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  • अमेरिका में ताबड़तोड़ गोलीबारी कर 18 लोगों की जान लेने वाले अपराधी का झाड़ियों में मिला शव

    अमेरिका में ताबड़तोड़ गोलीबारी कर 18 लोगों की जान लेने वाले अपराधी का झाड़ियों में मिला शव

     

    नई दिल्ली : अमेरिका के ल्यूइस्टन, मेन के एक रेस्टोरेंट में मास शूटिंग में 18 लोगों की जान लेने वाले शख्स रॉबर्ट कार्ड की मौत हो गई है। वह लिस्बन शहर में मृत पाया गया। उसकी लाश उसके ही घर में झाड़ियों से बरामद की गई है। पब्लिक सेफ्टी कमीश्नर माइकल जे ने बताया कि मेन स्टेट पुलिस ने रॉबर्ट को ट्रेस किया, जिसके बाद वे उसके घर तक पहुंचे। रॉबर्ट की लाश के पास एक सुसाइड नोट भी मिला, जो उसने अपने बेटे के नाम लिखा था।

    सीएनएन के अनुसार 40 साल के हमलवार रॉबर्ट कार्ड ने सिर पर खुद को गोली मार ली। बता दें कि इस शख्स की अंधाधुंध गोलीबारी से 18 लोग मारे गए थे और करीब 13 अन्य घायल हो गए थे। पुलिस ने कहा, गोलीबारी के बाद वह भाग गया, और जिसके बाद कम से कम 80 एफबीआई एजेंटों ने मिलकर एक तलाशी अभियान शुरू किया। यह तलाशी अभियान दो दिनों तक चला। इस कारण स्कूलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने का अलर्ट भी जारी किया गया था।

    लोग दहशत के मारे अपने घरों से बाहर नहीं निकल पा रहे थे। सीएनएन ने बताया कि रॉबर्ट कार्ड का शव लेविस्टन से लगभग 8 मील दूर जंगल में पाया गया। कार्ड एक सेना रिजर्विस्ट और फायरआर्म इंस्ट्रक्टर था, लेकिन उसे कभी भी किसी युद्ध क्षेत्र में तैनात नहीं किया गया था।

  • कनाडा की ट्रूडो सरकार ने लिया बड़ा फैसला, मुंबई में वीजा ऑफिस किया बंद

     कनाडा की ट्रूडो सरकार ने लिया बड़ा फैसला, मुंबई में वीजा ऑफिस किया बंद

     

     

    नई दिल्ली : भारत-कनाडा के बीच खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। इसको लेकर कनाडा की तरफ से अब एक और नया निर्णय लिया गया है। कनाडा ने मुंबई में अपना वीज़ा और काउंसलर एक्सेस बंद कर दिया है। जो भी अब कनाडा की यात्रा करना चाहते हैं उन्हें वीजा के लिए हेड ऑफिस दिल्ली से प्रक्रिया पूरी करनी होगी। कनाडा ने अपने इस निर्णय के पीछे का फिलहाल कोई कारण नहीं बताया है।

    Canada visa office closed in Mumbai : मुंबई ऑफिस में काम करने वाले स्टाफ का कहना है कि नागरिक अपने समस्याओं के लिए हमें मेल कर सकते हैं। फिलहाल ऑफिस में सभी प्रक्रियाएं बंद हैं। वीजा से जुड़े सभी काम अब दिल्ली के दफ्तर से किए जाएंगे। खालिस्तान समर्थक आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से दोनों देशों के बीच के रिश्ते बिगड़े थे। जिसके बाद कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आरोप लगाए थे कि निज्जर की हत्या के पीछे भारत का हाथ है।

    इसके बाद एक्शन लेते हुए कनाडा ने भारत के राजनयिक को निकाल दिया था। वहीं, जवाबी कार्रवाई करते हुए भारत ने भी कनाडाई राजनयिक को हटा दिया था। इसके बाद शुक्रवार को कनाडा सरकार की तरफ से बताया गया कि उसने भारत स्थित उच्चायोग से 41 राजनयिकों को हटा दिया है।

  • भारत ने लिया बड़ा एक्शन ;कहा हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करते हैं आपके राजनयिक, कनाडा के 41 राजनयिकों के भारत से जाने पर बोला विदेश मंत्रालय

    भारत ने लिया बड़ा एक्शन ;कहा हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करते हैं आपके राजनयिक, कनाडा के 41 राजनयिकों के भारत से जाने पर बोला विदेश मंत्रालय

     

     

    नई दिल्ली -भारत ने कनाडा के साथ राजनयिकों की संख्या को लेकर समानता की मांग को कनाडा सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन बताए जाने का खंडन किया है और इसे विएना संधि के तहत मेजबान देश का अधिकार बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शुक्रवार को यहां एक बयान में कहा ,“ हमने भारत में कनाडाई राजनयिक उपस्थिति के संबंध में 19 अक्टूबर को कनाडा सरकार का बयान देखा है। हमारे द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति, भारत में कनाडाई राजनयिकों की बहुत अधिक संख्या और हमारे आंतरिक मामलों में उनका निरंतर हस्तक्षेप, नई दिल्ली और ओटावा में दोनों देशों के राजनयिकों की उपस्थिति में समानता की मांग का आधार बना। इसके कार्यान्वयन के विवरण और तौर-तरीकों को लेकर हम पिछले महीने से कनाडाई पक्ष के साथ काम कर रहे हैं।” प्रवक्ता ने कहा,“ इस समता को लागू करने में हमारे कार्य पूरी तरह से राजनयिक संबंधों पर वियना संधि के अनुच्छेद 11.1 के अनुरूप हैं जिसमें कहा गया है: “मिशन के आकार के बारे में विशिष्ट समझौते के अभाव में, मेजबान देश को आवश्यकता हो सकती है कि मिशन का आकार उस सीमा के भीतर रखा जाए जिसे वह मेजबान देश की परिस्थितियों और स्थितियों को ध्यान में रखते हुए तथा विशेष मिशन की जरूरतों के लिए उचित और सामान्य मानता है।” बागची ने कहा,” हम राजनयिक समता के कार्यान्वयन को अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के उल्लंघन के रूप में चित्रित करने के किसी भी प्रयास को अस्वीकार करते हैं।”

  • गाजा सिटी हॉस्पिटल पर हमला, 500 की मौत

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    गाजा सिटी हॉस्पिटल पर हमला, 500 की मौत,हमास ने दावा किया कि हमला इजराइल ने किया। वहीं, इजराइल ने कहा है कि हॉस्पिटल पर हुए हमले में उसका हाथ नहीं

     

    • इजराइल और हमास जंग में मंगलवार देर रात सबसे बड़े हमले की खबर आई। गाजा सिटी के अहली अरब सिटी हॉस्पिटल पर रॉकेट हमले में 500 लोगों के मारे जाने की बात कही गई है। हमास ने दावा किया कि हमला इजराइल ने किया। वहीं, इजराइल ने कहा है कि हॉस्पिटल पर हुए हमले में उसका हाथ नहीं है।

    इजराइल ने एक वीडियो जारी कर कहा कि फिलिस्तीनी लड़ाके ही हॉस्पिटल के पास हमला कर रहे थे, उन्हीं में से एक रॉकेट दिशा भटककर अस्पताल पर गिर गया। हमास के दावे पर इजराइली PM नेतन्याहू ने X पर लिखा- पूरी दुनिया को पता होना चाहिए कि गाजा में इजराइली सेना ने नहीं, बल्कि हमास के खूंखार आतंकियों ने हमला किया है। जिन लोगों ने हमारे बच्चों की बेरहमी से हत्या की, वे अपने बच्चों के भी हत्यारे हैं।

  • चेतावनी: अगर इजरायल ने गाजा पर बमबारी जारी रखी तो मुसलमानों को कोई रोक नहीं पाएगा:अयातुल्ला अली खामेनी

     चेतावनी: अगर इजरायल ने गाजा पर बमबारी जारी रखी तो मुसलमानों को कोई रोक नहीं पाएगा:अयातुल्ला अली खामेनी

     

     

