Category: POLITICAL

  • जानिए किस नगर निगम ने चुनाव के लिए जारी किया नोटिफिकेशन ,वार्डबंदी का काम पूरा

    जानिए किस नगर निगम ने चुनाव के लिए जारी किया नोटिफिकेशन ,वार्डबंदी का काम पूरा

     

     

    लुधियाना  पंजाब में नगर परिषद और नगर निगम चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी हो गई है। नवंबर में निगम चुनाव होने हैं, उससे पहले वार्डबंदी का काम पूरा हो चुका है। लुधियाना आउट के कुल 95 वार्डों के लिए वोटिंग होनी है इनमें से 47 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, इसके अलावा 14 वार्ड एससी सीटों के लिए आरक्षित हैं और बाकी सामान्य सीटें हैं। इसे चंडीगढ़ के उच्च अधिकारियों ने पास कर दिया है। यह जानकारी लुधियाना नगर निगम के एमटीपी और निगम कमिश्नर ने साझा की। उन्होंने कहा कि यदि कोई पूर्व पार्षद या कोई प्रत्याशी कोई सुझाव देना चाहता है तो 7 दिन का समय निर्धारित किया गया है। 7 दिन के अंदर अपने सुझाव दे सकते हैं।

  • पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान गिरफ्तार, तोशाखाना मामले में कोर्ट ने सुनाई तीन साल की सजा, जानें कितना लगा जुर्माना…

    पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान गिरफ्तार, तोशाखाना मामले में कोर्ट ने सुनाई तीन साल की सजा, जानें कितना लगा जुर्माना…

     

     

     

    नई दिल्ली : पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान तोशाखाना मामले में दोषी करार दिए गए हैं और इस मामले में उन्हें तीन साल की सजा सुनाई गई है। उनपर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस सजा के बाद इमरान पांच साल तक चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। इस्लामाबाद पुलिस ने पहले फैसला आने के बाद अरेस्ट वारंट जारी किया। पुलिस को तुरंत इमरान खान को गिरफ्तार करने का आदेश दिया गया। इसके बाद पुलिस इमरान को गिरफ्तार करने लाहौर के जमां पार्क में मौजूद उनके घर पहुंची और उन्हें अरेस्ट किया।

    जमां पार्क के चारों ओर पुलिस का पहरा लगा हुआ है और इलाके को घेर लिया गया है। किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए बैरिकेडिंग की गई है और रास्तों को बंद किया गया है। इस्लामाबाद की ट्रायल कोर्ट ने शनिवार को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के चीफ इमरान के खिलाफ तोशाखाना मामले में लगे आरोपों को सही पाया. इसके बाद कोर्ट ने इमरान को तीन साल की सजा सुनाई।

    बता दें कि तोशखाना, पाकिस्तानी कैबिनेट डिवीजन के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक विभाग है और शासकों, सांसदों, नौकरशाहों और अधिकारियों को अन्य सरकारों और राज्यों के प्रमुखों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दिए गए कीमती उपहारों को संग्रहित करता है।

    इमरान खान जब प्रधानमंत्री थी तब उनको मिले सरकारी उपहारों की बिक्री को लेकर तोशाखाना राष्ट्रीय राजनीति में तब बड़ा मुद्दा बन गया जब पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने ‘झूठे बयान और गलत घोषणा’ करने के लिए इमरान खान को अयोग्य करार दे दिया। इस्लामाबाद की एक सत्र अदालत ने पिछले महीने घोषणा की थी कि खान के खिलाफ ईसीपी का मामला सुनवाई योग्य है, जिसे इस्लामाबाद उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी।

  • जानें किस राज्य के राजभवन में भी नहीं होगा टमाटर का इस्तेमाल, राज्यपाल ने लगाई रोक

    जानें किस राज्य के राजभवन में भी नहीं होगा टमाटर का इस्तेमाल, राज्यपाल ने लगाई रोक

     

     

    चंडीगढ़ : टमाटर के दाम एक बार से आसमान छू रहे हैं। दाम में बढ़ोतरी के कारण टमाटर घरों की रसोई से लेकर रेस्तरां से भी गायब हो गए है। इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अब पंजाब राजभवन में भी टमाटर का इस्तेमाल नहीं किया जाएगी। टमाटर की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने पंजाब राजभवन में टमाटर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। इस संबंध में पंजाब राजभवन ने बयान जारी कर कहा है कि टमाटर की लगातार बढ़ती कीमतों के चलते राज्यपाल ने यह रोक लगाई है।

