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  • ‘सेंगोल’ पर अमित शाह ने शेयर की डॉक्यूमेंट्री, नए संसद भवन में रहेगा इस जगह विराजमान

    ‘सेंगोल’ पर अमित शाह ने शेयर की डॉक्यूमेंट्री, नए संसद भवन में रहेगा इस जगह विराजमान

     

     सेंगोल 28 मई को नए संसद भवन में विराजमान होगा. यह सत्ता हस्तांतरण और आजादी का प्रतीक है. सेंगोल पर सबसे ऊपर भगवान शिव की सवारी नंदी हैं. देखिए इस पर बनी डॉक्यूमेंट्री.

    Parliament Building Event: 'सेंगोल' पर अमित शाह ने शेयर की डॉक्यूमेंट्री, नए संसद भवन में होगा विराजमान

    सेंगोल
    नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह पर मचे सियासी संग्राम के बीच एक ऐतिहासिक शब्द आज दिनभर सुर्खियों में रहा. ये शब्द है ‘सेंगोल’. ये शब्द सैकड़ों साल पुराना है और भारत की परंपरा का हिस्सा है. सबसे खास बात ये है कि ये सत्ता का प्रतीक है. लिहाजा सत्ता में इस शब्द का अर्थ जानना, इसके मायने समझना और इसके ऐतिहासिक महत्व को समझना बेहद जरूरी है. सेंगोल के महत्व को लेकर अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक डॉक्यूमेंट्री शेयर की है.
    सोशल मीडिया पर डॉक्यूमेंट्री को शेयर करते हुए अमित शाह ने लिखा है कि यह फिल्म पवित्र ‘सेंगोल’ के ऐतिहासिक महत्त्व को दर्शाती है और बताती है कि कैसे यह अंग्रेजों से भारत को सत्ता हस्तांतरण के क्षण का प्रतीक बना.

     

    सेंगोल चर्चा में क्यों और कैसे आया?

    आज अमित शाह ने नए संसद भवन को लेकर की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेंगोल का जिक्र किया और कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी नए संसद भवन में सत्ता हस्तांतरण का प्रतीक चिह्न सेंगोल भी स्थापित करेंगे. इस दौरान अमित शाह ने इस प्रतीक चिन्ह के ऐतिहासिक महत्व का ज़िक्र किया और बताया कि इसे किस तरह नजरअंदाज़ किया गया.

    सेंगोल के बारे में जानिए

    • सेंगोल शब्द को संस्कृत के संकु से लिया गया था
    • संकु का अर्थ शंख होता है
    • सेंगोल शब्द का अर्थ संपदा से सम्पन्न है
    • बाद में यह सत्ता हस्तांतरण का प्रतीक चिह्न बन गया
    • सेंगोल आजादी का प्रतीक भी है
    • सेंगोल पर सबसे ऊपर भगवान शिव की सवारी नंदी हैं
    • बगल में कुछ कलाकृतियां भी बनी हैं
    • सेंगोल चांदी का बना है और इसके ऊपर सोने की परत लगी हई है

     

    अमित शाह ने बताया कि नए संसद भवन में सेंगोल को स्पीकर की कुर्सी के पास रखा जाएगा. ये आजादी के अमृत महोत्सव का प्रतिबिंब होगा.

    पिछले साल दिल्ली के म्यूजियम में किया गया था शिफ्ट

    सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक चिह्न सेंगोल को 14 अगस्त 1947 को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु को सौंपा गया था. आजादी के वक्त से यह सिंगोल प्रयागराज के एक म्यूजिमय में रखा हुआ था. पिछले साल 4 नवंबर को इसे दिल्ली के म्यूजियम में शिफ्ट कर दिया गया था. अब नए संसद भवन में इसके रखने का इंतजार हो रहा है.

