प्रधानमंत्री मोदी की अपील के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिया बड़ा फैसला, कर्मचारियों को 2 दिन Work From H ome; खुद का काफिला भी किया कम
नई दिल्ली : मौजूदा वैश्विक हालातों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन बचाने की गई अपील के बाद दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। राजधानी में ऊर्जा संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाने के लिए ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ नाम से एक महा-अभियान शुरू किया जा रहा है। 15 मई से लागू होने वाले इस अभियान के तहत सरकारी कर्मचारियों के काम करने के तरीके से लेकर मंत्रियों की सुविधाओं तक में कई बड़े और ऐतिहासिक बदलाव किए गए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य ईंधन की बचत, प्रदूषण नियंत्रण और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है।
हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम, दफ्तरों के समय में भी हुआ बदलाव
पेट्रोल-डीजल की खपत को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने सबसे बड़ा कदम उठाते हुए सरकारी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में दो दिन का ‘वर्क फ्रॉम होम’ अनिवार्य कर दिया है। हालांकि, आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभाग इस नियम से बाहर रहेंगे। सरकार ने प्राइवेट कंपनियों से भी इसी तर्ज पर काम करने की अपील की है। इसके साथ ही बैठकों के लिए सफर को कम करने के मकसद से सरकार की 50 प्रतिशत मीटिंग्स अब ऑनलाइन ही आयोजित की जाएंगी। दफ्तरों के समय में भी बदलाव करते हुए दिल्ली सरकार के ऑफिस अब सुबह 10:30 से शाम 7 बजे तक और एमसीडी के दफ्तर सुबह 8 से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे।
विदेशी दौरों पर पूरी तरह से पाबंदी, ऑनलाइन सुनवाई के लिए कोर्ट से आग्रह
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी खर्चों और ईंधन की बचत के लिए सभी मंत्रियों और अधिकारियों के विदेशी दौरों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। पहले से तय सभी आधिकारिक कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं और सरकार कोई भी बड़ा इवेंट आयोजित नहीं करेगी। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों और कॉलेजों से भी इस अभियान से जुड़ने का आग्रह किया है। इसके अलावा अदालतों से भी खास अपील की गई है कि वे ज्यादा से ज्यादा मामलों की सुनवाई ऑनलाइन माध्यम से करें ताकि वकीलों और वादियों को सफर न करना पड़े। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे कम से कम एक साल तक विदेश यात्रा न करें।
‘मेट्रो मंडे’ से होगी हफ्ते की शुरुआत, सीएम ने खुद कम की अपनी गाड़ियां
प्रदूषण और ट्रैफिक को कम करने के लिए दिल्ली में अब ‘मेट्रो मंडे’ मनाया जाएगा। हर सोमवार को मुख्यमंत्री, मंत्री और सभी अधिकारी अपने वाहनों की जगह मेट्रो से ही सफर करेंगे। ऊर्जा संरक्षण की मिसाल पेश करते हुए खुद सीएम रेखा गुप्ता ने अपने काफिले की 14 गाड़ियों को घटाकर सिर्फ 4 कर दिया है। इसके अलावा अधिकारियों के वाहनों के लिए तय तेल कोटे में भी सीधे 20% की कटौती कर दी गई है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए जो कर्मचारी अपनी यात्रा का 25% हिस्सा पब्लिक ट्रांसपोर्ट से तय करेंगे, उनके ट्रांसपोर्ट अलाउंस में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी।
‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर जोर और एसी का तापमान रहेगा फिक्स
इस 90 दिनों तक चलने वाले विशेष अभियान में स्वदेशी उत्पादों को भी जोर-शोर से बढ़ावा दिया जा रहा है। दिल्ली के मॉल्स में ‘मेड इन इंडिया’ प्रोडक्ट के लिए खास कॉर्नर बनाए जाएंगे और सरकार भी 100% स्वदेशी चीजों की खरीद को ही प्राथमिकता देगी। व्यापारियों से आग्रह किया गया है कि वे माल ढुलाई के लिए ट्रकों के बजाय रेलवे का इस्तेमाल करें। इसके अलावा बिजली की बचत पर भी सरकार का खास फोकस है। सभी सरकारी दफ्तरों में एसी का तापमान 24 से 26 डिग्री पर फिक्स किया जाएगा और बिजली की बर्बादी रोकने के लिए स्मार्ट बटन लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने दिल्ली की जनता से भी सहयोग मांगते हुए ‘नो व्हीकल डे’ मनाने की विशेष अपील की है।









