Author: Sumesh Sharma

  • जानें देश मे किस जगह रोड पर हुआ बम धमाका?, लोगों में मची अफरातफरी

    जानें देश मे किस जगह रोड पर हुआ बम धमाका?, लोगों में मची अफरातफरी

     

    कोलकाता- पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बम धमाके की खबर सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार ब्लोचमैन सेंट और एसएन बनर्जी रोड के क्रॉसिंग पर जोरधार धमाका हुआ है। इस हादसे में एक व्यक्ति घायल बताया जा रहा है।

    जानकारी के अनुसार कोलकाता पुलिस ने बताया कि यह धमाका करीब दोपहर लगभग डेढ़ बजे हुआ। पुलिस को इसकी सूचना 1.45 बजे दी गई। विस्फोट की घटना में एक शख्स घायल हो गया, जो कचरा बीनने का काम करता था। पुलिस ने बताया कि विस्फोट एक संदिग्ध बैग में हुआ। जब एक शख्स उस बैग को उठाने की कोशिश कर रहा था तभी उसमें धमाका हुआ। घायल शख्स को एनआरएस अस्पताल ले जाया गया है। उसकी दाहिनी कलाई पर चोट लगी है।

    पुलिस ने बताया कि इलाके को सुरक्षा टेप से घेर लिया गया और फिर बम डिटेक्शन और डिस्पोजल स्क्वॉड टीम को बुलाया गया। इसके बाद बीडीडीएस के कर्मचारी पहुंचे, बैग और आसपास की जांच की गई। उनके जाने के बाद यातायात की इजाजत दी गई। बताया जा रहा है कि धमाका होते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। हालांकि, हालात अब सामान्य होते नजर आ रहे हैं। पुलिस टीम की ओर से सतर्कता बढ़ा दी गई है।

  • प्रशासन ने शांतमयी रोष प्रदर्शन के लिए 9 स्थान निर्धारित किए

     

    प्रशासन ने शांतमयी रोष प्रदर्शन के लिए 9 स्थान निर्धारित किए

     

    MBD NEWS जालंधर (सुमेश शर्मा) 13 सितम्बर:ज़िला प्रशासन द्वारा अलग- अलग संगठनों द्वारा किए जाने वाले शांतमयी प्रदर्शन के लिए ज़िले में 9 स्थानों निर्धारित किए गए है।

    अतिरिक्त ज़िला मैजिस्ट्रेट मेजर डा. अमित महाजन ने बताया कि शांतमयी प्रर्दशन के लिए जो कोई स्थान निर्धारित किए गए है, उनमें पुड्डा ग्राउंड तहसील कंपलैक्स जालंधर के सामने, देश भक्त यादगार हाल, बर्लटन पार्क, दुशहरा ग्राउंड जालंधर कैंट, इम्परूवमैंट ट्रस्ट ग्राउंड करतारपुर, दाना मंडी भोगपुर, कपूरथला रोड, नकोदर के पश्चिमी तरफ़, दाना मंडी गाँव सैफ़ावाला ( फिल्लौर) और नगर पंचायत कंपलैक्स शाहकोट शामिल है।

    आदेशों में कहा गया है कि प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन से पहले पुलिस कमिश्नर या उप मंडल मैजिस्ट्रेट ( जो भी लागू हो) से पहले मंजूरी लेना अनिर्वाय होगा। इसी तरह प्रदर्शन दौरान चाकू, लाठी आदि सहित किसी भी तरह का हथियार ले कर जाने की इजाज़त नहीं होगी।

    आर्गनाईज़र को प्रत्येक उचित जंक्शन पर प्रदर्शन के साथ मार्शल और शांतिपूर्ण मार्च यकीनी बनाने सम्बन्धित लिखित देना होगा। प्रदर्शन दौरान अपनी किसी भी ग़ैर- कानूनी कार्यवाही करके होने वाले जान-माल नुक्सान के लिए आर्गनाईज़र/ प्रदर्शनकारी ज़िम्मेदार होंगे।