    तेहरान : ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनी ने मंगलवार को चेतावनी दी कि अगर इजरायल ने गाजा पर बमबारी जारी रखी तो दुनियाभर के मुसलमानों और “प्रतिरोधक ताकतों” को कोई रोक नहीं पाएगा। डेली मेल ने ईरानी राज्य टीवी का हवाला देते हुए कहा, अगर ज़ायोनी (इज़रायली) शासन के अपराध जारी रहे, तो मुस्लिम और प्रतिरोध बल अधीर हो जाएंगे और उन्हें कोई नहीं रोक सकता।

    खामेनी ने कहा, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि ज़ायोनी शासन कुछ भी करता है, वह अपनी निंदनीय विफलता की भरपाई नहीं कर सकता। ये टिप्पणियां हमास के पूर्व प्रमुख खालिद मेशाल द्वारा पिछले शुक्रवार को मुस्लिम दुनियाभर में “जिहाद दिवस” के आह्वान के बाद की गई हैं, इससे पहले दुनियाभर में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी संकटग्रस्त गाजावासियों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए निकले थे, क्योंकि दस लाख से अधिक लोगों को अपने देश से भागने के लिए मजबूर होना पड़ा था।

    ईरान के मौलवी शासक लंबे समय से फ़िलिस्तीनी मुद्दे के समर्थन में मुखर रहे हैं। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान हमास को खुलकर समर्थन देता है, गाजा को नियंत्रित करने वाले इस्लामी संगठन का वित्त पोषण करता और हथियार देता है, यह किसी से छिपा नहीं है।

    खामेनी ने मंगलवार को कहा कि गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ किए गए अपराधों के लिए इजरायली अधिकारियों पर मुकदमा चलाया जाना चाहिए। ईरान ने घेराबंदी की निंदा करते हुए बयानबाजी तेज कर दी है – और सुझाव दिया है कि चौतरफा हमले का जवाब दूसरे मोर्चों पर दिया जाएगा।

  • इजरायल ने गाजा को बना दिया नर्क! खौफ में हैं UN के कर्मचारी, जापान करेगा मदद

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    इजरायल ने गाजा को बना दिया नर्क! खौफ में हैं UN के कर्मचारी, जापान करेगा मदद

     

    • इजरायली वायु सेना ने हमास के खुफिया प्रमुख के ठिकानों को तबाह करते हुए उसे ढेर कर दिया. वहीं लेबनान के हमलों पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने परीक्षा ना लेने की चेतावनी दी है. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजरायल का दौरा करने का फैसला किया है.

    इजरायल और हमास के बीच युद्ध लगातार 11 दिनों से जारी है. इस बीच इजरायली सेना ने गाजा में एक बार फिर ताबड़तोड़ हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. इजरायल की वायु सेना ने बताया कि उन्होंने हवाई हमले में हमास के खुफिया प्रमुख यूनिस खान को मार गिराया. वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजरायल दौरे पर जाने का फैसला किया है. वह बुधवार को इजरायल पहुंचेंगे.

    इजरायल और फिलिस्तीनी चरमपंथी संगठन हमास के बीच लगातार 11 दिन से युद्ध जारी है. इन 11 दिनों में दोनों तरफ से मिलाकर 4000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 10 हजार से अधिक लोग घायल हैं. बीते 7 अक्टूबर को दोनों के बीच जंग शुरू हुई थी. हमास के लड़ाकों ने इजरायल पर करीब 5 हजार रॉकेट दागे थे, जिसके बाद इजरायल ने जंग का ऐलान कर दिया और कहा कि हमास का वो हाल किया जाएगा, जो उसने सोचा भी नहीं होगा. वहीं फिलिस्तीन में पानी व बिजली की आपूर्ति ठप होने से अस्पताल में भर्ती हजारों लोगों की जान खतरे में पड़ गई है. संयुक्त राष्ट्र ने इजरायल से कई बार आपूर्ति को जारी रखने की गुहार लगाई है.

