Category: SPIRITUAL

  • बद्रीनाथ नेशनल हाईवे के अब जल्द खुलने की संभावना बड़ी,60 घण्टों से सड़कों पर फंसे हजारों यात्री

     बद्रीनाथ नेशनल हाईवे के अब जल्द खुलने की संभावना बड़ी,60 घण्टों से सड़कों पर फंसे हजारों यात्री

     

    जोशीमठ – जोशीमठ के पास जोगी धारा के ठीक करीब में बीते मंगलवार को बद्रीनाथ नेशनल हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया। 60 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक रास्ता नहीं खुल पाया है।

    रोड के दोनों तरफ सैकड़ों वाहनों की लंबी-लंबी कतार लगी हुई है। दोनों ओर तीर्थ यात्री फंसे हैं और संबंधित विभाग की मशीनें लगातार दिन-रात बद्रीनाथ नेशनल हाईवे को खोलने में लगी हैं। इससे लगता है कि अब हाईवे जल्द खुल सकता है। रोड के दोनों ओर फंसे तीर्थयात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करने पड़े, इसलिए जोशीमठ नगर के लोग उनकी मदद के लिए आगे आए हैं। जोशीमठ नगर के सुनील वार्ड के सभी परिवारों ने अपने-अपने घरों से तैयार किया हुआ भोजन सभी तीर्थयात्रियों को सम्मानपूर्वक खिलाया।

    वहीं एक और जोशीमठ नगर के व्यापार संघ के सेवादारों ने भी कोई कसर नहीं छोड़ी। सेवादारों ने तीर्थ यात्रियों की सेवा भक्ति में हर दिन जगह-जगह पर लंगर लगवाया और सभी को भोजन करवाया। भारतीय सेना के जवान भी तीर्थ यात्रियों की मदद करने के लिए आगे आए हैं। सेना के जवानों ने अलग-अलग जगह पर अपना लंगर लगाया और सभी तीर्थ यात्रियों की सेवा की। बता दें कि जोशीमठ के भनेरपानी में भूस्खलन से बंद हुए बद्रीनाथ नेशनल हाईवे को पैदल यात्रियों के लिए खोल दिया गया है।

  • हाथरस हादसे के बाद संत समाज बनाने लगा भीड़ से दूरी; संत प्रेमानंद ने भी लिया बड़ा फैसला, पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए रोकी..

    हाथरस हादसे के बाद संत समाज बनाने लगा भीड़ से दूरी; संत प्रेमानंद ने भी लिया बड़ा फैसला, पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिए रोकी..

     

    वृन्दावन  : हाथरस में सत्संग के दौरान हुई भगदड़ में 121 लोगों की मौत से सबक लेते हुए संत प्रेमानन्द ने रोजाना तड़के निकलने वाली पदयात्रा अनिश्चितकाल के लिये बंद कर दी है। संत के दर्शन करने के लिये पदयात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। संत प्रेमानन्द रोजाना रात करीब 2:15 बजे छटीकरा मार्ग स्थित अपने आवास से पदयात्रा करते हुए परिक्रमा मार्ग स्थित अपने आश्रम श्रीहित राधा केली कुंज पहुंचते हैं। यहां उनके प्रवचन और एकांतिक वार्ता का कार्यक्रम होता है।

    संत के दर्शन करने के लिये उनके आवास से आश्रम तक करीब दो किलोमीटर तक भक्तों की भीड़ जुट जाती है। दर्शन पाने को ललियत भक्तों को संत के परिकरों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। भीड़ के मद्देनजर पदयात्रा पर रोक लगाने का फैसला लिया गया है। इस सम्बन्ध में श्रीहित राधा केली कुंज की ओर से अपने सोशल मीडिया पेज भजन मार्ग पर अपील डाली गई है। जिसमें कहा गया है कि हाथरस में हुई घटना बहुत ही हृदय विदारक व अत्यंत दुःखद है, जिसमें हम सबकी गहन सवेदनाएं परिजनों के साथ हैं। भविष्य में ऐसी कोई भी घटना ना घटे, ऐसी ठाकुर जी के चरणों में प्रार्थना है।

