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  • मानसून सत्र के संसद में   विपक्ष का हंगामा, राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए हुई स्थगित

     मानसून सत्र के संसद में   विपक्ष का हंगामा, राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन के लिए हुई स्थगित

    संसद के मानसून सत्र का चौथा दिन भी हंगामेदार रहा। मानसून सत्र के चौथे दिन विपक्षी दलों के सांसदों ने दोनों सदनों में हंगामा किया। जिसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही को कल 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है।

    संसद के मानसून सत्र का चौथा दिन भी हंगामेदार रहा। मानसून सत्र के चौथे दिन विपक्षी दलों के सांसदों ने दोनों सदनों में हंगामा किया। जिसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही को कल 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद में सरकार की रणनीति पर चर्चा करने के लिए शीर्ष मंत्रियों से मुलाकात की। बैठक में उपस्थित लोगों में केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अनुराग ठाकुर, किरेन रिजिजू शामिल हैं। जिसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रतिशोध की राजनीति में धधकते हुए प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार ना कांग्रेस को ना प्रजातंत्र को डरा पाई है ना डरा पाएगी।

     

  • जेल में नवजोत सिंह सिद्धू को हुई यह तकलीफ…

    जेल में नवजोत सिंह सिद्धू को हुई यह तकलीफ…

    जेल में नवजोत सिंह सिद्धू को जोड़ों में दर्द की शिकायत, डॉक्टर की सलाह में सोने के लिए मिला लकड़ी का बिस्तर

     

    जेल में नवजोत सिद्धू ने घुटने के जोड़ों में तेज दर्द की शिकायत की है। शिकायत के बाद एक ऑर्थोपेडिक सर्जन ने जेल में सिद्धू की जांच की। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हे जमीन पर न सोने की सलाह दी है।

    पटियाला सेंट्रल जेल में बंद कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू ने घुटने के जोड़ों में तेज दर्द की शिकायत की है। शिकायत के बाद एक ऑर्थोपेडिक सर्जन ने जेल में सिद्धू की जांच की। जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हे जमीन पर न सोने की सलाह दी है। जिसके बाद जेल प्रशासन ने सिद्धू के लिए लकड़ी के बिस्तर की व्यवस्था की है।

    1988 के रोड रेज मामले में नवजोत सिंह सिद्धू एक साल की जेल की सजा काट रहे हैं। पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कथित तौर पर जोड़ों के दर्द के कारण नियमित काम करने में असमर्थ हैं। यह पता चला है कि सिद्धू को जमीन पर सोना पड़ता है और अपने 123 किलो वजन को देखते हुए उनके लिए उठना मुश्किल हो जाता है। सिद्धू की टॉयलेट सीट भी उनकी हाइट और वजन के लिए कम बताई गई है।

    जांच के बाद डॉक्टर ने सिद्धू को वजन कम करने की सलाह दी थी। उन्हें घुटने को मजबूत करने वाले व्यायाम- क्वाड्रिसेप्स और हैमस्ट्रिंग एक्सरसाइज की सलाह दी गई है। साथ ही सिद्धू को फर्श पर नहीं बल्कि बिस्तर पर सोने की सलाह दी गई है। उन्हें चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने उपचार के उपाय नहीं किए तो उनके जोड़ों में दर्द और बढ़ जाएगा।

    डॉक्टरों ने सिद्धू को पेन किलर और जोड़ों के दर्द ठीक करने के लिए दवाएं दी हैं। डॉक्टर की सलाह के बाद जेल प्रशासन ने सिद्धू को लकड़ी की चारपाई दी है।

  • उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो रहे मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता का निधन, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो रहे मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता का निधन, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस

    मेदांता अस्पताल की तरफ से आधिकारिक तौर पर अभी तक उनके स्वास्थ्य के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। हालांकि, कुछ देर पहले ही मुलायम सिंह यादव अपनी पत्नी से मिलकर अस्पताल से गए हैं।

    मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता का निधन, गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में ली अंतिम सांस
    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो रहे मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता का शनिवार को निधन हो गया। बताया जा रहा है कि साधना गुप्ता कुछ समय से बीमार चल रही थीं और उन्हें हाल ही में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आज उन्होंने अंतिम सांस ली।

    मेदांता अस्पताल की तरफ से आधिकारिक तौर पर अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है। कुछ देर पहले मुलायम सिंह यादव अपनी पत्नी से मिलकर अस्पताल से गए हैं।

