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  • दीवाली से पहले अधिकारियों की फौज के साथ ”फील्ड में उतरे” निगम कमिश्नर

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    दीवाली से पहले अधिकारियों की फौज के साथ ”फील्ड में उतरे” निगम कमिश्नर

     

    • दीपावली से पहले निगम कमिश्नर आई.ए.एस. ऋषि पाल सिंह अधिकारियों की फौज के साथ फील्ड में उतरे व सफाई व्यवस्था को सुचारू करने की सख्त हिदायतें देते हुए कहा कि लापरवाही को किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रत्येक कार्य की समीक्षा करते हुए जरूरी प्वाइंट नोट किए गए व कई कार्यों संबंधी लिखित में रिपोर्ट मांगी गई है। सुबह 7 बजे से लेकर 11 बजे तक विभिन्न स्थानों का दौरा करते हुए कमिश्नर ने शहर के विकास कार्यों व साफ-सफाई की जमीनी हकीकत देखी। सड़कों, कूड़े के डंपों, स्ट्रीट लाइटों सहित विकास कार्यों जायजा लेते हुए जनता की समस्याओं को पहल के आधार पर हल करने की हिदायतें दी गई।

    निगम कमिश्नर के साथ चारों ज्वाइंट कमिश्नर, सुपरिंटेंडेंट, एक्सियन, इस्पेक्टरों व सहयोग स्टॉफ प्रत्येक स्थान पर मौजूद रहा। इनमें विशेष तौर पर नॉर्थ से जोनल कमिश्नर विक्रांत वर्मा, कैंट हलके से पुनीत शर्मा, सैंट्रल से राजेश खोखर, वैस्ट से शिखा भगत, सुपरिटेंडेंट हरप्रीत सिंह, इस्पेक्टर रिंपी कल्याण सहित अधिकारियों की टीम उपस्थित रही। निगम कमिश्नर का एक्शन आज सुबह 7 बजे माडल टाऊन के कूड़े के डंप से शुरू हुआ व अधिकारियों को हिदायतें दी गई कि कूड़े की लिफ्टिंग में देरी नहीं होनी चाहिए, वहीं सड़कों, स्ट्रीट लाइटों, साफ-सफाई व अन्य सुविधाओं पर फोक्स किया गया। इस मौके चौगिट्टी, विकास पूरी सहित विभिन्न कूड़े के डंपों का मुआयना किया गया। निगम कमिश्नर द्वारा सड़कों पर कूड़ा फैलने को लेकर गंभीरता जताई गई।

    7.30 पर निगम कमिश्नर ऋषि पाल सिंह अधिकारियों के साथ बर्ल्टन पार्क पहुंचे व गाड़ियों को रवाना होने से पहले पूरा निरीक्षण किया। कूड़ा उठाने के लिए निकलने वाली ट्रालियों की गिनती करते हुए ड्राइवरों की अटेंडेंस चैक की गई व प्रत्येक ट्रालियों का रूट इत्यादि जांचा गया। वहीं संबंधित अधिकारी से प्रत्येक जानकारी को क्रॉस चैक किया गया ताकि कोई त्रुटि न रहे। बर्ल्टन पार्क के बाहर अलग-अलग इलाकों में साफ-सफाई का मुआयना करते हुए जोनल कमिश्नरों को रुटीन जांच करने के दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था में किसी तरह की ढील नहीं होनी चाहिए। इलाका निवासियों का संतुष्ट होना लाजिमी है।

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया देश की गरीब जनता के लिए बड़ा ऐलान, गरीबों को अलगे पांच साल तक मिलता रहेगा मुफ्त राशन

     

    दुर्ग : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन योजना को अगले पांच वर्ष के लिए बढ़ाने का ऐलान करते हुए कहा कि गरीब कल्याण उनकी सबसे पहली प्राथमिकता है।

    श्री मोदी ने आज यहां एक बड़ी चुनावी सभा में यह घोषणा करते हुए कहा कि 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन देने की यह योजना दिसम्बर माह में समाप्त हो रही थी लेकिन अब यह पांच साल बढ़ाई जायेंगी। यह केवल चुनावी घोषणा नही बल्कि यह मोदी की गारंटी है। उन्होने कहा कि इस योजना के तहत रोजी रोटी कमाने घरों से दूर जाने वालों को भी वन नेशन वन राशन कार्ड के जरिए देशभर में खाद्यान्न लेने की सुविधा मिलेगी।