    गौर हो कि कुछ हफ्तों से पंजाब और चंडीगढ़ के लोग टमाटर की कीमत में लगातार हो रही बढ़ोतरी से जूझ रहे हैं। टमाटर के बढ़ते दाम की वजह आपूर्ति में आ रही बाधा और जलवायु की परिस्थितियों को माना गया है। पंजाब की जनता से सहानुभूति दिखाने के लिए राज्यपाल ने यह फैसला किया है।

    राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने कहा कि किसी वस्तु की खपत रोकने या कम करने से उसकी कीमत पर असर पडऩा तय है। मांग कम होने से कीमत अपने आप कम हो जाएगी। मुझे उम्मीद है कि लोग फिलहाल अपने घरों में मौजूद विकल्प पर विचार करेंगे और टमाटर की कीमतों में वृद्धि को कम करने में मदद करेंगे।

  • सांसद सुशील कुमार रिंकू ने पर्चा फाड़कर आसन की तरफ फेंका, जिसकी वजह से सांसद को शेष सत्र के लिए लोकसभा से किया गया निलंबित

    सांसद सुशील कुमार रिंकू ने पर्चा फाड़कर आसन की तरफ फेंका, जिसकी वजह से सांसद को शेष सत्र के लिए लोकसभा से किया गया निलंबित

    सांसद सुशील कुमार रिंकू ने पर्चा फाड़कर आसन की तरफ फेंका, जिसकी वजह से सांसद को शेष सत्र के लिए लोकसभा से किया गया निलंबित

    लोकसभा में हंगामे के बीच दिल्ली सेवा बिल पास, राज्यसभा में अब होगा असली टेस्ट

    आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत कई दलों के भारी विरोध के बावजूद लोकसभा में दिल्ली सेवा बिल पास हो गया है.

    लोकसभा में हंगामे के बीच दिल्ली सेवा बिल पास, राज्यसभा में अब होगा असली टेस्ट

    लोकसभा में दिल्ली सर्विस बिल

    आम आदमी पार्टी और कांग्रेस समेत कई दलों के भारी विरोध के बावजूद लोकसभा में आज गुरुवार को दिल्ली सेवा बिल पास हो गया है. बिल के विरोध में विपक्ष ने सदन से वॉकआउट किया. असदुद्दीन ओवैसी और हनुमान बेनीवाल को छोड़ सभी विपक्षी दलों ने वोटिंग से पहले ही सदन के वॉक आउट कर दिया था.

    सांसदों ने एनसीटी दिल्ली अमेंडमेंट बिल के खिलाफ वोटिंग से पहले ही वॉक आउट कर दिया था. हालांकि ध्वनि मत से बिल पास कर दिया गया. बिल के पास होते ही लोकसभा की कार्यवाही कल 4 अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी गई.

    दूसरी ओर, दिल्ली सेवा बिल के विरोध में आम आदमी पार्टी के सांसद सुशील कुमार रिंकू ने पर्चा फाड़कर आसन की तरफ फेंका, जिसकी वजह से सांसद को शेष सत्र के लिए लोकसभा से निलंबित कर दिया गया.

    दिल्ली सेवा बिल के समर्थन में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार को नए नियम बनाने पड़े क्योंकि पहले नियम के हिसाब से नहीं चलता था. बाल कृष्ण रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली की कार्य और सेवा प्रणाली केंद्र सरकार के अधीन होनी चाहिए.

  • ‘दिल्ली की सोचें, गठबंधन के बारे में नहीं’, अमित शाह का विपक्ष पर किया कटाक्ष

    ‘दिल्ली की सोचें, गठबंधन के बारे में नहीं’, अमित शाह का विपक्ष पर किया कटाक्ष

     

     

    नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ में शामिल कांग्रेस सहित सभी विपक्षी दलों पर कटाक्ष करते हुए कहा है कि उन्हें दिल्ली सरकार के अधिकारों एवं सेवा से जुड़े विधेयक पर दिल्ली के बारे में सोचना चाहिए, गठबंधन के बारे में नहीं।

    इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि गठबंधन से कोई फायदा नहीं होने वाला है और गठबंधन होने के बावजूद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्ण बहुमत के साथ फिर से देश के प्रधानमंत्री बनने वाले हैं। इसलिए गठबंधन के लिए जनता का विश्वास मत तोड़िए, जनता सब देख रही है।

    अमित शाह ने गुरुवार को लोकसभा के पटल पर चर्चा एवं पास करने के लिए दिल्ली सरकार के अधिकारों और सेवा से जुड़े विधेयक- ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक, 2023 ‘ को रखते हुए कहा कि जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, राजाजी, राजेंद्र प्रसाद और बाबा साहेब अंबेडकर ने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने का विरोध किया था।

    उन्होंने कहा कि केंद्र और दिल्ली में कांग्रेस और भाजपा की सरकारें रहीं। लेकिन, कभी लड़ाई नहीं हुई क्योंकि उस समय किसी के मन में भी अधिकार हथियाने की इच्छा नहीं थी। लेकिन, 2015 में दिल्ली में एक ऐसी पार्टी की सरकार आई, जिसका मकसद जनता की सेवा करना नहीं सिर्फ लड़ना है।

    उन्होंने केजरीवाल पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि दिल्ली में समस्या ट्रांसफर-पोस्टिंग करने का अधिकार हासिल करने की नहीं है, बल्कि इसका मकसद विजिलेंस डिपार्टमेंट पर कब्जा कर अपने लिए बनाए गए बंगले के भ्रष्टाचार के सच को छुपाना है।

    अमित शाह ने केजरीवाल के कहने पर इस बिल का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों से गठबंधन की बजाय दिल्ली के बारे में सोचने का आग्रह करते हुए कहा कि सिर्फ चुनाव जीतने के लिए और गठबंधन बनाने के लिए किसी पक्ष के समर्थन या विरोध की राजनीति नहीं करनी चाहिए।

    उन्होंने कहा कि नया गठबंधन बनाने के अनेक प्रकार होते हैं, विधेयक और कानून देश के भले के लिए लाए जाते हैं और इसलिए इसका समर्थन या विरोध दिल्ली के भले के लिए करना चाहिए, गठबंधन के लिए नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल गठबंधन के लिए दिल्ली सरकार के घपले और घोटाले में मदद कर रहे हैं, जिसे पूरा देश देख रहा है और देश चुनाव में इसका हिसाब किताब करेगा।

  • 1 नवंबर से 15 नवंबर तक होगें पंजाब में नगर कौंसिल के चुनाव, राज्यपाल ने दी मंजूरी

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    City council elections will be held in Punjab from November 1 to November 15, the governor has approved

    1 नवंबर से 15 नवंबर तक होगें पंजाब में नगर कौंसिल के चुनाव, राज्यपाल ने दी मंजूरी

     

    •  जालंधरः पंजाब में नगर कौंसिल व नगर पंचायतों के चुनावों की घोषणा कर दी गई है। यह घोषणा बुधवार देर रात की गई। इस संबंध में पंजाब गवर्नर बनवारी लाल पुरोहित द्वारा चुनाव 1 नवंबर से 15 नवंबर तक कराने की मंजूरी दी गई है। पंजाब गवर्नर द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, पंजाब की 39 कौंसिल/नगर पंचायत के चुनावों के अलावा 27 वार्डों के उप-चुनाव कराए जाने को भी मंजूरी दे दी गई है।

    जिक्रयोग्य है कि जिला जालंधर में गोराया, भोगपुर, बिलगा, शाहकोट, कपूरथला में बागोवाल, भुलत्थ, ढिल्लवां, नडाला और लुधियाना में मुल्लांपुर दाखा, साहनेवाल, माछीवाड़ा, मलोट में नगर परिषद के चुनाव होने हैं। इसी तरह, बठिंडा, अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, फतेहगढ़ साहिब, फिरोजपुर, फरीदकोट, पटियाला, संगरूर, मालेरकोटला, एस.ए.एस. नगर,पटियाला में उपचुनाव होंगे।

  • नेताओं ने की नाराज लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला को मनाने पहुंचे  केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी, लोक सभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी एवं गौरव गोगोई ,सदन में आने का किया आग्रह

     