    उपरोक्त घटना के संदर्भ में सावधानी बरतते हुए महाराजजी, जो पद यात्रा करते हुए रात्रि 02:15 बजे से श्री हित राधा केलि कुंज जाते थे, जिसमें सब दर्शन पाते थे, वो अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाता है। कृपया कोई भी श्रद्धालु रात्रि में रास्ते में दर्शन हेतु खड़े ना हों, ना ही रास्ते में किसी प्रकार की भीड़ लगाएं।

  • मढार गोत्र ब्राह्मण जठेरे का सलाना मेला – कोटली मुग़लां जिला पठानकोट से LIVE TELECAST

    मढार गोत्र ब्राह्मण जठेरे का सलाना मेला – कोटली मुग़लां जिला पठानकोट से LIVE TELECAST

    14th June, 2023 – मढार गोत्र ब्राह्मण जठेरों का सलाना मेला कोटली मुग़लां जिला पठानकोट में आयोजित किया गया है| झुलसा देने वाली गर्मी के बावजूद श्रदालुओं ने भारी संख्यां में पहुंच कर मंदिर में माथा टेका |

    VIDEO STREAMING BY :- SHRI GANESH STUDIO , JALANDHAR MOBILE – 94170-05377

    कृपया दान करने के लिए नीचे दिए QR CODE को स्कैन करें |


    आयोजक कमेटी – अश्विनी कुमार शर्मा (प्रधान) 93561-49009, पवन शर्मा रिंकू (उप प्रधान) 80544-10041, कुलदीप शर्मा (सेक्टरी) 99883-71335, अश्विनी शर्मा (सहायक सेक्टरी) 98882-34066, राज कुमार शर्मा – राजू (कैशियर) 98553-50337, सोहन लाल (सहायक कैशियर) 94632-30459, कमल शर्मा (PRO) 94178-91999

    सेवादार – अनिल शर्मा, गोरखनाथ, प्रदीप शर्मा, राजेंद्र शर्मा, दीपक शर्मा, परषोत्तम शर्मा, राजकुमार, मनीष शर्मा, धर्मेंद्र गांधी

    महिला सेवादार – शांति देवी, रंजना शर्मा, बबीता शर्मा, लक्ष्मी शर्मा, आरती शर्मा, मनीषा शर्मा, कांता शर्मा, रमेश कुमारी

    Madhar gotra Brahmin Jathera  – LIVE TELECAST from Kotli Mughalan district Pathankot

     

  • राम मंदिर में मोबाइल ले जाना हुआ प्रतिबंधित, ट्रस्ट की बैठक में फैसला

    राम मंदिर में मोबाइल ले जाना हुआ प्रतिबंधित, ट्रस्ट की बैठक में फैसला

     

    अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट ने मंदिर परिसर के भीतर मोबाइल ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. आम जनमानस के लिए यह प्रतिबंध पहले से लागू था, लेकिन अब यह नियम हर छोटे-बड़े लोगों पर लागू रहेगा. राम मंदिर ट्रस्ट ने लोगों से समर्थन मांगा है.

    राम मंदिर में नहीं ले जा सकेंगे मोबाइल, ट्रस्ट की बैठक में फैसला

    राम मंदिर

    अयोध्या में राम मंदिर में मोबाइल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है. शनिवार को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया. मंदिर में आम जनमानस के मोबाइल ले जाने पर पहले से ही प्रतिबंध था, लेकिन अब वीआईपी और वीवीआईपी के मोबाइल ले जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है.

    आईजी और कमिश्नर के साथ राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी की बैठक में पूरी तरह से मोबाइल बैन करने पर फैसला लिया गया. ट्रस्ट के ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने कहा कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. सभी दर्शनार्थियों से अनुरोध करते हैं कि इस व्यवस्था का पालन करें और सहयोग करें ताकि किसी को कोई असुविधा न हो सके.