  • संसद के नए भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का विपक्षी दलों के बहिष्कार पर बोले शाह- हमने सबको बुलाया लेकिन सब अपनी सोचने की क्षमता के अनुसार करते हैं काम

    संसद के नए भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का विपक्षी दलों के बहिष्कार पर बोले शाह- हमने सबको बुलाया लेकिन सब अपनी सोचने की क्षमता के अनुसार करते हैं काम

     

     
     

    नई दिल्ली : संसद के नए भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का विपक्षी दलों द्वारा बहिष्कार करने पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारत सरकार ने सबको उपस्थित रहने की विनती की है, हमने सबको बुलाया है लेकिन सब अपनी सोचने की क्षमता के अनुसार रिएक्शन भी देते हैं और काम भी करते हैं।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मई को संसद के नवनिर्मित भवन को राष्ट्र को समर्पित करने की बात कहते हुए कहा कि यह नया संसद भवन प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता का प्रमाण है। यह नए भारत के निर्माण में हमारी सांस्कृतिक विरासत, परंपरा और सभ्यता को आधुनिकता से जोड़ने का एक सुंदर प्रयास है। उन्होंने संसद के इस नए भवन के रिकॉर्ड समय में बनने की बात कहते हुए कहा कि इसके निर्माण में 60 हजार के लगभग श्रम योगियों ने अपना योगदान दिया है और प्रधानमंत्री इस अवसर पर इन सभी श्रम योगियों का सम्मान भी करेंगे।

    शाह ने संसद के नए भवन के उद्घाटन के मौके पर सेंगोल की पुरानी ऐतिहासिक परंपरा के पुनस्र्थापित होने का दावा करते हुए आगे बताया कि इस ऐतिहासिक अवसर पर युगों से जुड़ी हुई एक ऐतिहासिक परंपरा को भी पुनर्जीवित और पुनस्र्थापित किया जाएगा। शाह ने देश को मिली आजादी और अंग्रेजों से भारत को सत्ता हस्तांतरण के समय निभाई गई परंपरा का जिक्र करते हुए बताया कि 14 अगस्त 1947 को एक अनोखी घटना हुई थी। उस समय सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के तौर जवाहर लाल नेहरू को तमिलनाडु से लाया गया सेंगोल सौंपा गया था। इसकी जानकारी जब प्रधानमंत्री मोदी को मिली तो उन्होंने इसी गहन खोजबीन करवाई। खोजबीन करने पर यह मालूम हुआ कि यह सेंगोल इलाहाबाद के संग्रहालय में रखा हुआ है। 1947 के इस सेंगोल के मिलने के बाद यह फैसला किया गया कि जिस दिन नए संसद भवन को देश को समर्पित किया जाएगा उसी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु के अधीनम से आए हुए इस सेंगोल को स्वीकार करेंगे और संसद के नए भवन में लोक सभा अध्यक्ष के आसन के पास इसे स्थापित करेंगे।

    इस मौके पर विपक्षी दलों द्वारा संसद के नए भवन के उद्घाटन कार्यक्रम का बहिष्कार किए जाने के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए शाह ने कहा कि राजनीति अपनी जगह है, राजनीति चलती रहती है लेकिन सेंगोल को राजनीति के साथ मत जोड़िए। यह पुरानी परंपराओं से नए भारत को जोड़ने की एक बड़ी भावनात्मक प्रक्रिया है इसको इतने ही सीमित अर्थ में देखना चाहिए। भारत सरकार ने सबको उपस्थित रहने की विनती की है,हमने सबको बुलाया है, सब अपनी-अपनी भावना के अनुसार करेंगे (फैसला)। उन्होंने विपक्षी दलों पर तीखा निशाना साधते हुए आगे यह भी कहा कि सब अपनी सोचने की क्षमता के अनुसार रिएक्शन भी देते हैं और काम भी करते हैं।

  • पंजाब सरकार की अवैध कब्जे वाली सरकारी जमीन को 31 मई तक खाली करने की अपील, बोले- नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई

    पंजाब सरकार की अवैध कब्जे वाली सरकारी जमीन को 31 मई तक खाली करने की अपील, बोले- नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई

     

     
     

    चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को पंचायती, शामलात, वन विभाग या अन्य किसी सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वालों से कब्जा छोड़ने की अपील की है। सीएम भगवंत मान ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, पंजाब में पंचायती, शामलात, वन विभाग या अन्य किसी सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करने वालों से अपील है कि 31 मई तक अपना कब्जा छोड़ दें.. क्योंकि एक जून से सरकार सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।

     

