Category: SPIRITUAL

  • इस बार रामनवमी पर अयोध्या राम मंदिर में राम लला के लिए 4 मिनट लंबे ‘सूर्य तिलक’ की तैयारियां शुरू

    इस बार रामनवमी पर अयोध्या राम मंदिर में राम लला के लिए 4 मिनट लंबे ‘सूर्य तिलक’ की तैयारियां शुरू

    अयोध्या : सबसे पहले अयोध्या राम मंदिर में राम लला के लिए 4 मिनट लंबे ‘सूर्य तिलक’ की योजना बनाई गई है। इसकी योजना रामनवमी के अवसर के लिए बनाई जा रही है, यह दिन इस वर्ष राम मंदिर के उद्घाटन के बाद अयोध्या में बड़े उत्साह और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला है।

    भारत भर के कई वैज्ञानिक भगवान के भव्य ‘सूर्य तिलक’ की तैयारी कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस आयोजन के लिए जरूरी उपकरण भी मंदिर के अंदर लगाए जा रहे हैं। एक परीक्षण भी जल्द ही आयोजित होने वाला है, जो 17 अप्रैल से पहले कभी भी हो सकता है, जिस दिन राम नवमी पूरे भारत में मनाई जानी है।

    सूर्य तिलक के लिए मंदिर में ऑप्टोमैकेनिकल सिस्टम के उपकरण लगाए जा रहे हैं। घटना की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि गोलाकार ‘सूर्य अभिषेक’ भगवान के माथे को ढकेगा और ‘तिलक’ 75 मिलीमीटर का होगा। यह आयोजन ठीक दोपहर 12 बजे होगा, जब सूर्य की किरणें सीधे रामलला की मूर्ति के माथे पर पड़ेंगी. पूरे 4 मिनट तक किरणें मूर्ति पर पड़ती रहेंगी।

    आयोजन को सफल बनाने के लिए रूड़की सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों को मंदिर में तैनात किया गया है। वैज्ञानिकों की सलाह पर मंदिर के ग्राउंड फ्लोर पर 2 दर्पण और 1 लेंस लगाए गए हैं। मंदिर की तीसरी मंजिल पर लगे दर्पण पर सूर्य की रोशनी पड़ेगी।

  • 10 मई से शुरू होने जा रही है यात्रा,केदारनाथ सहित चारधाम के लिए कल से शुरु होगी रजिस्ट्रेशन..

    10 मई से शुरू होने जा रही है यात्रा,केदारनाथ सहित चारधाम के लिए कल से शुरु होगी रजिस्ट्रेशन..

     

    MBD NEWS नई दिल्ली : केदारनाथ आपदा के बाद से लगातार हर साल सालों की संख्या में भक्त उत्तराखंड के चारधाम की यात्रा कर रहे हैं। उत्तराखंड के चारधाम की यात्रा में भक्त यमुनोत्री, गंगोत्री, केदरानाथ और बदरीनाथ की यात्रा करते हैं। कई भक्त जहां सभी धामों की यात्रा करते हैं, तो कई भक्त एक या दो धाम की यात्रा भी करने के लिए आते हैं।

    गंगोत्री और बदरीनाथ में आप जहां सड़क के माध्यम से आसानी से पहुंच सकते हैं, तो वहीं यमुनोत्री और केदरानाथ में आपको चलना पड़ता है। भक्तों को सबसे ज्यादा केदारनाथ यात्रा के दौरान चलना पड़ता है। हालांकि आप हेलीकॉप्टर के माध्यम से केदारनाथ आसानी से पहुंच सकते हैं। इस साल चारधाम यात्रा 10 मई से शरू हो रही है।