    यह आदेश 13 सितम्बर 2024 को जारी होने की तारीख़ से अगले दो महीने तक लागू रहेंगे।

  • पशुओं को शरेआम सड़कों और जनतक स्थानों पर छोड़ने पर पाबंदी

     

    पशुओं को शरेआम सड़कों और जनतक स्थानों पर छोड़ने पर पाबंदी

    MBD NEWS: जालंधर, 13 सितम्बर: अतिरिक्त ज़िला मैजिस्ट्रेट मेजर डा. अमित महाजन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 अधीन प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किए है कि ज़िला जालंधर ( देहाती) की सीमा में पड़ते हलके में कोई भी व्यक्ति अपने पशुओं को शरेआम सड़कों और जनतक स्थानों पर नहीं छोडेगा।
    यह आदेश 8 नवंबर 2024 तक लागू रहेगा।

  • चंडीगढ़; घर पर हुए ग्रेनेड अटैक मामले में पुलिस के हाथ लगी बड़ी सफलता, पिस्टल और गोला-बारूद सहित आरोपी गिरफ्तार

    चंडीगढ़; घर पर हुए ग्रेनेड अटैक मामले में पुलिस के हाथ लगी बड़ी सफलता, पिस्टल और गोला-बारूद सहित आरोपी गिरफ्तार

     

     
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    चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): चंडीगढ़ के सेक्टर 10 स्थित घर पर हुए ग्रेनेड अटैक केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने ग्रेनेड अटैक मामले में आरोपी रोहन मसीह वासी गांव पासिया, अमृतसर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल और गोला-बारूद भी बरामद किया है।

    इसकी जानकारी DGP पंजाब गौरव यादव ने सोशल मीडिया पर शेयर की है। बता दें कि आरोपी अमृतसर के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल की हिरासत में है। पूछताछ में आरोपी रोहन ने ग्रेनेड हमले की बात कबूली है। वहीं, लुधियाना के खन्ना से भी कुछ संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं।

  • पड़ोसी ने एक ही परिवार के चार लोगों को कुल्हाड़ी से काटा, जानें क्या बताई वजह…

    पड़ोसी ने एक ही परिवार के चार लोगों को कुल्हाड़ी से काटा, जानें क्या बताई वजह…

     

    छत्तीसगढ़- छत्तीसगढ़ में बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड में एक दर्दनाक मामला सामने आया है। जहां जादू टोने के शक में पड़ोसी ने एक परिवार के चार लोगों पर कल्हाड़ी से हमला कर मौत के घाट उतार दिया गया। मरने वालों में दो बहनें, एक भाई और एक बच्चा है।

    इस घटना पर कसडोल पुलिस ने तीन संदेहियों रामनाथ पाटले, उनके पुत्र दीपक व दिल कुमार को हिरासत में लिया है। जानकारी के अनुसार आरोपियों ने 45 वर्षीय भाई चेतराम केवट, यशोदा बाई, जमुना व उसके 11 माह के बच्चे को कुल्हाड़ी से वार करके मौत के घाट उतार डाला। बताया गया कि रामनाथ पाटले की बेटी की एक माह से तबीयत खराब है। इस पर आरोप लगाया गया कि केवट परिवार ने कुछ जादू टोना कर रखा है। इसके बाद संदेहियों ने कुल्हाड़ी से जघन्य हत्याकांड को अंजाम दे दिया। पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हत्याकांड की घटना के बाद स्थिति को काबू में बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • हिमाचल : मंडी में लोगों ने किया जबरदस्त बवाल, ‘सील की जाएगी अवैध निर्माण वाली मस्जिद’

    हिमाचल : मंडी में लोगों ने किया जबरदस्त बवाल, ‘सील की जाएगी अवैध निर्माण वाली मस्जिद’

     

     

    मंडी- हिमाचल प्रदेश के मंडी में अवैध मस्जिद निर्माण को लेकर विभिन्न हिंदू संगठन शुक्रवार को रैली निकाल रहे हैं। इसी बीच इस मामले को लेकर कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मस्जिद के अवैध हिस्से को गिराने का आदेश जारी कर दिया है।

