Category: SPIRITUAL

  • ब्रज में होली की शुरुआत… बांके बिहारी मंदिर में उड़ा गुलाल; शुरू हुआ ब्रज में 40 दिन का उत्सव

    ब्रज में होली की शुरुआत… बांके बिहारी मंदिर में उड़ा गुलाल; शुरू हुआ ब्रज में 40 दिन का उत्सव

     

    ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में बुधवार वसंत पंचमी के अवसर पर भगवान के साथ श्रद्धालुओं ने होली खेलते हुए 40 दिन चलने वाले ब्रज की होली का शुभारंभ कर दिया है. इसी के साथ बरसाने से लेकर गोवर्धन तक और सेवाकुंज से लेकर राधा बल्लभ और जन्मभूमि तक होली का जश्न शुरू हो गया है. इस उत्सव में रोज होली के अलग अलग रंग देखने को मिलेंंगे.

    ब्रज में होली की धूम... बांके बिहारी मंदिर में उड़े गुलाल, शुरू हुआ ब्रज में 40 दिन का उत्सव

    बिहारी जी मंदिर में उड़े गुलाल, ब्रज में शुरू हुआ उत्सव

    देश ही नहीं, दूनिया भर में ब्रज की होली मशहूर है. वसंत पंचमी पर ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में रंग गुलाल के साथ आज यह होली उत्सव शुरू हो गया. 40 दिन चलने वाले इस होली उत्सव में बरसाने की लठमार होली से लेकर मथुरा और वृंदावन में गोबर, मिट्टी और रंगों की होली के अलग अलग रंग देखने को मिलेंगे. होली उत्सव शुरू करने से पहले बुधवार की सुबह ठाकुर बांके बिहारी का भव्य श्रृंगार हुआ. भक्तों के सामने जब पीले वस्त्रों में ठाकुर जी सामने आए तो जोर का जयकारा लगाया और श्रद्धालुओं ने रंग गुलाल उड़ा कर एक दूसरे को बधाई दी.

    इस मौके पर बांके बिहारी की ओर से गोसाइयों ने भक्तों के ऊपर गुलाल उड़ाया. इसी के साथ सेवाकुंज, राधावल्लभ और निधिवन मंदिर में भी भव्य और दिव्य होली का आयोजन हुआ. बता दें कि ब्रज की होली देश और दूनिया की होली से थोड़ी अलग होती है. यहां 40 दिनों तक चलने वाला होली उत्सव बसंत पंचमी को ठाकुर बांके बिहारी के श्रृंगार आरती के साथ शुरू होता है. इसके बाद मथुरा से लेकर वृंदावन और बरसाने से लेकर गोवर्धन तक होली उत्सव शुरू हो जाता है.

    भक्तों ने आराध्य के साथ खेली होली

    बुधवार को भी इसी परंपरा के तहत पूरे ब्रज में होली उत्सव शुरू हुआ. इसमें भक्तों ने पहले भगवान के साथ होली खेली और फिर अपने मित्रों और परिजनों को होली का रंग लगाया. ब्रज की होली का दर्शन करने और इसमें हिस्सा लेने के लिए आज सुबह से ही बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं का रेला लगा था. हजारों की संख्या में देशी विदेशी भक्त मंदिर पहुंचे हुए थे. श्रृंगार आरती के बाद जैसे ही बिहारी जी का पट खुला, एक साथ जयकारों की गूंज के साथ पूरा वृंदावन गूंज गया.

    पीले फूलों से सजा मंदिर, सजा पीता भोग

    लोगों ने बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ अपने आराध्य के दर्शन किए. इतने में भगवान की ओर से गोस्वामियों ने भक्तों के ऊपर गुलाल उड़ाने शुरू कर दिए. ऐसे में भक्त भी भगवान के इस प्रसाद का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए वहां पर नाचने और जयकारा लगाने लगे. देखते ही देखते संपूर्ण मंदिर रंग बिरंगे सतरंगे धनुष की तरह दिखने लगा. इस अवसर पर ठाकुर जी का मंदिर भी पीले फूलों से सजाया संवारा गया था. वहीं प्रसाद में भी पीत नैवेद्य रखे गए थे.