    वहीं, चारधाम यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों को आठ अप्रैल 2024 से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा शुरू होने जा रही है। आपको बता दें कि कि सरकार की ओर से किसी भी यात्री को पंजीकरण के बिना चार धाम पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    ऐसे में चार धाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए यह जरूरी है कि यात्रा पर जाने से पहले अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करवा लें। चारधाम के लिए पर्यटन विभाग ने पंजीकरण के लिए तैयारी पूरी कर ली हैं। इस बार पंजीकरण के बाद पर्ची पर यात्रियों को आवश्यक मोबाइल नंबर भी मिलेंगे।

    आपकी जानकारी के लिए बता दें, केदारनाथ धाम के कपाट 10 मई को सुबह 7 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। चमोली जिले में स्थित भगवान विष्णु को समर्पित बदरीनाथ धाम के कपाट 12 मई को बह्ममुहूर्त का तीर्थ यात्रियों के लिए खुलेंगे। बदरीनाथ धाम के कपाट खोलने की तारीखों का ऐलान बसंत पंचंमी के दिन हुआ था। जबकि, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट अक्ष्य तृतीया के दिन खुलेंगे।

  • भक्त ध्यान दें… बांके बिहारी जी के दर्शनों के समय हुआ ये बदलाव

    भक्त ध्यान दें… बांके बिहारी जी के दर्शनों के समय हुआ ये बदलाव

    मथुरा – बांके बिहारी के भक्तों के लिए खास खबर है। खबर बांके बिहारी जी के दर्शनों को लेकर है। आज से दर्शनों के लिए मंदिर के कपाट खुलने का समय बदल गया है। आज से कपाट 7.45 बजे खुल रहे हैं और बंद करने का समय दोपहर 12 बजे है। शाम को मंदिर को मंदिर के पट 5.30 बजे दर्शन के लिए खोले जाएंगे और रात को 9.30 बजे शयनभोग आरती के बाद बंद कर दिए जाएंगे। आज से बदले हुए समय के अनुसार मंदिर के पट सुबह एक घंटे पहले खुलेंगे दर्शन और शाम को एक घंटे देर से बंद किए जाएंगे। मंदिर का यह बदला समय दीपावली तक यही रहेगा। इससे पहले अब तक मंदिर के कपाट सुबह 8.45 बजे खुलते थे। दोपहर 1 बजे उन्हें बंद कर दिया जाता था। इसके बाद शाम को 4.30 बजे फिर से मंदिर के द्वार भक्तों के लिए खोले जाते थे जो रात को 8.30 बजे तक खुले रहते थे। अब कल से मंदिर में ग्रीष्मकालीन दर्शन के लिए समय सारणी को लागू किया जाएगा।

  • महाकाल मंदिर में आग की घटना पर पीएम मोदी ने जताया दुख

    महाकाल मंदिर में आग की घटना पर पीएम मोदी ने जताया दुख

    महाकाल मंदिर में आग की घटना पर पीएम मोदी ने जताया दुख

     

    पीएम मोदी ने X पर लिखा, ”उज्जैन के महाकाल मंदिर में हुई दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है. इस हादसे में घायल सभी श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. राज्य सरकार की देखरेख में स्थानीय प्रशासन पीड़ितों की हरसंभव मदद में जुटा है.”

    महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान लगी आग

    महाकाल मंदिर में भस्म आरती के मुख्य पुजारी संजय गुरु, विकास पुजारी, मनोज पुजारी, अंश पुरोहित, सेवक महेश शर्मा, चिंतामन गेहलोत सहित अन्य घायल हो गए हैं. ये हादसा महाकाल मंदिर के गर्भगृह में हुआ है. उज्जैन के जिला चिकित्सालय में सभी का इलाज किया जा रहा है

  • रामभक्तों के लिए आई खुशखबरीः अयोध्या में श्रीराम मंदिर के बाद अब इस राज्य में बनेगा माता सीता का भव्य मंदिर

    रामभक्तों के लिए आई खुशखबरीः अयोध्या में श्रीराम मंदिर के बाद अब इस राज्य में बनेगा माता सीता का भव्य मंदिर

