पटियाला : पटियाला जिले से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राजपुरा और शंभू रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFCCI) की रेलवे लाइन पर देर रात एक जोरदार धमाका हुआ, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी और स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर दौड़ पड़े। जांच के दौरान पुलिस के उस वक्त होश उड़ गए, जब ट्रैक से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ। धमाका इतना भयानक था कि शव के चिथड़े उड़ चुके थे और रेल ट्रैक पर हाथ, पैर और सिर धड़ से अलग-अलग पड़े हुए थे।
एसएसपी ने बताई रोंगटे खड़े कर देने वाली सच्चाई
घटनास्थल पर मौजूद पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वरुण शर्मा ने बताया कि इस धमाके की वजह से रेलवे ट्रैक को भी कुछ नुकसान पहुंचा है। यह खौफनाक घटना रात करीब 10 बजे मालगाड़ियों के लिए बनाए गए खास रेल ट्रैक के पास हुई। एसएसपी के मुताबिक, यह एक कम तीव्रता का धमाका था और मौके से एक अज्ञात शव बेहद क्षत-विक्षत हालत में मिला है। जब उनसे यह सवाल किया गया कि क्या मरने वाले व्यक्ति की जान इसी धमाके में गई है, तो उन्होंने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। सच्चाई का पता लगाने और अहम सुराग जुटाने के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक विशेष टीम को तुरंत मौके पर बुला लिया गया है।
क्या पंजाब को दहलाने की रची जा रही है साजिश?
रेलवे ट्रैक पर इस तरह के धमाके की यह कोई पहली घटना नहीं है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। इससे पहले इसी साल जनवरी के महीने में भी पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के ट्रैक पर एक धमाका हुआ था। उस ब्लास्ट में एक ट्रेन के इंजन को भारी नुकसान पहुंचा था और एक लोको पायलट भी घायल हो गया था। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) और रेलवे के तमाम अधिकारी हाई अलर्ट पर आ गए हैं। फोरेंसिक टीमें अब यह सुराग तलाशने में जुटी हैं कि क्या यह धमाका किसी बड़ी तोड़फोड़ की साजिश का हिस्सा था या फिर इसके लिए किसी विशेष विस्फोटक उपकरण का इस्तेमाल किया गया था।
सुरक्षा एजेंसियों के उड़े होश, चप्पे-चप्पे पर पहरा
राजपुरा-शंभू ट्रैक पर हुए इस ताजा धमाके के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा है। इस साल की शुरुआत में भी इस क्षेत्र में रेलवे के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाने वाली ऐसी ही कम तीव्रता की गड़बड़ियां देखी गई थीं, जिसे देखते हुए अब प्रशासन कोई भी कोताही बरतने के मूड में नहीं है। पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस बात की तफ्तीश कर रही हैं कि आखिर रात के अंधेरे में रेलवे ट्रैक पर इस खूनी खेल और धमाके के पीछे किसका हाथ है।









