Category: SPIRITUAL

  • PM मोदी ने गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मस्थली तख्त श्री हरमंदिर हरिमंदिर जी पटना साहिब में शीश निवाया, केसरिया रंग की पगड़ी बांधे नजर आए; लंगर बनाने व बाटनें में की सेवा

    PM मोदी ने गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मस्थली तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में शीश निवाया, केसरिया रंग की पगड़ी बांधे नजर आए; लंगर बनाने व बाटनें में की सेवा

     

    पटना : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने बिहार के दो दिवसीय दौरे के दूसरे दिन सोमवार की सुबह गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मस्थली तख्त श्री हरमंदिर जी पहुंचे और हाजिरी लगाई। इस दौरान प्रधानमंत्री केसरिया रंग की पगड़ी बांधे नजर आए। प्रधानमंत्री मोदी ने हरिमंदिर साहिब में मत्था टेका और लंगर में सेवा की। इस दौरान गुरुघर की मर्यादा के अनुकूल प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया। प्रबंधक कमेटी की ओर से पहले से ही उनके आगमन को लेकर विशेष तैयारी की गई थी।

    PM Narendra Modi wears Sikh turban, serves food in langar | Watch | Latest  News India - Hindustan Times

    मोदी पहले प्रधानमंत्री हैं जो हरमंदिर साहिब पहुंचे। पटना साहिब के भाजपा प्रत्याशी और पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद भी इस दौरान उनके साथ मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने लंगर का प्रसाद बनाया और रोटियां बनाईं। इस दौरान उन्होंने शस्त्रों के दर्शन किए और शबद सुने। लोगों से मिले और सभी का अभिवादन स्वीकार किया।

    PM Modi Dons Saffron Turban As He Visits Gurudwara Patna Sahib, Serves  Langar - WATCH Video

    उन्होंने बताया कि नरेंद्र मोदी जी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने गुरु गोविंद सिंह के पावन जन्मस्थली के दर्शन किए। इससे पहले रविवार को प्रधानमंत्री ने पटना में रोड शो किया था। रविवार की रात वो राजभवन में ही रुके। सोमवार को उनका हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और सारण में चुनावी कार्यक्रम है।

  • यमुनोत्री धाम की यात्रा में भक्तों की भीड़ का उत्साह देख पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूले,आने वाले श्रद्धालुओं से किया आग्रह-अभी स्थगित करें यात्रा

    यमुनोत्री धाम की यात्रा में भक्तों की भीड़ का उत्साह देख पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूले,आने वाले श्रद्धालुओं से किया आग्रह-अभी स्थगित करें यात्रा

     

    उत्तरकाशी  : 12 मई यानी कि आज श्रद्धालुओं के लिए बद्रीनाथ धाम के कपाट खोल दिए गए हैं। इस मौके पर बद्रीनाथ धाम के रावल और बदरी पांडुकेश्वर बद्रीनाथ धाम में भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को देख पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। वहीं उत्तरकाशी पुलिस ने भक्तों की तादात को देखते हुए आज की यमुनोत्री यात्रा स्थगित करने की अपील की है।

     यमुनोत्री मार्ग का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें धाम की ओर जाने वाले पहाड़ी मार्ग पर भारी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु दिख रहे हैं। बता दें कि 10 मई अक्षय तृतीया के दिन चार धाम यात्रा शुरू हो गई है। केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए पहले ही दिन करीब 32 हजार श्रद्धालु पहुंचे। वहीं आज यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद भी भारी से अधिक संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इतनी तादात में भक्तों की भीड़ देख पुलिस-प्रशासन के माथे पर चिंता के पसीने बह रहे हैं। सोशल मीडिया पर यमुनोत्री मार्ग का एक वीडियो वायरल होने के बाद राज्य सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए हैं।