    अ‌वैध दो मंजिलें 30 दिन में गिरानी होंगी। नगर निगम आयुक्त एचएस राणा की कोर्ट ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। आयुक्त एचएच राणा ने अपने फैसले में कहा कि मंडी में जेल रोड मस्जिद के अवैध ढांचे को गिराना होगा। वहां पर मस्जिद की पुरानी स्थिति बहाल करनी होगी। साथ ही कोर्ट ने कहा कि मुस्लिम पक्ष इस मामले में 30 दिनों के अंदर अपील कर सकेगा। हालांकि, मुस्लिम पक्ष ने कहा कि वो खुद ही अवैध हिस्से को तोड़ रहे हैं, ताकि इलाके में आपसी भाईचारा बना रहे। उन पर किसी का कोई दबाव नहीं है।

    मंडी में मस्जिद मामले पर हिन्दू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। हजारों की संख्या में लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को छोटी काशी से बाहर करने की भी मांग की। इन्होंने कहा कि हिमाचल सरकार की जमीन पर मस्जिद का निर्माण हुआ है। इसे तोड़ना ही होगा। सेरी मंच से आक्रोश रैली शुरू हुई और पूरे बाजार से होते हुए सकोडी चौक की ओर बढ़ी। हिंदू संगठनों के विरोध प्रदर्शन पर काबू पाने के लिए प्रशासन की तरफ से पानी की बौछार भी की गई।

    वहीं, इस मामले को लेकर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि मंडी में अवैध निर्माण की बात सामने आई है। मस्जिद विवाद को लेकर कमेटी बनेगी। यह शांति प्रिय राज्य है, जहां सभी धर्मों का सम्मान होता है। किसी भी धर्म और जाति को ठेस नहीं पहुंचाई जाएगी। हमारी सरकार कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। अवैध निर्माण स्वीकार्य नहीं है। लेकिन अवैध निर्माण को लेकर भी कानून के दायरे में कार्रवाई होगी।

  • देश मे सड़क हादसों में हुआ इजाफा; भारत की हालत की खराब क्यो ..

    देश मे सड़क हादसों में हुआ इजाफा; भारत की हालत की खराब क्यो …

     

    दिल्ली में आए दिन होने वाले सड़क हादसों को लेकर दिल्ली सरकार की विशेष रिपोर्ट सामने आई है. जिसके मुताबिक सबसे ज्यादा हादसे रात के नौ बजे से लेकर सुबह के दो बजे तक होते हैं. पूरे देश की बात करे तो हालात इससे भी बुरे हैं. टॉप 10 राज्यों में सबसे ज्यादा सड़क हादसे तमिलनाडु में होते हैं तो वहीं सबसे ज्यादा मौतें उत्तर प्रदेश में.

     

    आपको क्या पता है हर साल देश में 1 लाख से भी ज्यादा लोग, अपनी जान किसी एक ही कारण से खो रहे हैं? आप अंदाज़ा लगाएंगे कि वो कोई बड़ी बीमारी होगी.. मगर नहीं.. इतने लोगों की जान सिर्फ अकले सड़क हादसों में जाती है.

    सड़कें लोगों को आपस में जोड़ने का काम करती हैं. एक जगह से दूसरी जगह ले जाने का आसान रास्ता है. लेकिन सड़कों पर तेज रफ्तार से चलती गाड़िया और मंजिल तक पहुंचने की जल्दबाजी, अक्सर ये सफर एक ऐसे मोड़ पर खत्म होता है जहां जिंदगी और मौत का फासला बेहद कम होता है. पिछले एक दशक में 50 लाख से ज्यादा लोग सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल हुए या फिर अपंग हो गए. इसी दौरान 13 लाख 81 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई.

