Category: POLITICAL

  • पार्लियामेंट अटैक की बरसी के दिन ही एक बार फिर हुई संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक, लोकसभा के स्त्र में कूदे दो युवक; जूते से स्प्रे निकालकर फैलाया धुआं

    पार्लियामेंट अटैक की बरसी के दिन ही एक बार फिर हुई संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक, लोकसभा के स्त्र में कूदे दो युवक; जूते से स्प्रे निकालकर फैलाया धुआं

     

    नई दिल्ली  संसद की सुरक्षा में एक बड़ी चूक का मामला सामने आया है। बुधवार को लोक सभा की कार्यवाही के दौरान अचानक सदन में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब अचानक दर्शक दीर्घा से 2 युवक सदन में कूद पड़े। कूदते ही दोनों युवक आगे की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया।

    उस समय सदन में मौजूद सांसदों ने दोनों को पकड़ने का प्रयास किया तो उसने जूते से कुछ निकालने का प्रयास किया। कई सांसदों ने यह भी बताया कि उस समय सदन के अंदर पीला सा धुंआ भी नजर आया। सांसदों ने दोनों को पकड़ कर सुरक्षाकर्मियों के हवाले किया।

    सदन की कार्यवाही का संचालन कर रहे पीठासीन सभापति राजेन्द्र अग्रवाल ने लोक सभा की कार्यवाही को तुरंत रोककर सदन को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। सुरक्षा उल्लंघन के बारे में पहले से ही गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जो पुराने संसद भवन पर आतंकवादी हमले की 22वीं बरसी पर हुआ है।

    संसद में जारी शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को एक बड़ा हादसा हुआ। दो अनजान लोग संसद की कार्यवाही के दौरान ही दर्शक दीर्घा से संसद की गैलरी में कूद गए। दोनों प्रदर्शनकारियों ने अपने इस हंगामे के दौरान संसद में स्मोक बम का इस्तेमाल किया और पूरी पार्लियामेंट को धुआं-धुआं कर दिया। स्मोक बम की बात करें तो वर्तमान में अलग-अलग तरह के स्मोक बम देखने को मिलते हैं, जिनसे रंगीन धुआं निकलता है। बुधवार को संसद में जो स्मोक बम का अटैक हुआ, उसमें भी पीला और लाल रंग का धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया, जो संसद भवन के भीतर और फिर बाहर जब प्रदर्शनकारियों को पकड़कर ले जाया गया था, उस वक्त दिखाई दिया।

    What is Smoke Bomb: क्या होता है स्मोक बम? जिससे प्रदर्शनकारियों ने  पार्लियामेंट को धुआं धुआं कर दिया | parliament attack what is smoke bomb  used in parliament gallery | TV9 Bharatvarsh

    स्मोक क्रैकर एक तरह का हानिकारक पटाखा है जिसका इस्तेमाल उत्सव में तो किया ही जाता है साथ ही साथ इमरजेंसी के दौरान सिग्नल देने में भी इसे इस्तेमाल में लाया जाता है। यह कई कलर ऑप्शंस में आता है और इससे कई किलोमीटर दूर से भी सिग्नल दिया जा सकता है। स्मोक क्रैकर वैसे तो खतरनाक नहीं होता है लेकिन इस से अगर छेड़छाड़ की जाए तो यह खतरनाक भी साबित हो सकता है। देखने में यह किसी ग्रेनेड जैसा लगता है और कई लोग इसका इस्तेमाल फेक कर भी करते हैं। मार्केट में इसकी कीमत ₹500 से लेकर ₹2000 तक होती है। संसद में इसका इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों ने किया है और इस दौरान स्मोक क्रैकर से रंगीन धुआं निकलता देखा गया है।

  • राजस्थान ; BJP ने एक बार फिर से सबको चौंकाया: सारे अनुमान रह गए धरे के धरे, भजनलाल शर्मा बने सीएम

    राजस्थान ; BJP ने एक बार फिर से सबको चौंकाया: सारे अनुमान रह गए धरे के धरे, भजनलाल शर्मा बने सीएम

     

    Rajasthan CM: राजस्थान को नया मुख्यमंत्री मिल गया है. भाजपा ने भजनलाल शर्मा को राज्य की कमान सौंपी है. छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की तरह भाजपा ने राजस्थान में भी सीएम पद के लिए अपने फैसले से सभी को चौंका दिया. यहां भी सियासी पंडितों के सारे अनुमान धरे के धरे रह गए.

