Author: Sumesh Sharma

  • इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू के निवास पर ड्रोन से हमला, हिजबुल्ला पर हमले का शक

    इजरायली PM बेंजामिन नेतन्याहू के निवास पर ड्रोन से हमला, हिजबुल्ला पर हमले का शक

     

    नई दिल्ली : लेबनान (Lebanon) से आए एक ड्रोन (Drone) ने इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू (PM Benjamin Netanyahu) के घर को निशाना बनाया। प्रधानमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की कि शनिवार (19 अक्टूबर) सुबह लेबनान से हुए ड्रोन अटैक का टारगेट कैसरिया में प्रधानमंत्री का निजी आवास था।

    टाइम्स ऑफ इजरायल (Israel) की रिपोर्ट के मुताबिक पीएमओ (PMO) ने कहा कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा हमले के समय घर पर नहीं थे और इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक लेबनान से शनिवार सुबह दागे गए दो अन्य ड्रोन को हवाई सुरक्षा बलों ने मार गिराया।

    इजरायली पीएम पर यह हमला ऐसे समय में हुआ जब तीन दिन पहले ही इजरायली सेना ने हमास लीडर याह्या सिनवार को बुधवार (16 अक्टूबर) को मार गिराया। इजरायल के मुताबिक सिनवार पिछले साल के 7 अक्टूबर अटैक का मुख्य रणनीतिकार था।

    सिनवार की मौत के बाद बुधवार देर रात एक बयान में, ईरान समर्थित हिजबुल्लाह ने ‘इजरायली दुश्मन के साथ टकराव का एक नया और उग्र चरण” शुरू करने का ऐलान किया।

    इजरायल ने गुरुवार (17 अक्टूबर) को हमास लीडर की मौत की आधिकारिक रूप से घोषणा की। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) और शिन बेट सिक्योरिटी एजेंसी ने एक बयान में कहा, ‘7 अक्टूबर के हमले और नरसंहार का सूत्रधार सिनवार, बुधवार को दक्षिणी गाजा के राफा में गोलीबारी में मारा गया।’

    बता दें 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमास के हमलों में करीब 1200 लोग मारे गए थे और 250 से अधिक लोगों को बंदी बना लिया गया था। इनमें से 101 बंधक अभी लापता हैं जिनके बारे में माना जाता है कि वो गाजा में मौजूद हैं। इस हमले के बाद इजरायल ने हमास के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर दिया और फिलिस्तीनी ग्रुप के कब्जे वाली गाजा पट्टी पर हमले शुरू कर दिए।

    अलजजीरा की 19 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक रिपोर्ट के मुताबिक 7 अक्टूबर 2023 से अब तक गाजा में इजरायली हमलों में कम से कम 42,500 लोग मारे गए हैं और 99,546 घायल हुए हैं।

  • सोशल मीडिया के कारण निहंगों से मिली धमकी के बाद जालंधर के कुल्हड़ पिज्जा कपल को मिलेगी सुरक्षा, कोर्ट ने दिया निर्देश

    सोशल मीडिया के कारण निहंगों से मिली धमकी के बाद जालंधर के कुल्हड़ पिज्जा कपल को मिलेगी सुरक्षा, कोर्ट ने दिया निर्देश

     

     

    जालंधर- पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने जालंधर के कुल्हड़ पिज्जा कपल (Kulhad Pizza couple) को सुरक्षा देने का पंजाब पुलिस को निर्देश दिया है। कुल्हड़ पिज्जा कपल ने निहंगों से मिली धमकी के बाद कोर्ट में याचिका लगाई थी।

    दरअसल, बीते दिन सहज अरोड़ा ने अपने अपनी पत्नी गुरप्रीत के साथ जॉइंट याचिका हाईकोर्ट में दायर की थी। जिसमें सुरक्षा की मांग की गई थी। जिसके बाद हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए कपल को सुरक्षा मुहैया करवाने के आदेश दिए हैं।