    उन्होने जाति जनगणना को लेकर कांग्रेस का नाम लिए बगैर उस पर निशाना साधते हुए कहा कि सबसे बड़ी जाति गरीब की है जिसके लिए उनकी सरकार ने तमाम योजनाओं शुरू की है। उन्हे डर लग गया है कि गरीब अगर इकठ्ठा हो गए और उनकी तातक बन गई तो उनका क्या होगा। दुकान चलाने के लिए नया नया खेल खेला जा रहा है। गरीब को बांटने और उसे आपस में लड़ाने का खेल शुरू हो रहा है। गरीब की एकता तोड़ने के लिए नए नए षडयंत्र हो रहे है।जातिवाद का जहर घोला जा रहा है। उन्होने लोगो से इस साजिश को एकजुट होकर विफल करने को कहा।

    ओबीसी वर्ग का बड़ा हितैषी बताते हुए श्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया। मेडिकल कालेजों में ओबीसी आरक्षण दिया,सबसे अधिक ओबीसी मंत्री उनकी सरकार में है,फिर भी एक ओबीसी प्रधानमंत्री को कांग्रेस के लोग दिन भर पानी पी पी कर गाली देते है। जाति से नफरत है तो इसके लिए पूरे ओबीसी समाज को क्यों गाली देते है।ओबीसी को गाली देना बन्द करना चाहिए।

    उन्होने वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी का नाम लिए बगैर उनकी ओर इशारा करते हुए कहा कि कांग्रेस के एक नेता ने छत्तीसगढ़ के साहू समाज को चोर बता दिया।अदालत ने उन्हे सजा भी सुना दी। सुप्रीम कोर्ट से जेल जाने में थोड़ा मोहलत दे दी है। उन्होने छत्तीसगढ़ का उल्लेख करते हुए कहा कि ईश्वर साहू के बेटे का आखिर क्या गुनाह था।

    श्री मोदी ने ईडी की रायपुर में छापे की कार्रवाई और नगदी की बरामदगी का जिक्र करते हुए कहा कि लोग कह रहे है कि पैसा सट्टेबाजों का है। मीडिया में आ रहा है कि यह उन तक जा रहा हैं। फिर भीड़ से पूछा किन तक तो जवाब आया भूपेश बघेल। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि दुबई में बैठे सट्टेबाजों से उनके क्या सम्बन्ध हैं।उन्होने कहा कि इसके बाद से मुख्यमंत्री बौखलाए हुए है,उनके लोग संदेश भेज रहे है कि भाजपा के लोगो से पैसे की बरामदगी करवा दी जायेंगी।धमकी दे रहे है,किसको डरा रहे है। जनता सब कुछ जानती है। उन्होने कहा कि मोदी को तो कांग्रेसी दिनभर गाली देते है,भूपेश बघेल तो केन्द्रीय एजेन्सियों और सुरक्षा बलों को भी गालियां दे रहे है।

    उन्होने कहा कि भ्रष्टाचारियों से हिसाब करने जनता ने मोदी को दिल्ली में बैठाया है,जिसने गरीब को लूटा है उस पर कार्रवाई होकर रहेंगी। उन्होने कहा कि महादेव एप और पीएससी घोटाले की भी जांच होगी।छत्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार बनने पर आयोग बनाकर ऐसे सभी घोटालों की जांच होंगी और पैसा लूटने वालों को जेल भेजा जायेंगा। सभा को पूर्व मुख्यमंत्री डा.रमन सिंह एवं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरूण साव ने भी सम्बोधित किया।

  • नगर निगम चुनाव से पहले इधर उधर पार्टियों में शामिल हो रहे दल बदलने वाले नेताओं से पार्टी कार्यकर्ता खुश नहीं बल्कि हो रहे परेशान

    नगर निगम चुनाव से पहले इधर उधर पार्टियों में शामिल हो रहे दल बदलने वाले नेताओं से पार्टी कार्यकर्ता खुश नहीं बल्कि हो रहे परेशान

    नगर निगम चुनाव से पहले इधर उधर पार्टियों में शामिल हो रहे दल बदलने वाले नेताओं से पार्टी कार्यकर्ता खुश नहीं बल्कि हो रहे परेशान