    ट्रस्ट की ओर भक्तों से अपील की गई है कि वो अपने साथ कम से कम सामान लेकर चलें. ज्यादा सामान लेकर चलेंगे तो फिर चेकिंग और स्कैनिंग में समय लगेगा और बाकियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे में अगर आप होटल में ठहरे हैं तो कोशिश करें कि अधिकतर सामानों को वहीं रखकर मंदिर दर्शन करने पहुंचें.

    मोबाइल फोन रखने की पर्याप्त व्यवस्था

    मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर दर्शन करने पहुंचने वाले भक्तों के मोबाइल फोन को रखने की पर्याप्त व्यवस्था है. लोग अपने मोबाइल के साथ-साथ और भी कीमती सामानों को रख सकते हैं. ऐसे में लोग इन सुविधाओं का लाभ लें और मंदिर परिसर में बेहतर व्यवस्था कायम रखने में ट्रस्ट का सहयोग करें. भक्त लॉकर सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, उसमें मोबाइल के साथ-साथ खड़ी और अन्य कीमती सामानों को रख कर दर्शन कर सकते हैं.

  • बड़ा हादसा टला; केदारनाथ धाम में पायलट ने हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी होने का कारण करवाई इमरजेंसी लैंडिंग, बाल-बाल बचे यात्री

     बड़ा हादसा टला; केदारनाथ धाम में पायलट ने हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी होने का कारण करवाई इमरजेंसी लैंडिंग, बाल-बाल बचे यात्री

     

    रुद्रप्रयाग : केदारनाथ धाम में पायलट की सूझबूझ से बड़ा हादसा होने से बच गया। केदारनाथ धाम के लिए उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टर की पालयट ने शुक्रवार सुबह 7:05 बजे इमरजेंसी लैंडिंग की। हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी होने पर पायलट ने धैर्य का परिचय देते हुए सुरक्षित लैंडिंग कराई। जिससे 6 लोगों की जान बच गई। हैलीकॉप्टर ने सेरसी से केदारनाथ धाम के लिए उड़ान भरी थी।

    रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी एनएस रजवार ने बताया, “हेलीकॉप्टर सुबह सेरसी से केदारनाथ की ओर जा रहा था। केदारनाथ हेलीपैड से 100 मीटर पहले तकनीकी खराबी होने का कारण हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।”

    हेलीकॉप्टर में पायलट समेत 6 यात्री सवार थे। हेलीकॉप्टर सेरसी हेलीपैड से श्री केदारनाथ धाम की ओर जा रहा था तभी अचानक क्रिस्टल एविएशन के हेलीकॉप्टर में कुछ तकनीकी खराबी आ गई। पायलट कल्पेश के अनुसार, सभी यात्री सुरक्षित हैं। यदि इमरजेंसी लैंडिंग नहीं कराते तो बड़ा हादसा हो सकता था। सुरक्षित लैंडिंग के बाद यात्रियों ने भी राहत की सांस ली। रिपोर्ट के अनुसार, केदारनाथ धाम में इस समय नौ हेलीकॉप्टर सेवाएं चल रही हैं।

  • अमृतसर से 16 जून को रवाना होगी ‘भारत गौरव ट्रेन’, 7 ज्योतिर्लिंगों के करवाएगी दर्शन, ऐसे करें बुकिंग

    अमृतसर से 16 जून को रवाना होगी ‘भारत गौरव ट्रेन’, 7 ज्योतिर्लिंगों के करवाएगी दर्शन, ऐसे करें बुकिंग

     

    अमृतसर  आईआरसीटीसी (उत्तरी क्षेत्र) चंडीगढ़ से भारत गौरव ट्रेन चलाएगी, जिसके द्वारा पर्यटकों को सात ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करवाए जाएंगे। यह ट्रेन 16 जून को अमृतसर से रवाना होगी तथा 28 जून को वापस लौटेगी। ट्रेन में सभी एसी थ्री टियर कोच कम्फर्ट और स्टैंडर्ड क्लास के होंगे। इस ट्रेन में जाने वाले यात्रियों के लिए बुकिंग शुरु कर दी गई है।