    बता दें कि, साधना गुप्ता सपा नेता मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी और सपा सुप्रीमो अखिलेश की साधना यादव सौतेली मां हैं। साधना के अपने बेटे का नाम प्रतीक यादव है और उनकी बहू अपर्णा यादव हैं। अपनी बेबाक बयानी के लिए प्रसिद्ध अपर्णा यादव भाजपा की नेता हैं। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 से पहले ही अपर्णा यादव ने सपा को छोड़ भाजपा में शामिल हो गई थीं।

     

  • पंजाब सरकार का होने जा रहा कैबिनेट विस्तार, अब यह 5 चेहरे हो सकते हैं शामिल

    पंजाब सरकार का होने जा रहा कैबिनेट विस्तार, अब यह 5 चेहरे हो सकते हैं शामिल

    पंजाब सरकार का होने जा रहा कैबिनेट विस्तार, अब यह 5 चेहरे हो सकते हैं शामिल

    Punjab Govt Cabinet Expansion: पंजाब में भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही आम आदमी पार्टी की सरकार में सोमवार को 5 नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है. कैबिनेट विस्तार से सीएम सहित मंत्रियों की संख्या 15 हो जाएगी.

    पंजाब (Punjab) में कल (सोमवार को) कैबिनेट विस्तार (Cabinet Expansion) होने जा रहा है, जिसमें पंजाब सरकार (Punjab Govt) 5 विधायकों को मंत्री बनाकर जल्द ही मंत्रिमंडल (Cabinet) का हिस्सा बनाने जा रही है. माना जा रहा है कि और मंत्रियों के शामिल होने से पंजाब मंत्रिमंडल में मंत्रियों की संख्या मुख्यमंत्री सहित 15 तक पहुंच जाएगी. इस साल हुए विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद और राज्य में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) की सरकार बनने के बाद, भगवंत मान (Bhagwant Mann) के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में 10 विधायकों को मंत्री के रूप में शामिल किया गया था.

    भगवंत मान सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार

    पंजाब की भगवंत मान सरकार का मंत्रिमंडल विस्तार होगा. सूत्रों के मुताबिक, ये पांच विधायक सोमवार को शपथ लेंगे. सूत्रों के मुताबिक, ये 5 विधायक मंत्री बन सकते हैं.

    1. डॉ इंदरबीर सिंह निज्जर, अमृतसर दक्षिण से विधायक

    2. अमन अरोड़ा, संगरूर की सुनाम सीट से दूसरी बार के विधायक

    3. फौजा सिंह सरारी, गुरु हर सहाय से विधायक

    4. चेतन सिंह जोड़ामाजरा, समाना, पटियाला से विधायक

    5. अनमोल गगन मान, खरड़ से विधायक

    अभी पंजाब कैबिनेट में हैं 9 मंत्री

    बता दें कि मई महीने में स्वास्थ्य मंत्री विजय सिंगला को भ्रष्टाचार के आरोप में राज्य मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया था. इसके बाद से स्वास्थ्य विभाग सीएम भगवंत मान के पास है. अब सोमवार यानी 4 जुलाई की शाम 5 बजे भगवंत मान कैबिनेट का विस्तार होगा. अब कैबिनेट की संख्या मुख्यमंत्री समेत 15 हो जाएगी. कैबिनेट में कुल 18 मंत्रियों की क्षमता है. वर्तमान में पंजाब कैबिनेट में 9 मंत्री हैं.

    किसके पास हैं कौन से मंत्रालय

    मुख्यमंत्री भगवंत मान: गृह विभाग एवं न्याय, विजिलेंस, प्रशासनिक सुधार, नागरिक उड्डयन, सामान्य प्रशासन, कार्मिक, आवास और शहरी विकास, स्थानीय निकाय, उद्योग एवं वाणिज्य, कृषि एवं कृषक कल्याण, बागबानी, जल एवं भू संरक्षण, खाद्य प्रसंस्करण, इनवेस्टमेंट प्रमोशन, विज्ञान तकनीक और पर्यावरण, संसदीय मामले, चुनाव, शिकायत निवारण, स्वतंत्रता सेनानी, तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक प्रशिक्षण, रोजगार उत्पत्ति एवं प्रशिक्षण, श्रम, प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी, डिफेंस सर्विसेज वेलफेयर, गवर्नेंस रिफॉर्म, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत, सूचना एवं जनसंपर्क और स्वास्थ्य विभाग है.