  • Untitled post 12085

    दिल्ली और पंजाब के CM पहुंचे अयोध्या, सपरिवार रामलला के किए दर्शन

     

    Kejriwal-Mann Visit Ayodhya:   दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ को यूपी के अयोध्या में परिवार सहित रामलला के दर्शन किए हैं. जिसके बाद  केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी.

    दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सोमवार को अयोध्‍या पहुंचे. यहां दोनों नेताओं ने नवनिर्मित श्रीराम मंदिर में भगवान श्री रामलला का दर्शन-पूजन किया. इस दौरान दोनों नेताओं का पूरा परिवार भी मौजूद रहा. मंदिर में रामलला के दर्शन के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट करके इसकी जानकारी दी.

    अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर लिखा कि ‘माता-पिता और अपनी धर्मपत्नी के साथ आज अयोध्या जी पहुंचकर श्रीराम मंदिर में रामलला जी के दिव्य दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. इस अवसर पर भगवंत जी और उनका परिवार भी साथ रहा. सबने मिलकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम जी के दर्शन किए और देश की तरक्की के साथ समस्त मानवता के कल्याण की प्रार्थना की’ आखिरी में उन्होंने लिखा ‘प्रभु श्री रामचंद्र जी सबका मंगल करें’, ‘जय श्री राम’
    Stop
  • श्रद्धा से लबालब भरे श्रद्धालुओं को लेकर जालंधर से अयोध्या रवाना हुई आस्था ट्रेन

    श्रद्धा से लबालब भरे श्रद्धालुओं को लेकर जालंधर से अयोध्या रवाना हुई आस्था ट्रेन

    श्रद्धा से लबालब भरे श्रद्धालुओं को लेकर जालंधर से अयोध्या रवाना हुई आस्था ट्रेन

    MBD WEB NEWS जालंधर : (सुमेश शर्मा) अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और इसी क्रम में पंजाब से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल के 1300 से अधिक कार्यकर्ता और कार सेवक आस्था स्पेशल ट्रेन से अयोध्या के लिए रवाना हुए।

    अमृतसर से चल कर जालंधर लुधियाना व चंडीगढ़ अंबाला होते हुए बुधवार की सुबह 7 बजे जालंधर से पूरी तरह भगवा रंग में और राम के जय घोष करते हुए पूरा स्टेशन गुंजायमान रहा। यहां से रामलला के दर्शनों के लिए श्रद्धालु जा रहे थे।

    अनेक श्रद्धालुओं के हाथ में वाद्य यंत्र थे और वे राम गीत गा रहे थे। आस्था स्पेशल ट्रेन को विशेष तौर पर सजाया गया था और स्टेशन पर बड़ी संख्या में लोग इन श्रद्धालुओं को विदाई देने पहुंचे थे।

     

    इस ट्रेन में 1300 से ज्यादा श्रद्धालु अयोध्या गए हैं।

    बताया गया है कि रेलवे मंत्रालय ने यह विशेष व्यवस्था 3 दिन के लिए की है।

    ये श्रद्धालु 8 फरवरी को सुबह छह बजे नवनिर्मित राम मंदिर में होने वाली मंगल आरती में शामिल होंगे और 9 फरवरी के दिन यह ट्रेन शाम को अमृतसर के लिए प्रस्थान कर जाएगी और सात फरवरी को वापिस लौटेगी।

  • ज्ञानवापी में 31 साल बाद हुई मंगला गौरी की पूजा,जानें पूरी खबर…

    ज्ञानवापी में 31 साल बाद हुई मंगला गौरी की पूजा,जानें पूरी खबर…

     

    ज्ञानवापी मस्जिद के व्यासजी तहखाने में पूजा की परमिशन से मुस्लिम पक्ष खफा है. मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने गुरुवार को व्यासजी तहखाने में पूजा को चुनौती दी है. जिला कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है.