    कुछ दिन पहले निहंग मान सिंह अकाली द्वारा कपल को धमकाया जा रहा था। जिसके वीडियो भी सामने आए थे। कुल्हड़ पिज्जा कपल के रेस्टोरेंट के बाहर निंहगों ने जमकर प्रदर्शन किया था। जहां निहंगों ने मांग की थी कि कुल्हड़ पिज्जा कपल द्वारा वायरल हुई अश्लील वीडियो को लेकर बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है। अगर सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्मों से जितनी भी वीडियो है कुल्हड़ पिज्जा कपल डिलीट कर देता है तो ठीक, नहीं तो फिर वह चाहे सारी पुलिस को बुला लें और उनके सामने वह उनकी पगड़ी को वापस कर दें। उसके बाद वह जो वीडियो बनाए उससे उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी।

    निहंगों के विरोध के बाद कपल ने कहा था कि वे अपने परिवार के साथ श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) जाएंगे और वहां अपनी अर्जी लगाएंगे। सहज ने कहा था कि श्री दरबार साहिब पहुंचकर पूछूंगा कि मैं दस्तार (पगड़ी) सजा सकता हूं या नहीं। लेकिन अगर मैं गलत हूं तो मुझे सजा मिलनी चाहिए। वीडियो में सहज के साथ उनकी पत्नी गुरप्रीत भी मौजूद थी। वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा था। जिसके बाद दोबारा निहंग बाबा मान सिंह ने नया वीडियो जारी किया था। सहज ने आरोप लगाया था कि मेरे और मेरे परिवार के साथ जहां भी गलत हो रहा है, हमारी बात सुनी जानी चाहिए।

  • Section 6A पर SC का बड़ा फैसला, 25 मार्च 1971 के बाद Assam आए बांग्लादेशी Indian नागरिक नहीं…पढ़ें पूरी News

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    Big decision of SC on Section 6A, Bangladesh who came to Assam after March 25, 1971 are not Indian citizens…read full news

    Section 6A पर SC का बड़ा फैसला, 25 मार्च 1971 के बाद Assam आए बांग्लादेशी Indian नागरिक नहीं…पढ़ें पूरी News

     

    नई दिल्लीः बांगलादेश से असम में आए प्रवासियों को नागरिकता देने के प्रविधान करने वाली नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए को सुप्रीमकोर्ट ने वैध और संवैधानिक ठहराया है। सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ ने 4:1 के बहुमत से ये फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नागरिकता कानून की धारा 6ए की वैधता को बरकरार रखा है। असम में बड़ी संख्या में बांग्लादेश से आए लोग रहते हैं। वहीं 25 मार्च, 1971 के बाद बांग्लादेश से असम आए लोगों का भारत से बाहर जाना तय हो गया है।

    मिली जानकारी के अनुसार वीरवार को सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण ऐतिहासिक फैसले में असम में बांगलादेश से आए प्रवासियों को नागरिकता देने के प्रविधान करने वाली नागरिकता अधिनियम की धारा 6ए को वैध और संवैधानिक ठहराया है। पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत से यह फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने वीरवार को नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6A की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है।

    वीरवार कोर्ट ने को नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6A की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। फैसले के अनुसार इस कानून में असम समझौते द्वारा कवर किए गए व्यक्तियों की नागरिकता के संबंध में विशेष प्रावधान के रूप में संदर्भित किया गया है। प्रावधान के अनुसार, जो लोग 1 जनवरी, 1966 को या उसके बाद 25 मार्च, 1971 से पहले बांग्लादेश सहित कई क्षेत्रों से असम आए थे। तब से वह असम के निवासी हैं। उन्हें अब नागरिकता के लिए धारा 18 के तहत खुद को पंजीकृत करना होगा।

    वहीं असम समझौते के प्रावधान के अनुसार, इन लोगों को उनके पता लगने के दिन से 10 साल तक भारत के नागरिक के रूप में पंजीकरण करने से रोक दिया गया था। असम समझौते के अनुसार, जो लोग 25 मार्च, 1971 के बाद आए थे, उन्हें भारत से बाहर जाना तय था। तब धारा 6ए में प्रवासियों, विशेष रूप से बांग्लादेश से असम में रहने वाले लोगों को नागरिकता देने की कट-ऑफ तिथि 25 मार्च, 1971 तय की गई थी।