    हरपाल चीमा: वित्त, योजना, कार्यक्रम कार्यान्वयन, आबकारी एवं कराधान और सहकारिता.

    गुरमीत सिंह मीत हेयर: स्कूली शिक्षा, खेल एवं युवा मामले, उच्च शिक्षा.

    डॉ. बलजीत कौर: सामाजिक न्याय, आधिकारिता एवं अल्पसंख्यक, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास.

    हरभजन सिंह ईटीओ: बिजली, लोक निर्माण विभाग.

    लालचंद: खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले, वन, वन्य जीव.

    कुलदीप सिंह धालीवाल: ग्रामीण विकास एवं पंचायतें, पशु पालन, मछली पालन व डेयरी विकास, एनआरआई मामले.

    लालजीत सिंह भुल्लर: परिवहन, आतिथ्य.

    ब्रह्म शंकर जिंपा: राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन, जल स्रोत, जलापूर्ति एवं स्वच्छता विभाग.

    हरजोत सिंह बैंस: विधि एवं विधायी मामले, खनन एवं भूविज्ञान, पर्यटन एवं संस्कृति मामले, जेल विभाग.

  • भगवान राम ने पूरी कर दी मन्नत,नाचते हुए अयोध्या पहुंचे सीएम एकनाथ शिंदे ,भक्तों ने लगाये रामलला के जयकारे … 

    भगवान राम ने पूरी कर दी मन्नत,नाचते हुए अयोध्या पहुंचे सीएम एकनाथ शिंदे ,भक्तों ने लगाये रामलला के जयकारे …

     

    महाराष्ट्र में सीएम एकनाथ शिंदे के समर्थक अयोध्या में रामलला की जयजयकार कर रहे हैं। पिछले दिनों आदित्य ठाकरे के साथ अयोध्या आए समर्थकों का कहना है कि उन्होंने शिंदे के सीएम बनने की मन्नत मांगी थी।

      अयोध्या पहुंचे सीएम एकनाथ शिंदे के भक्तों ने की रामलला की जय-जयकार, कहा- भगवान राम ने पूरी कर दी मन्नत
    प्रभुभक्तों का मानना है कि रामलला अपने दरबार आए किसी भक्त को खाली हाथ नहीं लौटाते। यही वजह है कि महाराष्ट्र के नए सीएम एकनाथ शिंदे के समर्थक लगातार रामलला के दरबार पहुंच रहे हैं और उनके दर्शन कर रहे हैं। यही नहीं, एकनाथ शिंदे के समर्थक पटाखे फोड़ रहे हैं और रामलला की जयजयकार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये वही समर्थक हैं जो पिछले दिनों आदित्य ठाकरे के साथ अयोध्या आए थे। इनका कहना है कि जब वो आदित्य ठाकरे के साथ अयोध्या आए थे तो उन्होंने रामलला से मन्नत मांगी थी कि एकनाथ शिंदे सीएम बन जाते हैं तो वो दोबारा रामलला के दर्शनों को लिए अयोध्या आएंगे।

    इनका कहना है कि रामलला ने इनकी मन्नत पूरी कर दी है इसलिए वो दोबारा रामलला के दर्शनों के लिए आए हैं। अयोध्या पहुंचे एकनाथ शिंदे के समर्थकों के मुताबिक जैसे ही एकनाथ शिंदे के लिए सीएम पद का ऐलान हुआ तो उसी रात वो अयोध्या के लिए निकल पड़े। उनका कहना है कि जल्द ही एकनाथ शिंदे भी अयोध्या आएंगे और रामलला के साथ-साथ साधू संतों का आशीर्वाद लेंगे।

    एकनाश शिंदे के समर्थक नितिन वाडेकर ने कहा कि पूरा हिंदू समाज ये चाहता था कि एकनाथ शिंदे सीए बने। बाला साहेब ठाकरे का आशीर्वाद उनके साथ है इसलिए वो महाराष्ट्र के सीएम बने हैं। यही नहीं, रामलला ने भी एकनाथ शिंदे को सीएम बनने का आशीर्वाद दिया है। इसलिए हम लोग यहां आकर दर्शन पूजन कर खुशियां मना रहे हैं।

    खाकी अखाड़ा के महंत परशुराम दास ने कहा कि आठ से दस दिन पहले ही मैने एकनाथ शिंदे से कहा था कि आप सीएम बनने जा रहे हैं और अब एकनाथ शिंदे कुछ ही दिनों में रामलला के दर्शनों के लिए अयोध्या आएंगे।

  • फडणवीस के डिप्टी बनने पर उद्धव ठाकरे कसा  तंज कहा; अमित शाह मान जाते तो भाजपा का आज सीएम होता..

