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  • अटलांटिक महासागर; समंदर से निकाला गया टाइटन पनडुब्बी का मलबा, इसमें मारे गए यात्रियों के अवशेष भी मिले

    अटलांटिक महासागर; समंदर से निकाला गया टाइटन पनडुब्बी का मलबा, इसमें मारे गए यात्रियों के अवशेष भी मिले

     

     

    अटलांटिक : अटलांटिक महासागर के तल में पड़े टाइटैनिक का मलबा दिखाने निकली टाइटन पनडुब्बी का मलबा निकाल लिया गया है। वहीं दावा यह भी किया गया है कि मलबे के ही बीच मानव अवशेष मिले हैं। बता दें कि इस पनडुब्बी में कुल पांच लोग सवार थे। चार दिन की खोज के बाद टाइटैनिक के मलबे के पास में ही 12 हजार फीट की गहराई में पनडुब्बी का मलबा मिला था।

    अब इस मलबे को लेकर जांच की जाएगी कि आखिर पनडुब्बी में विस्फोट होने की वजह क्या थी। तट से रवाना होने के एक घंटे बाद ही सबमरीन का संपर्क टूट गया था। बता दें कि यह सबमरीन 22 फीट लंबी थी। कोस्ट गार्ड चीफ जैसन न्यूबेयर ने कहा, टाइटन में किस वजह से विस्फोट हुआ यह पता लगाने के लिए अभी बहुत काम बाकी है। इसको समझने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि आगे इस तरह का हादसा ना हो।

    उन्होंने कहा कि जो मानव अवशेष मिले हैं उन्हें अमेरिका ले जाया जाएगा जहां मेडिल प्रोफेशनल विश्लेषण करेंगे। अमेरिका और कनाडा की दूसरी एजेंसियां भी इस मामले की जांच करने में जुटी हुई हैं। जानकारी दी गई है कि मलबे में ज्यादातर टुकड़े छोटे हैं। इसके अलावा कुछ बड़े टुकड़े भी हैं। कुछ कंपनियां अभी और मलबे की तलाश में लगी हुई हैं।

    एक अधिकारी ने कहा, हमारी कंपनी पिछले 10 दिनों से लगातार काम कर रही है। कई सारी चुनौतियों के बाच हिम्मत नहीं हारी है। अध्ययन के बाद ही सही तौर पर पता चलेगा कि सबमरीन के साथ क्या हुआ था। बता दें कि कंपनी ओशियनगेट के सीईओ और पायलट भी इस हादसे में मारे गए थे। बता दें कि यह कंपनी अमेरिका की है लेकिन सबमर्सिबल बाहामास में रजिस्टर था।

  • जानें किस जगह खेल मैदान में हुआ जबरदस्त धमाका , मचा हड़कंप 25 बच्चों की मौत; कई अन्य घायल

    जानें किस जगह खेल मैदान में हुआ जबरदस्त धमाका , मचा हड़कंप 25 बच्चों की मौत; कई अन्य घायल

     

     
     

    मोगादिशु: सोमालिया में कोर्योली कस्बे के निकट एक खेल मैदान में आयुध में विस्फोट होने से कम से कम 25 बच्चों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गये। घटना के दौरान मौके पर हड़कंप मच गया। स्थानीय अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की हैं।

    कोर्योली शहर के उप जिला आयुक्त आब्दी अहमद अली ने बताया कि यह घटना बम और बारूदी सुरंग जैसे विस्फोटक अवशेषों में धमाके के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि इस दौरान गांव के मैदान में खेल रहे बच्चे विस्फोट की चपेट में आ गये।

    आयुक्त ने फोन पर बताया कि कोर्योली अस्पताल में 22 शव मिले है जबकि दो घायलोंं अस्पताल ले जाने के बाद मौत हो गई। उन्होंने बताया कि एक अन्य बच्चे की राजधानी मोगादिशु में अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। उन्होंने बताया कि बच्चों की उम्र 10 से 15 वर्ष के बीच है।