    ज्ञानवापी केस: तहखाने में पूजा की परमिशन से मुस्लिम पक्ष खफा, मस्जिद कमेटी ने हाई कोर्ट में लगाई याचिका

    ज्ञानवापी मस्जिद

    ज्ञानवापी के व्यासजी तहखाने में पूजा को मुस्लिम पक्ष ने चुनौती दी है. मस्जिद की इंतजामिया कमेटी ने जिला अदालत के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका डाली है. वाराणसी जिला कोर्ट ने बुधवार को तहखाने में पूजा की अनुमति दी थी. इसके बाद देर रात व्यासजी तहखाने पूजा भी हुई. बता दें कि मुस्लिम पक्ष ने एक्टिंग चीफ जस्टिस मनोज कुमार गुप्ता के समक्ष अर्जी को मेंशन किया. उन्होंने लिस्टिंग रजिस्ट्रार के पास जल्द सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कराने को मुस्लिम पक्ष को भेजा. मुस्लिम पक्ष के वकीलों के मुताबिक जल्द मामले पर सुनवाई होगी.

    मुस्लिम पक्ष ने ज्ञानवापी परिसर में व्यास जी के तहखाने में पूजा कराए जाने की अनुमति देने के वाराणसी जिला अदालत के फ़ैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर की है. सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद मुस्लिम पक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर जिला जज वाराणसी के फैसले को चुनौती दी है. इंतजामिया मस्जिद कमेटी के एडवोकेट सैयद फरमान अहमद नकवी ने याचिका दाखिल की है.

    हिंदू पक्ष को मिला था तहखाने में पूजा का अधिकार

    ज्ञानवापी केस में बुधवार को वाराणसी जिला कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया था. कोर्ट ने हिंदू पक्ष को व्यासजी के तहखाना में पूजा का अधिकार दिया था. वाराणसी के जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश ने यह फैसला सुनाया था. जिला जज ने अपने आदेश में विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों से पूजा कराए जाने और बैरिकेडिंग हटाने को लेकर कहा था. जस्टिस विश्वेश ने अपने रिटायरमेंट से कुछ घंटे पहले यह बड़ा फैसला सुनाया.

    ज्ञानवापी में 31 साल बाद हुई मंगला गौरी की पूजा

    वाराणसी जिला कोर्ट के आदेश के बाद व्यासजी तहखाने में बुधवार देर रात पूजा हुई. इस दौरान मंगला गौरी की आरती हुई. काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट ने गनेश्वर शास्त्री द्रविड़ से पूजा कराई. पूजा के समय मंदिर ट्रस्ट के पदेन अध्यक्ष की हैसियत से बनारस के कमिश्नर कौशल राज शर्मा, मंदिर प्रशासन के पूर्व एवं वर्तमान सीइओ भी मौजूद थे. इसके अलावा ज्ञानवापी परिसर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे.

  • पहले ही दिन रामलला के मंदिर में आये चढ़ावे ने रच दिया इतिहास… जानिए किन मंदिरों का टूटा रिकॉर्ड

    पहले ही दिन रामलला के मंदिर में आये चढ़ावे ने रच दिया इतिहास… जानिए किन मंदिरों का टूटा रिकॉर्ड

     

    Ram Lalla Temple First Day Donation: अयोध्या में 22 जनवरी को जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही एक दिन में दान का देश के सभी मंदिरों का रिकॉर्ड टूट गया है. देश भर के सबसे अमीर मंदिरों में साल भर में चढ़ने वाले चढ़ावे और दान की रकम के दैनिक औसत से तुलना करने पर पता चलता है कि प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही रामलला के चरणों में समर्पित की गई रकम सबसे ज्यादा है.

    पहले दिन रामलला के मंदिर में चढ़ावे ने रचा इतिहास... जानिए किन मंदिरों का टूटा रिकॉर्ड

    रामलला के मंदिर में पहले दिन आए चढ़ावे ने इतिहास रचा है.
    प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही एक दिन में दान का देश के सभी मंदिरों का रिकॉर्ड टूट गया है. प्राण प्रतिष्ठा में आईं देश भर की हस्तियों ने रामलला के चरणों में इतनी भारी भरकम अर्पित की, जिससे नया रिकॉर्ड बन गया. देश भर के सबसे अमीर मंदिरों में साल भर में चढ़ने वाले चढ़ावे और दान की रकम के दैनिक औसत से तुलना करने पर पता चलता है कि प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही रामलला के चरणों में समर्पित की गई रकम सबसे ज्यादा है.