  • Jalandhar में Kabaddi player पर हथियारबंद युवकों ने किया Attack, हालत गंभीर

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    Jalandhar में Kabaddi player पर हथियारबंद युवकों ने किया Attack, हालत गंभीर

     

    जालंधर: महानगर के अंतर्गत आते नकोदर के गांव नूरपुर में उस वक्त दहशत फैल गई, जब बाईक सवार अज्ञात युवकों द्वारा एक कबड्डी खिलाड़ी पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया है। घायल युवक को लोगों ने उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवा दिया है। वहीं मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। मौके पर पहुंची पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। घायल युवक की पहचान सिमरनदीप सिंह सिम्मा (24) के रूप में हुई है।

    इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक कबड्डी खिलाड़ी सिमरनदीप सिंह सिम्मा (24) निवासी गांव नूरपुर (नकोदर) जो देर शाम अपने गांव के स्कूल मैदान से प्रैक्टिस कर वापस घर जा रहा था, तभी रास्ते में 4 मोटरसाइकिल पर सवार अज्ञात युवकों ने धारदार हथियार से वार कर उसे गंभीर रूप से घायल दिया। गांव वासियों ने गंभीर रूप से घायल कबड्डी खिलाड़ी सिमरनदीप सिंह सिम्मा को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया था, पर हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उसे निजी अस्पताल में रैफर कर दिया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

    वहीं कबड्डी खिलाड़ी पर हमले की सूचना मिलते ही सदर थाने में तैनात एएसआई कुलविंदर सिंह पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी है।

  • पराली जलाने वाले पर FIR के साथ सरकार ने उठाए सख्त कदम,जानें पूरी खबर..

    पराली जलाने वाले पर FIR के साथ सरकार ने उठाए सख्त कदम,जानें पूरी खबर..

     

     

    पंचकूला- हरियाणा में सरकार बनते ही सीएम नायब सरकार बड़े फैसले ले रहे है। इसी बीच पराली जलाने वालों पर प्राथमिकी दर्ज करवाने का ऐलान किया गया है।

    कृषि विभाग ने जानकारी देते हुए कहा कि जो किसान पराली जलाते हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और उनके कृषि रिकॉर्ड में रेड एंट्री की जाएगी ताकि वे अगले दो सीजन के दौरान ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से मंडियों में अपनी फसल न बेच सकें। आदेश में कहा गया कि ऐसे किसानों के फार्म रिकॉर्ड में लाल निशान की एंट्री की जाएगी जिससे किसान अगले दो सीजन के दौरान ई-खरीद पोर्टल के माध्यम से मंडियों में अपनी फसल नहीं बेच सकेंगे और यह एंट्री आवश्यक रूप से जरूरी होगी।

    हरियाणा के मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि मैं प्रदेश के किसानों से कहता हूं कि सरकार ने पराली जलाने की व्यवस्था के लिए कई योजनाएं बनाई हैं। आप उन योजनाओं का लाभ उठाएं। किसान को आर्थिक लाभ भी होगा उनसे लाभ मिलता है, इसलिए पराली जलाने की बजाय उन योजनाओं का लाभ उठाएं।

  • गुरप्रीत सिंह हत्याकांड मामले में सांसद अमृतपाल सिंह की भूमिका, DGP ने किया खुलासा.

    गुरप्रीत सिंह हत्याकांड मामले में सांसद अमृतपाल सिंह की भूमिका, DGP ने किया खुलासा..