    इस जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इजरायल का दौरा करने का फैसला किया है. कुछ दिन पहले इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जो बाइडन को दौरे के लिए आमंत्रित किया था. वहीं युद्ध को रोकने के लिए दुनिया के काफी बड़े देश अपने तरीके से कोशिश में लगे हुए हैं, जिसमें अमेरिका, चीन, रूस और सऊदी अरब देश शामिल हैं. वहीं इजरायल ने गाजा पट्टी में रह रहे लोगों को क्षेत्र खाली करने का निर्देश दिया है. संभावना जताई जा रही है कि इजरायल अब गाजा पट्टी पर जमीनी हमला शुरू कर सकता है. हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक इंटरव्यू में कहा कि इजरायल हमास को खत्म कर दे. लेकिन गाजा पर नियंत्रण हासिल करने का ना सोचे.

  • चल रही थी अमेरिकी विदेश मंत्री और PM नेतन्याहू की मीटिंग,तभी बजने लगे सायरन;हुआ राकेट हमला- जान बचाने के लिए बंकर में छिपेे

    चल रही थी अमेरिकी विदेश मंत्री और PM नेतन्याहू की मीटिंग,तभी बजने लगे सायरन;हुआ राकेट हमला- जान बचाने के लिए बंकर में छिपेे

     

     

    तेल अवीव: इजरायल हमास युद्ध हर गुजरते दिन के साथ और भी खतरनाक होता जा रहा है। युद्ध कितना भयावह रूप ले चुका है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इजरायल दौरे पर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिकंन और पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को अपनी जान बचाने के लिए बंकर में छिपना पड़ा। दरअसल, एक रॉकेट हमले से बचने के लिए दोनों नेताओं ने यह कदम उठाया।

    Rocket attack on US Secretary of State and PM Netanyahu: समाचार एजेंसी रॉयटर्स की जानकारी के मुताबिक कि अमेरिकी विदेश मंत्री और पीएम नेतन्याहू के बीच तेल अवीव में मौजूद रक्षा मंत्रालय के एक कमांड सेंटर में बैठक चल रही थी। तभी रॉकेट हमले का सायरन बजा। दोनों नेता मीटिंग को बीच में छोड़कर बंकर में जाकर छिप गए। करीब पांच मिनट तक दोनों नेताओं को बंकर में छिपे रहना पड़ा।

    अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने कहा, “प्रधानमंत्री नेतन्याहू और युद्ध कैबिनेट के साथ सचिव की बैठक के दौरान हवाई हमले के सायरन बज गए और वे पांच मिनट के लिए बंकर में छिप गए।”

     

  • गाजा के बाद अब लेबनान की तरफ से इजरायल पर जबरदस्त हमला; इजरायल सेना ने मार गिराया हमास का टाप कमांडर बिलाल अल-कदरा, किबुत्ज नरसंहार का था मास्टरमाइंड

    गाजा के बाद अब लेबनान की तरफ से इजरायल पर जबरदस्त हमला; इजरायल सेना ने मार गिराया हमास का टाप कमांडर बिलाल अल-कदरा, किबुत्ज नरसंहार का था मास्टरमाइंड

     

     

    तेल अवीवी  इजरायल और फिलस्तीनी आतंकी संगठन हमास के बीच चल रहा युद्ध भीषम रूप ले रहा है। इजरायल सेना की ओर से आतंकी संगठन हमास के ठिकानों को लगातार तबाह किया जा रहा है। इसी बीच इजरायल सेना को बड़ी सफलता मिली है। इजरायल सेना ने हमास के एक और टाप कमांडर को मार गिराया है। सूत्रों के अनुसार इजरायली फोर्स ने एयर स्ट्राइक में दक्षिणी खान यूनिस बटालियन में नहबा बल के टॉप कमांडर बिलाल अल-कदरा को मार गिराया।

    Major action by Israeli Army: आईडीएफ और आईएसए ने बताया कि गाजा पट्टी में दक्षिणी खान यूनिस में हमास की सशस्त्र सेना के नुखबा कमांडर को मार डाला, जो किबुत्ज निरिम नरसंहार के लिए जिम्मेदार था।

    इजरायली वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने शनिवार की रात गाजा पट्टी में आतंकवादी संगठन हमास की दक्षिण खान यूनिस बटालियन पर हमला किया था। मारा गया आतंकी इजरायल में कई लोगों की हत्या का जिम्मेदार था। इसी ने दक्षिणी इजरायल के किबुत्ज निरिम और निरओज इलाके में घरों में घुसकर लोगों को ढूंढ-ढूंढ कर मारा था। आतंकवादी संगठन हमास में काम करने के साथ ही कदरा फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद संगठन में भी अहम भूमिका निभा रहा था।