    Bhajanlal Sharma: कौन हैं भजन लाल शर्मा, जो बनाए गए राजस्थान के नए मुख्यमंत्री

     

    पार्टी ने सांगानेर सीट से विधायक भजन लाल शर्मा को प्रदेश की कमान सौंपी है. मंगलवार को जयपुर में हुई विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मोहर लगी. 3 दिसंबर को चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से ही राजस्थान में मुख्यमंत्री को लेकर बीजेपी में माथापच्ची चल रही थी.

     

    Who is Bhajanlal Sharma: कौन हैं भजन लाल शर्मा, जो बनाए गए राजस्थान के नए मुख्यमंत्री

    राजस्‍थान के नए सीएम फेस भजन लाल शर्मा

    मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने राजस्थान में भी मुख्यमंत्री के नाम को लेकर चौंकाया है. पार्टी ने सांगानेर सीट से विधायक भजन लाल शर्मा को प्रदेश की कमान सौंपी है. मंगलवार को जयपुर में हुई विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मोहर लगी. 3 दिसंबर को चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद से ही राजस्थान में मुख्यमंत्री को लेकर बीजेपी में माथापच्ची चल रही थी.

     

  • पठानकोट में लगे अभिनेता सनी देओल की गुमशुदगी के पोस्टर

    You are currently viewing Punjab : पठानकोट में लगे अभिनेता सनी देओल की गुमशुदगी के पोस्टर

     पठानकोट में लगे अभिनेता सनी देओल की गुमशुदगी के पोस्टर

    • बॉलीवुड अभिनेता सन्नी देओल की दमदार एक्टिंग की वजह से उनके करोड़ों चाहने वाले है. लेकिन पंजाब में एक फिर उनकी गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए है. यहीं नहीं सन्नी देओल को खोजकर लाने वाले के लिए 50 हजार रुपए का इनाम भी रखा गया है. ये पहली बार नहीं हुआ कि सन्नी देओल के गुदशुदगी के पोस्टर लगे हो. दरअसल, सन्नी देओल गुरदासपुर-पठानकोट लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद है. लोगों का कहना है कि जब से सन्नी देओल सांसद बने है तब से वो दोनों जिलों में दोबारा दिखाई नहीं दिए, ना ही कोई विकास कार्य करवाया है.

    पठानकोट जिले के हलका भोआ के लोगों ने सरना बस स्टैंड पर सन्नी देओल के गुमशुदगी के पोस्टर लगातार रोष जताया. पठानकोट जिले में पहली बार ये गुमशुदगी के पोस्टर नहीं लगे है. इससे पहले जिले के हल्का पठानकोट और सुजानपुर में भी सन्नी देओल के गुमशुदगी के पोस्टर लगाए गए थे. लेकिन इसके बाद भी बीजेपी सांसद ने लोगों का दर्द जानने की कोशिश नहीं की. वो अपने लोकसभा क्षेत्र में कभी नहीं आए. जिसके वजह से रविवार को पठानकोट लोकसभा क्षेत्र में फिर लोगों का गुस्सा देखने को मिला. विरोध कर रहे लोगों ने बस में सफर कर लोगों को पोस्टर बांटे और बसों में भी चिपकाए ताकि उनके सांसद तक उनकी बात पहुंच सके.