    एक प्रैस वार्ता में कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि जिस-जिस ने भी पंचायती जमीन पर कब्ज़ा किया हुआ है वह 31 मई तक छोड़ दे उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। 31 मई के बाद जमीन ना छोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 10 जून तक हमने 6000 एकड़ जमीन छुड़वानी है इसके कब्जा वारंट हमने जारी कर दिए हैं। किसी का घर नहीं गिराया जाएगा। जिसने पंचायती जमीन पर घर डाला हुआ है उससे जमीन का रेट डालकर कलेक्टर या मार्किट रेट के आधार पर पैसा ले लिया जायेगा। जो अपने आप जमीन छोड़ देंगे उन्हें जमीन दोबारा ठेके पर दी जाएगी। जो जमीन नहीं छोड़ेगा उससे ठेके से 20 गुणा ज्यादा पैसा रिकवर किया जाएगा।

  • पंजाब के गांवों को शहरों जैसी सुविधाएं देने में जुटी सरकार : ईटीओ

    पंजाब के गांवों को शहरों जैसी सुविधाएं देने में जुटी सरकार : ईटीओ

    जंडियाला गुरु : कैबिनेट मंत्री स. हरभजन सिंह ईटीओ ने अपने विधानसभा क्षेत्र के गांव गदली में विभिन्न विकास कार्यों की शुरुआत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा राज्य को फिर से रंगला पंजाब बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की नापाक मंशा के चलते पिछड़े गांवों की सूरत विकास की सूरत में बदलने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा दी गई गारंटी के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य मूलभूत सुविधाएं बेहतर हों और आम लोगों की पहुंच में हों।

    उन्होंने कहा कि सरकार स्कूलों के बुनियादी ढांचे में सुधार, स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर को बढ़ाने और गांवों में स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए बड़ी राशि दे रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी मूलभूत सुविधाओं के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए आवश्यक अनुदान में कोई कमी नहीं की जाएगी, लेकिन जमीनी स्तर पर करोड़ों रुपये के अनुदान का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक रुपए का भी भ्रष्टाचार किसी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों और आम लोगों से अपील की कि सरकार द्वारा जारी किया गया पैसा लोगों का अपना पैसा है और इसका सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या सरकारी अधिकारी या कर्मचारी अनुदान राशि में से किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार करने का प्रयास करता है, तो इस मामले को तत्काल उनके संज्ञान में लाया जाए, ताकि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके। इस मौके पर सरपंच जगरूप सिंह गढ़ली, स अमृतपाल सिंह गदली, डीएसपी श्री कुलदीप सिंह सहित अन्य कई लोग मौजूद रहे।

  • सिद्धारमैया बनेंगे कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री, शिवकुमार डिप्टी CM; कांग्रेस ने किया औपचारिक ऐलान

    सिद्धारमैया बनेंगे कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री, शिवकुमार डिप्टी CM; कांग्रेस ने किया औपचारिक ऐलान

     

     

    नई दिल्ली : कांग्रेस ने तमाम अटकलों को विराम देते हुए गुरुवार को अपने कद्दावर नेता सिद्धारमैया को कर्नाटक का नया मुख्यमंत्री और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार को उपमुख्यमंत्री बनाने की घोषणा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के शीर्ष नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और शिवकुमार के साथ कई घंटों के विचार-विमर्श के बाद पार्टी ने यह घोषणा की। सिद्धारमैया वरुणा विधानसभा क्षेत्र से जीते हैं, जबकि शिवकुमार कनकपुरा सीट से जीते हैं।

    कांग्रेस महासचिव एवं संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल ने पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, कांग्रेस अध्यक्ष ने व्यापक विचार-विमर्श के बाद फैसला किया है कि सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री होंगे और डीके शिवकुमार इकलौते उप मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह 20 मई को होगा।

    वेणुगोपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के साथ मंत्रियों का एक समूह भी शपथ लेगा। उन्होंने विधानसभा चुनाव में पार्टी की शानदार जीत का श्रेय दक्षिणी राज्य के दोनों नेताओं को देते हुए कहा, दोनों नेता कर्नाटक में कांग्रेस की बड़ी संपत्ति हैं। कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है। हम सर्वसम्मति में विश्वास करते हैं न कि तानाशाही में। मैं कर्नाटक के लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं। यह चुनाव गरीब बनाम अमीर था।