    13 दिनों यात्र में पर्यटकों को सोमनाथ, नागेश्वर, त्रयंबकेश्वर, भीमाशंकर, घृष्णोश्वर, महाकालेश्वर तथा ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करवाए जाएंगे। जानकारी के अनुसार यात्र के दौरान यात्रियों को अमृतसर, जालंधर सिटी, लुधियाना, चंडीगढ़, अंबाला कैंट, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, दिल्ली कैंट, गुड़गांव, रेवाड़ी तथा अजमेर रेलवे स्टेशनों पर उतरने/चढ़ने की सुविधा होगी।

    कम्फर्ट क्लास में यात्रा का किराया 37,020 रुपए होगा, जबकि स्टैंडर्ड क्लास का किराया 31,260 रुपए होगा। बुकिंग के लिए आईआरसीटीसी के चंडीगढ़ स्थित कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

  • श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर: गर्भगृह में बाबा केदारनाथ के दर्शन फिर से शुरू, वीआईपी दर्शन फिलहाल रहेगा बंद,चार्टर्ड फ्लाइट से केदारनाथ पहुंचेंगे, वो वीआईपी गेट से कर सकेंगे एंट्री

    श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर: गर्भगृह में बाबा केदारनाथ के दर्शन फिर से शुरू, वीआईपी दर्शन फिलहाल रहेगा बंद,चार्टर्ड फ्लाइट से केदारनाथ पहुंचेंगे, वो वीआईपी गेट से कर सकेंगे एंट्री

     

    रुद्रप्रयाग : केदारनाथ धाम में एक बार फिर से बाबा के गर्भगृह में दर्शन शुरू हो गया है। अब धाम पहुंचने वाले सभी भक्त मंदिर के गर्भ गृह में जाकर बाबा केदारनाथ के दर्शन कर सकते हैं। वहीं, दूसरी ओर मंदिर में भक्तों की भीड़ को देखते हुए फिलहाल वीआईपी दर्शन बंद रहेंगे। जो भक्त चार्टर्ड फ्लाइट से केदारनाथ पहुंचेंगे, वो वीआईपी गेट से अंदर जा सकते हैं। घोड़े-खच्चर, हेलीकाप्टर, डंडी-कंडी और पैदल पहुंचने वाले भक्त लाइन में लगकर ही दर्शन करेंगे।

    दरअसल, केदारनाथ धाम में भक्तों का हुजूम उमड़ रहा है। सोमवार को रिकॉर्ड 37 हजार से अधिक भक्तों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए। अभी तक 3 लाख 20 हजार से अधिक भक्त बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं जो कि एक नया कीर्तिमान है।

    भक्तों की भीड़ को देखते हुए मंदिर के गर्भ गृह में दर्शन बंद कर दिए गए थे, लेकिन तीर्थ पुरोहितों के विरोध के बाद मंदिर के गर्भगृह के दर्शन फिर से खोल दिए गए हैं। अब धाम पहुंचने वाले सभी भक्त बाबा केदार के गर्भगृह के दर्शन कर सकेंगे। हालांकि केदार धाम में अभी भी वीआईपी दर्शन बंद है।

    मंदिर समिति वीआईपी दर्शन खोलना चाहती थी, लेकिन केदारनाथ पंडा समाज के विरोध के कारण मंदिर समिति ने फिलहाल वीआईपी दर्शनों पर रोक लगाई है। सभी भक्तों को लाइन में लगकर ही बाबा केदार के दर्शन होंगे।

    दिन-प्रतिदिन धाम पहुंचने वाले भक्तों की संख्या में भारी इजाफा हो रहा है। प्रत्येक दिन दर्शन करने वाले तीर्थ यात्रियों की संख्या में भारी बढ़ोत्तरी हो रही है। रविवार को जहां 34 हजार से अधिक लोगों ने दर्शन किए, वहीं सोमवार को यह आंकड़ा 37 हजार पार हो गया।

