Category: NATIONAL

  • राजस्थान ; BJP ने एक बार फिर से सबको चौंकाया: सारे अनुमान रह गए धरे के धरे, भजनलाल शर्मा बने सीएम

    राजस्थान ; BJP ने एक बार फिर से सबको चौंकाया: सारे अनुमान रह गए धरे के धरे, भजनलाल शर्मा बने सीएम

     

    Rajasthan CM: राजस्थान को नया मुख्यमंत्री मिल गया है. भाजपा ने भजनलाल शर्मा को राज्य की कमान सौंपी है. छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की तरह भाजपा ने राजस्थान में भी सीएम पद के लिए अपने फैसले से सभी को चौंका दिया. यहां भी सियासी पंडितों के सारे अनुमान धरे के धरे रह गए.

    Bhajanlal Sharma: कौन हैं भजन लाल शर्मा, जो बनाए गए राजस्थान के नए मुख्यमंत्री

     

    पार्टी ने सांगानेर सीट से विधायक भजन लाल शर्मा को प्रदेश की कमान सौंपी है. मंगलवार को जयपुर में हुई विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मोहर लगी. 3 दिसंबर को चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से ही राजस्थान में मुख्यमंत्री को लेकर बीजेपी में माथापच्ची चल रही थी.

     

    Who is Bhajanlal Sharma: कौन हैं भजन लाल शर्मा, जो बनाए गए राजस्थान के नए मुख्यमंत्री

    राजस्‍थान के नए सीएम फेस भजन लाल शर्मा

    मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राजस्थान में भी मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चौंकाया है. पार्टी ने सांगानेर सीट से विधायक भजन लाल शर्मा को प्रदेश की कमान सौंपी है. मंगलवार को जयपुर में हुई विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मोहर लगी. 3 दिसंबर को चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से ही राजस्थान में मुख्यमंत्री को लेकर बीजेपी में माथापच्ची चल रही थी.

     

  • पठानकोट में लगे अभिनेता सनी देओल की गुमशुदगी के पोस्टर

    You are currently viewing Punjab : पठानकोट में लगे अभिनेता सनी देओल की गुमशुदगी के पोस्टर

     पठानकोट में लगे अभिनेता सनी देओल की गुमशुदगी के पोस्टर

    • बॉलीवुड अभिनेता सन्नी देओल की दमदार एक्टिंग की वजह से उनके करोड़ों चाहने वाले है. लेकिन पंजाब में एक फिर उनकी गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए है. यहीं नहीं सन्नी देओल को खोजकर लाने वाले के लिए 50 हजार रुपए का इनाम भी रखा गया है. ये पहली बार नहीं हुआ कि सन्नी देओल के गुदशुदगी के पोस्टर लगे हो. दरअसल, सन्नी देओल गुरदासपुर-पठानकोट लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद है. लोगों का कहना है कि जब से सन्नी देओल सांसद बने है तब से वो दोनों जिलों में दोबारा दिखाई नहीं दिए, ना ही कोई विकास कार्य करवाया है.

    पठानकोट जिले के हलका भोआ के लोगों ने सरना बस स्टैंड पर सन्नी देओल के गुमशुदगी के पोस्टर लगातार रोष जताया. पठानकोट जिले में पहली बार ये गुमशुदगी के पोस्टर नहीं लगे है. इससे पहले जिले के हल्का पठानकोट और सुजानपुर में भी सन्नी देओल के गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए थे. लेकिन इसके बाद भी बीजेपी सांसद ने लोगों का दर्द जानने की कोशिश नहीं की. वो अपने लोकसभा क्षेत्र में कभी नहीं आए. जिसके वजह से रविवार को पठानकोट लोकसभा क्षेत्र में फिर लोगों का गुस्सा देखने को मिला. विरोध कर रहे लोगों ने बस में सफर कर लोगों को पोस्टर बांटे और बसों में भी चिपकाए ताकि उनके सांसद तक उनकी बात पहुंच सके.

  • केमिकल कंपनी की आड़ में ड्रग्स चल रहा था नशीले पदार्थ का गोरख धंधा; 218 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त

    केमिकल कंपनी की आड़ में ड्रग्स चल रहा था नशीले पदार्थ का गोरख धंधा; 218 करोड़ के नशीले पदार्थ जब्त

     

    मुंबई : महाराष्ट्र पुलिस ने आंचल केमिकल पर रेड मारकर करोड़ों की ड्रग्स जब्त की है। दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 325 करोड़ रुपए के नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। इसमें से 107 करोड़ रुपए की कुछ दिन पहले और 218 करोड़ रुपए की ड्रग्स अब जब्त की गई है। खोपोली के ढेकू गांव में ‘इंडिया इलेक्ट्रिक पोल्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी’ के अंदर ‘आंचल केमिकल’ में एमडी ड्रग कंपनी चल रही थी।

    पुलिस ने छापेमारी की और 107 करोड़ का MD ड्रग्स के साथ 3 लोगों को पकड़ा। इसके पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों को कोर्ट में पेश किया जहां कोर्ट ने 14 दिसंबर तक आरोपियों को पुलिस कस्टडी में भेजा। इसके बाद पुलिस ने कस्टडी में आरोपियों से कड़ी पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि कंपनी ने कुछ अन्य जगहों पर भी ड्रग्स छुपा कर रखे हैं। पुलिस ने फिर कंपनी के गोडाउन पर छापेमारी कर 174 किलो एमडी ड्रग्स बरामद किया। पुलिस के मुताबिक, बरामद किए गए ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 218 करोड़ रुपए है। वहीं पुलिस ने बताया दोनों कार्रवाई में पुलिस ने कुल 325 करोड़ का ड्रग्स अब तक जब्त किया है।

  • संघ के करीबी है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने वाले मोहन यादव

    संघ के करीबी है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने वाले मोहन यादव

     

    मोहन यादव ने 1982 में राजनीति में कदम रखा था. वह माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह सचिव चुने गए थे. विधानसभा चुनाव में उन्हें पहली बार 2013 में मौका मिला था. इसके बाद वह 2018 में भी चुनाव जीते थे. डॉ. मोहन शिवराज सिंंह सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं.

     

    Who is Mohan Yadav: संघ के करीबी, 2013 में बने विधायक अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने मोहन यादव

    मध्‍य प्रदेश के नए सीएम मोहन यादव

    मध्य प्रदेश के नए सीएम बने मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं. वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के करीबी हैं. शिवराज सिंह सरकार में वह उच्च शिक्षा मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं. वह उज्जैन दक्षिण से लगातार जीतने वाले पहले नेता हैं. मोहन यादव पहली बार 2013 में विधायक बने थे. इस बार चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार से तकरीबन 12941 मतों से जीत हासिल की थी.

    डॉ. मोहन यादव ने 1982 में राजनीति में कदम रखा था. वह माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह सचिव चुने गए थे. इसके बाद 1984 में उन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उज्जैन का नगर मंत्री बनाया गया था. यहां उनके बढ़िया कामकाज का इनाम मिला और 1986 में उन्हें संगठन का विभाग प्रमुख और इसके दो साल बाद ही एबीवीपी की मध्य प्रदेश इकाई में उन्हें सहमंत्री और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य का दायित्व दिया गया था.

    शिवराज सरकार में थे कैबिनेट मंत्री, उज्जैन संभाग के बड़े नेता

    डॉ. मोहन यादव को 2020 में शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. यहां उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्रालय संभाला था. डॉ. यादव को सीएम बनाने के पीछे उज्जैन संभाग पर उनकी पकड़ और यहां कराया गया उनका कामकाज रहा. दरअसल मोहन यादव उज्जैन संभाग के बड़े नेता माने जाते हैं. वह लगातार यहां सक्रिय रहे. यहां कराए गए विकास कार्यों को लेकर उन्हें कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं.

    उज्जैन के विकास के लिए मिल चुका है पुरस्कार

    डॉ. मोहन यादव को उज्जैन के समग्र विकास के लिए अप्रवासी भारतीय संगठन शिकागो की ओर से डॉ. मोहन यादव को महात्मा गांधी पुरस्कार और इंस्कॉन इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया जा चुका है. इसके अलावा मध्य प्रदेश में पर्यटन के निंतर विकास के लिए उन्हें 2011 से 2012 और 2013 से 2013 में लगातार दो बार राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार दिया गया.

  • किसानों ने मुंबई-आगरा हाईवे किया जाम , खुद शरद पवार भी विरोध-प्रदर्शन में हुए शामिल

     किसानों ने मुंबई-आगरा हाईवे किया जाम , खुद शरद पवार भी विरोध-प्रदर्शन में हुए शामिल

     

    नासिक : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार प्याज निर्यात पर केंद्र के प्रतिबंध के विरोध में आयोजित किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुए। 83 वर्षीय पवार कई पार्टी नेताओं के साथ दोपहर में चंदवाड शहर में प्याज उत्पादकों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए, जिसमें हजारों स्थानीय किसानों ने भाग लिया। चार साल में यह पहली बार है कि राज्यसभा सदस्य पवार किसी आम सार्वजनिक मुद्दे के लिए सीधे मैदान में आंदोलन में भाग लिया।

    पिछले कुछ महीनों से, स्थानीय बाजारों में प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र द्वारा 31 मार्च 2024 तक प्याज के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे हैं। नासिक और अन्य हिस्सों में किसान निर्यात प्रतिबंध को वापस लेने की मांग को लेकर पिछले कुछ महीनों से एपीएमसी में हड़ताल के साथ नियमित विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

    विभिन्न दलों के राजनेताओं ने कहा है कि मानसून में असमान बारिश के साथ सूखे जैसी स्थिति और हाल ही में बेमौसम बारिश/ओलावृष्टि से सर्दियों में फसलें बर्बाद होने के मद्देनजर निर्यात प्रतिबंध दोहरी मार साबित हुआ है।

    नवंबर 2019 में, भाजपा के देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री और अलग हुए नेता के रूप में शपथ ग्रहण समारोह के बाद, अनुभवी मराठा (तत्कालीन) नवगठित महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को बचाने के बेताब प्रयासों में पूरी ताकत से कूद पड़े थे। उस समय भी अजित पवार उपमुख्यमंत्री बने थे, हालाँकि दो-सदस्यीय सरकार बमुश्किल 80 घंटे ही चल सकी थी।

  • सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनाव आयोग को सितंबर 2024 तक जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने का निर्देश

    सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनाव आयोग को सितंबर 2024 तक जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने का निर्देश

     

     

    नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारत के चुनाव आयोग से अगले साल 30 सितंबर तक जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव कराने के लिए कदम उठाने को कहा। सीजेआई डी.वाई. चंद्रचूड़ ने कहा, यह न्यायालय क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं के प्रति सचेत है। विधानसभाओं के लिए प्रत्यक्ष चुनाव, जो भारत में प्रतिनिधि लोकतंत्र की सर्वोपरि विशेषताओं में से एक है, को राज्य का दर्जा बहाल होने तक रोका नहीं जा सकता है।

    उन्होंने आगे कहा, हम निर्देश देते हैं कि भारत के चुनाव आयोग द्वारा 30 सितंबर 2024 तक पुनर्गठन अधिनियम की धारा 14 के तहत गठित जम्मू और कश्मीर विधान सभा के चुनाव कराने के लिए कदम उठाए जाएंगे और राज्य का दर्जा जल्द से जल्द बहाल किया जाएगा। 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजित करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर फैसला सुनाते हुए, सीजेआई चंद्रचूड़ ने अनुच्छेद 3 (ए) के कारण केंद्र शासित प्रदेश के रूप में लद्दाख की स्थिति को बरकरार रखा। )

    उन्होंने कहा, “सॉलिसिटर जनरल की इस दलील के मद्देनजर कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल किया जाएगा, हमें यह तय करना जरूरी नहीं लगता कि जम्मू-कश्मीर राज्य का पुनर्गठन दो केंद्र शासित प्रदेशों लद्दाख और जम्मू में किया जाएगा या नहीं।”

    सीजेआई चंद्रचूड़ ने स्पष्ट किया कि क्या संसद अनुच्छेद 3 के तहत शक्ति का प्रयोग करके किसी राज्य को एक या अधिक केंद्र शासित प्रदेशों में परिवर्तित करके राज्य के चरित्र को खत्म कर सकती है, यह सवाल खुला छोड़ दिया गया है। यह याद किया जा सकता है कि शीर्ष अदालत ने पहले इस बात पर जोर दिया था कि पूर्ववर्ती राज्य “स्थायी रूप से केंद्र शासित प्रदेश” नहीं हो सकता, और कहा कि लोकतंत्र की बहाली बहुत महत्वपूर्ण है।

    सुनवाई के दौरान, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि वह कोई सटीक समय-सीमा नहीं दे सकती है और जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने में “कुछ समय” लगेगा, जबकि यह दोहराते हुए कि केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा “अस्थायी” है। लद्दाख के संबंध में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि यह केंद्र शासित प्रदेश बना रहेगा।

  • Latest update; गिनते-गिनते मशीनों की हालत खराब, अब तक 290 करोड़ बरामद

    Latest update; गिनते-गिनते मशीनों की हालत खराब, अब तक 290 करोड़ बरामद

     

    Dhiraj Sahu Income Tax Raid Update: रांची से लेकर ओडिशा और पश्चिम बंगाल में इनकम टैक्स की 4 दिनों से छापेमारी चल रही है. कांग्रेस सांसद के ठिकानों से इतने नोट मिल रहे हैं कि गिनना मुश्किल हो गया है. छापेमारी में अब तक 290 करोड़ से ज्यादा की रकम बरामद हो चुकी है.

    कैश किला कहिए या कैश कोठरी या फिर कैश लोक, नोट इतने कि दिमाग चकरा जाए. मशीनों से भी गिनती न हो पाए. लेकिन ये हकीकत है. कांग्रेस सांसद धीरज साहू और करीबियों से अब तक 3 राज्यों में करीब 290 करोड़ रुपये कैश में जब्त हो चुका हैं. सारे नोट आयकर विभाग की छापेमारी में मिले हैं. रेड के चौथे दिन आज भी नोटों की गिनती अभी जारी है. 290 करोड़ अब तक बरामद हो चुके हैं. साहू के घर से 3 सूटकेस लेकर टीम गई है. सूत्रों के मुताबिक, टीम गहनों से भरा बैग लेकर आई है. अभी और कितने नोट मिलेंगे इसका अंदाजा किसी को नहीं है. कांग्रेस सांसद के ठिकानों से बरामद हो रहे नोटों पर अब बीजेपी ने मोर्चा खोल दिया है.

    मिल गया नोटों का खजाना

    ओडिशा में नोटों का खजाना निकल रहा है. नोट गिनने की बात तो छोड़िए. नोटों से भरे इतने बैग हैं कि गिनते गिनते दिमाग चकरा जाए. झारखंड में आलमारियां नोटों की गड्डियों से भरी हुई हैं. नोटों की गिनती में लगी मशीनें खराब हो गईं लेकिन नोट खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं. पश्चिम बंगाल के कोलकाता में भी इनकम टैक्स की छापेमारी चल रही है. आज छापेमारी का चौथा दिन है लेकिन काली कमाई के कुबेर के खजाने में इतने नोट हैं कि खत्म होने का नाम नहीं ले रहे.

    कैश बरामदगी का बनेगा रिकॉर्ड?

    दावा किया जा रहा है कि कैश की ये बरामदगी देश में नया रिकॉर्ड़ बना सकती है. ये कैश बौध डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड और कंपनी से जुड़े परिसरों से मिल रहा है. बता दें कि धीरज साहू के रिश्तेदारों के नाम ओडिशा में शराब का बड़ा कारोबार है. हालांकि, इस छापेमारी के संबंध में अब तक धीरज साहू उनकी फर्म की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. इस बीच कैश बरामदगी के बाद झारखंड की सियासत गरमा गई है. बीजेपी की ओर से सीधा कांग्रेस पर निशाना साध रही है.

    भ्रष्टाचार पर एक्शन के बाद बीजेपी हुई आक्रामक

    छापेमारी में मिल रही रकम और कांग्रेस सांसद से जुड़ा मामला होने की वजह से बीजेपी पूरी तरह से आक्रामक है. बीजेपी कांग्रेस के भ्रष्टाचार को लेकर जगह-जगह प्रदर्शन कर रही है. बीजेपी आरोप लगा रही है कि मोहब्बत की दुकान पर भ्रष्टाचार का कारोबार चल रहा है. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी से सीधे सवाल पूछे. वहीं, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने तो दावा किया कि इस छापेमारी में इतने पैसे मिल सकते हैं जितना इनकम टैक्स और भारत के इतिहास में कभी ना मिला हो. अभी कैश की कई कोठरियां खुलनी बाकी हैं.

  • राजस्थान के मुख्यमंत्री की दौड़ से बाहर हुए महंत बालकनाथ, सोशल मीडिया पर की घोषणा

    राजस्थान के मुख्यमंत्री की दौड़ से बाहर हुए महंत बालकनाथ, सोशल मीडिया पर की घोषणा

     

    नई दिल्ली : राजस्थान में नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए होने वाली विधायक दल की बैठक से पहले मुख्यमंत्री पद के दावेदारों में गिने जाने वाले महंत बालकनाथ ने इस रेस से बाहर होने की घोषणा की है।

    राजस्थान की तिजारा विधानसभा से चुनाव जीतने के बाद लोक सभा की सदस्यता से इस्तीफा देने वाले महंत बालकनाथ को मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदारों में गिना जा रहा था। लेकिन उन्होंने शनिवार को स्वयं सोशल मीडिया पर यह घोषणा कर दी कि वह सीएम पद की रेस में नहीं हैो।

    महंत ने अपनी भूमिका को साफ करते हुए कहा कि जनता ने उन्हें पहली बार सांसद व पहली बार विधायक बना कर राष्ट्रसेवा का अवसर दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उन्हें अनुभव प्राप्त करना है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “पार्टी व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनता-जनार्दन ने पहली बार सांसद व विधायक बना कर राष्ट्रसेवा का अवसर दिया। चुनाव परिणाम आने के बाद से मीडिया व सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं को नज़र अंदाज़ करें। मुझे अभी प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में अनुभव प्राप्त करना है।”

  • जालंधर में कई पुलिस कर्मचारियों का हुआ तबादला, पढ़ें लिस्ट

    You are currently viewing जालंधर में कई पुलिस कर्मचारियों का हुआ तबादला, पढ़ें लिस्ट

    Major administrative reshuffle in Punjab, 42 IAS, IPS officers transferred… read full news

    जालंधर में कई पुलिस कर्मचारियों का हुआ तबादला, पढ़ें लिस्ट

     

    जालंधर पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने जब से चार्ज संभाला है तब से वह एक्शन मूड में नजर आ रहे हैं। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने कुछ दिन पहले तमाम पुलिस अधिकारियों और पुलिस कर्मचारियों के साथ मीटिंग कर शहर के कानून व्यवथा की स्थिति को मेंटेन करने के सख्त आदेश दिए थे, वहीं आज भ्रष्टाचार में लिप्त पुलिस वालों पर कार्रवाई की है।

  • जालंधर के मशहूर अस्पताल नजदीक बड़ी वारदात

    You are currently viewing जालंधर के मशहूर अस्पताल नजदीक बड़ी वारदात

    जालंधर के मशहूर अस्पताल नजदीक बड़ी वारदात

    शहर के टैगोर अस्पताल की बैक साइड के संगत नगर मे देर रात बड़ी वारदात की खबर सामने आई है। यहां कुछ युवकों ने फॉर्च्यूनर गाड़ी के शीशे तोड़ दिए, जिसकी सी.सी.टी.वी. फुटेज भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार एक्टिवा सवार 2 नकाबपोश युवकों ने ईटें मारकर गाड़ी के शाशी तोड़ दिए और भाग गए। वहीं उक्त सारी घटना वहां लगे कैमरों में कैद हो गई।