    हाल ही में दिल्ली सरकार की तरफ से रोड हादसों को लेकर एक रिपोर्ट आई. जिसके मुताबिक सबसे ज्यादा हादसे ऑफ ऑवर यानी रात के नौ बजे से लेकर सुबह के दो बजे तक होते हैं. ये तो दिल्ली की बात हुई लेकिन पूरी भारत की बात करें तो इंडिया स्टेटस रिपोर्ट ऑन रोड सेफ्टी 2024 की रिपोर्ट के इस आंकड़े से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैसी स्थिति है. रिपोर्ट के मुताबिक 1990 में किसी भारतीय की सड़क दुर्घटना में मरने की संभावना 40% थी. पर 2021 तक, यह आंकड़ा 600% तक बढ़ गया था. जो दिखाता है कि सड़क पर होने वाली मौतों में तेजी से बढोतरी हो रही है.

    किस राज्य में होते हैं सबसे ज्यादा सड़क हादसे?

    मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज के मुताबिक 2022 में 4,61,312 रोड हादसे हुए जिसमें 4,43,366 लोग घायल हुए. 1,68, 491 लोगों की मौत हुई. यानी भारत में हर दिन 1263 रोड हादसे और 461 मौतें. और हर घंटे 19 मौतें और 53 रोड हादसे.

    जिन राज्यों में सबसे ज्यादा रोड हादसे होते हैं उसमें सबसे पहला नंबर आता है तमिलनाडु का. जहां 13.9 फीसदी हादसे दर्ज हुए. उसके बाद मध्य प्रदेश(11.8%), केरल(9.5), उत्तर प्रदेश(9%), कर्नाटक(8.6%), महाराष्ट्र(7.2%), राजस्थान(5.1), तेलंगाना(4.7), आंध्र प्रदेश(4.6), गुजरात(3.4) है.

    अब सवाल है कि भारत के किन राज्यों में रोड हादसे सबसे जानलेवा होते हैं. तो भारत सरकार के आंकड़ो की मानें तो, टॉप 10 देशों में सबसे पहला नंबर उत्तर प्रदेश का आता है. यहां 13.4 फीसदी मौते हुईं. उसके बाद तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, बिहार, आंध्र प्रदेश, गुजरात, तेलंगाना है.

    तेज गाड़ी चलाना सबसे घातक

    तकरीबन हर दिन हमें टीवी अखबारों में देखने पढ़ने को जरूर मिलती है कि आज सड़क दुर्घटना में इतने लोगों की जान चली गई. इतने घायल हो गए. फिर वजह पता चलती है कि किसी की मौत का कारण तेज गति से वाहन चलाना बना तो मोबाइल पर बात करना, तो कभी किसी ने सीट बेल्ट, हेलमेट नहीं पहनने की वजह से अपनी जान गंवाईं.

    रिपोर्ट से यह भी पता चलता है कि पैदल चलने वाले, साइकिल चालक और दोपहिया गाड़ी सड़क दुर्घटनाओं के सबसे आम शिकार हैं. जबकि ट्रक इन वाहनों को सबसे ज्यादा प्रभावित करने के लिए जिम्मेदार है. जहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं उसमें सबसे पहला नंबर नेशनल हाइवेज का आता है. उसके बाद स्टेट हाइवेज. बाकी के एक्सिडेंट्स बाजारों, उबड़ खाबड़ वाली सड़कों पर होती हैं.

    किस उम्र के लोगों की सबसे ज्यादा मौतें हुईं?

    भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2021 और 2022 में सबसे ज्याद सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की उम्र 25-35 साल को लोगों की रही. करीब 25 फीसदी लोगों इसी उम्र के सड़क हादसों में अपनी जान से हाथ धो बैठे. उसके बाद करीब 21 फीसदी 18-25 साल के उम्र के लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई. 5 फीसदी 18 साल से कम उम्र के बच्चों भी इसमें शामिल हैं.