    नई दिल्ली : सदन में सांसदों के हंगामे से नाराज होकर लोक सभा में नहीं आ रहे लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला को सरकार और विपक्ष के कई नेताओं ने मिलकर मनाने की कोशिश की है। बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी, लोक सभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी एवं गौरव गोगोई, एनसीपी की सुप्रिया सुले,आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन, बसपा के रितेश पांडे, टीएमसी के सौगत रॉय, डीएमके की कनिमोझी और भाजपा के राजेंद अग्रवाल सहित अन्य कई दलों के नेताओं ने भी लोक सभा स्पीकर बिरला से मुलाकात कर उनसे सदन में आकर सदन की कार्यवाही का संचालन करने का आग्रह किया।

    आपको बता दें कि, लोक सभा के अंदर सांसदों द्वारा लगातार वेल में आकर नारेबाजी करने, हंगामा करने और सदन की कार्यवाही के लाइव प्रसारण के दौरान टीवी पर दिखाने की मंशा से सदन में मंत्रियों के सामने प्लेकार्ड लहराने से नाराज लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लगातार दूसरे दिन गुरुवार को भी सदन की कार्यवाही का संचालन नहीं किया।

    गुरुवार को सुबह 11 बजे लोक सभा की कार्यवाही शुरू होने पर सदन का संचालन करने के लिए पीठासीन सभापति राजेन्द्र अग्रवाल सदन में आए। उन्होंने जैसे ही सदन में प्रश्नकाल की कार्यवाही शुरू की, लोक सभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने सदन में लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला को बुलाने की मांग करते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही जब शुरू हो तो पीठासीन के पद पर वे स्पीकर साहब ( ओम बिरला) को देखना चाहते हैं।

    उन्होंने कहा कि पूरा सदन स्पीकर का मुरीद है और सब उन्हें सदन शुरू होने पर पीठासीन देखना चाहते हैं।

    अधीर रंजन चौधरी ने आगे कहा कि स्पीकर हमारे कस्टोडियन है, उनको बुलाकर पद पर बैठाइए, जो भी मसला है, हम आपस में समाधान कर लेंगे। हालांकि इसके बावजूद मणिपुर पर प्रधानमंत्री के बयान की मांग को लेकर सदन में विरोधी दलों के सांसदों का हंगामा और नारेबाजी आज भी जारी रहा जिसकी वजह से गुरुवार को भी सदन में प्रश्नकाल की कार्यवाही सुचारू ढंग से नहीं चल पाई और सदन की कार्यवाही को दोपहर बाद 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। इससे पहले बिरला ने बुधवार को भी लोक सभा की कार्यवाही का संचालन नहीं किया था।

  •  लोकसभा स्पीकर विपक्ष के अनुशासन से नाराज होकर बोले-मैं कुर्सी पर नहीं बैठूंगा, राष्ट्रपति से मिले विपक्षी सांसद

     

     

    नई दिल्ली -मणिपुर हिंसा मामले में बुधवार को संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ। हंगामे के बीच जमकर नारेबाजी हुई। संसद में हो रहे हंगामे से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला काफी खफा हैं। उन्होंने सदन में अनुशासन बहाल होने तक अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने से इनकार कर दिया है। वहीं, मणिपुर के मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने मणिपुर के हालात के बारे में राष्ट्रपति को जानकारी दी और मणिपुर मुद्दे पर ज्ञापन सौंपा।

     

    राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम संसद में चर्चा करना चाहते हैं लेकिन सरकार जवाब नहीं दे रही है। संसद के मानसून सत्र का आज (2 अगस्त) 10वां दिन है। राज्यसभा में विपक्षी दलों ने मणिपुर हिंसा पर चर्चा की मांग की। विपक्ष ने रूल 267 के तहत 60 नोटिस दिए, जिन्हें सभापति जगदीप धनखड़ ने अस्वीकार कर दिया। इससे नाराज विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया। इसके बाद I.N.D.I.A के सदस्य राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने पहुंचे।

  • संसद में आज पेश होने वाले बिल से विपक्ष हुआ तल्ख,जानें कौन सा ये बिल..

     संसद में आज पेश होने वाले बिल से विपक्ष हुआ तल्ख,जानें कौन सा ये बिल..

