हर साल भरता है पानी,हादसे के कारण हुई मौत ने खोली लापरवाही की पोल… दिल्ली कोचिंग हादसे को लेकर धरने पर बैठे छात्रों का छलका दर्द
दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर में 27 जुलाई को राव आईएस कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने के कारण 3 छात्रों की मौत हो गई थी. यूपी की श्रेया यादव, तेलंगाना की तान्या और केरल के नेविन डाल्विन की इस हादसे में मौत हो गई थी. जिसके बाद छात्रों ने सड़कों पर उतरकर प्रोटेस्ट करना शुरू कर दिया. छात्रों में आक्रोश है. इस घटना के बाद से जमकर हंगामा मचा हुआ है. प्रशासन की लापरवाही पर तो सवाल उठ ही रहे हैं. साथ ही 3 छात्रों की मौत अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई
युवा देश का भविष्य होता है. युवाओं के कंधों पर देश के उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी होती है. उसी देश की सेवा करने का ख्वाब लिए तमाम नौजवान अपने-अपने घरों से निकलकर देश की राजधानी दिल्ली पहुंचते हैं. भले ही कई बच्चे गरीब घरों से निकलकर शहर में पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं लेकिन उनके सपने बड़े होते हैं. गांव-देहात के आंगन से निकलकर ये शहरों के छोटे-छोटे कमरों में रहने को सिर्फ इसलिए मजबूर होते हैं क्योंकि इन्हें यहीं से निकलकर एक दिन अपने बड़े-बड़े सपनों को पूरा करना होता है. छात्र सोचते हैं कि बड़े कोचिंग सेंटर अच्छी शिक्षा देंगे जिससे उनका करियर बन जाएगा. कर्ज लेकर कोचिंग सेंटर्स में एडमिशन लेते हैं लेकिन यही कोचिंग सेंटर्स नियमों की अनदेखी कर इन छात्रों की जान को खतरे में डाल देते हैं. ओल्ड राजेंद्र नगर में कोचिंग सेंटर की बेसमेंट में पानी भरने से मौत के हादसे के बाद छात्र धरना दे रहे हैं. प्रोटेस्ट वाली जगह पहुंचकर हमने कुछ छात्रों से बातचीत की जिसमें स्टूडेंट्स ने अपनी पीड़ा बताई.
ज्यादातर लाइब्रेरी बेसमेंट में बनी हैं’
सिविल सर्विसेज की तैयारी करने वाली रिधिमा ने कोचिंग हादसे को लेकर प्रशासन के प्रति अपना गुस्सा जाहिर करते हुए बताया कि, “हमें ग्रुप से पता चला कि ओल्ड राजेंद्र नगर में ही बेसमेंट में पानी भरने से 3 बच्चों की मौत हो गई. अब क्या कहें बहुत बुरा लग रहा है. यहां पर आप सर्च कर लीजिए कि इधर ज्यादातर लाइब्रेरी जो हैं वो बेसमेंट में बनी हुई हैं. अवैध रूप से बेसमेंट में बनी लाइब्रेरी पर एमसीडी को ध्यान देना चाहिए था.”
रिधिमा आगे बात करते हुए प्रशासन से पूछती हैं कि आप लोग हमारी जान पर खेल रहे हो? आप क्या वेट कर रहे हो कि पहले मौतें हों फिर आप अलर्ट होंगे? आज सारा मीडिया और प्रशासन एकजुट हो गया है, पहले कहां थे ये?








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