     

    • नगर निगम चुनाव से पहले इधर उधर पार्टियों में शामिल हो रहे दल बदलुओं से पार्टी कार्यकर्ता खुश नहीं और परेशान हैं। सभी पार्टी के अंदर भी दूसरे दलो के नेताओं की बढ़ती आमद से नगर निगम चुनाव में खुद के साइड लाइन कर दिए जाने की आशंका को लेकर नेता व कार्यकर्ता चिंतित दिखाई देने लगे हैं। इन सभी पार्टियों के कार्यकताओं का मानना है कि इन दल बदलुओं का अपनी पार्टी छोड़ की विचारधारा से कोई संबंध नहीं है। वे सिर्फ अपने राजनैतिक हितों के संरक्षण व पूर्ति के लिए हमारी पार्टियों में शामिल हो रहे हैं। उनका यह भी कहना है चाहे कांग्रेस, भाजपा, अकाली पार्टी , आम आदमी पार्टी का कोई भी सक्रिय कार्यकर्त्ता चूहों और मेंढकों का पार्टी में स्वागत करने का इरादा नहीं रखते।नगर निगम चुनाव लड़ने की चाह के चलते ही दूसरे दलों के कई नेता इधर उधर पार्टियों में शामिल हो रहे हैं। शहर की राजनीति में रूचि रखने वालों का मानना है कि अगर इधर उधर पार्टियों में शामिल में यूं ही चलता रहा तो इन चुनावों में खुद अपनी हार का कारण बन सकती है। बता दें कि नगर निगम चुनाव से पहले हाल ही में कांग्रेस और भाजपा के कई नेताओं ने थोक के भाव में अपनी-अपनी पार्टी छोड़ आम आदमी पार्टी का दामन थामा है
  • जालंधर: नगर निगम चुनाव 15 नवंबर को नही

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    जालंधर: नगर निगम चुनाव 15 नवंबर को नही

     

    •  नगर निगम चुनाव 15 नवंबर से पहले नहीं होंगे। बता दें कि वार्डबंदी का काम पूरा न होने के कारण स्थानीय निकाय विभाग ने समय बढ़ा दिया है। इसी के साथ ही कहा गया है कि अगर किसी को कोई इतराज है तो वह 7 नवंबर तक इसे जमा कर सकता है। यदि कोई 17 नवंबर को इतराज वापस लेना चाहता है तो वापस ले सकता है। कहा गया है कि 21 नवंबर को काम पूरा हो जाएगा। इससे पहले 15 नवंबर तक चुनाव होने थे, लेकिन अब कहा जा रहा है कि अगले साल की शुरुआत में चुनाव हो सकते हैं।बता दें कि पंजाब में नगर निगम चुनाव का बिगुल जल्द ही बजने वाला था, लेकिन हालिया खबर ने चुनाव की तारीख आगे बढ़ा दी है। पंजाब में 5 नगर निकायों के चुनाव नवंबर के पहले सप्ताह में होने थे। सूत्रों के अनुसार ये 5 नगर निगम अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और फगवाड़ा हैं। पंजाब की 34 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव भी 1 से 15 नवंबर के होने थे, लेकिन अब तारीख आगे बढ़ा दी गई है। इसके लिए अगस्त में नोटिफिकेशन जारी किया गया था।12 नवंबर को दिवाली है, इसलिए चुनाव नवंबर के पहले हफ्ते में होने की संभावना ज्यादा थी। पंजाब सरकार ने राज्य के पांच नगर निगमों में चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग को पत्र भी लिखा था। बता दें कि पंजाब की 34 नगर परिषदों और नगर पंचायतों का कार्यकाल दिसंबर 2022 से फरवरी 2023 के बीच खत्म हो चुका है, लेकिन नगर निगम चुनाव की तारीख चुनाव आयोग के अंतिम फैसले के बाद ही तय की जाएगी। जनवरी 2023 से अमृतसर, लुधियाना, जालंधर, पटियाला और फगवाड़ा जिलों में स्थानीय निकाय चुनाव लंबित हैं। इसका मतलब है कि अब एक बार फिर सियासी पारा चढ़ने वाला है।
  • नीतिश ने कसा कांग्रेस को तंज;कहा ‘इंडिया’ की चिंता नहीं, 5 राज्यों के चुनाव में व्यस्त 