     

    नई दिल्ली : 20 जुलाई को शुरू हुए संसद के मानसून सत्र में मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर कई बार व्यवधान देखने को मिला है। अब केंद्र सरकार दिल्ली सेवा अध्यादेश की जगह लोकसभा में विधेयक पेश करने की तैयारी में है। ऐसे में अगले सप्ताह भी संसद में हंगामे के आसार बढ़ गए हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक राजग के खिलाफ एकजुट विपक्ष के लिए बड़ा मुद्दा बन गया है।

    केंद्र के इस अध्यादेश के खिलाफ आम आदमी पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसके विरुद्ध दिल्ली सरकार सुप्रीम कोर्ट भी पहुंच चुकी है। वहीं, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल भी अध्यादेश के विरोध में उतर आए हैं। सरकार ने लोकसभा में 13 मसौदा विधेयकों को विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया है, जबकि अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस भी स्वीकार किया जा चुका है। कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर दो अगस्त से चर्चा की शुरुआत हो सकती है।

    बता दें कि दिल्ली सरकार में वरिष्ठ अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के लिए एक प्राधिकरण बनाने के अध्यादेश को विधेयक में बदलने का मसौदा सांसदों को वितरित किया गया है। दिल्ली सेवा अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी (आप) ने विधेयक को राज्यसभा में पास ना होने देने के लिए कई विपक्षी दलों का समर्थन मांगा था। काफी जिद्दोजहद के बाद उन्होंने कांग्रेस समेत कई दलों का मिल गया है।

  • विपक्षी गठबंधन भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) के प्रतिनिधिमंडल के 21 सांसद राज्यपाल से मिले, मणिपुर में झड़प के पीड़ितों का दुख बताया; प्रभावी कदम उठाने का किया अनुरोध

    विपक्षी गठबंधन भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) के प्रतिनिधिमंडल के 21 सांसद राज्यपाल से मिले, मणिपुर में झड़प के पीड़ितों का दुख बताया; प्रभावी कदम उठाने का किया अनुरोध

     

     

    इंफाल : विपक्षी गठबंधन भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) के प्रतिनिधिमंडल ने आज मणिपुर की राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उनसे सभी प्रभावी कदम उठाते हुए शांति और सद्भाव बहाल करने का अनुरोध किया गया।

    ज्ञापन में कहा गया है, आपसे यह भी अनुरोध है कि आप केंद्र सरकार को पिछले 89 दिनों से मणिपुर में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह से खराब होने के बारे में अवगत कराएं ताकि उन्हें शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए मणिपुर में अनिश्चित स्थिति में हस्तक्षेप करने में सक्षम बनाया जा सके।

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    बता दें, विपक्षी गठबंधन के 21 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल मणिपुर हिंसा का आकलन करने के लिए शनिवार से हिंसा प्रभावित क्षेत्र की दो दिवसीय यात्रा पर है। पहले दिन सांसदों ने इंफाल, बिष्णुपुर जिले के मोइरांग और चुराचांदपुर राहत शिविरों में झड़प के पीड़ितों से मुलाकात की है। रविवार को प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात कर उन्हें पूर्वोत्तर राज्य के मौजूदा हालात पर एक ज्ञापन सौंपा।

    बैठक के बाद राज भवन के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस नेता ने कहा, राज्यपाल ने हमारी बातें सुनीं और उन पर सहमति जताई। उन्होंने हिंसा की घटनाओं पर दुख व्यक्त किया और कहा कि समुदायों के बीच अविश्वास खत्म करने के लिए सभी दलों के एक प्रतिनिधिमंडल को लोगों से बातचीत करने के वास्ते मणिपुर का दौरा करना चाहिए। अधीर रंजन चौधरी ने बताया कि सांसदों ने मणिपुर में जो स्थिति देखी, उसके बारे में संसद में एक रिपोर्ट पेश करेंगे। उन्होंने कहा, हमने हर दिन बिगड़ते हालात के बीच संसद में मणिपुर पर चर्चा का अनुरोध किया है।

    कांग्रेस सांसद फूलोदेवी नेताम ने कहा कि राहत शिविरों का दौरा कर पता चला कि एक हॉल में 400-500 लोग रह रहे हैं। राज्य सरकार उन्हें केवल दाल-चावल मुहैया करा रही है, बच्चों को पूरे दिन खाने के लिए और कुछ नहीं मिल रहा है। शौचालय या बाथरूम की भी कोई सुविधा नहीं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से लोग शिविरों में रह रहे हैं वह बहुत हृदय विदारक है।