     

    सीतामढ़ी : हिंदुओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण होने के बाद अब उत्तर बिहार के सीतामढ़ी जिले में माता सीता का भव्य मंदिर बनाने की योजना है, जिसे उनका जन्म स्थान माना जाता है। बिहार सरकार ने सैद्धांतिक रूप से एक नया मंदिर बनाने के लिए सीतामढ़ी में मौजूदा मंदिर के आसपास 50 एकड़ जमीन का अधिग्रहण करने का फैसला किया है।

    बिहार के पूर्व एमएलसी और भाजपा सदस्य कामेश्वर चौपाल ने कहा, “ माता सीता के लिए सीतामढ़ी वही है, जो राम के लिए अयोध्या है. यह हिंदुओं के लिए पवित्र भूमि है। दुनिया भर से लोग अब अयोध्या में राम मंदिर में पूजा करने आएंगे और सीता की जन्मस्थली भी देखना चाहेंगे।

    उन्होंने कहा, “सीतामढ़ी में एक मंदिर है, जो लगभग 100 साल पहले बनाया गया था, लेकिन यह बहुत अच्छी स्थिति में नहीं है। हमारा प्रस्ताव एक नया मंदिर बनाने का है, जो अयोध्या में राम मंदिर जितना ही भव्य हो।”

  • 17 मार्च को 5 लाख से अधिक शिवभक्तों ने काशी विश्वनाथ मंदिर के किए दर्शन

     17 मार्च को 5 लाख से अधिक शिवभक्तों ने काशी विश्वनाथ मंदिर के किए दर्शन

     

    वाराणसी : श्री काशी विश्वनाथ धाम अपने ही रिकॉर्ड तोड़ रहा है। सावन और महाशिवरात्रि समेत पर्व-त्योहारों पर तो यहां लाखों भक्त दर्शन के लिए उमड़ते ही हैं, रविवार (17 मार्च) जैसे सामान्य दिन में भी यहां 5 लाख से अधिक शिवभक्तों ने दर्शन किए। यह संख्या सामान्यतः विशिष्ट पर्वों पर आने वाले दर्शनार्थियों के बराबर है।

    दरअसल, काशी पुराधिपति देवाधिदेव महादेव के दर्शन के लिए निरंतर श्रद्धालु उमड़ रहे हैं। नव्य और भव्य श्रीकाशी विश्वनाथ धाम मंदिर में सुविधा और सुरक्षा के चलते काशी में दर्शनार्थियों का आवागमन निरंतर बढ़ता जा रहा है।

    काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर के लगभग 3,000 वर्ग फुट से लगभग 5 लाख वर्ग फुट के विशाल क्षेत्र में परिवर्तित होने के बाद धाम में सनातनियों का दर्शन के लिए तांता लग रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि 17 मार्च को दर्शनार्थियों की सर्वाधिक दैनिक संख्या का नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ। इस दिन कुल 5,03,024 दर्शनार्थियों ने महादेव के दर्शन प्राप्त किए।

    उन्होंने बताया कि कॉरिडोर लोकार्पण के पहले सामान्य दिनों में भक्तों की संख्या लगभग 20 से 30 हजार के आसपास रहती थी, जबकि लोकार्पण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 1.5 से 2 लाख हो गई थी। सावन और महाशिवरात्रि में भक्तों की संख्या सर्वाधिक होती है, लेकिन सामान्य दिनों में ऐसा पहली बार देखने को मिला है, जब शिव भक्तों की संख्या एक दिन में 5 लाख के पार हो गई है।

    ट्रेवल एजेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (टीएएआई) उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सचिव प्रदीप राय ने बताया कि अयोध्या और काशी के टू-वे सर्किट के लिए पर्यटकों का सबसे ज्यादा रुझान हो रहा है। दोनों धार्मिक शहरों में सबसे ज्यादा पर्यटक वीकेंड में आ रहे हैं।