  • जानें किस जगह पर हुआ बड़ा आतंकी हमला; 23 लोगों की मौत; बढ़ सकती है मृतकों की संख्या

    जानें किस जगह पर हुआ बड़ा आतंकी हमला; 23 लोगों की मौत; बढ़ सकती है मृतकों की संख्या

     

    पेशावर : पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सेना के ठिकाने और एक पुलिस थाने पर मंगलवार को आतंकवादियों ने जोरदार हमला किया। इस अटैक में 23 लोग मारे गए हैं और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। अभी मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है। इससे पहले खबर थी कि 4 लोग ही मारे गए हैं, लेकिन अब आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। एएफपी न्यूज एजेंसी के मुताबिक मरने वाले ज्यादातर लोग हमले के वक्त सो रहे थे। ये सभी लोग सामान्य कपड़े पहने हुए थे और सेना की ड्रेस में नहीं थे। ऐसे में अभी यह कहना मुश्किल हो रहा है कि हमले में कितने सैनिक मारे गए हैं और कितने आम नागरिक निशाना बने हैं।

    पाकिस्तानी एजेंसियों का कहना है कि इस आतंकी हमले को एक आत्मघाती हमलावर ने कुछ अन्य आतंकियों के साथ मिलकर अंजाम दिया। आत्मघाती हमलावर विस्फोटक से भरी गाड़ी लेकर पुलिस थाने के अंदर चला गया। उसे रोका गया तो फायरिंग शुरू हो गई। इस हमले में आतंकियों ने बमों के अलावा बंदूकों का भी इस्तेमाल किया। इतने बड़े हमले के लिए सेना और पुलिस तैयार नहीं थे। इसलिए बड़ा नुकसान झेलना पड़ गया। आतंकी हमले के तुरंत बाद बड़ी संख्या में सेना को बुलाया गया और उसने पोजिशन लेकर मुठभेड़ शुरू कर दी है।

    यह हमला अफगानिस्तान की सीमा से लगने वाले जिले डेरा इस्माइल खान में हुआ है। फिलहाल पाकिस्तान की सेना की ओर से इस हमले को लेकर कोई बयान नहीं आया है। इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान में सक्रिय आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-जिहाद पाकिस्तान ने ली है। हमला तब हुआ, जब एक विस्फोटक से लदी गाड़ी पुलिस स्टेशन के गेट से आकर टकरा गई। इसके बाद कुछ आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी और मुठभेड़ शुरू हो गई।

  • संघ के करीबी है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने वाले मोहन यादव

    संघ के करीबी है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने वाले मोहन यादव

     

    मोहन यादव ने 1982 में राजनीति में कदम रखा था. वह माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह सचिव चुने गए थे. विधानसभा चुनाव में उन्हें पहली बार 2013 में मौका मिला था. इसके बाद वह 2018 में भी चुनाव जीते थे. डॉ. मोहन शिवराज सिंंह सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री भी रह चुके हैं.

     

    Who is Mohan Yadav: संघ के करीबी, 2013 में बने विधायक अब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने मोहन यादव

    मध्‍य प्रदेश के नए सीएम मोहन यादव

    मध्य प्रदेश के नए सीएम बने मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं. वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के करीबी हैं. शिवराज सिंह सरकार में वह उच्च शिक्षा मंत्री का पद भी संभाल चुके हैं. वह उज्जैन दक्षिण से लगातार जीतने वाले पहले नेता हैं. मोहन यादव पहली बार 2013 में विधायक बने थे. इस बार चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार से तकरीबन 12941 मतों से जीत हासिल की थी.

    डॉ. मोहन यादव ने 1982 में राजनीति में कदम रखा था. वह माधव विज्ञान महाविद्यालय छात्रसंघ के सह सचिव चुने गए थे. इसके बाद 1984 में उन्हें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद उज्जैन का नगर मंत्री बनाया गया था. यहां उनके बढ़िया कामकाज का इनाम मिला और 1986 में उन्हें संगठन का विभाग प्रमुख और इसके दो साल बाद ही एबीवीपी की मध्य प्रदेश इकाई में उन्हें सहमंत्री और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य का दायित्व दिया गया था.

    शिवराज सरकार में थे कैबिनेट मंत्री, उज्जैन संभाग के बड़े नेता

    डॉ. मोहन यादव को 2020 में शिवराज सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया था. यहां उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्रालय संभाला था. डॉ. यादव को सीएम बनाने के पीछे उज्जैन संभाग पर उनकी पकड़ और यहां कराया गया उनका कामकाज रहा. दरअसल मोहन यादव उज्जैन संभाग के बड़े नेता माने जाते हैं. वह लगातार यहां सक्रिय रहे. यहां कराए गए विकास कार्यों को लेकर उन्हें कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं.