    अयोध्या में आयोजित रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देश भर के दिग्गजों को आमंत्रित किया गया था. इनमें देश के नामी सितारे, बड़े-बड़े संत, कथावाचक, फिल्म जगत के सितारे और अन्य क्षेत्रों की हस्तियां शामिल हैं.

    कितना चढ़ावा आया?

    प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर पहुंचीं देशभर की हस्तियों ने श्रीराम के नए मंदिर के लिए दिल खोलकर दान किया. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास ने इस रकम को जोड़ा तो 22 जनवरी को मिला दान का आंकड़ा 3 करोड़ 17 लाख रुपए तक पहुंच गया. हालांकि, इस रकम में रामभक्तों की ओर से सीधे तीर्थ क्षेत्र के अकाउंट में ऑनलाइन भेजी गई रकम का आंकड़ा शामिल नहीं है.

  • व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किये गये कार्य मनुष्य को महान बनाते हैं – ब्रह्मऋषि विशाल जी

    व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किये गये कार्य मनुष्य को महान बनाते हैं – ब्रह्मऋषि विशाल जी

    व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर किये गये कार्य मनुष्य को महान बनाते हैं – ब्रह्मऋषि विशाल जी

    श्री श्री ज्ञान विकास केंद्र द्वारा राजपूत भवन लधेवाली में योग एवं ध्यान कार्यशाला जारी

    MBD WEB NEWS ; जालंधर (सुमेश शर्मा) आधुनिक युग में मनुष्य के सामने आने वाली चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुए स्वस्थ, सुखी और सफल जीवन जीने की कला सिखाने वाली 7 दिवसीय विशेष योग और ध्यान कार्यशाला लधेवाली रोड स्थित राजपूत भवन में जारी है। 22 जनवरी से 28 जनवरी तक चलने वाली इस कार्यशाला के दौरान सभी संप्रदायों और धर्मों से स्वतंत्र रहकर संपूर्ण मानवता के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध पूरे ब्रह्मांड में गुरुओं के गुरू कहे जाने वाले श्री श्री सुदर्शन जी के नेतृत्व में ब्रह्मर्षि विशाल जी छात्रों को सुविधाजनक तरीके से मार्गदर्शन कर रहे हैं।

    कार्यशाला के तीसरे दिन प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए ब्रह्मर्षि विशाल जी ने कहा कि व्यक्तिगत स्वार्थ एवं रक्त संबंधों से ऊपर उठकर सर्वजन हिताय को मुख्य लक्ष्य रखना ही व्यक्ति को महान बनाता है। उन्होंने शहीद भगत सिंह सहित अन्य योद्धाओं और देशभक्तों का उदाहरण देते हुए दर्शकों को मानवता के कल्याण के लिए सदैव सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हम उन सैनिकों और अन्य योद्धाओं को सलाम करते हैं जो अपने परिवार से ऊपर उठकर पूरे देश के हितों के लिए लड़ते हैं क्योंकि उन्होंने लाखों देशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपने जीवन को अपने परिवार के हितों से ऊपर रखा है।

    इसके साथ ही ब्रह्मर्षि विशाल जी ने अभिभावकों को अपने बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालने की सलाह देते हुए कहा कि आज के भागदौड़ और प्रतिस्पर्धा के युग में बच्चों पर डाला जाने वाला दबाव ही घरों में बढ़ती कलह और सामाजिक रिश्तों में दूरियां बढ़ने का असली कारण है।


    महान व्यक्तित्व का स्वामी बनने के लिए स्वस्थ शरीर के साथ-साथ उच्च मानसिकता की आवश्यकता पर बल देते हुए ब्रह्मर्षि विशाल जी ने प्रतिभागियों को लाभकारी योग आसन सिखाए, इस समय उपस्थित पुरुषों, महिलाओं और बच्चों ने संगीत की धुनों पर नृत्य सत्र का खूब आनंद लिया।
    रोजाना सुबह 5 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाली इस जीवन-परिवर्तनकारी कार्यशाला में पहली बार पंजीकृत प्रतिभागियों के अलावा, पीले कार्ड धारक प्रशिक्षु जो पहले से ही इस कार्यशाला में भाग ले चुके हैं, वे भी इस जीवन-परिवर्तनकारी कार्यशाला में अधिक ऊर्जा के साथ कार्यशाला में भाग लेकर लाभ उठा सकते हैं।