     फडणवीस के डिप्टी बनने पर उद्धव ठाकरे कसा तंज कहा; अमित शाह मान जाते तो भाजपा का आज सीएम होता..

     

     

    Uddhav Thackeray News: उद्धव ठाकरे ने कहा कि एकनाथ शिंदे शिवेसना के मुख्यमंत्री नहीं हैं। यही नहीं मैं तो कहूंगा कि मतदाताओं को अधिकार होना चाहिए कि वह जरूरत पड़ने पर उन लोगों को वापस बुला सके।

    अमित शाह मान जाते तो भाजपा का आज सीएम होता, फडणवीस के डिप्टी बनने पर उद्धव ठाकरे का तंज
    शिवसेना के ही बागी नेता एकनाथ शिंदे के महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार उद्धव ठाकरे का बयान सामने आया है। उन्होंने शुक्रवार को शिवसेना भवन पहुंचकर मराठी कार्ड खेला और पार्टी पर दावा ठोका। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे शिवेसना के मुख्यमंत्री नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से प्रदेश में सत्ता का खेल खेला गया है, उससे लोकतंत्र का मजाक बना है। उन्होंने कहा कि मैं तो कहूंगा कि मतदाताओं को अधिकार होना चाहिए कि वह जरूरत पड़ने पर उन लोगों को वापस बुला सके, जिन्हें वोट दिया है।
    उन्होंने कहा कि भले ही सत्ता के लिए कुछ लोगों ने बड़ा खेल कर दिया, लेकिन मेरे दिल से वे लोग महाराष्ट्र को नहीं निकाल सकते। यहां तो लोकतंत्र का मजाक उड़ाया जा रहा है। सत्ता में आते ही इन लोगों ने आरे के फैसले को पलट दिया गया। उन्होंने कहा कि मुंबई के पर्यावरण से छेड़छाड़ न की जाए। मैं इन लोगों से अपील करता हूं कि महाराष्ट्र को बर्बाद न करें। मुझे सीएम की कुर्सी जाने का दुख नहीं है, लेकिन मेरी पीठ में खंजर भोंका गया है। यदि भाजपा हमारे साथ आती तो कम से कम ढाई साल तक तो उनका मुख्यमंत्री रहता, लेकिन अब उन्हें क्या मिल गया है। उन्होंने कहा कि अगर अमित शाह ने मुझसे किया अपना वादा पूरा किया होता तो अब महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री होता।

    इस तरह उद्धव ठाकरे ने इशारों में ही देवेंद्र फडणवीस के डिप्टी सीएम बनने पर तंज कस दिया। दरअसल 2019 में भाजपा और शिवसेना के बीच इसी बात पर मतभेद हो गए थे। तब शिवसेना का कहना था कि भाजपा ने उनसे ढाई-ढाई साल के सीएम का वादा किया था, जिस पर उसे अमल करना चाहिए। वहीं देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे ने ऐसे किसी भी वादे से इनकार किया था। अब इसी को लेकर शायद उद्धव ठाकरे ने तंज कसा है कि एकनाथ शिंदे को सीएम बनाने से भाजपा को क्या मिल गया।

    रातोंरात नहीं हुआ खेल, लंबे वक्त से थी प्लानिंग

    यही नहीं एक बार फिर से मराठी कार्ड खेलते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘मैं प्रदेश की जनता और शिवसैनिकों से कहना चाहूंगा कि उनसे कभी गद्दारी नहीं करूंगा। आप लोगों से जो प्यार मिला है, उसे भुला नहीं सकता। सत्ता तो आती और जाती रहती है। उन्होंने कहा कि एकनाथ शिंदे और बागी विधायकों से हमने बात की, लेकिन वे माने नहीं। साफ है कि यह घटना रातों रात की नहीं थी बल्कि लंबे वक्त से यह खेल चल रहा था।’

  • पंजाब में आज से हर घर को मिलेगी 300 यूनिट फ्री बिजली,

    भगवंत मान बोले- वादा पूरा कर रही AAP की सरकार,पंजाब में आज से हर घर को मिलेगी 300 यूनिट फ्री बिजली..

