नई दिल्ली- हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के दौरान हुई क्रॉस-वोटिंग के मामले में कांग्रेस ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने पांच विधायकों को निलंबित कर दिया है। हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने यह आदेश जारी किया। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद इन विधायकों को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित किया गया है।
इससे पहले पार्टी ने जिन चार विधायकों पर क्रॉस-वोटिंग का आरोप लगाया था, उनमें नारायणगढ़ से शैली चौधरी, साढौरा से रेनू बाला, पुन्हाना से मोहम्मद इलियास और हथीन से मोहम्मद इसराइल शामिल हैं। पांचवें विधायक के नाम का अब तक आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।
16 मार्च को हुई थी वोटिंग
हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान हुआ था। इसमें भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया ने एक सीट आसानी से जीत ली, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी करमवीर सिंह बौध ने निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को कड़े मुकाबले में हराकर दूसरी सीट अपने नाम की।
हुड्डा ने पहले ही दिए थे संकेत
इस पूरे विवाद पर पहले ही सख्त रुख अपनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा था कि क्रॉस-वोटिंग करने वाले विधायकों को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया था कि पार्टी ने आरोपियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा था और कार्रवाई तय थी।
हुड्डा ने कहा था कि ऐसे विधायकों ने न केवल पार्टी बल्कि उन मतदाताओं के भरोसे को भी ठेस पहुंचाई है, जिन्होंने उन्हें चुनकर विधानसभा भेजा था। कांग्रेस की इस कार्रवाई के बाद हरियाणा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।