    वीडियो में दर्शन करने को लेकर भक्तों का उत्साह साफ़ देखा जा रहा है और श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भरा नजारा देख उत्तरकाशी पुलिस ने आज यमुनोत्री यात्रा स्थगित करने की अपील की है। पुलिस ने ट्वीट कर लिखा है कि… आज श्री यमुनोत्री धाम पर क्षमता के अनुसार पर्याप्त श्रद्धालु यात्रा के लिये पहुँच चुके हैं। अब और अधिक श्रद्धालुओं को भेजना जोखिम भरा है। जो भी श्रद्धालु आज यमुनोत्री यात्रा पर आने जा रहे हैं, उनसे विनम्र अपील है कि आज यमुनोत्री जी की यात्रा स्थगित करें।

  • अयोध्या और राम मंदिर के कारण यूपी की इकोनॉमी पर ‘रामलला’ की बरस रही है आपार कृपा! मंदिर और इन वजहों से भर गया सरकारी खजाना

    अयोध्या और राम मंदिर के कारण यूपी की इकोनॉमी पर ‘रामलला’ की बरस रही है आपार कृपा! मंदिर और इन वजहों से भर गया सरकारी खजाना

     

    अयोध्या और राम मंदिर के कारण यूपी की इकोनॉमी लगातार बूस्ट हो रही है. हाल ही में अप्रैल 2024 में सरकारी खजाने में 12,290 करोड़ रुपये आए. दरअसल 12290 करोड़ के कलेक्शन के साथ यूपी, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात के बाद जीएसटी कलेक्शन में चौथा सबसे बड़ा राज्य बन गया. इसके पीछे राम मंदिर और पर्यटन का सबसे बड़ा योगदान है.

    UP की इकोनॉमी पर 'रामलला' मेहरबान! मंदिर और इन वजहों से भर गया सरकारी खजाना

    UP की इकोनॉमी पर ‘रामलला’ की कृपा! मंदिर और इन वजहों से भर गया सरकारी खजाना

    अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद से रिकॉर्ड पर्यटक रामलला के दर्शन करने के लिए लगातार अयोध्या जा रहे हैं. इसी बीच अप्रैल 2024 में देश में रिकॉर्ड 2.10 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन आया है. इसमें खास बात है कि उत्तर प्रदेश ने 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए मंथली कलेक्शन में तमिलनाडु को भी पछाड़ दिया है. अप्रैल 2024 में 12,290 करोड़ रुपये के साथ यूपी, महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात के बाद जीएसटी कलेक्शन में चौथा सबसे बड़ा राज्य बन गया है.

    रिकॉर्ड GST कलेक्शन के में अयोध्या में राम मंदिर का बड़ा योगदान रहा क्योंकि, जनवरी में राम मंदिर के उद्घाटन के बाद राज्य पर्यटन में काफी वृद्धि हुई है. राज्य में राम मंदिर बनने के बाद से पर्यटकों में काफी इजाफा है, जिस कारण सरकार का खजाना भी भर गया है.

    अयोध्या में राम मंदिर के पूरा होने और विभिन्न पहलों को देखते हुए, यूपी में पर्यटकों (घरेलू और विदेशी) का कुल वार्षिक खर्च 2025 के अंत तक 4 लाख करोड़ रुपये को पार कर सकता है, जिससे राज्य को वित्त वर्ष 2025 में 20,000-25,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त टैक्स रेवेन्यू मिल सकता है. 21 जनवरी को जारी एसबीआई रिसर्च की एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया है.

    मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, अयोध्या में राम मंदिर के आसपास धार्मिक यात्रा बढ़ने से बहुत अधिक ट्रैफ़िक देखने को मिला. जिसके चलते बड़े पैमाने पर होटल और ट्रैवल के लिए भुगतान किया गया. पिछले कुछ महीनों में इससे जीएसटी राजस्व में 200-300 करोड़ रुपये आए हैं. PWC के इंदिरेक्ट टैक्स पार्टनर जैन के अनुसार, पूंजीगत व्यय पर यूपी का ध्यान उसके राजस्व को बढ़ा सकता है.

  • विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए टूटा पंजीकरण का रिकॉर्ड, मात्र एक ही सप्ताह में 12.48 लाख श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

    विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए टूटा पंजीकरण का रिकॉर्ड, मात्र एक ही सप्ताह में 12.48 लाख श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

    विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए टूटा पंजीकरण का रिकॉर्ड, मात्र एक ही सप्ताह में 12.48 लाख श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

    देहरादून : उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस साल 10 मई से शुरू हो रही है। इसके लिए पर्यटन विभाग ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिया है। इस साल चारधाम यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों के पंजीकरण का रिकॉर्ड टूट रहा है। इस साल महज सात दिनो में पंजीकरण की संख्या 12.48 लाख पहुंच गई है। पिछले साल एक सप्ताह में लगभग चार लाख यात्रियों ने पंजीकरण किया था।

    पर्यटन विभाग ने चारधाम यात्रा में देश-दुनिया से आने वाले तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए 15 अप्रैल से पंजीकरण शुरू किया था। रविवार को एक लाख से अधिक यात्रियों ने बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए पंजीकरण कराया।

    पर्यटन विभाग के अनुसार अब तक 12.48 लाख यात्री पंजीकरण करा चुके हैं। इसमें केदारनाथ के लिए सबसे ज्यादा पंजीकरण 4,22,129, बद्रीनाथ धाम के लिए 3,56,716, गंगोत्री धाम के लिए 2,31,983, यमुनोत्री धाम के लिए 2,19,619 जबकि हेमकुंड साहिब के लिए 17,684 यात्रियों ने पंजीकरण कराया है।

  • रामनवमीं के दिन हुआ रामलला का सूर्य तिलक, मस्तक पर चमकती रही सूरज की रोशनी; दिव्य दर्शनों के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

    रामनवमीं के दिन हुआ रामलला का सूर्य तिलक, मस्तक पर चमकती रही सूरज की रोशनी; दिव्य दर्शनों के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब

    अयोध्या  : रामनवमी के खास मौके पर अयोध्या के राम मंदिर में उस वक्त अद्भूत नजारा देखने को मिला, जब प्रभु श्री राम के ललाट पर सूर्य तिलक किया गया।यह अलौकिक नजारा भक्ति से भावविभोर कर देने वाला था। जैसे ही प्रभु श्री राम का सूर्य तिलक हुआ। पूरा मंदिर परिसर श्रीराम के नारे के उद्घोष से गूंज उठा। सूर्य तिलक का यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। रामनवमी के दिन रामलला की विशेष पूजा की गई। वहीं अयोध्या में भक्तों का जनसैलाब आया हुआ है। ठीक दोपहर 12 बजे रामलला का सूर्य तिलक हुआ। सूर्य तिलक होने के बाद भगवान श्री राम की विशेष पूजा की गईं और आरती उतारी गई।

    Ramlala’s Surya Tilak done, sunlight kept shining on his head : इससे पहले सुबह से ही भक्तों की उमड़ी भीड़ है। रामनवमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या में राम मंदिर में भगवान रामलला के दर्शन करने के लिए पहुंचे हैं। रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में राम मंदिर के साथ ही हनुमानगढ़ी में भी बड़ी संख्या में भक्तों की रौनक है। रामनवमी पर अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अयोध्या रेंज के आईजी प्रवीण कुमार ने बताया, व्यवस्था पहले से ही की गई है। हमने इलाकों को दो सेक्टर में बांटा है।

    दर्शन सुबह 3:30 बजे से शुरू हो गए हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने एक्‍स पर तस्‍वीरें शेयर करते हुए लिखा, श्री रामनवमी की पावन बेला में आज, श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु श्री रामलला सरकार का दिव्य अभिषेक किया गया। श्रद्धालु रात 11.30 बजे तक (20 घंटे) दर्शन कर सकेंगे। सुबह कपाट खुलने के बाद रामलला का दूध से अभिषेक, फिर श्रृंगार किया गया। इस दौरान भक्त रामलला का दर्शन भी करते रहे। सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। राम जन्मभूमि परिसर में लंबी लाइनें लगी हैं। राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर काफी भीड़ है। शयन आरती के बाद रात 11:30 बजे रामलला के कपाट बंद किए जाएंगे।

    उधर, रामनवमी पर 40 रामभक्त जयपुर से 700 किलोमीटर पैदल चलकर अयोध्या पहुंचे हैं। रामभक्तों का कहना है कि 21 मार्च को सिर पर 750 ग्राम चांदी की चरण पादुका, अखंड ज्योति और ध्वजा लेकर रवाना हुए थे। हम सभी भगवान का नाम लेते हुए अयोध्या पहुंचे। आज चरण पादुका को नगर भ्रमण करवाया। हनुमानगढ़ी ले गए। फिर सरयू में स्नान कराया। इसके बाद रामलला को समर्पित करेंगे।

  • दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, नूरमहल आश्रम में वैशाखी के पर्व पर मासिक भंडारे का किया गया आयोजन

    दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, नूरमहल आश्रम में वैशाखी के पर्व पर मासिक भंडारे का किया गया आयोजन

    दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, नूरमहल आश्रम में वैशाखी के पर्व पर मासिक भंडारे का किया गया आयोजन

    MBD NEWS; (सुमेश शर्मा)दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान, नूरमहल आश्रम में वैशाखी के पर्व पर मासिक भंडारे का आयोजन किया गया। मंच सञ्चालन में स्वामी उमेशानंद जी बताया कि जब एक साधक अपने जीवन में गुरु की वाणी, उसके विचारों को अपने जीवन में आत्मसात कर लेता है तो उसका जीवन पवित्रता की राह पर चलता हुआ सर्वश्रेष्ठता को हासिल करता है। उसी गुरु की वाणी को वैशाखी के विशेष पर्व पर स्वामी यशेश्वरानन्द जी ने गुरबाणी शबद ‘वैशाख धीरनि क्यूँ वाडीयां जिना प्रेम बिछोह’ के द्वारा प्रस्तुत किया।


    जिसके बारे में आगे सत्संग समागम में स्वामी रणजीतानन्द जी ने बताया कि वैशाखी का पर्व प्रत्येक इंसान के लिए खुशी का दिन होता है, किन्तु एक साधक के जीवन में बसंत, हरियाली तभी आती है जब उसका मिलन अपने प्रियतम प्यारे प्रभु से हो जाता है। इसी के साथ साधवी संयोगिता भारती जी ने बताया कि गुरु का निष्ठावान सेवक बनने के लिए जीवन में तीन सूत्रों -उत्साह, तपस्या और समर्पण को अपने जीवन में धारण करना चाहिए। इसे अपनाकर एक सेवक अपने अर्थहीन जीवन को अर्थपूर्ण बना सकता है। अंत में आए हुई संगत ने भजनों में मंत्र मुग्ध होए प्रभु भक्ति में डूब कर इस पर्व का भरपूर आनंद मनाया।

  • इस रामनवमी पर रामलला को सूर्यदेव करेंगे तिलक,सूर्यतिलक देखने के लिए रामभक्तों में भारी उत्साह, अयोध्या में 25 लाख भक्तों के आने की उम्मीद

    इस रामनवमी पर रामलला को सूर्यदेव करेंगे तिलक,सूर्यतिलक देखने के लिए रामभक्तों में भारी उत्साह, अयोध्या में 25 लाख भक्तों के आने की उम्मीद

     

    अयोध्या : राम नवमी में सिर्फ दो दिन बचे हैं। ऐसे में अयोध्या बड़े पैमाने पर भीड़ नियंत्रण के लिए तैयार हो रही है, जनवरी में प्राण प्रतिष्ठा के दौरान देखी गई भीड़ से भी ज्यादा। राम नवमी के दिन भगवान रामलला के ‘सूर्य तिलक’ को लेकर भक्तों में जबरदस्त उत्साह है। रामनवमी के दिन दोपहर बारह बजे रामलला का ‘सूर्य तिलक’ होगा। करीब चार मिनट तक भगवान राम के ललाट पर सूर्य की रोशनी जगमग करेगी।

    16 अप्रैल की आधी रात से शुरू होने वाले रामनवमी समारोह के लिए अयोध्या में तैनात पुलिस अधिकारियों को 24 घंटे लंबी शिफ्ट करने के लिए कहा गया है। चीफ सेक्रेटरी डी एस मिश्रा ने कहा कि सरकार लगभग 25 लाख भक्तों के आने की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को सभी मुख्य क्षेत्रों में एम्बुलेंस तैनात करने का निर्देश दिया गया है, जबकि सभी अस्पताल अलर्ट मोड पर हैं। उन्होंने कहा कि 12 स्थानों पर अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए गए हैं और उन्हें सभी आवश्यक दवाओं और सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

    भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अयोध्या में बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई जा रही हैं और पार्किंग क्षेत्रों में मंदिर के गर्भ गृह से लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी। सुरक्षाकर्मी मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में चौबीस घंटे ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। पूरे क्षेत्र का सीसीटीवी कवरेज चौबीसों घंटे किया जाएगा। इनका उपयोग श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखने, यातायात नियंत्रण और भीड़ के आकलन के लिए किया जाना चाहिए।

    उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या में 24 स्वचालित नंबर-प्लेट पहचान कैमरे लगाए गए हैं और शहर में प्रवेश करने वाले आगंतुकों का आकलन प्राप्त करने के लिए अंबेडकर नगर, सुल्तानपुर और बाराबंकी जिलों की सीमाओं पर लगाए गए कैमरों की निगरानी की जाएगी।

  • रामनवमी पर रामलला का अलौकिक दर्शन करने पहुंचेगे लाखों रामभक्त, अयोध्या आने से पहले जान लें ट्रैफिक एडवाइजरी, कई रूट रहेंगे डायवर्ट

    रामनवमी पर रामलला का अलौकिक दर्शन करने पहुंचेगे लाखों रामभक्त, अयोध्या आने से पहले जान लें ट्रैफिक एडवाइजरी, कई रूट रहेंगे डायवर्ट

     

     

    अयोध्या में रामनवमी मेले के चलते रामलला के दर्शन करने दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं. लाखों की तादाद में भीड़ जुट रही है. सिक्योरिटी का भी पूरा बंदोबस्त किया गया है.

    ऐसे में 15 अप्रैल को दोपहर दो बजे से 19 अप्रैल को दोपहर 12 बजे तक हाइवे पर मालवाहक भारी वाहन ट्रक, डीसीएम व ट्रैक्टर के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा. जानें इनके डायवर्जन का पूरा रूट..

    रामनवमी पर रामलला का करेंगे दर्शन... अयोध्या आने से पहले जान लें ट्रैफिक एडवाइजरी, कई रूट रहेंगे डायवर्ट

    प्रतीकात्मक तस्वीर.

    अयोध्या में चैत्र रामनवमी मेले के अवसर पर 15 अप्रैल को दोपहर दो बजे से 19 अप्रैल को दोपहर 12 बजे तक हाइवे पर मालवाहक भारी वाहन ट्रक, डीसीएम व ट्रैक्टर के आवागमन पर प्रतिबंध रहेगा. यातायात पुलिस की ओर से ट्रैफिक डायवर्जन का प्लान तैयार किया गया है. इसमें अयोध्या सहित उससे सटे आसपास के जिलों से भी वाहनों का डायवर्जन किया जाना प्रस्तावित है.

    रामलला के दर्शन करने यहां दूर-दूर से लोग पहुंच रहे हैं. लाखों की तादाद में भीड़ जुट रही है. सिक्योरिटी का भी पूरा बंदोबस्त किया गया है. ऐसे में आगामी सोमवार से शुक्रवार तक मालवाहक भारी वाहन, ट्रक, डीसीएम और ट्रैक्टर के आवागमन पर कुछ इस प्रकार होगा डायवर्जन.

    • जनपद गोरखपुर से वाहनों का डायवर्जन- गोरखपुर कौड़ीराम, बडहलगंज, दोहरीघाट, जीयनपुर, आजमगढ़ से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे डायवर्जन किया जाएगा.
    • जनपद गोरखपुर, सन्तकबीरनगर बस्ती से आने वाले वाहनों को कलवारी से टाण्डा से अकबरपुर से दोस्तपुर से पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे डायवर्जन किया जाएगा.
    • गोरखपुर, संतकबीरनगर, बासी, मेहदावल, डुमरियागंज, उतरौला, बलरामपुर, गोण्डा से आने वाले वाहन जरवल रोड तिराहा से वापस आकर बहराइच की ओर जाकर टिकोरा मोड़ से चहलरी घाट रोड होते हुए सिधौली सीतापुर-लखनऊ मार्ग में डायवर्जन किया जाएगा.
    • जनपद कानपुर की ओर से आने वाले वाहनों को कानपुर, उन्नाव, मौरावां मोहनलालगंज, गोसाईगंज, चांद सराय से पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे से गोरखपुर डायवर्जन किया जाएगा.
    • जनपद लखनऊ में आगरा एक्सप्रेस-वे से आने वाले वाहनों को मोहान, जुनाबगंज, से मोहनलालगंज से गोसाईगंज से पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे से गोरखपुर डायवर्जन किया जाएगा.
    • सीतापुर, शाहजहाँपुर से आने वाले वाहनों को आई०आई०एम० रोड दुबग्गा से आलमबाग, नहरिया से शहीदपथ होते हुए अहीमामऊ से होते हुए पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे डायवर्जन किया जाएगा.
    • बलरामपुर, बहराइच, गोण्डा, श्रावस्ती, से अयोध्या होकर लखनऊ जाने वाले वाहनों को टिकोरा मोड़ से चहलारी घाट रोड होते हुए सिधौली सीतापुर – लखनऊ मार्ग में डायवर्जन किया जाएगा.
    • सुल्तानुपर से आने वाले वाहनों को कूढ़ेभार से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से गन्तव्य हेतु डायवर्जन किया जाएगा.
    • रायबरेली से आने वाले वाहनों को हलियापुर से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से गन्तव्य हेतु डायवर्जन किया जाएगा.
    • लखनऊ बाराबंकी की ओर से आने वाले वाहनों को बाराबंकी से चौकाघाट, जरवल रोड, कर्नेलगंज होते हुए गन्तव्य हेतु डायवर्जन किया जाएगा.
    • आजमगढ़, अम्बेडकरनगर से आने वाले वाहनों को अम्बेडकरनगर से पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से गन्तव्य हेतु डायवर्जन किया जाएगा.
    • बाराबंकी की ओर से आने वाले वाहनों को भिटरिया रामसनेही घाट से हैदरगढ़ से पूर्वाचंल एक्प्रेस-वे से गन्तव्य हेतु डायवर्जन किया जाएगा.
    • जनपद बस्ती की ओर से आने वाले वाहनों को लोलपुर से नवाबगंज गोण्डा की ओर डायवर्जन किया जाएगा.
    • जनपद गोण्डा की ओर से नवाबगंज से आने वाले वाहनों को लकड़मण्डी से लोलपुर से बस्ती की ओर डायवर्जन किया जाएगा.

  • काशी विश्वनाथ मंदिर के अंदर तैनात पुलिसवाले धोती, कुर्ता, गले में शिव नाम की गमछा लटकाए हुए आएंगे नजर,मंदिर में नो टच पॉलिसी भी लागू..

     काशी विश्वनाथ मंदिर के अंदर तैनात पुलिसवाले धोती, कुर्ता, गले में शिव नाम की गमछा लटकाए हुए आएंगे नजर,मंदिर में नो टच पॉलिसी भी लागू..

    काशी विश्वनाथ मंदिर के अंदर तैनात किए गए इन पुलिसवाले धोती, कुर्ता, गले में शिव नाम की गमछा लटकाए हुए नजर आए हैं. साथ में रुद्राक्ष की माला और माथे पर त्रिपुंड भी लगे दिखे. इसके अलावा दो महिला पुलिसकर्मियों जो कि गेरुआ रंग का सलवार कुर्ता में नजर आईं.

    काशी विश्वनाथ मंदिर में 'पुलिसिया पुजारी', जानें आखिर क्यों पड़ी ऐसी जरूरत

    मंदिर परिसर में पुलिस के चार जवान और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है

    अगर आप अब वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में जाएं तो वहां मौजूद पुजारियों को देखकर धोखा मत खाइएगा. क्योंकि हो सकता है वो पुजारी नहीं बल्कि पुलिसवाले हों. शायद आपको हमारी बात थोड़ी अजीब लगे लेकिन असल में ये बिल्कुल सच है. काशी विश्वनाथ मंदिर में अब कुछ पुलिसवालों को पुजारियों के वेश में तैनात किया गया है और वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के इस फैसले पर उत्तर प्रदेश में अब सियासी घंटियां भी बजने लगी हैं.