  • भारत मे चल रहा P-20 सम्मेलन हुआ संपन्न; ओम बिरला ने ब्राजील को सौंपी कमान

    भारत मे चल रहा P-20 सम्मेलन हुआ संपन्न; ओम बिरला ने ब्राजील को सौंपी कमान

     

     

    नई दिल्ली : जी-20 देशों के संसदीय पीठासीन अधिकारियों का नौवां पी-20 सम्मेलन हरित ऊर्जा, महिला नीत विकास, डिजीटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में काम करने के संकल्प के साथ शनिवार को यहां संपन्न हो गया और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पी-20 की कमान ब्राजील के चैंबर ऑफ डेप्युटीज के अध्यक्ष आर्थर सीजर परेरा डी लीरा को सौंप दी।

    यहां यशोभूमि में आयोजित दो दिवसीय पी-20 शिखर सम्मेलन में आज के आखिरी सत्र में बिरला ने संयुक्त वक्तव्य के सर्वसम्मति से स्वीकार होने की घोषणा की और कहा कि संयुक्त वक्तव्य को सर्वसम्मति से मंजूरी मिलना पी-20 की प्रक्रिया की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा, “मेरे विचार में यह सम्मेलन जी-20 प्रक्रिया में संसदीय दृष्टिकोण को स्थापित करने में सफल रहा। भारत के लिए यह अत्यंत गौरव एवं सम्मान का विषय है कि जिस प्रकार जी-20 शिखर सम्मेलन में घोषणापत्र पर सर्वसम्मति बनी, उसी प्रकार एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य के लिए संसदें विषय पर आयोजित सम्मेलन में सर्वसम्मति बनी और हम संयुक्त वक्तव्य की घोषणा करने में सफल रहे। पी-20 का संयुक्त वक्तव्य एक पृथ्वी-एक परिवार – एक भविष्य पर संसदों की साझी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

    उन्होंने कहा कि दो दिनों में इस सम्मेलन में वर्तमान वैश्विक चुनौतियों एवं विषयों पर संसदों की भूमिका पर सारगर्भित चर्चा हुई। बैठक में इन चुनौतियों पर अपने अनुभवों को साझा किया गया तथा इनके समाधान के लिए संसदें किस प्रकार भविष्य के रोडमैप पर काम कर सकती हैं, अपने-अपने देशों में संसदें किस प्रकार वैश्विक चुनौतियों का समाधान कर सकती हैं, उसपर भी विचार रखे गये।

    बिरला ने कहा, “मुझे विश्वास है कि एसडीजी, हरित ऊर्जा, महिला नेतृत्व वाले विकास और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर चार विषयगत सत्रों पर आपके बहुमूल्य विचार और इनपुट मानव केंद्रित कल्याण के लिए जी-20 प्रक्रिया को और मजबूत करने में योगदान देंगे। इन दो दिनों में आप सभी ने जो विचार रखे हैं और जो सुझाव दिये हैं, हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि जो अच्छे सुझाव यहाँ सामने दिए गए हैं, हम उनके क्रियान्वयन पर विचार करें, उनकी प्रगति को कैसे गति दी जा सकती है, इसके लिए प्रयास करें।”

    उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में हमने जिन विषयों पर चर्चा की, वे एक राष्ट्र की नहीं, बल्कि समग्र विश्व की हैं। इसीलिए वैश्विक समस्याओं का समाधान सामूहिक प्रयास से ही हो सकता है। विधायी संस्थाएं होने के नाते हमारा दायित्व है कि हम अपने अपने देशों में इन चुनौतियों पर गहन चर्चा संवाद करें, अपने निर्वाचकों में इनके प्रति जागरूकता का निर्माण करें और इनपर व्यापक जनमत बनाएं।

    उन्होंने कहा कि सम्मेलन में समकालीन भू-राजनीतिक घटनाओं खासकर पश्चिम एशिया की घटनाओं का उल्लेख किया गया। सदस्यों ने बहुपक्षवाद को मजबूत करने और आपूर्ति श्रंखलाओं के टिकाऊ होने की जरूरत महसूस की। बैठक में यह भी कहा गया कि हम संघर्षों एवं विवादों के शांतिपूर्ण समाधान खोजे जाने और मिलकर अंतर्राष्ट्रीय शांति एवं सदभाव स्थापित करने के पक्ष में हैं।

    बिरला ने कहा कि वह पी-20 सम्मेलन की अध्यक्षता ग्रहण करने के लिए ब्राजील की चैंबर ऑफ डेप्युटीज के अध्यक्ष लीरा को हार्दिक बधाई देते हैं और इस बात का पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हैं कि उनके नेतृत्व में पी-20 अपने उद्देश्यों को और अधिक मजबूती से आगे बढाएगा। वह भारत की संसद की ओर से उन्हें अपने पूर्ण समर्थन एवं सहयोग का विश्वास दिलाते हैं।

    इसके बाद बिरला ने लीरा को पी-20 की अध्यक्षता के दस्तावेज एवं प्रतीक चिह्न सौंपा। बाद में राज्यसभा के सभापति एवं उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने मेहमान संसदीय पीठासीन अधिकारियों से अलग अलग मुलाकात की। धनखड ने मेहमान नेताओं के सम्मान में दोपहर का भोज आयोजित किया।

  • इजरायल ने हमास की हवाई सेना के चीफ को किया ढेर, 230 संदिग्धों को पकड़ा

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     इजरायल ने हमास की हवाई सेना के चीफ को किया ढेर, 230 संदिग्धों को पकड़ा

    • गाजा पट्टी पर इजरायली सेना के संभावित जमीनी हमले की तैयारियों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को पूरी तरह से नष्ट करने का संकल्प जताया है. नेतन्याहू ने शुक्रवार देर रात राष्ट्रीय टेलीविजन पर संबोधन के दौरान यह चेतावनी दी. इजरायल पिछले शनिवार को हमास आतंकवादियों द्वारा किए गए सीमा पार हमले के बाद से गाजा पर हवाई हमले कर रहा है. हमास के हमले में 1,300 से अधिक लोग मारे गए थे. इजरायल ने शुक्रवार तड़के गाजा की आधी आबादी को अपने घर खाली करने का आदेश दिया था. नेतन्याहू ने कहा कि ‘यह सिर्फ शुरुआत है. हम इस युद्ध को पहले से भी अधिक मजबूती से खत्म करेंगे. हम हमास को खत्म कर देंगे.’

    गाजा पट्टी पर इजरायली सेना के संभावित जमीनी हमले की तैयारियों के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को पूरी तरह से नष्ट करने का संकल्प जताया. नेतन्याहू ने एक टेलीविजन पर संबोधन के दौरान यह चेतावनी दी. इजरायल पिछले शनिवार को हमास आतंकवादियों द्वारा किए गए सीमा पार हमले के बाद से गाजा पर हवाई हमले कर रहा है. हमास के हमले में 1,300 से अधिक लोग मारे गए थे. इजरायल ने शुक्रवार तड़के गाजा की आधी आबादी को अपने घर खाली करने का आदेश दिया था. नेतन्याहू ने कहा कि ‘यह सिर्फ शुरुआत है. हम इस युद्ध को पहले से भी अधिक मजबूती से खत्म करेंगे. हम हमास को खत्म कर देंगे.’

    वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास आतंकवादी संगठन अलकायदा से भी बदतर है. बाइडेन ने फिलाडेल्फिया में ‘हाइड्रोजन हब्स’ में कहा कि ‘हमें जितना अधिक इस हमले के बारे में पता चलता है वह उतना और अधिक भयावह प्रतीत होता है. एक हजार से अधिक निर्दोष लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें 27 अमेरिकी भी शामिल हैं.’ उन्होंने कहा कि ‘इनके मुकाबले तो अलकायदा भी कुछ ठीक लगता है. ये शैतान हैं. जैसा मैं शुरुआत से कहता आ रहा हूं कि अमेरिका इसे लेकर गलती नहीं कर रहा, वह इजराइल के साथ है.’