  • अयोध्या में नतमस्तक हुआ पूरा भारत, राम मंदिर में हुई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा

    अयोध्या में नतमस्तक हुआ पूरा भारत, राम मंदिर में हुई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा

     

    500 साल का इंतजार खत्म हो गया. अयोध्या के राम मंदिर में रामलला विराज गए हैं. पीएम मोदी और सीएम योगी की मौजूदगी में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई. देश ही नहीं दुनिया के कोने-कोने में बसे भारतीय समुदाय के लोग जश्न मना रहे हैं. पूरी दुनिया में जश्न का माहौल है. कहीं रैली निकाली जा रही है, तो कहीं राम भजन गाए जा रहे हैं. कहीं, आरती-पूजा की जा रही है, तो कहीं जय श्रीराम के नारे लग रहे हैं.

    अयोध्या में नतमस्तक हुआ पूरा देश, मोदी-योगी की मौजूदगी में हुई रामलला की प्राण प्रतिष्ठा

    राम मंदिर में विराजे रामलला

    देश और दुनिया के रामभक्तों की मुराद आखिरकार पूरी हो गई है. अयोध्या के राम मंदिर में रामलला विराज गए हैं. इसी के साथ 500 साल का लंबा इंतजार खत्म हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और तमाम साधु-संतों की मौजूदगी में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई. प्राण प्रतिष्ठा के बाद रामलला की आरती हुई. दोपहर 12 बजकर 20 मिनट से 1 बजे के बीच अभिजीत मुहूर्त में होगी रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई.

    इसी के साथ रामभक्तों का सपना हकीकत में बदल गया है. देश ही नहीं दुनिया के कोने-कोने में बसे रामभक्त जश्न मना रहे हैं. कहीं रैली निकाली जा रही है, तो कहीं राम भजन गाए जा रहे हैं. कहीं, आरती-पूजा की जा रही है, तो कहीं जय श्रीराम के नारे लग रहे हैं. प्राण प्रतिष्ठा से पहले पीएम मोदी ने कहा कि अयोध्या धाम में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का अलौकिक क्षण हर किसी को भाव-विभोर करने वाला है. पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, अयोध्या धाम में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का अलौकिक क्षण हर किसी को भाव-विभोर करने वाला है. उन्होंने इसी संदेश में कहा इस दिव्य कार्यक्रम का हिस्सा बनना मेरा परम सौभाग्य है. जय सियाराम.

    सुनहरी कुर्ता, क्रीम रंग की धोती और उत्तरीय पहने प्रधानमंत्री तह किए हुए लाल कपड़े पर रखे चांदी के एक छत्र को पकड़े हुए मंदिर के गर्भगृह में गए. पीएम मोदी के मंदिर परिसर में पहुंचने पर योगी और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने उन्हें रामनामी उत्तरीय पहनाकर एवं पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया.

     

    अयोध्या में दिग्गजों का जमघट

    इससे पहले सुबह आठ बजे से ही मेहमानों का मंदिर परिसर में आगमन शुरू हो गया था. सभी मेहमानों को जन्मभूमि पथ होते हुए मंदिर परिसर में प्रवेश दिलाया गया, उन्हें रामनामी पटका पहनाया गया और निर्धारित स्थान पर बैठाया गया. इस बीच सोनू निगम, अनुराधा पौडवाल और शंकर महादेवन ने अपनी प्रस्तुति भी दी. जानकारी के मुताबिक, साढ़े बारह बजे (12.29) बजे रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा की गई. इस दौरान सेना के हेलीकॉप्टरों ने मंदिर परिसर पर पुष्प वर्षा की.

    सीएम योगी ने सभी अतिथियों, प्रधानमंत्री मोदी और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) प्रमुख मोहन भागवत के स्वागत में संदेश पोस्ट किया था. सोमवार की सुबह सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में योगी ने कहा, रामलला के नवीन विग्रह की प्राण-प्रतिष्ठा के पुण्य अवसर के साक्षी बनने आ रहे सभी अतिथि महानुभावों का सप्तपुरियों में श्रेष्ठ, मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की प्राकट्य भूमि श्री अयोध्या धाम में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन है. जय सियाराम.

