलन में होने वाली चर्चा आतंकवाद और आतंकवाद के वित्तपोषण के वैश्विक रुझानों, आतंकवाद के लिए धन के औपचारिक और अनौपचारिक चैनलों के इस्तेमाल, उभरती प्रौद्योगिकियों और आतंकवाद के वित्तपोषण और संबंधित चुनौतियों का सामना करने के लिए अपेक्षित अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर केंद्रित होगी। इसका इरादा दो दिनों में विस्तारित विचार-विमर्श के लिए 75 देशों और अंतरराष्ट्रीय निकायों के प्रतिनिधियों को एक साथ लाने का है।

    भारत बना वैश्विक आतंक के खिलाफ रणनीति का अहम हिस्सा
    गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भारत ने तीन दशकों से अधिक अवधि में कई प्रकार के आतंकवाद और इसके वित्तपोषण का सामना किया है, इसलिए वह इस तरह से प्रभावित राष्ट्रों के दर्द और आघात को समझता है।

    वहीं इस तरह के सम्मेलन का आयोजन भारत सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के मुद्दे को महत्व देने के साथ-साथ इस खतरे के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस की नीति और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करने की इच्छा को दर्शाता है।

    भारत सरकार का मानना है कि वैश्विक स्तर पर, विभिन्न देश कई वर्षों से आतंकवाद और उग्रवाद से प्रभावित हैं। अधिकांश मामलों में हिंसा का पैटर्न भिन्न होता है, लेकिन यह बड़े पैमाने पर लंबे समय तक सशस्त्र सांप्रदायिक संघर्षों के साथ-साथ एक अशांत भू-राजनीतिक वातावरण से उत्पन्न होता है।

    इस तरह के संघर्षों का नतीजा अक्सर कुशासन, राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक अभाव और बड़े अनियंत्रित क्षेत्र के रूप में सामने आता है। यही वजह है कि इस तरह के सम्मेलन विभिन्न राष्ट्रों के बीच समझ और सहयोग विकसित करने का काम करेंगे, जिसका प्रयास भारत लंबे वक्त से करते आ रहा है।