    इंडिया स्टेटस रिपोर्ट ऑन रोड सेफ्टी 2024 के मुताबिक 2021 में रोड हादसे में लगी चोट भारत में मौत का 13वां प्रमुख कारण थी. स्वास्थ्य के नुकसान पहुंचने की 12वीं सबसे बड़ी वजह रोड हादसे ही थे. छह राज्यों में तो ये 10वां सबसे बड़ा कारण रहा. ये छह राज्य हैं- हरियाणा, जम्मू कश्मीर और लद्दाख, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश.

  • कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने वाहन ऐप का उपयोग करके बस स्टैंड पर वाहनों की जांच करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान तेज किया।

    कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने वाहन ऐप का उपयोग करके बस स्टैंड पर वाहनों की जांच करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान तेज किया।

     

    कमिश्नरेट पुलिस जालंधर ने वाहन ऐप का उपयोग करके बस स्टैंड पर वाहनों की जांच करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान तेज किया।

    MBD NEWS (सुमेश शर्मा) बुधवार को स्वपन शर्मा, आईपीएस, पुलिस आयुक्त, जालंधर की देखरेख में, सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए बेमेल या अवैध नंबर प्लेटों का पता लगाने के लक्ष्य के साथ वाहन ऐप का उपयोग करके बस स्टैंड पर वाहनों की जांच करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया गया।*

    • यह विशेष अभियान  हरजिंदर सिंह पीपीएस, एसीपी मॉडल टाउन, जालंधर द्वारा दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच चलाया गया।

    • इस अभियान के दौरान, बस स्टैंड चौकी इंचार्ज के सहयोग से वाहन ऐप के माध्यम से वाहनों की जांच की गई, जिसमें सावधानीपूर्वक निरीक्षण सुनिश्चित किया गया।

    • उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की गई, जिससे यातायात कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित हुआ।

    • वाहन ऐप के माध्यम से कुल 100 वाहनों की जांच की गई, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित हुई।

  • आयुष्मान कार्ड को लेकर सरकार ने किए नियमों में बदलाव…

    आयुष्मान कार्ड को लेकर सरकार ने किए नियमों में बदलाव…

    नई दिल्ली ; आयुष्मान भारत योजना के तहत अब सरकार ने नए बदलाव किए हैं। पहले के नियमों के अनुसार, एक परिवार के सभी सदस्य इस योजना के तहत कार्ड बनवा सकते थे, लेकिन हाल ही में सरकार ने इसमें कुछ बदलाव किए हैं। अब, परिवार के सदस्यों की संख्या के आधार पर आयुष्मान कार्ड जारी करने में कुछ सीमाएं तय की गई हैं।

    बड़ा बदलाव: 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को शामिल किया गया

    कैबिनेट की बैठक में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया, जिसमें 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को भी आयुष्मान भारत योजना में शामिल करने का फैसला किया गया। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस बदलाव की घोषणा की, जिसका उद्देश्य 4.5 करोड़ परिवारों के लगभग 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को 5 लाख रुपये के मुफ्त स्वास्थ्य बीमा का लाभ देना है।

    इस बदलाव के तहत बुजुर्गों के लिए एक अलग आयुष्मान कार्ड जारी किया जाएगा, और यदि वे किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना में कवर किए गए हैं, तो वे आयुष्मान भारत में स्विच कर सकते हैं।

    34 करोड़ से अधिक बने आयुष्मान कार्ड
    सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 30 जून 2024 तक 34.7 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इस योजना के तहत अब तक 7.37 करोड़ मरीजों को अस्पताल में भर्ती के लिए मंजूरी दी गई है, जिसमें कुल 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का खर्च हुआ है। देशभर में 29,000 से अधिक सूचीबद्ध अस्पतालों में लोग इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

    कौन-कौन बना सकता है आयुष्मान कार्ड?
    इस योजना के अंतर्गत किसी परिवार के जितने भी सदस्य पात्र हों, वे सभी अपना कार्ड बनवा सकते हैं। सरकार ने इसके लिए कोई संख्या सीमा निर्धारित नहीं की है, लेकिन सभी पारिवारिक सदस्यों की पात्रता अनिवार्य है।

    पात्रता कौन-कौन रखता है?