    अब कुछ दिनों बाद स्कूली छुटिटयां पड़ने वाली हैं। ऐसे में धाम पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या में और अधिक इजाफा हो सकता है। केदारनाथ धाम में हेलीपैड से लेकर मंदिर तक यात्रियों की लंबी कतार लगी हुई है।

  • यमुनोत्री धाम पर भीड़ देख प्रशासन हुआ सख्त अब जाना नहीं होगा आसान, प्रशासन ने धारा 144 की लागू, जानें क्या हैं नए नियम

     

    देहरादून : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। यमुनोत्री धाम पैदल मार्ग पर धारा 144 लागू कर दी गई है। प्रशासन ने यमुनोत्री में उमड़ रही भीड़ को काबू करने के लिये यह फैसला लिया है। कलेक्टर के आदेश के मुताबिक जानकी चट्टी से यमुनोत्री तक के पैदल मार्ग में घोड़े-खच्चर और डंडी-कंडी की संख्या तय कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत जानकचट्टी से यमुनोत्री धाम तक 5 घण्टे में दर्शन कर लौटना होगा।

    उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद से ही बड़ी संख्या श्रृद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। यही वजह है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए उत्तरकाशी के कलेक्टर ने धारा 144 लागू करने के आदेश दिए हैं। जानकारी के मुताबिक बड़कोट के डिप्टी कलेक्टर और एसपी समेत अन्य अधिकारियों ने भीड़ को डीएम को रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें यमुनोत्री पैदल मार्ग के संकरे होने के कारण यात्रियों की जान को खतरा बताया गया था।

    यमुनोत्री पैदल यात्रा मार्ग पर घोड़े-खच्चरों की संख्या 800 तय की गई है। उनके आने-जाने का समय सुबह 4 बजे से शाम 5 बजे तक तय किया गया है। इसके साथ ही प्रत्येक घोड़े-खच्चर के यात्री को यमुनोत्री से लेकर जाने और दर्शन के बाद उसके वापस लौटने की समय सीमा 5 घंटे की तय की गई है। आदेश में स्पष्ट है कि पांच घंटे से ज्यादा कोई भी घोड़ा-खच्चर यात्रा मार्ग पर नहीं रहेगा। यमुनोत्री धाम पहुंचने पर यात्री को 60 मिनट के भीतर यमुनोत्री के दर्शन कराने का आदेश दिया गया है। इस नियम के तहत मन्दिर समिति से लेकर सभी विभागों की जिम्मेदारी तय की गई है।

    बता दें उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 10 मई को शुरू हुई थी। इसके बाद तीर्थ यात्रियों को हुजूम उमड़ने लगा। अब तक यहां 11 दिनों में 21 यात्रियों की मौत हो चुकी है। बदरीनाथ धाम में अब तक 7 लोगों की मौत हो गई है, जबकि गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें से ज्यादातर यात्रियों की मौत का कारण डॉक्टरों ने हार्ट अटैक बताया है।

  • माता वैष्णों देवी श्राइन बोर्ड ने शुरू की अनोखी मुहिम, दर्शनों के लिए आने वाले भक्तों को अब प्रसाद के रूप में मिलेगी ये खास चीज

     माता वैष्णों देवी श्राइन बोर्ड ने शुरू की अनोखी मुहिम, दर्शनों के लिए आने वाले भक्तों को अब प्रसाद के रूप में मिलेगी ये खास चीज

     

    जम्मू : जम्मू-कश्मीर में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड द्वारा अपनी तरह की पहली पहल में श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों को प्रसाद के रूप में एक पौधा दिया जाएगा। श्री माता वैष्णो देवी का यह मंदिर प्रदेश के रियासी जिले में कटरा शहर की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित है।

    माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सहायक वन संरक्षक विनय खजूरिया ने कहा, “ निहारिका भवन में एक कियोस्क स्थापित करने का निर्णय लिया गया है, जो भक्तों को ‘प्रसाद’ के रूप में पौधे प्रदान करेगा ताकि लौटने पर वे इसे श्री माता वैष्णो देवी के आशीर्वाद के रूप में अपने मूल स्थानों पर लगा सकें। ”

