MBD WEB NEWS

आंधी-तूफान से उखड़े 1500 खंभे,लगभग 83 हजार घरों की बत्ती गुल; PSPCL को करोड़ों का नुकसान

 आंधी-तूफान से उखड़े 1500 खंभे,लगभग 83 हजार घरों की बत्ती गुल; PSPCL को करोड़ों का नुकसान

 

 

चंडीगढ़: पंजाब में 3 मई को आए भयंकर आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। इस कुदरती कहर से पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के बुनियादी ढांचे को गहरा धक्का लगा है। तूफान से हुए भारी नुकसान का जायजा लेने के लिए मंगलवार को मंत्री संजीव अरोड़ा की अगुवाई में एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई गई। इस अहम बैठक में सामने आया कि राज्य के छह जिले मोहाली, पटियाला, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर और गुरदासपुर तूफान की चपेट में आकर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। हालांकि, 66 केवी ट्रांसमिशन नेटवर्क काफी हद तक सुरक्षित बच गया, लेकिन डिस्ट्रीब्यूशन ढांचे को तगड़ा नुकसान झेलना पड़ा है।

8 करोड़ का नुकसान, तीन गुना ज्यादा खराब हुए हालात

बैठक के दौरान पेश किए गए आंकड़ों ने सभी को चौंका दिया। तूफान की वजह से करीब 1300 ग्यारह केवी (11 केवी) फीडर बुरी तरह प्रभावित हुए। इसके अलावा लगभग 1500 बिजली के पोल टूटकर गिर गए और 300 से ज्यादा ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। 70 किलोमीटर से अधिक लंबी एचटी और एलटी लाइनें खराब हो गईं, जबकि एक 220 केवी ट्रांसमिशन टावर को भी नुकसान पहुंचा है। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस बार बत्ती गुल होने की घटनाएं पिछले साल के मुकाबले तीन गुना अधिक दर्ज की गई हैं और विभाग को करीब 8 करोड़ रुपये के भारी नुकसान का प्रारंभिक अनुमान है।

24 घंटे के भीतर निपटाई गईं 83 हजार से ज्यादा शिकायतें

इन विकट परिस्थितियों में दिन-रात एक करके काम करने वाली पीएसपीसीएल की टीमों की मंत्री संजीव अरोड़ा ने जमकर पीठ थपथपाई। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि पूरे पंजाब से बिजली गुल होने की 83 हजार से ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुई थीं। विभाग ने मुस्तैदी दिखाते हुए इनमें से लगभग 70 फीसदी शिकायतों का निपटारा महज दो घंटे के भीतर ही कर दिया। जिन इलाकों में बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा था, वहां कुछ अधिक समय लगा। हालांकि, लगातार मॉनिटरिंग और रियल टाइम कोऑर्डिनेशन के चलते पीएसपीसीएल ने 24 घंटे के भीतर ही सभी प्रभावित क्षेत्रों में मुख्य नेटवर्क या वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बहाल कर दी।

भविष्य के लिए सख्त निर्देश, लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

इस हाई लेवल मीटिंग में मंत्री संजीव अरोड़ा ने अधिकारियों को भविष्य के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने ऐसे मौसम संबंधी आपात हालातों से निपटने के लिए डिजास्टर प्रिपेयर्डनेस सिस्टम को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया है। मंत्री ने प्रिवेंटिव मेंटेनेंस और ढांचे के अपग्रेडेशन के साथ-साथ तेज रिस्पॉन्स सिस्टम और फील्ड स्तर पर बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि किसी भी आपात स्थिति में बिजली बहाली में कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने उपभोक्ताओं को हुई भारी असुविधा पर खेद जताते हुए उनके धैर्य के लिए धन्यवाद दिया और राज्य में एक मजबूत और बेहतर बिजली ढांचा तैयार करने का पक्का भरोसा दिलाया है।