  • क्या आप जानते है? एक ऐसा भी गांव है जिसमें हर बच्चे का नाम रखा जाता है ‘राम’

    क्या आप जानते है? एक ऐसा भी गांव है जिसमें हर बच्चे का नाम रखा जाता है ‘राम’

    क्या आप जानते है? एक ऐसा भी गांव है जिसमें हर बच्चे का नाम रखा जाता है ‘राम’

    पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में पश्चिमी सनाबांध गांव में रामपाड़ा है. रामपाड़ा के लोगों के कुल देवता राम हैं. ढाई सौ साल पुराना राम का मंदिर है और इलाके में जन्म लेने वाले हर नवजात का नाम राम पर रखा जाता है. अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर रामपाड़ा के लोगों में काफी उत्साह है.

    पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में एक अनोखा गांव है. उस गांव के एक इलाके में लोगों की राम के प्रति ऐसी दीवानगी है कि हर जगह केवल राम ही राम हैं. गांव के एक इलाके का नाम रामपाड़ा है. रामपाड़ा के लोगों के कुल देवता भी राम हैं. रामपाड़ा में राम का मंदिर है, जहां वर्षों से लोग उनकी पूजा कर रहे हैं. इतना ही नहीं, इलाके के लोगों का राम के प्रति इतना प्रेम है कि जब गांव में कोई नवजात पैदा होता है तो उसका नाम भी राम रखा जाता है. ढाई सौ साल से वह परंपरा आज भी कायम है.

    बांकुड़ा के पश्चिमी सनाबांध गांव में है रामपाड़ा. राम इस गांव के लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल हैं. लगभग ढाई सौ वर्ष पहले से ही राम इस रामपाड़ा क्षेत्र के लोगों के मुख्य देवता हैं. स्थानीय निवासियों का दावा है कि गांव के मुखोपाध्याय परिवार के एक पूर्वज ने स्वप्न में राम को देवता मान लिया था. उसके बाद उन्होंने ही गांव में राम मंदिर का निर्माण किया था.

    गांव के लोगों की जिंदगी से जुड़े हैं राम

    पिछले ढाई सौ वर्षों से स्थानीय निवासी उस राममंदिर में शालीग्राम शिला को राम के नाम से पूजा करते आ रहे हैं. लेकिन सिर्फ राम मंदिर या राम सेवा ही नहीं, बल्कि पश्चिम सनाबांध गांव के रामपाड़ा में पिछले ढाई सौ सालों से सभी नवजात शिशुओं का नाम राम के नाम पर रखा जाता है.

    पिछले 250 सालों में रामपाड़ा में पैदा हुए हर पुरुष का नाम राम के नाम पर रखा गया है और सबसे खास बात है कि आज तक उस नाम को दोहराया नहीं गया है. इसी प्रकार क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति राम नाम के बिना नहीं है. अब जब उनके कुलदेवता का इतना बड़ा मंदिर का निर्माण अयोध्या में हो रहा है और रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की जा रही है, तो रामपाड़ा के लोग काफी उत्साहित हैं.

    राम के नाम पर रखा जाता है हर नवजात का नाम

    अब अयोध्या में राम मंदिर की स्थापना हो रही है, तो रामपाड़ा के लोगों में काफी उत्साह है. गांव के लोगों ने 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दिन एक विशेष पूजा पाठ का आयोजन किया है. रामपाड़ा के स्थानीय निवासी रामकनाई मुखोपाध्याय बताते हैं, किसी का नाम रामकनाई, रामकांत, रामदुलाल, रामकृष्ण है, इस प्रकार सभी के नाम राम के नाम पर हैं. गुरुदेव ने हमारे बच्चों के नाम तय किये हैं और राम के नाम पर ही नवजात का नाम रखा जाता है.

  • राम भक्तों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी, अयोध्या के राम मंदिर से आई रामलला की पहली संपूर्ण तस्वीर

    राम भक्तों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी, अयोध्या के राम मंदिर से आई रामलला की पहली संपूर्ण तस्वीर

    राम भक्तों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी;  अयोध्या के राम मंदिर से आई रामलला की पहली संपूर्ण तस्वीर,MBD WEB NEWS के साथ करें प्रभु के अलौकिक दर्शन

    अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाली रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले भगवान राम का दिव्य रूप सामने आया है. अब 22 जनवरी को भगवान राम की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी.