  • बड़ा हादसा; शिव बारात के दौरान करंट की चपेट में आने से 18 बच्चे झुलसे, हालत गंभीर

    बड़ा हादसा; शिव बारात के दौरान करंट की चपेट में आने से 18 बच्चे झुलसे, हालत गंभीर

     

    राजस्थान के कोटा शहर में महाशिवरात्रि के अवसर पर निकाली जा रही शिव बारात के दौरान बड़ा हादसा हो गया. इस दौरान करंट की चपेट में आने से करीब 18 बच्चे झुलस गए. सभी घायलों को एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर्स उनका इलाज कर रहे हैं.

     

    कोटा में शिव बारात के दौरान बड़ा हादसा, करंट की चपेट में आने से 18 बच्चे झुलसे, हालत गंभीर

    प्रतीकात्मक तस्वीर.

    राजस्थान के कोटा में महाशिवरात्रि के दिन एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां शिव बारात निकालते समय करंट लगने से 18 बच्चे बुरी तरह झुलस गए. तुरंत सभी घायलों को कोटा के एमबीएस अस्पताल में करवाया गया है. घायलों का हालचाल जानने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी अस्पताल पहुंच गए हैं.

    जानकारी के मुताबिक, कुन्हाड़ी थर्मल चौराहे के पास दोपहर करीब 12:30 बजे यह घटना हुई. इससे मौके पर हड़कंप मच गया. घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने घायल बच्चों को तुरंत एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टर्स उनका इलाज कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि 18 घायल बच्चों में से कुछ की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है.

    बताया जा रहा है कि यात्रा में कई बच्चे धार्मिक झंडा लेकर चल रहे थे. इसी दौरान ये झंडा हाईटेंशन लाइन से टच हो गया. जहां से शिव बारात गुजर रही थी, वहां पानी भी फैला हुआ था. इस कारण करंट तेजी से फैला और कई बच्चे इसकी चपेट में आ गए. किसी को भी संभलने का मौका तक नहीं मिला.

    घटना की जानकारी मिलते ही मेडिकल टीम को अलर्ट कर दिया गया. बताया जा रहा है कि फिलहाल 18 बच्चे घायल हुए हैं. लेकिन यह संख्या बढ़ भी सकती है. जैसे ही करंट लगने की घटना हुई गुस्साए परिजनों ने आयोजकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उनकी पिटाई तक कर डाली. दरअसल, हर साल काली बस्ती में मोहल्ले के लोगों की ओर से शिव बारात का आयोजन किया जाता है. इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कई बच्चे अकेले ही पहुंच गए थे.

    घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मोहल्ले के लोग बच्चों को गोद में लेकर हॉस्पिटल की तरफ भागे. इस बीच घायल बच्चों के परिजनों को जब हादसे के बारे में पता चला तो वे हॉस्पिटल पहुंचे और यहां आयोजकों की पिटाई कर डाली.

    एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायलों में एक बच्चा 70 और दूसरा 50 प्रतिशत तक झुलसा है. बाकी बच्चे 10 प्रतिशत तक झुलसे हैं. सभी की उम्र 9 से 16 साल के बीच की है. स्थानीय लोगों का कहना है आयोजकों की लापरवाही से ऐसा हुआ. उन्हें बच्चों पर ध्यान देना चाहिए था.

    उधर, घटना की जानकारी मिलने पर लोकसभा स्पीकर हॉस्पिटल पहुंचे. उन्होंने घायलों का हाल-चाल चाना. घटना पर दुख जताते हुए स्पीकर ने कहा कि वे इस घटना की जांच करवाएंगे. जिन बच्चों की हालत ज्यादा गंभीर है उन्हें अगर बड़े से बड़े अस्पताल में भी रेफर करने की जरूरत होगी तो जरूर रेफर करेंगे. फिलहाल यहां पर भी बच्चों को बेहतर इलाज मिल रहा है.

