रामनवमीं के दिन हुआ रामलला का सूर्य तिलक, मस्तक पर चमकती रही सूरज की रोशनी; दिव्य दर्शनों के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
अयोध्या : रामनवमी के खास मौके पर अयोध्या के राम मंदिर में उस वक्त अद्भूत नजारा देखने को मिला, जब प्रभु श्री राम के ललाट पर सूर्य तिलक किया गया।यह अलौकिक नजारा भक्ति से भावविभोर कर देने वाला था। जैसे ही प्रभु श्री राम का सूर्य तिलक हुआ। पूरा मंदिर परिसर श्रीराम के नारे के उद्घोष से गूंज उठा। सूर्य तिलक का यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। रामनवमी के दिन रामलला की विशेष पूजा की गई। वहीं अयोध्या में भक्तों का जनसैलाब आया हुआ है। ठीक दोपहर 12 बजे रामलला का सूर्य तिलक हुआ। सूर्य तिलक होने के बाद भगवान श्री राम की विशेष पूजा की गईं और आरती उतारी गई।
Ramlala’s Surya Tilak done, sunlight kept shining on his head : इससे पहले सुबह से ही भक्तों की उमड़ी भीड़ है। रामनवमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या में राम मंदिर में भगवान रामलला के दर्शन करने के लिए पहुंचे हैं। रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में राम मंदिर के साथ ही हनुमानगढ़ी में भी बड़ी संख्या में भक्तों की रौनक है। रामनवमी पर अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अयोध्या रेंज के आईजी प्रवीण कुमार ने बताया, व्यवस्था पहले से ही की गई है। हमने इलाकों को दो सेक्टर में बांटा है।
दर्शन सुबह 3:30 बजे से शुरू हो गए हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने एक्स पर तस्वीरें शेयर करते हुए लिखा, श्री रामनवमी की पावन बेला में आज, श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु श्री रामलला सरकार का दिव्य अभिषेक किया गया। श्रद्धालु रात 11.30 बजे तक (20 घंटे) दर्शन कर सकेंगे। सुबह कपाट खुलने के बाद रामलला का दूध से अभिषेक, फिर श्रृंगार किया गया। इस दौरान भक्त रामलला का दर्शन भी करते रहे। सुबह 5 बजे मंगला आरती हुई। राम जन्मभूमि परिसर में लंबी लाइनें लगी हैं। राम पथ, भक्ति पथ और जन्मभूमि पथ पर काफी भीड़ है। शयन आरती के बाद रात 11:30 बजे रामलला के कपाट बंद किए जाएंगे।
उधर, रामनवमी पर 40 रामभक्त जयपुर से 700 किलोमीटर पैदल चलकर अयोध्या पहुंचे हैं। रामभक्तों का कहना है कि 21 मार्च को सिर पर 750 ग्राम चांदी की चरण पादुका, अखंड ज्योति और ध्वजा लेकर रवाना हुए थे। हम सभी भगवान का नाम लेते हुए अयोध्या पहुंचे। आज चरण पादुका को नगर भ्रमण करवाया। हनुमानगढ़ी ले गए। फिर सरयू में स्नान कराया। इसके बाद रामलला को समर्पित करेंगे।









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