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दुश्मनों के भेजे जानें वाले Drone का काल बनेगा! भारतीय सेना की बड़ी तैयारी, ड्रोन कैचर सिस्टम से करेगा खात्मा

दुश्मनों के भेजे जानें वाले Drone का काल बनेगा! भारतीय सेना की बड़ी तैयारी, ड्रोन कैचर सिस्टम से करेगा खात्मा

दुश्मनों के Drone का बनेगा काल! भारतीय सेना की बड़ी तैयारी, ड्रोन कैचर सिस्टम से करेगा खात्मा

ड्रोन कैचर सिस्टम

कम रडार क्रॉस सेक्शन (Low-RCS) वाले ड्रोन और स्वॉर्म (झुंड में आने वाले ड्रोन) के बढ़ते खतरे को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सेना के लिए ड्रोन कैचर सिस्टम की खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके लिए मंत्रालय ने रिक्वेस्ट फॉर इंफॉर्मेशन (RFI) जारी किया है. हालांकि, कितने सिस्टम खरीदे जाएंगे, इसका खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन प्रस्तावित सिस्टम में तीन मुख्य हिस्से होंगे.

ड्रोन कैचर (नेट आधारित इंटरसेप्टर), ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन (GCS), यह सिस्टम लो-RCS ड्रोन और यूएएस (Unmanned Aerial Systems) को पहचानने, ट्रैक करने और जाल (नेट) के जरिए पकड़कर निष्क्रिय करने में सक्षम होगा.

सिस्टम की मुख्य खूबियां

ड्रोन सेंसर

  • इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे (ESA) या उससे बेहतर तकनीक पर आधारित होगा.
  • 360 डिग्री कवरेज के साथ बड़े एयरस्पेस को स्कैन कर सकेगा.
  • एक साथ कम से कम 20 ड्रोन को डिटेक्ट और ट्रैक करने की क्षमता.
  • 0.01 वर्गमीटर RCS वाले लक्ष्य को कम से कम 4 किलोमीटर दूरी से पहचान सकेगा.
  • दुश्मन ड्रोन की पहचान कर प्राथमिकता तय करेगा और GCS को जानकारी देगा.

ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन (GCS)

  • यह पूरे सिस्टम का कमांड सेंटर होगा.
  • सेंसर से मिली जानकारी को सुरक्षित डेटा लिंक के जरिए ड्रोन कैचर तक भेजेगा.
  • दुश्मन ड्रोन की टेलीमेट्री जानकारी दिखाएगा.
  • ऑनबोर्ड माइक्रोप्रोसेसर से टारगेटिंग सॉल्यूशन तैयार करेगा.
  • लैपटॉप या टैबलेट आधारित इंटरफेस से रियल-टाइम कंट्रोल संभव होगा.

ड्रोन कैचर

  • पूरी तरह ऑटोमेटिक सिस्टम होगा.
  • GCS से जानकारी मिलते ही लक्ष्य ड्रोन को ट्रैक करेगा.
  • नेट-कैप्चर मैकेनिज्म से ड्रोन को पकड़कर निष्क्रिय करेगा.
  • अकेले या इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम के साथ काम कर सकेगा.

इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर क्षमता भी शामिल

  • सिस्टम में जैमर सब-सिस्टम भी होगा, जो
  • रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) को ब्लॉक करेगा.
  • GNSS (GPS) सिग्नल को बाधित या भ्रमित करेगा.
  • स्टैंडर्ड और नॉन-स्टैंडर्ड फ्रीक्वेंसी बैंड पर काम करेगा.

हर इलाके में तैनाती

यह सिस्टम देशभर में मैदान, रेगिस्तान और ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात किया जा सकेगा. साथ ही यह मौजूदा एयर डिफेंस हथियार प्रणालियों और अन्य काउंटर-UAS सिस्टम के साथ मिलकर भी काम कर सकेगा.