  • ज्ञानवापी तहखाने की छत गिराने की हो रही साजिश? वकील विष्णु शंकर जैन का बड़ा दावा

    ज्ञानवापी तहखाने की छत गिराने की हो रही साजिश? वकील विष्णु शंकर जैन का बड़ा दावा

     

    ज्ञानवापी मस्जिद का मामला अब अलग-अलग अदालतों में है. वाराणसी की जिला अदालत के फैसले के बाद लगातार दक्षिणी तहखाने में पूजा हो रही है. मुस्लिम पक्ष ने पूजा पर रोक लगाने के लिए सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया है. इस बीच इस मामले में वकील विष्णु शंकर जैन ने बड़ा दावा किया है.

    ज्ञानवापी तहखाने की छत गिराने की हो रही साजिश? वकील का बड़ा दावा

    ज्ञानवापी मस्जिद

    विवादित ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर वकील विष्णु शंकर जैन ने बड़ा दावा किया है. दिल्ली में एक किताब के विमोचन के दौरान जैन ने कहा कि हर दिन वहां नमाज अदा करने के लिए आने वाले मुस्लिम समुदाय लोगों की ओर से लगातार ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं ताकि छत को ध्वस्त कर दिया जाए. वकील विष्णु शंकर का दावा है कि इसके लिए मुस्लिम समुदाय के लोग तहखाने पर बड़ी संख्या में आ रहे हैं ताकि छत ध्वस्त हो जाए और पूजा को रोका जा सके.

    वेटिंग फॉर शिवा’ पुस्तक के विमोचन के दौरान वकील विष्णु शंकर जैन ये बातें कह रहे थे. विष्णु शंकर ने कहा है कि ‘हमने वाराणसी के जिला न्यायाधीश के सामने एक आवेदन दायर किया है और उस आवेदन में मांक की है कि जहां तक तहखाने की छत पर नमाजियों की एंट्री का सवाल है, उसको प्रतिबंधित किया जाना चाहिए.’ विष्णु शंकर जैन ने इसके अलावा तहखाने में मरम्मत कराने की भी मांग की है ताकि पूजा सही से हो सके.

    वाराणसी जिला अदालत का फैसला

    दरअसल, वाराणसी की जिला अदालत ने जनवरी महीने के आखिरी दिन ये आदेश दिया था कि ज्ञानवापी मस्जिद के दक्षिणी तहखाने में पूजा किजा जा सकता है. इस तहखाने के पूजा का जिम्मा अदालत ने काशी विश्वनाथ ट्रस्ट बोर्ड की ओर से नॉमिनेट किए जाने वाले पुजारी को दे दिया था. अदालत ने ये पूजा वाराणसी के डीएम की देखरेख में करने को कही थी.

     

  • राम मंदिर का निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए ट्रस्ट ने निर्धारित की समय सीमा

     राम मंदिर का निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए ट्रस्ट ने निर्धारित की समय सीमा

    अयोध्या : राम मंदिर में चल रहे सभी निर्माण कार्य दिसंबर 2024 तक पूरे हो जाएंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर में निर्माण कार्य पूरा करने के लिए यह समय सीमा निर्धारित की है। ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा के मुताबिक, पूरे परिसर के अंदर कुछ परियोजनाओं में समय लग सकता है और ये अगले साल के अंत तक पूरी हो जाएंगी। योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंदिर परिसर के बाहर, अयोध्या में चल रही सभी विकास परियोजनाओं के लिए समय सीमा भी निर्धारित की है।