     

     

    वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 27 जून को आप-सरकार का पहला बजट पेश करते हुए कहा था कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने से सरकारी खजाने पर 1,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

    पंजाब में आज से हर घर को मिलेगी 300 यूनिट फ्री बिजली, भगवंत मान बोले- वादा पूरा कर रही AAP की सरकार
    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के लोगों को दी गई ‘गारंटी’ को पूरा कर रही है। शुक्रवार से हर घर को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी। आप सरकार ने इससे पहले एक जुलाई से हर घर को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा की थी।उन्होंने कहा, ‘पिछली सरकारें चुनावों के दौरान वादे करती थीं। वादे पूरे होते-होते पांच साल बीत जाते थे लेकिन हमारी सरकार ने पंजाब के इतिहास में एक नई मिसाल कायम की है। आज हम पंजाबियों को दी गई एक और गारंटी को पूरा करने जा रहे हैं। आज से पंजाब के हर परिवार को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिलेगी।’

    2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों के दौरान आम आदमी पार्टी द्वारा किए गए प्रमुख वादों में से एक था, हर महीने हर घर में 300 यूनिट मुफ्त बिजली देना।

    आप नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि पंजाब लोगों को मुफ्त बिजली मुहैया कराने वाला दिल्ली के बाद दूसरा राज्य बन गया है। उन्होंने कहा, “आज एक ऐतिहासिक दिन है क्योंकि पंजाब दिल्ली के बाद जीवन रेखा बिजली मुफ्त पाने वाला दूसरा राज्य बन गया है। पंजाबियों के लिए ‘केजरीवाल दी पहली गारंटी’ हकीकत बन गई है।

    वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने 27 जून को आप-सरकार का पहला बजट पेश करते हुए कहा था कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने से सरकारी खजाने पर 1,800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

    चीमा ने कहा था, “आप सरकार 1 जुलाई से पंजाब के सभी नागरिकों को प्रति माह 300 यूनिट घरेलू बिजली आपूर्ति मुफ्त प्रदान करके पंजाब के लोगों को दी गई अपनी पहली गारंटी को पूरा कर रही है। इससे पंजाबियों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अत्यधिक बिजली बिल के संकट से जूझ रहे हैं।”

  • एकनाथ शिंदे निकले खिलाड़ी, संकट में शरद पवार ने भी मानी हार; बोले सत्ता से बाहर संघर्ष को रहो तैयार

    एकनाथ शिंदे निकले खिलाड़ी, संकट में शरद पवार ने भी मानी हार; बोले सत्ता से बाहर संघर्ष को रहो तैयार

     

     

    एनसीपी की खास बैठक आयोजित हुई। इस दौरान प्रमुख शरद पवार ने भी कहा है कि सत्ता जाने के बाद आगे के संघर्ष के लिए तैयार रहें। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का साथ दने की बात कही है।

    एकनाथ शिंदे निकले खिलाड़ी, संकट में शरद पवार ने भी मानी हार; बोले सत्ता से बाहर संघर्ष को रहो तैयार
    संख्या से लेकर सहयोग तक महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। गुरुवार को हुई पार्टी की अहम बैठक में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने सत्ता जाने के संकेत दिए हैं। वहीं, शिवसेना की मीटिंग में भी महज 12 विधायकों ने ही उपस्थिति दर्ज कराई। इधर, असम के गुवाहाटी में ठहरे एकनाथ शिंदे खेमे का संख्या बल लगातार बढ़ना जारी है। खबर है कि उनके पक्ष में 49 विधायक खड़े हो गए हैं। इनमें शिवसेना के 42 और 7 निर्दलीय MLA शामिल हैं।

    गुरुवार को एनसीपी की खास बैठक आयोजित हुई। इस दौरान प्रमुख शरद पवार ने भी कहा है कि सत्ता जाने के बाद आगे के संघर्ष के लिए तैयार रहें। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का साथ दने की बात कही है। सुप्रीमो पवार के आवास पर हुई इस चर्चा में उप मुख्यमंत्री अजित पवार, राज्य के गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल, मंत्री जयंत पाटील, जितेंद्र अव्हाड, नेता सुनील ततकारे मौजूद रहे।

     

    टूटने की कगार पर शिवसेना!
    विधायकों की बगावत से जूझ रही शिवसेना ने भी आज मीटिंग बुलाई थी। खास बात है कि इस बैठक में पार्टी के केवल 12 ही विधायक पहुंचे। हालांकि, आदित्य ठाकरे को अगर मिलाएं, तो पार्टी के पास 13 विधायक हैं, लेकिन वह बैठक से अनुपस्थित रहे थे और मातोश्री में मौजूद थे। इधर, पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय राउत लगातार दावा कर रहे थे कि उनके संपर्क में 20 विधायक हैं।

    कांग्रेस और NCP में भी तनाव!
    राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन महाविकास अघाड़ी में शामिल कांग्रेस ने भी सीएम ठाकरे के फैसलों पर भरोसा जताया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने ट्वीट किया, ‘महाविकास अघाड़ी में मुख्यमंत्री पद के संबंध में जो फैसला उद्धव ठाकरे लेंगे, उसमें कांग्रेस उनका साथ देगी।’

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस और राकंपा के बीच भी सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पटोले ने आरोप लगाए हैं कि उप मुख्यमंत्री अजित पवार की तरफ से कांग्रेस को परेशान किया जाता है। साथ ही उन्होंने दावा किया है कि उनकी पार्टी विपक्ष में बैठने के लिए तैयार है।

  • सिद्धू मूसेवाला का एसवाईएल विवाद पर गाया एक ओर गाना आज होगा रिलीज, फैंस की बढ़ी धड़कनें

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    Another song sung by Sidhu Musewala on SYL controversy will be released today

    सिद्धू मूसेवाला का एसवाईएल विवाद पर गाया एक ओर गाना आज होगा रिलीज, फैंस की बढ़ी धड़कनें

     

    पानीपतः पंजाबी गायक व कांग्रेसी नेता सिद्धू मूसेवाला बेशक इस दुनिया को अलविदा कह गए, लेकिन उनके गाने आज भी लोगों के दिलों की धड़कन तेज करते हैं। ऐसा ही मूसेवाला का एक और गाना एसवाईएल विवाद पर आज शाम 6 बजे रिलीज होगा। सिद्धू के वैरिफाइड सोशल मीडिया अकाउंट पर बीती रात एक पोस्ट डाली गई। जिसे पढ़कर उनके फैंस में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। इस गाने में सिद्धू मूसेवाला ने कई अहम मुद्दों को उठाया है। गाने में क्या खास विशेषताएं हैं, यह रिलीज होने के बाद ही पता चल पाएगा।

    बता दें कि सिद्धू मूसेवाला की 29 मई को पंजाब के गांव मानसा में दिनदहाड़े गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। उनकी मौत के बाद परिवार द्वारा आत्मा की शांति के लिए अरदास रखवाई गई, जिसमें आए लोगों के साथ पिता ने अपने दिल की अनेक बातें कीं। पिता ने कहा था कि वे वादा करते हैं कि अगले 5-7 साल और अपने बेटे को गानों के माध्यम से आप सभी के बीच जिंदा रखेंगे। उन्होंने बताया था कि सिद्धू के कई गाने रिलीज होने की स्टेज पर हैं। कई गाने सिद्धू लिख चुका था। जो गाने पाइपलाइन में होंगे, सभी रिलीज करेंगे। ओह कलम नी रुकनी, नित नवा हुन गाना आऊं… जे ना तल्ले तान फिर मुड़ बलविंदर जटाना आऊं। फेर पुत्त बेगाने जेहरा च देखा ला हू दिंदे… ओन्हा चेर पानी शडो, टूपका नी देहंदे।

    जिक्रयोग्य है कि इससे पहले सिद्धू का एक और गाना काफी फेमस हुआ था, जिसके रिलीज होने के कुछ ही हफ्तों बाद सिद्धू मूसेवाला की हत्या कर दी गई थी। वह गाना था, ”ओह चौबर दे चेहरे उत्ते नूर दसदां नी, एहदा उठेगा जवानी विच जनाजा मिठ्ठिये”…यह गीत सिद्धू मूसेवाला ने वाजिर रैपर के साथ मिलकर 15 मई को रिलीज किया था।

  • हरियाणा निकाय चुनाव में निर्दलीयों के खाते में 20 अध्यक्ष पद, भाजपा को भी फायदा

    हरियाणा निकाय चुनाव में निर्दलीयों के खाते में 20 अध्यक्ष पद, भाजपा को भी फायदा

     हरियाणा में स्थानीय निकाय चुनाव की मतगणना जारी है। रविवार को सूबे के 18 निकाय परिषदों और 28 निगमों के लिए मतदान हुआ था। आम आदमी पार्टी को सोहना से जीत मिली है।

     

    LIVE:हरियाणा निकाय चुनाव में निर्दलीयों के खाते में 20 अध्यक्ष पद, भाजपा को भी फायदा

    हरियाणा में स्थानीय निकाय चुनाव की मतगणना जारी है। रविवार को सूबे के 18 निकाय परिषदों और 28 निगमों के लिए मतदान हुआ था। अब तक सामने आए नतीजों में भाजपा ने 10 नगर अध्यक्ष पदों पर जीत हासिल की है। वहीं, चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवारों ने कुल 46 में से 20 अध्यक्ष पदों पर कब्जा किया।

    निकाय चुनाव में भाजपा की जीत पर सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अग्निपथ योजना को लेकर किया गया प्रदर्शन चुनाव परिणाम में नजर नहीं आया। उन्होंने भाजपा प्रत्याशियों को जीत पर बधाई दी है। वहीं, दूसरी ओर पहली बार आम आदमी पार्टी भी यहां निकाय चुनावों में उतरी है। ऐसे में उसके लिए खाता खुलना भी बड़ी सफलता माना जा रहा है। पड़ोस के पंजाब और दिल्ली जैसे राज्यों की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी को इन चुनावों से बड़ी उम्मीद है। आइए जानते हैं, चुनाव नतीजे का हर अपडेट…

    अब तक के विजेताओं पर एक नजर

    हरियाणा निकाय चुनाव में 46 नगर परिषद और समितियां पर हुई मतगणना में भाजपा ने नगर परिषद अध्यक्षों की 22 सीटों पर जीत दर्ज की। जबकि, जेजेपी ने 3 सीटें जीतीं। निर्दलीय उम्मीदवारों ने नगर निगम अध्यक्षों की 19 सीटों पर जीत हासिल की। आम आदमी पार्टी ने नगर निगम अध्यक्ष अध्यक्ष की एक सीट जीती। इनेलो के खाते में भी एक सीट आई।

    कालका नगर निगम के अध्यक्ष पद पर बीजेपी प्रत्याशी की जीत

    कालका नगर परिषद के अध्यक्ष पद पर भाजपा प्रत्याशी कृष्ण लाल लांबा जीते।

    हुड्डा के गढ़ पर भाजपा की जीत

    हरियाणा निकाय चुनाव में झज्जर में भाजपा प्रत्याशी ने जीत हासिल की है। यह क्षेत्र कांग्रेस के कद्दावर नेता और पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है।

    भाजपा की जीत पर सीएम खट्टर ने जताई खुशी

    हरियाणा निकाय चुनाव परिणाम पर सीएम मनोहर लाल खट्टर ने ट्वीट किया, “स्थानीय निकाय चुनाव में विजयी हुए भारतीय जनता पार्टी के सभी प्रत्याशियों को बहुत-बहुत बधाई। आपकी यह जीत जनता के उस विश्वास की जीत है जो वह 2014 व 2019 से अब तक लगातार भाजपा के प्रति दर्शा रही है। यह विजय पार्टी के मेहनती कार्यकर्ताओं को समर्पित है।”

    निर्दलीयों ने जीते 20 अध्यक्ष पद

    हरियाणा निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के कुल 46 में से 20 पदों पर जीत हासिल कर निर्दलीय उम्मीदवारों का दबदबा रहा।

    भाजपा ने 10 नगर परिषदों में जीत हासिल की

    हरियाणा निकाय चुनाव में भाजपा ने 18 में से 10 नगर परिषदों में अध्यक्ष का चुनाव जीता है। ये परिषदें हैं- गोहाना, जींद, झज्जर, बहादुरगढ़, चरखी दादरी, कालका, सोहना, कैथल, पलवल और फतेहाबाद।

    भाजपा ने जीते 11 नगर समिति अध्यक्ष पद

    हरियाणा निकाय चुनाव में भाजपा ने अभी तक 10 नगर समिति अध्यक्ष पद पर जीत हासिल कर दी है। वहीं, निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में 6 अध्यक्ष पद आए हैं। उधर, सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अग्निपथ आंदोलन का चुनाव पर कोई असर नहीं हुआ है।