    नीतिश ने कसा कांग्रेस को तंज;कहा ‘इंडिया’ की चिंता नहीं, 5 राज्यों के चुनाव में व्यस्त

     
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    पटना (उत्तम हिन्दू न्यूज)-Congress is not worried about ‘India… देश में विपक्षी दल को एकजुट करने में जुटे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को नाराजगी जताते हुए कहा कि फिलहाल इंडिया गठबंधन में कोई चर्चा नहीं हो रही है और इसे लेकर कोई काम नहीं हो रहा है। उन्होंने इशारों ही इशारों में कांग्रेस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कांग्रेस को इसकी चिंता नहीं है। वह पांच राज्यों के चुनाव में व्यस्त है। पटना में भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी (भाकपा) की ‘भाजपा हटाओ, देश बचाओ ‘ रैली में लोगों को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि देश को बचाने के लिए हमलोगों ने एक गठबंधन बनाया। इसकी बैठक पटना सहित कई जगहों पर हुई। उन्होंने कहा कि देश का इतिहास बदलने वालों को हटाने के लिए सबसे बातचीत कर यह गठबंधन बनाया गया था, लेकिन अभी तो काम अधिक नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमलोग कांग्रेस पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे थे लेकिन उनको चिंता नहीं है। अभी तो उनको कोई मतलब नहीं है। अभी पांच राज्यों में होने वाले चुनाव में व्यस्त हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि पांच राज्यों का चुनाव होने दीजिए, उसके बाद विपक्षी गठबंधन की एक मीटिंग होगी।

    नीतीश ने कहा कि हम लोग तो सबको एक साथ लेकर चलने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग सोशलिस्ट लोग हैं। भाकपा से हमारा पुराना रिश्ता है।

    Congress is not worried about ‘India …उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे लोग आजकल हिंदू मुस्लिम में लड़ाई करवा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे हिंदू मुस्लिम में कोई झंझट नहीं है। सभी एकजुट हैं, लेकिन ये लोग कोशिश करते हैं।

  • विपक्षी नेताओं की फोन हैकिंग मामले में Apple ने दिया आधिकारिक स्पष्टीकरण देते हुए कहा- ‘अलर्ट की वजह बताना संभव नहीं’

    विपक्षी नेताओं की फोन हैकिंग मामले में Apple ने दिया आधिकारिक स्पष्टीकरण देते हुए कहा- ‘अलर्ट की वजह बताना संभव नहीं’

     

    फोन कंपनी Apple की तरफ से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है. कंपनी ने कहा कि हम किसी भी तरह के स्टेट स्पांसर्ड अटैक की सूचना नहीं देते हैं. कंपनी ने कहा कि यह संभव है कि एप्पल के कुछ अलार्म अलर्ट गलत हो सकते हैं. कंपनी ने कहा कि वह इस अलर्ट के पीछे का कारण बताने में असमर्थ है.

     

    विपक्षी नेताओं की फोन हैकिंग मामले में Apple ने दी सफाई, कहा- 'अलर्ट की वजह बताना संभव नहीं'

    फोन अलर्ट मामले पर एप्पल कंपनी ने दिया स्पष्टीकरण

    मंगलवार को देश के कई बड़े नेताओं के आईफोन पर अलर्ट मैसेज आने के बाद, फोन कंपनी Apple की तरफ से आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आया है. कंपनी ने कहा कि हम किसी भी तरह के स्टेट स्पांसर्ड अटैक की सूचना नहीं देते हैं. कंपनी ने कहा कि यह संभव है कि एप्पल की कुछ खतरे की सूचनाएं (अलार्म अलर्ट) गलत हो सकते हैं.

    आधिकारिक बयान में कंपनी ने आगे कहा कि इस तरह के राज्य-प्रायोजित हमलावरों को अच्छी तरह से वित्तीय सहायता मिलती है. वह ऐसे हमले समय-समय पर करते रहते हैं. उन्होंने कहा कि इस तरह के हमलों के बारे में जानकारी हासिल करना खुफिया संकेतों पर निर्भर करता है. कंपनी ने कहा कि वह इस अलर्ट के पीछे का कारण बताने में असमर्थ है.

    कांग्रेस के मीडिया प्रभारी जयराम रमेश ने Apple के बयान पर कहा है कि जो राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि उसी बात की एप्पल ने पुष्टि की है. वहीं, बीजेपी आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक अमित मालवीय ने भी एप्पल के इस बयान के बाद बयान दिया है.

    मालवीय ने कहा, ‘राहुल गांधी द्वारा खुद का मज़ाक उड़ाने के कुछ ही मिनटों के भीतर Apple ने एक बयान जारी किया. पिछली बार भी राहुल गांधी ने अपना फोन जांच के लिए जमा नहीं कराया था. वह फालतू आरोप लगाकर राष्ट्रीय समय क्यों बर्बाद करें?

    मालवीय ने आगे कहा, ‘राहुल गांधी द्वारा खुद का मज़ाक उड़ाने के कुछ ही मिनटों के भीतर Apple ने एक बयान जारी किया. पिछली बार भी राहुल गांधी ने अपना फोन जांच के लिए जमा नहीं कराया था’. उन्होंने आगे कहा कि एप्पल ने ऐसे नोटिफिकेशन न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया के 150 देशों में भेजे हैं. इन सभी अलर्ट मेसेज का कारण कंपनी नहीं बता पाई है. ऐसे में विपक्ष द्वारा इसके पीछे सरकार का हाथ होना, एकदम बेफजूल है.

  • पंजाब में ट्रैक्टर के साथ स्टंट बढ़ते हादसों को देख  मान सरकार ने ट्रैक्टर और अन्य कृषि संबंधित उपकरणों के साथ किसी भी तरह का स्टंट करने पर लगाया बैन, गुरदासपुर में नौजवान की मौत के बाद बड़ा फैसला

    पंजाब में ट्रैक्टर के साथ स्टंट बढ़ते हादसों को देख  मान सरकार ने ट्रैक्टर और अन्य कृषि संबंधित उपकरणों के साथ किसी भी तरह का स्टंट करने पर लगाया बैन, गुरदासपुर में नौजवान की मौत के बाद बड़ा फैसला

     

    चंडीगढ़ : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज राज्य में ट्रैक्टर और अन्य कृषि संबंधित उपकरणों के साथ किसी भी तरह का स्टंट करने या खतरनाक प्रदर्शन करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने ट्रैक्टर पर ख़तरनाक स्टंट दिखाने के कारण हाल ही में गुरदासपुर में अपनी जान गवां बैठे व्यक्ति की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

    उन्होंने कहा कि यह बहुत ही दुर्भाग्पूर्ण घटना है और आने वाले समय में ऐसे किसी भी हादसे से बचने की ज़रूरत है। भगवंत सिंह मान ने कहा इसको ध्यान में रखते हुए राज्य में ट्रैक्टरों और अन्य कृषि यंत्रों के साथ स्टंट करने पर मुकम्मल पाबंदी लगाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रैक्टर को ‘खेतों का राजा’ कहा जाता है और स्टंट करके इसको स्वयं के लिए जानलेवा न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आज-कल ट्रैक्टरों और अन्य कृषि यंत्रों का प्रयोग ख़तरनाक स्टंट दिखाने के लिए भी किया जा रहा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब सरकार लोगों की कीमती जानों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यह फ़ैसला लोक हित में लिया गया है।

  • जाने किस जगह NCP विधायक के घर पर हुआ हमला; फूंके वाहन

    जाने किस जगह NCP विधायक के घर पर हुआ हमला; फूंके वाहन

     

    मुंबई : महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण आंदोलन जोर पकड़ रहा है और राज्य में विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुका है। सोमवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने बीड जिले के मजलगैन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के विधायक प्रकाश सोलंके के घर पर हमला किया और पथराव किया।

    घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और वीडियो में देखा जा सकता है कि गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने एनसीपी विधायक के घर पर पथराव किया। भीड़ ने अपने विरोध प्रदर्शन के दौरान गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया। भीड़ ने घर पर पथराव करने के बाद उनके घर में आग भी लगा दी। वीडियो में देखा जा सकता है कि उनके घर से भीषण आग निकल रही है।

    मराठा प्रदर्शनकारियों की चल रही भूख हड़ताल के खिलाफ कथित टिप्पणी को लेकर गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने बीड के माजलगांव में विधायक प्रकाश सोलंके के आवास पर पथराव किया और एक वाहन को आग लगा दी। खबरें हैं कि जारांगे पाटिल का कथित तौर पर अपमान करने के बाद भीड़ एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंके पर भड़क गई।