    उज्जैन के विकास के लिए मिल चुका है पुरस्कार

    डॉ. मोहन यादव को उज्जैन के समग्र विकास के लिए अप्रवासी भारतीय संगठन शिकागो की ओर से डॉ. मोहन यादव को महात्मा गांधी पुरस्कार और इंस्कॉन इंटरनेशनल फाउंडेशन द्वारा सम्मानित किया जा चुका है. इसके अलावा मध्य प्रदेश में पर्यटन के निंतर विकास के लिए उन्हें 2011 से 2012 और 2013 से 2013 में लगातार दो बार राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार दिया गया.

  • किसानों ने मुंबई-आगरा हाईवे किया जाम , खुद शरद पवार भी विरोध-प्रदर्शन में हुए शामिल

     किसानों ने मुंबई-आगरा हाईवे किया जाम , खुद शरद पवार भी विरोध-प्रदर्शन में हुए शामिल

     

    नासिक : राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार प्याज निर्यात पर केंद्र के प्रतिबंध के विरोध में आयोजित किसानों के प्रदर्शन में शामिल हुए। 83 वर्षीय पवार कई पार्टी नेताओं के साथ दोपहर में चंदवाड शहर में प्याज उत्पादकों के विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए, जिसमें हजारों स्थानीय किसानों ने भाग लिया। चार साल में यह पहली बार है कि राज्यसभा सदस्य पवार किसी आम सार्वजनिक मुद्दे के लिए सीधे मैदान में आंदोलन में भाग लिया।

    पिछले कुछ महीनों से, स्थानीय बाजारों में प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र द्वारा 31 मार्च 2024 तक प्याज के निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे हैं। नासिक और अन्य हिस्सों में किसान निर्यात प्रतिबंध को वापस लेने की मांग को लेकर पिछले कुछ महीनों से एपीएमसी में हड़ताल के साथ नियमित विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

    विभिन्न दलों के राजनेताओं ने कहा है कि मानसून में असमान बारिश के साथ सूखे जैसी स्थिति और हाल ही में बेमौसम बारिश/ओलावृष्टि से सर्दियों में फसलें बर्बाद होने के मद्देनजर निर्यात प्रतिबंध दोहरी मार साबित हुआ है।

    नवंबर 2019 में, भाजपा के देवेंद्र फडणवीस के मुख्यमंत्री और अलग हुए नेता के रूप में शपथ ग्रहण समारोह के बाद, अनुभवी मराठा (तत्कालीन) नवगठित महा विकास अघाड़ी (एमवीए) को बचाने के बेताब प्रयासों में पूरी ताकत से कूद पड़े थे। उस समय भी अजित पवार उपमुख्यमंत्री बने थे, हालाँकि दो-सदस्यीय सरकार बमुश्किल 80 घंटे ही चल सकी थी।

  • संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में TMC सांसद महुआ मोइत्रा लोकसभा से निष्कासित, कैश फॉर क्वेरी मामले में हुई कार्रवाई

    संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में TMC सांसद महुआ मोइत्रा लोकसभा से निष्कासित, कैश फॉर क्वेरी मामले में हुई कार्रवाई

     

    नई दिल्ली : संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को एथिक्स कमेटी की सिफारिश के आधार पर लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया।

    शुक्रवार को दोपहर बाद 2 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने एथिक्स कमेटी की सिफारिशों को सदन से स्वीकार करने का आग्रह किया। विपक्षी सांसदों द्वारा एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट न मिलने की बात कही गई।