    एक सवाल के जवाब में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह में समान विचारधारा वाले सभी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया जायेगा। कांग्रेस के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी कर्नाटक में पारदर्शी सरकार देने और राज्य के लोगों के कल्याण के लिए काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    इस बीच, खड़गे ने ट्वीट कर कहा, टीम कांग्रेस कर्नाटक के लोगों की प्रगति, कल्याण और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान 6.5 करोड़ कन्नड़ लोगों से किए गए वादे के मुताबिक पार्टी पांच गारंटी लागू करेगी। गौरतलब है कि हाल ही में संपन्न कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 224 सदस्यीय विधानसभा में 135 सीटें जीतीं जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी 65 सीटों पर सिमट कर रह गई।

  • मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जालंधर के निवासियों को रिटर्न गिफ्ट, विकास कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपए से अधिक ग्रांट राशि देने का किया ऐलान

    मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा जालंधर के निवासियों को रिटर्न गिफ्ट, विकास कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपए से अधिक ग्रांट राशि देने का किया ऐलान

     

    Chief Minister Bhagwant Mann announced a big gift to the residents of Jalandhar, giving more than Rs 100 crore as grant for development works.

    जालंधर -जालंधर लोकसभा हलके के निवासियों के लिए बड़े तोहफ़े का ऐलान करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज जालंधर जि़ले के विकास कामों के लिए 100 करोड़ से अधिक ग्रांट राशि देने का ऐलान किया।

    पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के हक में दिए शानदार जनादेश के लिए वह निजी तौर पर जालंधर संसदीय हलके वोटरों के ऋणी हैं। भगवंत मान ने कहा, च्च्जालंधर निवासियों ने ई. वी. एम. का एक बटन दबा कर उन लोगों के मुँह बंद कर दिए हैं, जो इस मुहिम के दौरान उनके खि़लाफ़ ज़हर उगल रहे थे।ज्ज् भगवंत मान ने कहा कि यह चुनाव नतीजा राज्य सरकार की जन हितैषी और विकास प्रमुख नीतियों के हक में आया है।

    इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शहर का विकास करने के लिए 95 करोड़ रुपए नगर निगम जालंधर को भेज भी दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इन फंडों का प्रयोग नगर निगम की तरफ से शहर के अलग-अलग हिस्सों में विकास कामों के लिए किया जायेगा। भगवंत मान ने कहा कि जालंधर शहर को अत्याधुनिक नागरिक सहूलतों के साथ लैस माडल शहर के तौर पर विकसित किया जायेगा।

    इसी तरह मुख्यमंत्री ने कहा कि 13.74 करोड़ रुपए की लागत के साथ जालंधर-आदमपुर-होशियारपुर सडक़ का कार्य मुकम्मल किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस अहम प्रोजैक्ट का काम सितम्बर तक मुकम्मल कर लिया जायेगा। भगवंत मान ने यह भी कहा कि नकोदर से गौराया वाया जंडियाला तक 17.46 किलोमीटर लम्बी सडक़ के निर्माण का काम भी सितम्बर तक मुकम्मल कर लिया जायेगा।

    मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जालंधर के वोटरों ने राज्य सरकार की विकासमुखी नीतियों के हक में जनादेश देकर रिवायती पार्टियों के नकारात्मक और नफऱत भरे झूठे प्रचार को सिर से नाकार दिया है। उन्होंने कहा कि जालंधर लोक सभा हलके वोटरों ने स्कूल आफ एमिनेंस, आम आदमी क्लीनिक, बेमिसाल तरक्की, लोगों की भलाई और अन्य प्रयासों के हक में वोटें डालीं हैं। भगवंत मान ने कहा कि जहाँ उन्होंने विकास के नाम पर वोटें माँगीं थीं, वहीं उनके विरोधियों ने जात-पात और धर्म के नाम पर वोटें माँगीं थीं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जालंधर के लोगों ने राज्य सरकार के हक में ज़बरदस्त जनादेश देकर विरोधी पक्ष को शांत कर दिया है और अब इसके बदले जालंधर के विकास को यकीनी बनाना उनका फर्ज है। उन्होंने कहा कि देश में खेल के केंद्र के तौर पर जालंधर की पुरातन शान को बहाल किया जायेगा, जिससे जालंधर के खेल उद्योग को काफी बढ़ावा मिलेगा। भगवंत मान ने कहा कि इस शहर की तरक्की और विकास को बढ़ावा देने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जायेगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा, च्च्इस जीत ने मुझे लोगों की सेवा और भी विनम्रता और समर्पित होकर करने की भावना के साथ भर दिया है।ज्ज् उन्होंने कहा कि चाहे नये चुने गए संसद मैंबर ने अभी शपथ नहीं ली परन्तु उनकी सरकार ने पहले ही जालंधर के सर्वांगीण विकास के लिए व्यापक नक्शा तैयार किया है। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब फिर पुर्नोद्धार की राह पर है क्योंकि लोगों द्वारा चुनी गई सरकार नये-नये प्रोजैक्ट लोगों को समर्पित कर रही है और उन्होंने कहा कि पहली बार लोगों के साथ सलाह-मश्वरा करके नीतियाँ बनाईं जा रही हैं।
    मुख्यमंत्री कहा कि लोगों ने रिवायती पार्टियों के न-समर्थकी प्रचार को सिरे से नकारते हुये उपयुक्त जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि इन सभी पार्टियों ने लोगों के भले में लगी जुटी राज्य सरकार के विरुद्ध आपस में हाथ मिला लिया था परन्तु लोगों ने इनको सबक सिखा दिया। भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार लोगों की भलाई के लिए वचनबद्ध है और इसके लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी की बचत करने और धान की काश्त के लिए निर्विघ्न सिंचाई को यकीनी बनाने के लिए धान की बुवाई चरणबद्ध ढंग से की जायेगी। पहले चरण में अंतरराष्ट्रीय सरहद पर कँटीली तार से दूसरी तरफ़ के क्षेत्रों में धान की बुवाई का काम 10 जून से शुरू हो जायेगा, जिसके लिए निरंतर बिजली सप्लाई मुहैया करवाई जायेगी। उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में सात जिलों फिऱोज़पुर, फरीदकोट, पठानकोट, श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, एस. बी. एस. नगर और तरन तारन में 16 जून से निर्विघ्न बिजली सप्लाई यकीनी बनाई जायेगी। भगवंत मान ने बताया कि तीसरे चरण के अंतर्गत सात जिलों रूपनगर, एस. ए. एस. नगर, कपूरथला, लुधियाना, फाजिल्का, बठिंडा और अमृतसर में 19 जून से धान की फ़सल लगाना यकीनी बनाया जायेगा जबकि बाकी के नौ जिलों पटियाला, जालंधर, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, होशियारपुर, संगरूर, मलेरकोटला, बरनाला और मानसा में धान की बुवाई 21 जून से शुरू होगी जिसके लिए निर्विघ्न बिजली सप्लाई मुहैया करवाई जाएगी।

  • मोदी सरकार ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, 38,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी

     मोदी सरकार ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, 38,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी को मंजूरी

     

    Modi government gift to farmers, Rs 38,000 crore subsidy approved

     

    नई दिल्ली – मंत्रिमंडल ने चालू खरीफ मौसम के लिए फॉस्फेट एवं पोटास (पी एंड के) वाले उर्वरकों के लिए पोषक-तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) की दरों को बुधवार को मंजूरी दी और कहा कि वह खरीफ बुवाई सत्र 2023 के लिए पी एंड के उवरकों पर किसानों को कुल 38,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी का लाभ देगी। इसके साथ सरकार ने 2022-23 के रबी सत्र के तीन महीनों (जनवरी-मार्च 2023) के लिए फॉस्फेट एवं पोटास (पी एंड के) नाइट्रोजन तथा सल्फर वाले रासायनिक उर्वरकों पर सब्सिडी (एनबीएस) की दरों में संशोधन के प्रस्तावों को आज मंजूरी दी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में इस बारे में उर्वरक विभाग द्वारा रखे गए प्रस्तावों को स्वीकृति दी गयी। इस बैठक के बाद जारी एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि ‘मंत्रिमंडल ने रबी सीजन 2022-23 (एक जनवरी से 31 मार्च 2023) के लिए नाइट्रोजन (एन), फास्फोरस (पी), पोटाश (के) और सल्फर (एस) वाले उर्वरकों के लिए पोषक तत्व आधारित सब्सिडी (एनबीएस) दरों में संशोधन के लिए उर्वरक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी और खरीफ सीजन, 2023 (एक अप्रैल से 30 सितंबर, 2023 तक) के लिए फॉस्फेट वाले और पोटास वाले (पी एंड के) उर्वरकों के लिए एनबीएस की प्रस्तावित दरों को स्वीकार किया। पी एंड के उर्वरकों पर एनबीएस योजना अप्रैल 2010 से चल रही है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि आज के निर्णय से कुल 25 ग्रेड (वर्ग) के फॉस्फोरस और पोटास वाले उर्वरकों पर किसानों को सब्सिडी प्राप्त होगी। सरकार का कहना है कि वह इस नीति से किसानों खरीफ की खेती के मौसम में किसानों को डाई अमोनिया फॉस्फेट (डीएपी) की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी साथ ही उन्हें उर्वरक सस्ते और उचित दामों पर उपलब्ध होंगे।

  • पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग ने लगाई कई अहम फैसलों पर मुहर, शिक्षक और पटवारी वर्ग समेत कइयों को होगा लाभ

    पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग ने लगाई कई अहम फैसलों पर मुहर, शिक्षक और पटवारी वर्ग समेत कइयों को होगा लाभ

    Honble cabinet approved many important decisions, including teachers and Patwari class, many will be benefited

    जालंधर : मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब कैबिनेट ने गुरू अंगद देव वैटरनरी सायंसज़ यूनिवर्सिटी (गडवासू) के टीचिंग और नान-टीचिंग स्टाफ के लिए यू. जी. सी. स्केल लागू करने की मंज़ूरी दे दी है। इस सम्बन्धी फ़ैसला यहां पी. ए. पी. कम्पलैक्स में मुख्यमंत्री के नेतृत्व अधीन हुई मंत्रीमंडल की मीटिंग में लिया गया।

    यह खुलासा करते हुये आज यहाँ मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस ऐतिहासिक फ़ैसले का उद्देश्य प्रमुख वैटरनरी यूनिवर्सिटी के स्टाफ को अपनी ड्यूटी कुशलता के साथ निभाने के लिए उत्साहित करना है। इस फ़ैसले से जहाँ टीचिंग और नान-टीचिंग स्टाफ की कोशिशों से एक तरफ़ पंजाब के किसानों की तकदीर बदलेगी, वहीं दूसरी तरफ़ पंजाब बाकी राज्यों से अग्रणी बनेगा।
    पंजाब रेवेन्यू पटवारी (ग्रुप 3) सेवा नियम 2023 को मंजूरी
    कैबिनेट ने पंजाब रेवेन्यू पटवारी ( ग्रुप 3) सेवा नियम 1966 को रद्द करने और पंजाब रेवेन्यू पटवारी ( ग्रुप 3 सेवा नियम 2023 के मसौदे को भी मंजूरी के दी। इस फ़ैसले से नये पटवारी अपने परख काल के दौरान ही अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के योग्य होंगे। नये नियमों के मुताबिक पटवारियों के लिए पहले चलते ट्रेनिंग का डेढ़ साल का समय, जिसमें एक साल की पटवार स्कूल ट्रेनिंग और छह महीने की फील्ड ट्रेनिंग होती थी, को अब घटा कर एक साल कर दिया गया है। इसके अंतर्गत अब नौ महीनों की पटवार स्कूल ट्रेनिंग और तीन महीनों की फील्ड ट्रेनिंग होगी।

    कराधान और आबकारी विभाग में एस. ए. एस. काडर के 18 पद सृजित करने की मंज़ूरी
    कैबिनेट ने कराधान और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को सुचारू बनाने के उद्देश्य से विभाग में एस. ए. एस. काडर के 18 पद सृजित करने की मंज़ूरी दे दी। विभाग का मुख्य कार्य जी. एस. टी., वेट, एक्साईज और अन्य टैक्स एकत्रित करना है। विभाग सालाना अंदाजऩ 30 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक का राजस्व एकत्रित करता है परन्तु जी. एस. टी. लागू होने के बाद विभाग को दो कमिशनरेट, पंजाब टैक्सेशन कमिशनरेट और पंजाब एक्साईज कमिशनरेट में बाँट दिया गया है। विभाग के लेखा सम्बन्धी कामकाज को सुचारू और प्रभावशाली तरीके से पूरा करने के लिए एस. ए. एस. काडर के पद सृजित किये गये हैं।
    एस. ए. एस. काडर के 18 नये पद सृजन करने के फ़ैसले से विभाग की कार्यप्रणाली और राजस्व वसूली को और कुशल बनाने में मदद मिलेगी। इस फ़ैसले से एक अतिरिक्त डायरैक्टर (वित्त और लेखा), एक डिप्टी कंट्रोलर (वित्त और लेखा), 2 सहायक कंट्रोलर (वित्त और लेखा) और 14 सैक्शन अफसरों समेत कुल 18 पद मंज़ूर हुये हैं।