    उन्होंने कहा कि यह पहल लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने के लिये प्रोत्साहित करने और ‘पृथ्वी’ को जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग से बचाने के लिये की गयी है। उन्होंने कहा, “ हर साल फूलों की खेती के लगभग दो से तीन लाख पौधे और एक लाख से अधिक वन प्रजातियों को निर्धारित लक्ष्य के रूप में लगाये जाते है। ”

    उन्होंने कहा, अगले कुछ दिनों में बोर्ड औपचारिक रूप से वैष्णो देवी मंदिर में आने वाले तीर्थयात्रियों को ‘प्रसाद’ के रूप में पौधे देना शुरू कर रहा है। भक्त माता रानी के आशीर्वाद के रूप में पौधे अपने साथ ले जा सकते हैं।

    गौरतलब है कि श्राइन बोर्ड द्वारा विशेष रूप से कटरा के पास पैंथल क्षेत्र के कुनिया गांव में एक उच्च तकनीक नर्सरी स्थापित की गयी है। प्रतिवर्ष लगभग एक करोड़ तीर्थयात्री पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन करने के लिये कटरा आते हैं।

  • चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन हुई बंद,श्रदालु यात्रा पर जाने से पहले जरूर पढ़ लें ये खबर

    चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन हुई बंद,श्रदालु यात्रा पर जाने से पहले जरूर पढ़ लें ये खबर

     

    नई दिल्ली: चारधाम यात्रा शुरू होने के बाद से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। अगर आप भी चारधाम यात्रा पर जाने का सोच रहे हैं, तो ये खबर जरूर पढ़ लें। नहीं तो आपको भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। उत्तराखंड में बढ़ती भीड़ को देखते हुए दो दिन ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन बंद कर दी गई है। बता दें कि ये रजिस्ट्रेशन हरिद्वार और ऋषिकेश में हो रहे थे।

    दरअसल, भीड़ और उसकी वजह से हो रही अव्यवस्था के चलते श्रद्धालुओं को रास्ते में जगह-जगह रोक दिया गया है। हरिद्वार और ऋषिकेश सेंटर में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन 15 और 16 मई को बंद कर दिया गया है। इन सेंटरों पर सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक रजिस्ट्रेशन किए जा रहे थे, हरिद्वार में ऋषि कुल ग्राउंड में निशुल्क रजिस्ट्रेशन सेंटर बनाया गया है। मगर अब रजिस्ट्रेशन नहीं होने के चलते गेट को बंद करके वहां पर पुलिस बल तैनात किया गया है। गेट पर नोटिस लगा दिए गए है कि 2 दिन के लिए रजिस्ट्रेशन बंद हैं। हालांकि यात्री रजिस्ट्रेशन कराने के लिए बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं, जिनको पुलिसकर्मी रजिस्ट्रेशन नहीं होने की सूचना देकर वापस भेज रहे हैं। हालांकि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लगातार हो रहे हैं।

    जानकारी के मुताबिक करीब 22 घंटों तक श्रद्धालु जाम में फंसे रहे। स्थानीय प्रशासन भी लोगों से रुक-रुककर आगे बढ़ने की अपील कर रहा है। यमुनोत्री और गंगोत्री में बड़ी संख्या में तीर्थ यात्री पहुंच रहे हैं जिस कारण न तो सड़क पर चलने की जगह है और न ही पैदल मार्ग में जगह है। सरकारी इंतजाम नकाफी हैं, हालांकि उत्तराखंड के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि भीड़ स्थानीय लोगों के कारण हो रही है। पहाड़ी राज्य की सड़कों पर हर तरफ गाड़ियों की लंबी कतारें नजर आ रही हैं। गंगोत्री हो या यमुनोत्री, हर जगह ट्रैफिक जाम लगा हुआ है।