    इस बीच लोक सभा स्पीकर ओम बिरला ने सभी सांसदों से कहा कि सदन में आज जिस पर विचार हो रहा है और संसदीय कार्य मंत्री ने जो प्रस्ताव सदन में रखा है, वह हम सबके लिए पीड़ादायक है। लेकिन, कई बार ऐसे अवसर आते हैं, जब इस सभा को अपने प्रति और राष्ट्र के प्रति कर्तव्य के निर्वहन के लिए उचित निर्णय लेने होते हैं। संसदीय लोकतंत्र नियमों और उच्च मर्यादाओं से चलता है और हमारे लोकतंत्र और सदन की गरिमा एवं मर्यादा को बनाए रखने का दायित्व इस सदन के सभी सदस्य का सामूहिक दायित्व है।

    उन्होंने कहा कि सदन की मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्य ऐसे सिद्धांत हैं, जिनके साथ किसी भी प्रकार का कोई भी समझौता नहीं किया जा सकता है, ऐसे में हमारा दायित्व बनता है कि हम ईमानदारी और निष्ठा से इन सिद्धांतों की रक्षा के लिए अपने दायित्व का निर्वहन करें।

    एथिक्स कमेटी के अध्यक्ष विनोद सोनकर द्वारा शुक्रवार को लोक सभा में पेश किए गए रिपोर्ट में महुआ मोइत्रा के आचरण को आपत्तिजनक, अनैतिक, जघन्य और आपराधिक बताते हुए एथिक्स कमेटी ने उन्हें कड़ी सजा देने की मांग करते हुए लोक सभा की सदस्यता से निष्कासित करने की सिफारिश की है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में भारत सरकार द्वारा समयबद्ध तरीके से इस पूरे मामले की गहन, कानूनी और संस्थागत जांच की सिफारिश भी की है।

    लोकसभा ने चर्चा के बाद ध्वनिमत से महुआ मोइत्रा को लोक सभा से निष्कासित करने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही को 11 दिसंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

  • प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर कसा तंज; कहा- 70 साल की आदत इतनी आसानी से नहीं जाएगी

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर कसा तंज; कहा- 70 साल की आदत इतनी आसानी से नहीं जाएगी

     

    नई दिल्ली -प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद मंगलवार को “भाजपा विरोधी ताकतों” पर कटाक्ष किया और लोगों को उनके “विभाजनकारी” एजेंडे के प्रति आगाह करते हुए कहा कि “70 साल की पुरानी आदत इतनी आसानी से नहीं जा सकती”। एक्स पर एक पोस्ट में, प्रधानमंत्री ने एक समाचार क्लिप पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘वे अपने अहंकार, झूठ, निराशावाद और अज्ञानता से खुश हो सकते हैं। लेकिन.. उनके विभाजनकारी एजेंडे से सावधान रहें। 70 साल की पुरानी आदत इतनी आसानी से नहीं जाएगी। साथ ही, इनको आगे कई और झटकों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।”

    वीडियो क्लिप में, समाचार एंकर को मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़, तीन हिंदी भाषी राज्यों, जहां नवंबर में चुनाव हुए थे, में कांग्रेस की हार के बाद अज्ञात “भाजपा विरोधी ताकतों” की हार पर टिप्पणी करते हुए सुना जा सकता है। उनकी यह टिप्पणी रविवार को भाजपा द्वारा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को करारी शिकस्त देने के बाद आई है।

    राजस्थान में भाजपा ने 199 में से 115 सीटें जीतकर कांग्रेस से सत्ता छीन ली, जबकि सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस 69 सीटों पर सिमट गई। छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 35 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा ने 54 सीटें जीतीं। मध्य प्रदेश में, भाजपा ने 230 में से 163 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस 66 सीटें जीतने में सफल रही।

  • संसद का स्त्र शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने शुरू किया जोरदार हंगामा, प्लेकार्ड लेकर पहुंचे बसपा के दानिश अली

    संसद का स्त्र शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने शुरू किया जोरदार हंगामा, प्लेकार्ड लेकर पहुंचे बसपा के दानिश अली

     

     

    संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत हो चुकी है. सत्र के शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया. बसपा सांसद दानिश अली सदन में प्लेकार्ड लेकर पहुंचे, जिसपर सत्ता पक्ष के सांसद भड़क गए. स्पीकर ओम बिरला भी नाराज दिखे.