     

    फरीदकोट- पंजाब के फरीदकोट में हुए गुरप्रीत सिंह हत्याकांड मामले को लेकर पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार पुलिस जांच में खडूर साहिब के खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह की भूमिका सामने आई है।

    पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि इस मामले का मास्टरमाइंड अर्शदीप सिंह डल्ला है। डीजीपी ने कहा कि तथ्यों के आधार पर की जा रही है। डीजीपी ने बताया कि मृतक गुरप्रीत वारिस पंजाब संस्था से जुड़ा हुआ था

    वह संस्था के फाउंडर मेंबरों से एक था। जब दीप सिद्धू इस संस्था को चला रहे थे तो वह कैशियर की भूमिका निभा रहा था। हालांकि जब अमृतपाल को संस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई थी तो दोनों में मतभेद सामने आए थे। वहीं गुरप्रीत की हत्या में अमृतपाल की भूमिका सामने आई है। उन्होंने बताया कि सारी जांच तथ्यों के आधार की जा रही है। जरूरत पड़ी तो सारी कार्रवाई की जाएगी।

    सौजन्य उत्तम हिंदू

  • India में अब ‘कानून अंधा’ नहीं! Supreme Court में ‘लेडी ऑफ जस्टिस’न्याय की देवी की आंखों से पट्टी हटी…

    India में अब ‘कानून अंधा’ नहीं! Supreme Court में ‘लेडी ऑफ जस्टिस’न्याय की देवी की आंखों से पट्टी हटी…

    No more ‘law is blind’ in India! ‘Lady of Justice’ in the Supreme Court, the blindfold removed from the eyes of the goddess of justice…read full news

    India में अब ‘कानून अंधा’ नहीं! Supreme Court में ‘लेडी ऑफ जस्टिस’न्याय की देवी की आंखों से पट्टी हटी…

     

    नई दिल्लीः भारत में अब न्याय की देवी की आंखों में पट्टी नहीं बंधी रहेगी। जिसके तहत भारत की न्याय व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सुप्रीम कोर्ट में ‘लेडी ऑफ जस्टिस’ यानी न्याय की देवी की नई मूर्ति लगाई गई है। इस मूर्ति की आंखों से पट्‌टी हटा दी गई है, जो अब तक कानून के अंधे होने का संकेत देती थी। वहीं, उसके हाथ में तलवार की जगह संविधान की किताब दी गई है।

    जानकारी के अनुसार देश के प्रधान न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने इस बदलाव की पहल की है, उनका मानना है कि कानून अंधा नहीं होता, बल्कि सभी को समान रूप से देखता है। बता दें कि पुरानी मूर्ति की आंख पर पट्‌टी ये दर्शाती थी कि कानून की नजर में सब बराबर हैं। जबकि तलवार अथॉरिटी और अन्याय को सजा देने की शक्ति का प्रतीक थी। वहीं मूर्ति के दाएं हाथ में तराजू बरकरार रखा गया है, क्योंकि यह समाज में संतुलन का प्रतीक है। तराजू दर्शाता है कि कोर्ट किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों के तथ्यों और तर्कों को देखते और सुनते हैं।

    बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में न्याय की देवी की नई मूर्ति लगाई गई है। जजों की लाइब्रेरी में लगाई गई मूर्ति की खासियत यह है कि इसकी आंखों पर पट्टी नहीं बंधी है, परंपरागत मूर्ति की तरह इसके एक हाथ मे तराजू तो है पर दूसरे हाथ में तलवार की जगह भारत का संविधान है। दरअसल, न्याय का प्रतिनिधित्व करने वाली अदालतों में रखी गई मूर्ति को ‘लेडी जस्टिस’ के नाम से जाना जाता है, न्याय की देवी की अब तक जो मूर्ति इस्तेमाल होती थी, उसमें आंखों पर काले रंग की पट्टी बंधी नजर आती थी, जबकि एक हाथ में तराजू और दूसरे हाथ में तलवार हुआ करती थी।

  • अब बिना Network, बिना SIM कार्ड होगी कॉलिंग, BSNL देगी Elon Musk को टक्कर, सरकार का प्लान तैयार… पढ़ें पूरी News

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    अब बिना Network, बिना SIM कार्ड होगी कॉलिंग, BSNL देगी Elon Musk को टक्कर, सरकार का प्लान तैयार… पढ़ें पूरी News

    • नई दिल्लीः जी हां अब वह दिन भी दूर नहीं जब बिना नेटवर्क, बिना सिम कार्ड होगी कॉलिंग होगी। इसके लिए सरकार द्वारा इस नई टेक्नालोजी पर लगातार काम किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि हाल ही में BSNL की तरफ से Viasat से हाथ मिलाया गया है। D2D टेक्नोलॉजी को भी कंपनी की तरफ से हरी झंडी दे दी गई है। बताया जा रहा है कि इस तकनीक का फायदा शहरों के साथ-साथ रिमोट एरिया में रहने वाले लोगों को भी मिलेगा।

    मिली जानकारी के अनुसार BSNL की तरफ से नई टेक्नोलॉजी पर लगातार काम किया जा रहा है। ये तकनीक यूजर्स को बिना सिम कार्ड या ट्रेडिशनल नेटवर्क की मदद के ऑडियो और वीडियो कॉलिंग के लिए हरी झंडी देती है। नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल एंड्रॉयड और iOS स्मार्टफोन के साथ किया जा सकता है। साथ ही स्मार्ट डिवाइस और स्मार्टवॉच पर भी इसे यूज कर सकते हैं। रिमोट एरिया में भी कनेक्टिविटी मिलने वाली है। खास बात है कि इससे नेटवर्क आउटेज का भी सामना नहीं करना पड़ेगा।

    इस संबंध में Viasat की मानें तो पता चलता है कि D2D बिल्कुल अलग टेक्नोलॉजी साबित होती है। क्योंकि इसकी मदद से आप मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच और कार को सीधा सैटेलाइट नेटवर्क से कनेक्ट कर सकते हैं। इस डिवाइस की मदद से आप पर्सनल और डिवाइस दोनों को आसानी से कनेक्ट कर सकते हैं। यानी आपको लोकेशन का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। कवरेज भी आपको काफी अच्छी दी जाती है। कम्युनिकेशन भी काफी अच्छा मिलता है।

    बता दें कि सैटेलाइट नेटवर्क को लेकर पिछले कई समय से चर्चा हो रही है। एलन मस्क की कंपनी SpaceX की तरफ से इस पर तेजी से काम किया जा रहा है। मस्क की नजर अभी भारतीय मार्केट पर है, लेकिन BSNL की तरफ से अब खुद का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। ये भी सैटेलाइट नेटवर्क की तरह ही होने वाला है। अभी इसकी टेस्टिंग का काम भी पूरा किया जा चुका है। टेस्टिंग के बाद इसे हरी झंडी भी दे दी गई है। वहीं, हर कंपनी की तरफ से इस टेक्नोलॉजी पर पूरा फोकस भी किया जा रहा है। बहुत जल्द एलन मस्क की तरफ से भी भारतीय मार्केट में एंट्री की जा सकती है।

  • ध्यान दें; रेलवे ने नियमों में किया बदलाव, अब इतने दिन पहले करवा सकेंगे बुकिंग..

     ध्यान दें; रेलवे ने नियमों में किया बदलाव, अब इतने दिन पहले करवा सकेंगे बुकिंग..

    नई दिल्ली- यात्रीगण कृपा ध्यान दे…. अब रेलवे ने टिकट रिजर्वेशन नियम में बदलाव कर दिया है। जिससे आपकी यात्रा और खास बन जाएगी। रेल से सफर करने वाले यात्री अब केवल 60 दिन पहले तक ही टिकट बुक कर सकेंगे। आगामी एक नवंबर से रेल मंत्रालय द्वारा यह व्यवस्था शुरू की जा रही है।

    रेलवे मंत्रालय की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि आरक्षित टिकट लेने के लिए अभी यात्री 120 दिन पहले बुकिंग करते हैं, लेकिन आगामी 1 नवंबर से इसमें बदलाव किया जा रहा है और इस अवधि को घटाकर 60 दिन किया जा रहा है। इसका असर 31 अक्टूबर तक बुक की जाने वाली टिकटों पर नहीं पड़ेगा और यात्री 120 दिन पहले टिकट ले सकेंगे। यात्री उन टिकटों को भी कैंसल कर सकेंगे जिनके जाने में 60 दिन से अधिक समय बचा हुआ है। दिन के समय चलने वाली गाड़ियां जैसे ताज एक्सप्रेस, गोमती एक्सप्रेस आदि पर इस नियम का कोई असर नहीं पड़ेगा। उनमें पहले की तरह ही समय सीमा जारी रहेगी। इसके अलावा फॉरेन टूरिस्ट्स गाड़ियों पर भी इस आदेश का असर नहीं होगा। उनमें 365 दिन पहले बुकिंग की जा सकती है। दिवाली-छठ जैसे त्योहारों की वजह से कई लोगों ने रिजर्वेशन शुरू होते ही अपने टिकट बुक करवा लिए होंगे। अगर आप भी इसी लिस्ट में हैं तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। दरअसल, रेलवे के इस फैसले का असर 31 अक्टूबर तक बुक होने वाले टिकटों पर नहीं पड़ेगा। यानी कि इस महीने के आखिरी तक चार महीने तक के टिकट बुक करवाए जा सकेंगे, लेकिन एक नवंबर से सिर्फ 60 दिनों तक के ही टिकट बुक हो सकेंगे।

  • जानें किस जगह शराब बंदी मके बावजूद जहरीली शराब ने मचाया तांडव, 24 लोगों की मौत, कई लोगों की गई आंखों की रोशनी

    जानें किस जगह शराब बंदी मके बावजूद जहरीली शराब ने मचाया तांडव, 24 लोगों की मौत, कई लोगों की गई आंखों की रोशनी

     

    पटना- बिहार में जहरीली शराब ने कई लोगों मौत की नींद सुला दिया है। सीवान और छपरा के अलग-अलग गांवों में संदिग्ध परिस्थितियों में 24 लोगों की मौत हुई है और मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है। मृतक लोगों के परिजनों के मुताबिक, उनकी मौत जहरीली शराब पीने से हुई है।

    जानकारी के अनुसार इन सभी ने घटना से दो दिन पहले शराब पी थी। जिसके बाद 12 से ज्यादा लोग बीमार पड़े, जिनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है। इनमे दो लोगों की आंख की रोशनी चली गई है। सीवान एसपी ने जिले में अवैध शराब पीने से 20 लोगों की मौत की पुष्टि की है। घटना के बाद एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस ने 8 लोगों पर एफआईआर दर्ज कर 3 आरोपियों की गिरफ्तारी की है। जहरीली शराब से हुई मौतों के कारण कई गांवों में मातम पसरा हुआ है। मृतकों के परिजन मौत की वजह जहरीली शराब बता रहे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से इसको लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई है।

    घटना के बाद सीवान एसपी ने एक थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर किया है, वहीं 2 चौकी इंचार्ज सस्पेंड किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन किया गया। छापेमारी की जा रही है। स्वास्थ्य महकमे को अलर्ट रखा गया है। लोगों की संदिग्ध मौतों का मामला मंगलवार-बुधवार को सामने आया। सीवान के सीमावर्ती सारण जिले के मशरक थाना क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव में दो लोगों की संदिग्ध हालातों में मौत हो गई और एक को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर शाम तक जिले में कई मौतों के मामले सामने आए। इसके साथ ही सिवान जिले में भी ऐसी घटना से हड़कंप मच गया। पुलिस प्रशासन को खबर मिलने पर अधिकारी प्रभावित गांवों में पहुंचे। ग्रामीणों द्वारा बताया गया है कि एक दिन पहले ही इलाके में मछली पार्टी का आयोजन किया गया था। जिसमें शराब का भी सेवन किया गया। शराब के पीने के बाद से ही इसे पीने वाले लोगों की तबियत खराब होने लगी। बता दें कि बिहार में 2016 से शराबबंदी है, इसके बाद भी जहरीली शराब से मौतों के मामले सामने आते रहते हैं।