    आयुष्मान भारत योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में रहने वाले निराश्रित, आदिवासी, अनुसूचित जाति/जनजाति के दिव्यांग, असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले और दिहाड़ी मजदूर पात्र हैं। ऑनलाइन पात्रता जांचने के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट pmjay.gov.in पर जाकर ‘Am I Eligible’ विकल्प का चयन कर सकते हैं। इसके अलावा, टोल-फ्री नंबर 14555 पर कॉल करके भी अपनी पात्रता की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

    आवेदन कैसे करें?
    यदि आप पात्र हैं, तो आप अपने नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आपको आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और एक एक्टिव मोबाइल नंबर जैसे दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।

    आयुष्मान भारत योजना का दायरा अब और अधिक बढ़ा दिया गया है, जिससे वरिष्ठ नागरिकों को भी इसका लाभ मिलेगा। यह योजना देशभर के जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर उनके जीवन को सुरक्षित और बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।

  • डिप्टी कमिश्नर ने जालंधर स्मार्ट सिटी प्रोजैक्टों की समीक्षा की, काम की रफ़्तार तेज़ करने के दिए निर्देश

    डिप्टी कमिश्नर ने जालंधर स्मार्ट सिटी प्रोजैक्टों की समीक्षा की, काम की रफ़्तार तेज़ करने के दिए निर्देश

     

    डिप्टी कमिश्नर ने जालंधर स्मार्ट सिटी प्रोजैक्टों की समीक्षा की, काम की रफ़्तार तेज़ करने के दिए निर्देश

    काला संघिया से ड्रेन को पुर्नजीवित करने, सड़कों के सुन्दरीकरन, स्मार्ट पुलिसिंग के इलावा अन्य कार्यों का लिया जायज़ा

    MBD NEWS:(सुमेश शर्मा) जालंधर, 12 सितम्बर:डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने आज स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत गठित बोर्ड आफ डायरैकटर्ज की मीटिंग की अध्यक्षता की।
    जालंधर नगर निगम के कमिश्नर गौतम जैन सहित डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को हिदायत की कि स्मार्ट सिटी अधीन चल रहे प्रोजैक्टों को निर्धारित समय में पूरा करना सुनिश्चित किया जाए और इसकी रफ़्तार में तेज़ी लाई जाए। मीटिंग दौरान अन्यों के इलावा काला संघिया से ड्रेन को पुर्नजीवित और सुन्दरीकरन, बायो रैमेडीएशन, सरफेस वाटर प्रोजैक्ट, साईनेज बोर्डों की स्थापना, स्पोर्टस हब प्रोजैक्ट, स्मार्ट पुलिसिंग प्रोजैक्ट, शहर के एंट्री प्वाईंटस का सुदंरीकरन और कई डिपोज़िट कार्यों का जायज़ा लिया।
    डा. अग्रवाल ने स्मार्ट सिटी के अंतर्गत चल रहे विकास प्रोजैक्टों और अन्य कार्यों की मौजूदा स्थिति का जायज़ा लिया।
    उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत इंटैगरेटिड कमांड कंट्रोल सैंटर ( आई.सी.सी.सी.) प्रोजैक्ट लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही पूरी तरह चालू हो जाएगा, जिससे शहर की निगरानी और ट्रैफ़िक प्रबंधन में मदद मिलेगी।
    काला संघिया से ड्रेन के सुंदरीकरन प्रोजैक्ट का जायज़ा लेते हुए डा. अग्रवाल ने लगातार नज़रसानी को यकीनी बनाते प्रोजैक्ट को समय पर पूरा करने को कहा। उन्होंने लोगों की सुविधा के लिए चल रहे सभी कार्यों को जल्द पूरा करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को लोगों की सुविधा के लिए बुनियादी ढांचे के साथ सम्बन्धित विकास कार्यों को प्राथमिकता देने और जल्द पूरा करने की हिदायतें दी।