    राज्य और केंद्र सरकारें मंदिर शहर में 32 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं क्रियान्वित कर रही हैं। जिन प्रमुख परियोजनाओं पर काम चल रहा है, उनमें श्री राम कुंड, कर्म क्षेत्र (अनुष्ठानों के लिए), हनुमान गढ़ी, श्री रामलला पुराकालिक दारूशन मंडल, श्री कम्म कीर्ति, गुरु वशिष्ठ पीठिका, भक्ति टीला, तुलसी (ओपन थिएटर), राम दरबार, माता कौशल्या वात्सल्य मंडप, रामंगन, महर्षि वाल्मीक अभिलेखागार केंद्र और माता सीता रसोई अन्नक्षेत्र (रसोईघर) शामिल हैं।

    राम जन्मभूमि परिसर के अंदर विभिन्न सुविधाओं के साथ 12 और मंदिर बनाए जा रहे हैं। पूरी तरह बनकर तैयार होने पर मंदिर 161 फीट ऊंचा, 235 फीट चौड़ा और 360 फीट लंबा होगा।

  • राजेश्वरी धाम मां देवी राज रानी वैष्णो मंदिर में धूमधाम से मनाया गया 55वां शिलान्यास दिवस

    राजेश्वरी धाम मां देवी राज रानी वैष्णो मंदिर में धूमधाम से मनाया गया 55वां शिलान्यास दिवस

    राजेश्वरी धाम मां देवी राज रानी वैष्णो मंदिर में धूमधाम से मनाया गया 55वां शिलान्यास दिवस

    MBD WEB NEWS जालंधर ( सुमेश शर्मा) 15 फरवरी: राजेश्वरी धाम मां देवी राज रानी वैष्णो मंदिर बस्ती नौं, बस्ती शेख रोड़, जालंधर के 55 शिलान्यास दिवस पर राजेश्वरी धाम वेलफेयर सोसायटी (रजि.) के प्रधान कैलाश बब्बर की अध्यक्षता में 13 फरवरी 2024 दिन मंगलवार को धार्मिक अनुष्ठान करवाएं गए।


    जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में दैनिक सवेरा समाचारपत्र से अभिषेक विज, सांसद सुशील रिंकू, विधायक शीतल अंगुराल, पूर्व सिनियर डिप्टी मेयर कमलजीत सिंह भाटिया,पार्षद जसपाल कौर भाटिया,पार्षद पति एडवोकेट संदीप कुमार वर्मा, राज कुमार मदान,युवा कांग्रेसी नेता अनमोल ग्रोवर एडवोकेट राहुल शर्मा,करण सहदेव एवं अन्यों ने हाजरी लगवाकर मां देवी राज रानी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।


    इस मौके सांसद सुशील रिंकू ने मंदिर के 55 वें शिलान्यास दिवस की बधाई दी वहीं सबके भले के लिए माता रानी से अरदास की।
    विधायक शीतल अंगुराल ने मां देवी राज रानी से आशीर्वाद पाकर जालंधर वेस्ट के लोगों की बेहतरीन की कामना की।
    कमलजीत सिंह भाटिया ने मां देवी राज रानी के चरणों में शीश निवा कर उनका सान्निध्य प्राप्त किया वहीं सभी संगत को मंदिर के शिलान्यास दिवस की बधाईयां दी।
    सोसायटी द्वारा आए हुए अतिथिगणों का सुंदर स्मृति चिन्ह देकर सम्मान भी किया गया।


    कार्यक्रम का शुभारंभ हवन-यज्ञ से किया गया। सांय झंडा चढ़ाने की रस्म मां देवी राज रानी जी के कर कमलों से हुई तत्पश्चात विशाल जागरण का शुभारंभ गणेश वंदना के साथ महंत पंकज ठाकुर एंड पार्टी तथा साधू राम कालिया द्वारा किया गया। उपरांत राजन खुशप्रीत द्वारा माता की सुंदर भेंटों द्वारा संगत को मां के चरणों से जोड़ते हुए निहाल किया। जागरण दौरान मां देवी राज रानी जी ने भी मां भगवती का गुणगान करते हुए अपना आशिर्वाद संगत को दिया।
    मंदिर के शिलान्यास दिवस पर सोसायटी की तरफ से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया ।