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ई-रिक्शा और ऑटो-रिक्शा चालकों के लर्निंग लाइसेंस बनाने संबंधित 5 अगस्त से विशेष अभियान
आवेदकों की मदद के लिए स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर एक विशेष काउंटर होगा स्थापित
MBD NEWS (सुमेश शर्मा) जालंधर, 31 जुलाई:शहर के ई-रिक्शा और ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए आर. टी. ओ. दफ्तर पांच अगस्त से विशेष अभियान शुरू कर रहा है।
इस संबंध में अधिक जानकारी देते हुए रीजनल ट्रांसपोर्ट अधिकारी अमनप्रीत सिंह ने बताया कि ई-रिक्शा और ऑटो-रिक्शा चालकों को लर्निंग लाइसेंस बनाने में सहयोग देने के लिए आर. टी. ओ. दफ्तर द्वारा विशेष अभियान चलाया गया है।
उन्होंने कहा कि जिन ई-रिक्शा और ऑटो रिक्शा चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, वे लर्निंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ए.आर.टी.ओ. विशाल गोयल को इस अभियान को उचित ढंग से चलाने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
उन्होंने आगे बताया कि लर्निंग लाइसेंस बनाने में मदद के लिए ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक पर एक विशेष काउंटर स्थापित किया जा रहा है, जहां एक समर्पित कर्मचारी तैनात किया जाएगा ताकि आवेदकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
आरटीओ ने कहा कि लर्निंग लाइसेंस के लिए ई-रिक्शा और ऑटो-रिक्शा चालकों का टेस्ट प्राथमिकता के आधार पर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि लर्निंग लाइसेंस 180 दिन के लिए बनता है और लर्निंग लाइसेंस बनने के 30 दिन बाद वाहन चालक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा और ऑटो-रिक्शा चलाने वाला प्रत्येक चालक एक लाइसेंस प्राप्त चालक हो।
इससे पहले आर.टी.ओ अमनप्रीत सिंह ने इस मुद्दे पर विभिन्न एसोसिएशनों के साथ बैठक भी की ताकि इस पहल का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा सके।
युवा देश का भविष्य होता है. युवाओं के कंधों पर देश के उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी होती है. उसी देश की सेवा करने का ख्वाब लिए तमाम नौजवान अपने-अपने घरों से निकलकर देश की राजधानी दिल्ली पहुंचते हैं. भले ही कई बच्चे गरीब घरों से निकलकर शहर में पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं लेकिन उनके सपने बड़े होते हैं. गांव-देहात के आंगन से निकलकर ये शहरों के छोटे-छोटे कमरों में रहने को सिर्फ इसलिए मजबूर होते हैं क्योंकि इन्हें यहीं से निकलकर एक दिन अपने बड़े-बड़े सपनों को पूरा करना होता है. छात्र सोचते हैं कि बड़े कोचिंग सेंटर अच्छी शिक्षा देंगे जिससे उनका करियर बन जाएगा. कर्ज लेकर कोचिंग सेंटर्स में एडमिशन लेते हैं लेकिन यही कोचिंग सेंटर्स नियमों की अनदेखी कर इन छात्रों की जान को खतरे में डाल देते हैं. ओल्ड राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर की बेसमेंट में पानी भरने से मौत के हादसे के बाद छात्र धरना दे रहे हैं. प्रोटेस्ट वाली जगह पहुंचकर हमने कुछ छात्रों से बातचीत की जिसमें स्टूडेंट्स ने अपनी पीड़ा बताई.
सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाली रिधिमा ने कोचिंग हादसे को लेकर प्रशासन के प्रति अपना गुस्सा जाहिर करते हुए बताया कि, “हमें ग्रुप से पता चला कि ओल्ड राजेंद्र नगर में ही बेसमेंट में पानी भरने से 3 बच्चों की मौत हो गई. अब क्या कहें बहुत बुरा लग रहा है. यहां पर आप सर्च कर लीजिए कि इधर ज्यादातर लाइब्रेरी जो हैं वो बेसमेंट में बनी हुई हैं. अवैध रूप से बेसमेंट में बनी लाइब्रेरी पर एमसीडी को ध्यान देना चाहिए था.”
रिधिमा आगे बात करते हुए प्रशासन से पूछती हैं कि आप लोग हमारी जान पर खेल रहे हो? आप क्या वेट कर रहे हो कि पहले मौतें हों फिर आप अलर्ट होंगे? आज सारा मीडिया और प्रशासन एकजुट हो गया है, पहले कहां थे ये?

लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी, अनुराग ठाकुर और अखिलेश यादव
नई दिल्लीः लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सदन में आरोप लगाया कि बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने उन्हें गालियां दी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि जो भी आदिवासी, दलित और पिछड़े के मुद्दे उठाता है, उसे गाली दी जाती है। मैं इन गालियों को खुशी-खुशी स्वीकार करूंगा। अनुराग ठाकुर ने मुझे गाली दी है और मेरा अपमान किया है। लेकिन मैं उनसे कोई माफी नहीं चाहता।
राहुल गांधी ने कहा कि जैसे महाभारत काल में अर्जुन की निगाह मछली पर थी वैसे मेरी निगाह जातिगत जनगणना पर है। सत्ता में आते ही हम इसे कराकर दिखाएंगे। राहुल ने कहा कि मुझे यहां पर अपमानित किया गया और गाली दी गई लेकिन मैं इससे पीछे नहीं हटूंगा।
अनुराग ठाकुर ने दी सफाई
राहुल गांधी के आरोप पर बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मैंने कहा था कि जो जाति के बारे में नहीं जानता वह जनगणना की बात करता है। मैंने किसी का नाम नहीं लिया। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्रियों ने जातिगत जनगणना का विरोध किया था। इंदिरा गांधी और जवाहर लाल नेहरू ने भी इसका विरोध किया था।
केरल के वायनाड जिले में मंगलवार सुबह कई जगहों पर भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड हो गया. लैंडस्लाइड से हुए भीषण हादसे में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है. हादसे में अब तक कम से कम 143 लोगों की मौत हो गई है और 128 लोग घायल हुए हैं. वहीं सैकड़ों लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के चलते मृतकों की संख्या बढ़ने का अनुमान है.
वायनाड में भारी बारिश की वजह से रेड अलर्ट जारी किया है. इलाके में लैंडस्लाइड की घटना मंगलवार सुबह हुई, ऐसे में घरों में सो रहे लोगों को बचने का मौका भी नहीं मिल पाया. बड़ी संख्या में सेना, नौसेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के बचाव दल खराब मौसम के बीच पीड़ितों की तलाश कर रहे हैं और पीड़ित लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए कई एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं.
कड़ी मुश्किल का करना पड़ रहा सामना
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बताया जिले में स्थापित 45 राहत शिविरों में 3,000 से अधिक लोगों को स्थानांतरित किया गया है. विजयन ने ने बताया कि पहला लैंडस्लाइड रात दो बजे हुआ, उसके बाद दूसरा लैंडस्लाइड सुबह चार बजकर दस मिनट पर हुआ. उन्होंने बताया कि लोगों को ढूंढने और मदद करने के लिए ड्रोन और डॉग स्क्वॉड की मदद भी ली जा रही है. इलाके में बारिश की वजह से हालात इतने ज्यादा खराब हैं कि, रेस्क्यू टीम को लोगों के शव निकालने में भी कड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है.
रक्षा मंत्रालय ने एक एक्स पर एक पोस्ट में कहा, कि सभी संभव प्रयास जारी हैं. अतिरिक्त सैनिक, मशीनें, डॉग स्क्वॉड और अन्य आवश्यक राहत सामग्री को त्रिवेंद्रम, बेंगलुरु और दिल्ली से सेवा विमानों द्वारा पहुंचाया जा रहा है. इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से बात कर भूस्खलन प्रभावित वायनाड में सेना द्वारा चलाए जा रहे बचाव एवं राहत कार्यों का जायजा लिया.