    सरकारी आयुर्वैदिक कालेज, अस्पताल और फार्मेसी पटियाला को गुरू रविदास आयुर्वेदा यूनिवर्सिटी होशियारपुर में तबदील करने की मंज़ूरी
    पंजाब कैबिनेट ने सरकारी आयुर्वैदिक कालेज पटियाला/सरकारी आयुर्वैदिक अस्पताल पटियाला और सरकारी आयुर्वैदिक फार्मेसी पटियाला को गुरू रविदास आयुर्वेदा यूनिवर्सिटी होशियारपुर में तबदील करने को हरी झंडी दे दी है। इस फ़ैसले से यूनिवर्सिटी के अधीन इन कालेजों में आयुष से सम्बन्धित अन्य आधुनिक कोर्स शुरू किये जा सकेंगे। इसके इलावा इस फ़ैसले से राज्य में आयुर्वेदा और होम्योपैथी की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को क्लिनीकल खोज, मेडिसनल पौधों के बारे खोज, दवाओं की टेस्टिंग लैब और अन्य सहूलतों में भी मदद मिलेगी।

    582 सिविल वैटरनरी अस्पतालों में वैटरनरी फार्मासिस्टों और सफ़ाई सेवकों जैसे सर्विस प्रोवाईडरों के कार्यकाल में वृद्धि को हरी झंडी
    पशुओं के लिए बेहतर सेहत देखभाल सेवाएं मुहैया करने के उद्देश्य से कैबिनेट ने 582 सिवल वैटरनरी अस्पतालों में वैटरनरी फार्मासिस्टों और सफ़ाई सेवकों जैसे सर्विस प्रोवाईडरों के कार्यकाल में पहली अप्रैल 2023 से 31 मार्च, 2024 तक वृद्धि को भी स्वीकृत कर लिया। यह भी फ़ैसला किया गया कि मेहनतानों में समानता लाने के लिए इन सभी सर्विस प्रोवाईडरों को डी. सी. रेट मुहैया किये जाएँ। जि़क्रयोग्य है कि सरकार ने इन 582 सिविल वैटरनरी अस्पतालों (ग्रामीण वैटरनरी अफसरों की मंज़ूर पदों सहित) को ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग के अधीन जि़ला परिषद के प्रबंधन से हटा कर वापिस पशु पालन, मछली पालन और डेयरी विकास के विभाग अधीन कर दिया था।

    कैदियों की जल्द रिहाई केस भेजने की इजाज़त
    मंत्रीमंडल ने राज्य की जेलों में उम्र कैद की सज़ा भुगत रहे चार कैदियों की जल्द रिहाई केस भेजने की भी इजाज़त दे दी है। भारतीय संविधान की धारा के 163 अधीन कैबिनेट की मंज़ूरी मिलने के बाद सज़ा में छूट/जल्द रिहाई के यह केस समीक्षा/ मंजूरी के लिए भारतीय संविधान की धारा 161 के अधीन पंजाब के राज्यपाल को भेजे जाएंगे।

  • पुलिस को देखते ही कोर्ट के अंदर फवाद चौधरी, देखें Video

     

    डॉन न्यूज के मुताबिक, पुलिस कोर्ट के बाहर चौधरी को एक अन्य मामले में गिरफ्तार करने पहुंची थी। इसके कुछ ही समय बाद पीटीआई की ओर से ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया गया। इसमें फवाद चौधरी को वकीलों के साथ एचसी के अंदर जाते हुए देखा जा सकता है। फवाद को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अन्य नेताओं के साथ आगजनी और हिंसक विरोध प्रदर्शन के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, इन पर आरोप है कि इन्होंने सोची-समझी रणनीति के तहत शांति को खतरे में डालने का काम किया। इस्लामाबाद HC के बाहर पाकिस्तानी रेंजरों की ओर से इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद विरोध-प्रदर्शन के दौरान यह हिंसा हुई थी।