  • जानें किस देश के हवाई अड्डे पर दो विमान टकराए, घटना के बाद रनवे बंद; एक विमान का विंग का हिस्सा टूटा

    जानें किस देश के हवाई अड्डे पर दो विमान टकराए, घटना के बाद रनवे बंद; एक विमान का विंग का हिस्सा टूटा

     

     

    टोक्यो : जापान की राजधानी टोक्यो के हनेडा हवाई अड्डे पर शनिवार को दो यात्री जेट की एक टैक्सीवे के पास आपस में टक्कर हो गयी। जापान के परिवहन मंत्रालय ने यह जानकारी दी हैं।

    स्थानीय मीडिया आउटलेट्स ने हवाई अड्डे के साथ सूत्रों का हवाले से बताया कि आज सुबह स्थानीय समयानुसार करीब 11:00 बजे बैंकॉक जा रहे थाई एयरवेज का विमान और ईवा एयर का विमान हनेडा हवाई अड्डे के रनवे ए पर टकरा गये।

    टोक्यो ब्रॉडकास्टिंग सिस्टम की टेलीविजन फुटेज दिखाया गया है कि इस समय दोनों विमान रनवे में खड़े हैं। नेशनल ब्रॉडकास्टर एनएचके के अनुसार ऐसा प्रतीत होता है कि टक्कर के कारण थाई एयरवेज विमान के विंग का हिस्सा टूट गया और जो कि रनवे के पास देखा गया है।

    हवाई अड्डा ने दुर्घटना स्थल के पास रनवे को बंद कर दिया है। दुर्घटना में अब तक किसी के घायल होने की रिपोर्ट नहीं है। कुछ घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों में देरी हुई है।

  • कनाडा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को डिपोर्ट करने के मामले में PM ट्रूडो का आया बयान- पीड़ितों को स्थिति साफ करने का मौका देंगे

    कनाडा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को डिपोर्ट करने के मामले में PM ट्रूडो का आया बयान- पीड़ितों को स्थिति साफ करने का मौका देंगे

     

     
     

    नई दिल्ली/ओटावा : फर्जी प्रवेश पत्रों को लेकर कनाडा से निर्वासन का सामना कर रहे 700 भारतीय छात्रों को आश्वस्त करते हुए प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि वे प्रत्येक मामले का मूल्यांकन करेंगे और धोखाधड़ी के शिकार लोगों को अपनी स्थिति बताने का अवसर मिलेगा। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब सैकड़ों भारतीय छात्र, जिनमें ज्यादातर पंजाब से हैं, कनाडा में सड़कों पर उतर रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्हें भारत में उनकी आव्रजन परामर्श एजेंसी द्वारा धोखा दिया गया, उसने उन्हें फर्जी दस्तावेज मुहैया कराए थे, इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं थी।

    ट्रूडो ने बुधवार को संसद में बहस के दौरान कहा, हम अंतरराष्ट्रीय छात्रों के ऐसे मामलों से अच्छी तरह वाकिफ हैं, जिन्हें फर्जी कॉलेज स्वीकृति पत्रों को लेकर निष्कासन आदेशों का सामना करना पड़ रहा है। हमारा ध्यान छात्रों के साथ धोखाधड़ी करने वाले दोषियों की पहचान करने पर है।

    पीड़ित छात्रों की स्थिति पर सिख मूल के एनडीपी नेता जगमीत सिंह की चिंताओं का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, धोखाधड़ी के शिकार लोगों को अपनी स्थिति का प्रदर्शन करने और अपने मामले का समर्थन करने के लिए सबूत पेश करने का अवसर मिलेगा। ट्रूडो ने कहा, हम अंतरराष्ट्रीय छात्रों द्वारा हमारे देश दिए गए अपार योगदान को समझते हैं, और हम पीड़ितों के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    सिंह की पार्टी एनडीपी इन छात्रों के निष्कासन आदेशों को रद्द करने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रही है, साथ ही उनके लिए स्थायी निवास का मार्ग भी सुगम बना रही है। सिंह ने पीड़ितों का मामला पेश करते हुए ट्रूडो से पूछा तो मेरा सवाल है कि क्या प्रधानमंत्री प्रभावित होने वाले इन सभी छात्रों के निर्वासन पर रोक लगाएंगे और इन छात्रों के लिए स्थायी निवास का मार्ग प्रशस्त करेंगे?