    अयोध्या में अगले हफ्ते सोमवार (22 जनवरी) को रामलला की होने वाली प्राण प्रतिष्ठा से पहले भगवान राम का अलौकिक चेहरा सामने आया है. इससे पहले राम मंदिर में सोमवार को होने वाले अभिषेक समारोह से पहले कल गुरुवार को राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान राम की नई मूर्ति रखी गई. भगवान राम की प्रतिमा को स्थापित करने में करीब 4 घंटे का वक्त लगा.धनुष और तीर के साथ रामलला की पूर्ण प्रतिमा सामने आई है. मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह से जुड़े अनुष्ठान किए जा रहे हैं. रामलला की प्रतिमा सामने आने के बाद लोगों में खासा उत्साह है. अयोध्या में इस अवसर पर मौजूद लोग जश्न मना रहे हैं.

    Ram Lala First Photo (2)

    अयोध्या में रामलला की अलौकिक छवि

    मैसूर स्थित मूर्तिकार अरुण योगीराज ने यह मूर्ति तैयार की है. 51 इंच लंबी रामलला की मूर्ति को कल गुरुवार को मंदिर में लाया गया था. प्रतिष्ठा समारोह से जुड़े पुजारी अरुण दीक्षित ने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान राम की मूर्ति को दोपहर में वैदिक मंत्रोचार के बीच गर्भ गृह में रखा गया था. जबकि प्रधान संकल्प ट्रस्ट के सदस्य और मुख्य यजमान अनिल मिश्रा ने किया.

    कारीगरों ने गुरुवार को पूजा-संकल्प के बाद रामलला की नई मूर्ति को आसन पर खड़ा किया. इस पूरी प्रक्रिया में चार घंटे का वक्त लगा. फिर मूर्ति को अनाज, फल, घी और सुगंधित जल में रखा गया. मूर्ति रखने के साथ ही मूर्ति का गंधादिवास शुरू हो गया और अब 22 जनवरी को इसकी प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी.

    Lord Ram Ayodhya

    अयोध्या में 22 जनवरी को होगी प्राण प्रतिष्ठा

    पुजारी अरुण दीक्षित ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधान संकल्प’ की असल भावना यह है कि भगवान राम की ‘प्रतिष्ठा’ सभी के जीवन में कल्याण लाए, देश का कल्याण हो, मानवता का कल्याण हो और यह प्रतिष्ठा उन सभी लोगों के लिए भी की जा रही है जिन्होंने इस काम में अपना योगदान दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि इसके अलावा अन्य अनुष्ठान भी आयोजित किए गए तथा ब्राह्मणों को वस्त्र भी दिए गए.

  • क्या आपने किए राम मंदिर में स्थापित हुए श्री रामलला के पहले दिव्य दर्शन

    क्या आपने किए राम मंदिर में स्थापित हुए श्री रामलला के पहले दिव्य दर्शन

    क्या आपने किए राम मंदिर में स्थापित हुए श्री रामलला के पहले दिव्य दर्शन

    नई दिल्ली : अयोध्या में राम मंदिर लगभग बनकर तैयार है। बरसों इंतजार के बाद श्रीरामलला राम मंदिर में विराजमान होने जा रहे हैं। इस बीच रामलला की पहली झलक देखने को मिल गई है। गर्भगृह में भगवान राम को विराजमान कर दिया गया है। उस अद्भुत तस्वीर को देख सभी भक्त अभूतपूर्व है और 22 जनवरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं जब प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को संपन्न किया जाएगा।

    जानकारी के लिए बता दे कि बुधवार को रामलला की मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया है। कारीगरों की करीब चार घंटे की मेहनत के बाद इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

    बताया जा रहा है कि सबसे पहले रामलला की मूर्ति को अनाज, फल और सुगंधित जल में काफी देर के लिए रखा गया। उसके बाद रीति रिवाज के हिसाब से बाकी प्रक्रिया को पूरा किया गया। अब जब गर्भगृह में रामलाल की मूर्ति विराजमान कर दी गई है, उसकी पहली झलक भी सामने आ गई है।