    अब जेहन में यह सवाल उठ रहे होंगे कि आखिर ऐसी क्या आन पड़ी की पुलिस के जवानों को वर्दी की जगह पुजारियों के कपड़े पहनाने पड़ गए. आखिर काशी विश्वनाथ मंदिर में पुलिसवालों को पुजारी वाले वेश में तैनात करने की जरूरत क्यों पड़ी? तो इसके पीछे हम पुलिस प्रशासन का तर्क भी सामने आया है.

    • पुलिस के आदेश में ये बताया गया है कि काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या में पिछले कुछ दिनों में जबरदस्त इजाफा हुआ है.
    • और इसी वजह से कई बार श्रद्धालुओं की ओर से दुर्व्यवहार और धक्का-मुक्की की शिकायतें मिलीं हैं और पुलिस पर ऐसे आरोप लगाए गए हैं.
    • इसके अलावा श्रद्धालु मंदिर में पुलिस को देखकर असहज महसूस करते थे.
    • इन्हीं सब वजहों से मंदिर में अलग तरह की पुलिसिंग व्यवस्था करने की जरूरत महसूस हुई और इस तरह का फैसला लिया गया.
    • तर्क ये भी है कि श्रद्धालु पुजारी की बातों को सहज स्वीकार कर लेते हैं इसीलिए पुलिसवालों को पुजारी के वेष में तैनात किया गया है.
    • साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर में नो टच पॉलिसी भी लागू कर दी गई है.

    वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के आदेश के अनुसार एक शिफ्ट में 6 पुलिसकर्मी ड्यूटी पर रहेंगे और इन सभी लोगों को गर्भगृह की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. इनमें से 2 पुलिसकर्मी पुजारी की वेशभूषा में काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में रहेंगे और बाकी 4 पुलिसवाले गर्भगृह के सभी अलग अलग द्वार पर तैनात होंगे.

    क्या है नो टच पॉलिसी?

    • इस पॉलिसी के तहत पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को स्पर्श नहीं करेंगे.
    • पुलिसवाले की ओर से श्रद्धालुओं को धक्का देकर हटाने पर रोक लगा दी गई है.
    • पुलिसवाले सिर्फ अपील करके श्रद्धालुओं से आगे बढ़ने के लिए कहेंगे.
    • पुजारी की वेशभूषा में मौजूद ये पुलिसकर्मी मंदिर और गर्भगृह में भीड़ नियंत्रित करेंगे.
    • और साथ ही साथ ये पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को गाइड भी करेंगे.
  • नवरात्र में श्री रामलला की मूर्ति को प्रति दिन हाथ से काती गई खादी सूती वस्त्र पहनाएं जाएंगे

    नवरात्र में श्री रामलला की मूर्ति को प्रति दिन हाथ से काती गई खादी सूती वस्त्र पहनाएं जाएंगे

     

    अयोध्या : रामलला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या पहला नवरात्रि उत्सव एक भव्य अवसर में बदलने के लिए तैयार है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “मंगलवार से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रहा है, जो 17 अप्रैल यानी भगवान राम के जन्म तक चलेगा। इस दौरान राम लला की मूर्ति को प्रति दिन नए वस्त्र पहनाए जाएंगे।”

    मंदिर ट्रस्ट ने राम लला को पहनाए जाने वाले वस्त्रों की झलक भी सोशल मीडिया पर साझा की है। इन वस्त्रों को बुनी हुई और हाथ से काती गई खादी सूती से बनाया गया है। मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी आमद को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने सभी से मोबाइल फोन नहीं लाने की अपील की है।

    ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा, “अगर आप जल्दी से राम लला के दर्शन करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको सबसे पहले अपने मोबाइल फोन और जूतों को खुद से दूर रखना होगा। अगर आप ऐसा करते हैं, तो बहुत मुमकिन है कि आप जल्दी से भगवान राम के दर्शन कर सकेंगे।”

    इस बीच, आगामी उत्सव को ध्यान में रखते हुए अर्धसैनिक बलों और पुलिस को बड़ी संख्या में तैनात किया गया है। आसपास के जिलों की पुलिस को भी सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम में लगाया गया है।