    कैनेडियन बॉर्डर सर्विस एजेंसी (सीबीएसए) के अनुसार, 700 से अधिक भारतीय छात्रों को निर्वासन का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि शैक्षणिक संस्थान में उनके प्रवेश प्रस्ताव पत्र नकली हैं। इनमें से ज्यादातर छात्र 2018 और 2019 में पढ़ने के लिए कनाडा आए थे। धोखाधड़ी का पता तब चला जब छात्रों ने कनाडा में स्थायी निवास के लिए आवेदन किया। जालंधर का एजेंट बृजेश मिश्रा फर्जी प्रवेश पत्र उपलब्ध कराने के बदले छात्रों से हजारों डॉलर वसूलने के लिए जिम्मेदार है।

    वह प्रतिष्ठित कॉलेजों में प्रवेश दिलाने का दावा कर प्रवेश शुल्क के अलावा प्रति छात्र 16 लाख रुपये से अधिक वसूल करता था। इस बीच, छात्र 29 मई से मिसिसॉगा के एयरपोर्ट रोड पर, सीबीएसए के मुख्य कार्यालय के बाहर, ‘निर्वासन के खिलाफ एकजुट हों’, ‘निर्वासन बंद करो’ और ‘हम न्याय चाहते हैं’ बैनर लिए धरना जारी रखे हुए हैं।

  • जानें किस जगह परेड में दिखाई गई इंदिरा गांधी की हत्या की झांकी, एस जयशंकर ने जताया कड़ा विरोध

    जानें किस जगह परेड में दिखाई गई इंदिरा गांधी की हत्या की झांकी, एस जयशंकर ने जताया कड़ा विरोध

     

     

     
     

    नई दिल्ली : कनाडा के पंजाब बहुल ब्रैम्पटन में एक परेड में सिख अंगरक्षकों द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या को दर्शाने वाली झांकी दिखाई गई। झांकी 4 जून को ब्रैम्पटन में एक सिख परेड के दौरान दिखाई गई। एक पोस्टर लगा था, जिसमें लिखा था – ‘बदला’ और खालिस्तान का झंडा भी लगा था।

    इस घटना को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ लहजे में कहा कि यह भारत और कनाडा के बीच रिश्तों के साथ-साथ खुद कनाडा के लिए भी ठीक नहीं है। उन्होंने इसे वोट बैंक की राजनीति करार दिया है।

    उन्होंने इसे राजनीति करार देते हुए कहा कि सच कहूं तो हम यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर कोई ऐसा क्यों करेगा। अलगाववादियों, चरमपंथियों और हिंसा की वकालत करने वाले लोगों को दिए जाने वाले स्पेस के बारे में एक बड़ा अंतर्निहित मुद्दा है। विदेश मंत्री की ओर से कनाडा को लेकर यह तीखी प्रतिक्रिया तब आई जब कनाडा में खालिस्तानियों की ओर से निकाली गई झांकी का वीडियो सामने आया।

    वीडियो तीन जून का बताया जा रहा है, जिसमें खालिस्तानी समर्थक पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या की थीम पर आधारित झांकी निकालते हुए नजर आ रहे हैं। जिसमें सेना की वर्दी में दो सिख बॉडीगार्ड इंदिरा गांधी पर गोली बरसाते दिख रहे हैं। यह झांकी छह जून को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी से ठीक पहले निकाली गई थी। पिछले कुछ दिनों में कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है।

    पंजाब में लोग इस घटना से चकित हैं। उन्होंने कहा कि ब्रैम्पटन में एक परेड में इंदिरा गांधी की हत्या की झांकी को शामिल करने पर कड़ी आपत्ति जताने के लिए भारत को कनाडा के उच्चायुक्त को तलब करना चाहिए। उन्होंने सवाल किया, क्या यह कनाडा की इंडो-पैसिफिक रणनीति में मदद करता है?