    इमरान खान की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित
    दूसरी ओर, लाहौर हाई कोर्ट ने जमानत की अपील वाली इमरान खान की याचिका पर मंगलवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। पिछले सप्ताह इमरान की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों की ओर से कई गई हिंसा के मामले में उनके खिलाफ दर्ज मामलों के खिलाफ याचिका दायर की गई है। खान ने शनिवार को याचिका दायर की थी। एक दिन पहले उन्हें इस्लामाबाद एचसी से जमानत पर रिहा किया गया था। पंजाब की अंतरिम सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने जमानत याचिका का विरोध किया और कहा कि इसे मंजूरी नहीं दी जानी चाहिए। खान शुक्रवार को जमानत मिलने के बावजूद गिरफ्तारी के डर से घंटों कोर्ट परिसर से बाहर नहीं निकले थे, हालांकि बाद में वह शनिवार को अपने लाहौर स्थित घर लौट आए।

  • मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किया बड़ा ऐलान, पंजाब में बढ़ी हुई बिजली दरों का खर्च उठाएगी पंजाब सरकार

     

    चंडीगढ़ : जालंधर लोकसभा उपचुनाव के होते ही पंजाब में बिजली महंगी हो गई है। पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के नए टैरिफ चार्ज निर्धारित कर दिए हैं। इनके अनुसार पंजाब में 16 मई से बिजली दरें महंगी होंगी।

    हालांकि सीएम भगवंत मान ने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि का खर्चा सरकार वहन करेगी, आम लोगों पर इसका बोझ नहीं पड़ेगा। CM भगवंत मान ने ट्वीट कर कहा कि बिजली की दरों में बढ़ोतरी का खर्चा पंजाब सरकार देगी। इसका आम लोगों पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 600 यूनिट वाली योजना के एक भी मीटर पर असर नहीं पड़ेगा।

    नए टैरिफ के अनुसार, 2 किलोवाट तक लोड वाले उपभोक्ताओं को पहले 100 यूनिट के लिए दर 3.49 रुपए से बढ़ाकर 4.19 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। इसके साथ ही फिक्स चार्ज भी 35 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए प्रति किलोवाट कर दिए गए हैं। 101 से 300 यूनिट तक दर 5.84 रुपए से बढ़ाकर 6.64 रुपए प्रति यूनिट और 300 से अधिक यूनिट के लिए 7.30 रुपए से बढ़ाकर 7.75 रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है।

    इसी प्रकार 2 से 7 किलोवाट तक लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए पहले 100 यूनिट तक दर 3.74 रुपए की जगह अब 4.44 रुपए होगी। 100 से 300 तक 5.84 रुपए के बजाय 6.64 रुपए प्रति यूनिट, 300 से अधिक के लिए 7.30 रुपए की जगह 7.75 रुपए प्रति यूनिट देने होंगे। इस वर्ग के लिए फिक्स चार्ज 60 से बढ़ाकर 75 रुपए प्रति किलोवाट कर दिए गए हैं। 7 से 50 किलोवाट लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए दरें अब पहले 100 यूनिट 4.64 रुपए की जगह 5.34 रुपए प्रति यूनिट, 100 से 300 के लिए 6.50 रुपए की जगह 7.15 रुपए प्रति यूनिट और 300 से अधिक के लिए 7.50 रुपए की जगह 7.75 रुपए प्रति यूनिट होगी। इस वर्ग के लिए फिक्स चार्ज 95 से बढ़ाकर 110 रुपए प्रति किलोवाट कर दिए गए हैं।

    वहीं 50 से 100 किलोवाट लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए शुल्क 6.43 रुपए की बजाय 6.75 रुपए प्रति यूनिट होंगे। इस श्रेणी के लिए फिक्स चार्ज 115 से बढ़ाकर 130 रुपए प्रति किलोवाट किए गए हैं। 100 किलोवाट से अधिक लोड वाले उपभोक्ताओं के लिए 6.63 की जगह अब 6.96 रुपए प्रति किलोवाट दर होगी और फिक्स चार्ज 125 रुपए से बढ़ाकर 140 रुपए प्रति किलोवाट किए गए हैं।