विद्या भारती पंजाब की प्रांतीय प्रधानाचार्य बैठक का शुभारंभ,शिक्षा का मूल उद्देश्य बालक का सर्वांगीण विकास – देशराज शर्मा
MBD NEWS (सुमेश शर्मा) जालंधर । 2024 को विद्या भारती, पंजाब की वार्षिक क्रियान्वयन बैठक का शुभारंभ विद्या धाम जालंधर में मां सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्वलित कर किया गया । इस अवसर पर अपने वक्तव्य में क्षेत्रीय संगठन मंत्री देशराज शर्मा ने कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य कभी भी नहीं बदलता है । शिक्षा भारत के विचार से जुड़ी हुई होनी चाहिए । उन्होंने प्रधानाचार्य को एक कल्पनाशील व्यक्तित्व की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया । उन्होंने कहा कि यह भारत का संधिकाल है जिसमें अत्यधिक परिश्रम करने की आवश्यकता है । संगठन मंत्री राजेंद्र कुमार ने संकुल योजना विषय पर प्रधानाचार्यों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि संकुल शुद्ध रूप से शैक्षिक इकाई है ।
दूसरे सत्र में विभिन्न संकुल के प्रधानाचार्यों द्वारा अपने संकुल में किए गए नवाचार से संबंधित रिपोर्ट पेश की गई । प्रांत महामंत्री डा. नवदीप शेखर ने शैक्षिक विषय लेते हुए प्रधानाचार्यो से पाठ्यक्रम, पाठ्य योजना, रेगुलर टेस्ट, बोर्ड रिजल्ट व मेंटर योजना आदि विषयों पर चर्चा की । डा. गगनदीप पाराशर ने विद्या भारती पंजाब द्वारा संचालित शैक्षिक परिषदों व अन्य गतिविधियों की चर्चा की । उन्होंने कहा कि सभी आचार्यों को वीडियो लेक्चर तैयार करने चाहिए ।
तीसरे सत्र में प्रांत प्रशिक्षण प्रमुख विक्रम समयाल द्वारा प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला गया व आने वाले वर्ष में होने वाले प्रशिक्षण वर्गों की जानकारी सभी के समक्ष रखी गई । राजेंद्र कुमार जी द्वारा सेवा शिक्षा विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए गए । अपनी बात रखते हुए उन्होंने जगराओं में शुरू किए जाने वाले छात्रावास से संबंधित जानकारी सभी प्रधानाचार्यों को दी । उन्होंने बताया कि इस छात्रावास में वंचित वर्ग के छात्रों को निशुल्क शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है ।
चौथे सत्र में सभी प्रधानाचार्यो द्वारा संकुल अनुसार बैठकों की अपने-अपने विद्या मंदिरों की रिपोर्ट पेश की गई । इस बैठक में जयदेव बातिश, डा. रेखा कालिया भारद्वाज, मनदीप तिवारी एवं विजय ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे ।
फोटो की कैप्शन –
1. बैठक में भाग लेते हुए प्रधानाचार्य एवं अधिकारी प्रथम पंक्ति में (बाएं से दाएं) – डा. रेखा कालिया भारद्वाज, विजय ठाकुर, डा. नवदीप शेखर, देशराज शर्मा, राजेंद्र कुमार