    खुफिया एजेंसियों का मानना था कि यह अमृतसर में भारतीय सेना के ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ की 39वीं वर्षगांठ से जुड़ा हुआ प्रतीत होता है, जो 1 से 8 जून, 1984 के बीच किया गया था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी और अमृतसर में स्वर्ण मंदिर और इसके परिसर को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।

    ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’ जरनैल सिंह भिंडरावाले के नेतृत्व में स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे उग्रवादियों को बाहर निकालने के लिए किया गया था। यह सैन्य कार्रवाई तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर की गई थी। इसका बदला लेने के लिए दो सिख सुरक्षा गार्डो ने स्टेनगन से गोलियां चलाकर इंदिरा गांधी की जान ले ली थी।

    इससे पहले, ब्रैम्पटन प्रांत में एक हिंदी मंदिर को ‘भारत-विरोधी’ भित्तिचित्रों के साथ तोड़ दिया गया था, जिससे भारतीय समुदाय सदमे में था। टोरंटो में भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने गौरी शंकर मंदिर पर हमले की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया था।

    भारत ने कनाडा के उच्चायुक्त को हाल के दिनों में कनाडा में भारतीय राजनयिक मिशनों के खिलाफ खालिस्तानी चरमपंथी तत्वों द्वारा कार्रवाई के बारे में अपनी चिंताओं से अवगत कराने के लिए तलब किया था।

  • भारतीय समुदाय की शिकायतों के बाद सिडनी ने रद्द किया ये कार्यक्रम

     भारतीय समुदाय की शिकायतों के बाद सिडनी ने रद्द किया ये कार्यक्रम

     

     
     

    मेलबर्न : भारतीय ऑस्ट्रेलियाई समुदाय की तरफ से शिकायतों के बाद सिडनी मेसोनिक सेंटर (SMC) ने सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के प्रचार जनमत संग्रह कार्यक्रम की बुकिंग को रद्द करने का फैसला किया। बता दें 4 जून को यह कार्यक्रम सिडनी मेसोनिक सेंटर में आयोजित किया जाना था।

    मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि जब से सिख फॉर जस्टिस के कार्यक्रम होने की बात सामने आई थी, तब से ही लगातार शिकायतें और धमकियां मिल रही थीं। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की सलाह पर कार्यक्रम की बुकिंग रद्द कर दी गई है।

    एक प्रवक्ता ने कहा कि हम बुकिंग के समय इस खालिस्तान घटना की प्रकृति को नहीं समझ पाए। बहुत विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया गया कि सिडनी मेसोनिक सेंटर किसी भी घटना का हिस्सा नहीं बनना चाहता है, जो संभावित रूप से समुदाय को नुकसान पहुंचा सकता है।

    इस रिपोर्ट में बताया गया है कि धर्मेंद्र यादव ने सिख फॉर जस्टिस के प्रचार कार्यक्रम द्वारा तैयार किए गए पोस्टर व बैनर में आतंकी गतिविधियों में शामिल रहे लोगों की प्रशंसा किए जाने की शिकायत की थी। उन्होंने पत्रकारों से कहा था कि पिछले पांच दिनों से हर सुबह हिंदू विरोधी नारे वाले बैनर देखने को मिल रहे थे।

    मीडिया ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने अपने भारतीय समकक्ष नरेंद्र मोदी को आश्वासन दिया है कि उनकी सरकार चरमपंथी तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना जारी रखेगी जो दोनों देशों के बीच मजबूत और गहरे संबंधों को बाधित करना चाहते हैं।