    एनसीपी विधायक प्रकाश सोलंके पार्टी के अजित पवार वर्ग से हैं। घटना सामने आने के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। घटना के वक्त विधायक प्रकाश सोलंके और उनके परिवार के सदस्य घर में थे। घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनकारी माजलगांव में मार्च निकाल रहे थे जिसके बाद कुछ प्रदर्शनकारी हिंसक हो गए और विधायक के घर पर हमला करना शुरू कर दिया। उन्होंने घर की खिड़कियां तोड़ दीं और घर के बाहर खड़ी कारों पर भी हमला किया। उन्होंने घर और कारों में भी आग लगा दी।

  • पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची तो राज्यपाल पुरोहित ने लिया यू-टर्न, CM को पत्र लिखकर दी सफाई

     पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची तो राज्यपाल पुरोहित ने लिया यू-टर्न, CM को पत्र लिखकर दी सफाई

     

    चंडीगढ़ : पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने रविवार को उस समय यू-टर्न ले लिया जब उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को लिखे पत्र में कहा कि वह पंजाब के विधानसभा सत्र में पारित सभी विधेयकों की जांच करेंगे। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सफाई दी है और सत्र विधेयक पारित करने को कहा है। राज्यपाल ने चिट्ठी में कहा कि वो पंजाब के हित में पंजाब सरकार द्वारा लाये जाने वाले बिलों पर विचार करने को तैयार हैं।

    राज्यपाल ने अपनी चिट्ठी में कहा है कि पंजाब सरकार द्वारा विधानसभा में पारित किए गए 27 बिलों में से वो 22 को क्लियर कर चुके हैं और बाकी बचे बिलों पर वो कानून के मुताबिक राय लेकर आगे इन बिलों पर विचार कर रहे हैं। इससे पहले राज्यपाल ने पंजाब सरकार द्वारा बुलाए गए सत्र को अवैध करार दिया था। सीएम मान ने 20 अक्टूबर को विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान कहा था कि सरकार राज्यपाल के पत्र को 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी और 29 अक्टूबर को राज्यपाल ने यह यू-टर्न ले लिया और कहा कि वह सभी बिलों की जांच करेंगे।

    आम आदमी पार्टी (आप) ने राज्यपाल के ताजा पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही विधानसभा में कह चुके हैं कि पंजाब सरकार द्वारा बुलाए गए सत्र को लेकर राज्यपाल द्वारा दी गई चुनौतियां सर्वोच्च न्यायालय में एक मिनट भी नहीं टिकेंगी। आप ने कहा कि यह पत्र इस बात का सबूत है कि राज्यपाल सिर्फ एक सत्र की कार्यवाही और पंजाब में आप सरकार के कार्यों में बाधा डालना चाहते थे। ‘आप’ पंजाब ने कहा कि विधानसभा सत्र में बाधा पैदा करना और सरकार को लोगों के कल्याण के लिए काम नहीं करने देना राज्य के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।

  • हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को  दिल्ली के AIIMS अस्पताल में किया गया भर्ती

    हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को  दिल्ली के AIIMS अस्पताल में किया गया भर्ती

     

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को आज दिल्ली स्थित एम्स में रेफर कर दिया गया है. पेट में इन्फेक्शन के बाद उन्हें शिमला में इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया था. बाद में डॉक्टरों की टीम से राय ली गई और उन्हें दिल्ली अस्पताल रेफर करने का फैसला किया गया.

    हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को लाया गया दिल्ली, AIIMS अस्पताल में भर्ती

    हिमाचल प्रदेश सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को शिमला के अस्पताल से दिल्ली के एम्स में रेफर कर दिया गया है. पेट में इन्फेक्शन की शिकायत के बाद उन्हें शिमला के अस्पताल में एडमिट कराया गया था. मुख्यमंत्री सुबह करीब 11.20 बजे एम्स पहुंचे और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉक्टल प्रमोद गर्ग की अगुवाई में डॉक्टरों की एक टीम उनका इलाज कर रही है. डॉक्टरों की शुरुआती जांच में पता चला कि मुख्यमंत्री पैंक्रिएटिटिस से पीड़ित हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है.