     

     

    Parliament Winter Session: सत्र शुरू होते ही विपक्षी सांसदों का जोरदार हंगामा, प्लेकार्ड लेकर पहुंचे दानिश अली

    संसद में विपक्षी सांसदों ने किया हंगामा

    संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत सोमवार को हुई. सत्र की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया. बसपा सांसद दानिश अली सदन में प्लेकार्ड लेकर पहुंचे, जिसका सत्ता पक्ष के सांसदों ने विरोध किया. स्पीकर ओम बिरला भी काफी नाराज दिखे. हंगामा बढ़ते देख उन्होंने कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.

  • अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे कानून होंगे रिप्लेस, संसद के इस शीतकालीन सत्र में पेश होंगे 19 बिल

    अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे कानून होंगे रिप्लेस, संसद के इस शीतकालीन सत्र में पेश होंगे 19 बिल

     

    संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से शुरू हो रहा है. सत्र 22 दिसंबर तक चलेगा और इस दरमियान 15 बैठकें होंगी. इससे पहले आज केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई और सत्र को सुचारू रूप से चलाने और पेश किए जाने वाले संभावित विधेयकों पर चर्चा की.

    संसद के शीतकालीन सत्र से पहले केंद्र सरकार ने आज सर्वदलीय बैठक की है. बैठक संसदीय मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी की अगुवाई में हुई. उन्होंने तमाम दलों के प्रतिनिधियों के साथ सत्र को सुचारू रूप से चलाने और सत्र के तमाम एजेंडे पर चर्चा की. शीतकालीन सत्र के दौरान 15 बैठकें होंगी और 4-22 दिसंबर तक सत्र चलेगा. संसद में कुल 37 विधेयक पेंडिंग हैं, जिनमें 19 विधेयकों को इस सत्र में पेश किया जाना है.

    संसद में पेंडिंग 37 विधेयकों में 12 विधेयकों पर विचार किया जाना है और पास किया जाना है. इनके अलावा तीन विधेयक इंडियन पीनल कोड, कोड ऑफ क्रिमिनल प्रोसीजर और एविडेंस एक्ट को पेश किया जाना है, जो औपनिवेशक युग के क्रिमिनल कानूनों को रिप्लेस करेगा. ये तीनों विधेयक प्रस्तावित हैं. आज की मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्षी दलों से कहा कि वे सत्र को सुचारू रुप से चलाने पर विचार करें.

    17वीं लोकसभा का आकिरी सत्र, 19 विधेयक होंगे पेश

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार भी अपनी सफलता पर संसद में चर्चा करेगी. केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बताया कि 19 विधेयकों को इस सत्र में पेश किए जाने का प्लान है. उन्होंने बताया कि यह 17वीं लोकसभा का आखिरी सत्र होगा, जहां पिछले पांच साल के मोदी सरकार के कामों पर चर्चा होगी. लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी एक बुलेटिन में कहा गया है कि सरकार एक विधेयक पेश कर सकती है जिससे जम्मू कश्मीर और पुदुचेरी में महिला कोटा को बढ़ाने का प्रावधान किया जाएगा.

    संसद के शीतकालीन सत्र में इन विधयकों पर होगी चर्चा

    • भारतीय न्याय संहिता, 2023, लोकसभा में पेश किया गया एक प्रस्तावित विधेयक है. अगर यह विधेयक पास होता है तो यह मौजूदा भारतीय दंड संहिता, 1860 की जगह लेगा.
    • भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 का उद्देश्य आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 को रिप्लेस किया जाएगा.
    • भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 को निरस्त करने और रिप्लेस करने के लिए भारतीय साक्ष्य विधेयक को 11 अगस्त, 2023 को लोकसभा में पेश किया गया था.
    • मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) विधेयक, 2023
    • जम्मू और कश्मीर – पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2023 (जम्मू और कश्मीर की विधान सभा में महिलाओं के लिए सीटों की कुल संख्या में से 1/3 का आरक्षण प्रदान करना)
    • केंद्रीय विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2023 (तेलंगाना में)
    • डाकघर विधेयक, 2023
    • निरसन और संशोधन विधेयक, 2023