    खालिस्तान संकट के संदर्भ में भारत के विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा है कि इस तरह के तत्वों पर नकेल कसने के लिए दोनों सरकारों को जो भी करना होगा, हम करेंगे।

  • गैंगस्टर अमरप्रीत समरा की इस देश में हुई हत्या, विरोधी ग्रुप ने गोलियों से भूना

    गैंगस्टर अमरप्रीत समरा की इस देश में हुई हत्या, विरोधी ग्रुप ने गोलियों से भूना

     

     
     

    टोरंटो : कनाडा के टॉप-10 गैंगस्टरों में शामिल अमरप्रीत समरा उर्फ चक्की की वैंकूवर में गोलियां मार कर हत्या कर दी गई है। अमरप्रीत सिंह समरा उर्फ चक्की यूनाइडेट नेशन (UN) के टॉप-10 गैंगस्टरों की लिस्ट में शामिल था। उसकी विरोधी ब्रदर्स कीपर्स ग्रुप के बीच धंधे को लेकर दुश्मनी थी।

    अमरप्रीत अपने भाई रविंद्र के साथ वैंकूवर में एक शादी समारोह में हिस्सा लेने के लिए आया था। रात को डिनर और डांस के बाद जैसे ही समारोह स्थल से बाहर निकला को ब्रदर्स कीपर्स ग्रुप के हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां मार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। यह घटना कनाडा के समय अनुसार रात को करीब 1ः30 बजे की है।

    हमलावरों ने सुबूत मिटाने के लिए उस गाड़ी को भी आग लगा दी जिसमें वह आए थे।
    प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया बताया उन्हें गोलियां की आवाजें ऐसे सुनाई दे रहीं थीं जैसे फायरिंग मशीनगन से की गई हो।

    वहीं कनाडा पुलिस ने कहा कि पुलिस हेल्पलाइन पर रात डेढ़ बजे फोन आया था और उसी वक्त पुलिस वहां पर पहुंच गई थी। पुलिस अधिकारी ने अमरप्रीत को सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की लेकिन उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने बाकायदा नंबर जारी कर हमलावरों के बारे में जानकारी देने की भी अपील की है।

  • उड़ान के दौरान बीच हवा में यात्री ने खोल दिया flight का इमरजेंसी गेट, 194 लोग थे सवार

    उड़ान के दौरान बीच हवा में यात्री ने खोल दिया flight का इमरजेंसी गेट, 194 लोग थे सवार

     

     
     

    सियोल : साउथ कोरिया की एशियाना एयरलाइंस की फ्लाइट में एक यात्री ने बीच हवा में फ्लाइट का इमरजेंसी एग्जिट गेट खोल दिया। ये घटना लैंडिंग से कुछ देर पहले हुई। उस समय फ्लाइट करीब 650 फीट की ऊंचाई पर थी। फिलहाल यात्री को गिरफ्तार कर लिया गया है। एशियाना एयरलाइंस इस मामले की जांच कर रही है।

    मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ये घटना शुक्रवार की है। एयरबस A321-200 में 6 क्रू मेंबर्स और 194 यात्री सवार थे। यह डोमेस्टिक फ्लाइट राजधानी सियोल से लगभग 240 किमी दक्षिण-पूर्व में डेगू इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करने वाली थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जब फ्लाइट हवा में करीब 200 मीटर (650 फीट) की उंचाई पर थी, तभी इसके इमरजेंसी एग्जिट के पास बैठे एक यात्री ने गेट खोल दिया।

    दाएगु एयरपोर्ट पर विमान के लैंड करते ही आपातकालीन टीम तुरंत वहां पहुंची। 9 लोगों की डर के मारे हालत इतनी खराब हो गई थी कि उन्हें अस्पताल भेजना पड़ा। इन लोगों को सांस लेने में तकलीफ भी हो रही थी। जानकारी के अनुसार फिलहाल पुलिस ने उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी नासमझी की वजह से 194 लोगों का जीते-जी मौत से सामना हो गया। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की उम्र 30 साल बताई गई है। अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि आखिर उसने गेट क्यों खोला।

