अंधविश्वास ; मरे हुए बाप को जिंदा करने के लिए किया यह बड़ा अपराध ,नवजात को अगवा कर देने जा रही थी बलि; फिर यूं बची मासूम की जान

अंधविश्वास ; मरे हुए बाप को जिंदा करने के लिए किया यह बड़ा अपराध ,नवजात को अगवा कर देने जा रही थी बलि; फिर यूं बची मासूम की जान

 

Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली में अंधविश्वास और पाखंड का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां अनर्थ करने जा रही एक महिला को समय रहते रोक लिया गया तो एक मासूम की जान बच गई. क्या है ये माजरा, आइए जानते हैं.

Superstition: मरे बाप को जिंदा करने के लिए किया नवजात को अगवा, देने जा रही थी बलि; फिर यूं बची मासूम की जान

दिल्ली (Delhi) में अंधविश्वास (Superstition) के मानने वालों का एक हैरतअंगेज मामला सामने आया है. जहां अपने मरे हुए पिता को जिंदा करने के लिए नवजात बच्चे की बलि देने के मक़सद से मासूम का अपहरण करने वाली महिला को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) की टीम ने गिरफ्तार किया. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अगवा हुए नवजात बच्चे को भी बरामद कर लिया है. इस मामले में पीड़ित महिला ने बताया कि अपहरणकर्ता महिला ने उनसे सफदरजंग अस्पताल में मुलाकात की और खुद को जच्चा-बच्चा की देखभाल के लिए काम करने वाले एनजीओ की सदस्य बताया था.

दिल्ली में हुई अंधविश्वास की हैरान कर देने वाली घटना

दक्षिण पूर्व जिले के थाना अमर कॉलोनी की टीम ने करीब 2 महीने के मासूम बच्चे के अपहरण का सनसनीखेज मामला सुलझा लिया है और 24 घंटे के भीतर कोटला मुबारकपुर से एक महिला को गिरफ्तार किया है. महिला ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उसने यह सब अपने अंधविश्वास के चलते किया.

पुलिस की सतर्कता से बची जान

दक्षिण पूर्वी दिल्ली की डीसीपी ईशा पांडे ने बताया कि 10 नवंबर की शाम करीब 4 बजे थाना अमर कॉलोनी में सूचना मिली कि दिल्ली के गढ़ी गांव से करीब दो महीने के नवजात बच्चे को अज्ञात महिला ने अगवा कर लिया है. इसके बाद अपहरण का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन टीम बनाई गई. आरोपी महिला ने पीड़िता को बच्चे की मुफ्त दवा और परामर्श दिलाने का वादा किया था. वो लगातार बच्चे की जांच कराने के बहाने संपर्क में रही. 10 नवंबर को आरोपी महिला ने बच्चे की मां को नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया और बच्चे को ले गई. इस इनपुट पर पुलिस ने मौका ए वारदात के आस-पास लगे कैमरे और अन्य सर्विलांस का इस्तेमाल करते हुए 24 घंटे के भीतर बच्चे को बरामद कर लिया.

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