    घटना के एक चश्मदीद ने कहा कि अचानक से ऐसा लगा की फ्लाइट में धमाका होने वाला है। दरवाजे के पास बैठे यात्री बेहोश होने लगे। कुछ समझ नहीं आ रहा था। फ्लाइट में बच्चे भी थे और वो रो रहे थे।

    वहीं दूसरी तरफ एशियाना एयरलाइंस का कहना है कि अचानक से दरवाजा खुलने की वजह से कुछ यात्रियों को सांस लेने में कठिनाई हुई और लैंडिंग के बाद कुछ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एयरलाइंस ने जानकारी दी है कि इस घटना में कोई बड़ी चोट या क्षति नहीं हुई है।

  • पुलिस को देखते ही कोर्ट के अंदर फवाद चौधरी, देखें Video

     

    डॉन न्यूज के मुताबिक, पुलिस कोर्ट के बाहर चौधरी को एक अन्य मामले में गिरफ्तार करने पहुंची थी। इसके कुछ ही समय बाद पीटीआई की ओर से ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया गया। इसमें फवाद चौधरी को वकीलों के साथ एचसी के अंदर जाते हुए देखा जा सकता है। फवाद को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अन्य नेताओं के साथ आगजनी और हिंसक विरोध प्रदर्शन के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, इन पर आरोप है कि इन्होंने सोची-समझी रणनीति के तहत शांति को खतरे में डालने का काम किया। इस्लामाबाद HC के बाहर पाकिस्तानी रेंजरों की ओर से इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद विरोध-प्रदर्शन के दौरान यह हिंसा हुई थी।

    इमरान खान की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित
    दूसरी ओर, लाहौर हाई कोर्ट ने जमानत की अपील वाली इमरान खान की याचिका पर मंगलवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। पिछले सप्ताह इमरान की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों की ओर से कई गई हिंसा के मामले में उनके खिलाफ दर्ज मामलों के खिलाफ याचिका दायर की गई है। खान ने शनिवार को याचिका दायर की थी। एक दिन पहले उन्हें इस्लामाबाद एचसी से जमानत पर रिहा किया गया था। पंजाब की अंतरिम सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि इसे मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए। खान शुक्रवार को जमानत मिलने के बावजूद गिरफ्तारी के डर से घंटों कोर्ट परिसर से बाहर नहीं निकले थे, हालांकि बाद में वह शनिवार को अपने लाहौर स्थित घर लौट आए।

  • बड़ा हादसा: चार मंजिला हॉस्टल में लगी आग से 10 लोगों की दर्दनाक मौत, 30 से अधिक लापता

     बड़ा हादसा: चार मंजिला हॉस्टल में लगी आग से 10 लोगों की दर्दनाक मौत, 30 से अधिक लापता

     

    पुलिस के प्रारंभिक आकलन के अनुसार फिलहाल मृतकों की सटीक संख्या के बारे में नहीं बताया जा सकता लेकिन अनुमान है कि मौतों की संख्या 10 है। पुलिस के अनुसार कुल 52 लोगों को इमारत से बाहर निकाला गया और कम से कम पांच को छत से बचाया गया, लेकिन अन्य का पता नहीं चल पाया। पांच लोगों को अस्पताल भेजा गया, जिनमें दो की हालत गंभीर है।

    दमकल और आपात विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि इमारत में करीब 90 लोग रह रहे थे और लोगों को निकालने के बाद भी करीब 30 लोगों का पता नहीं चल पाया है। मॉर्निंग न्यूज प्रोग्राम से बात करते हुए न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस हिपकिंस ने कहा कि और मौतें हो सकती हैं।