Category: EDUCATION

  • NEET पेपर लीक मामले को लेकर में संसद में हंगामा, राहुल गांधी बोले-देश के युवा घबराए…

    NEET पेपर लीक मामले को लेकर में संसद में हंगामा, राहुल गांधी बोले-देश के युवा घबराए…

     

    नई दिल्ली – नीट पेपर लीक मामले में पूरे देश में सियासत गरमाई हुई है। सड़क पर हंगामा और संसद में संग्राम जारी है। आज संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। लोकसभा में चर्चा के पहले ही विपक्ष ने नीट को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद निचले सदन की कार्यवाही सोमवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष NEET पर चर्चा की मांग को लेकर स्थगन प्रस्ताव लाया था।

    लोकसभा स्पीकर ने कहा कि नियमों के मुताबिक राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद के बीच स्थगन प्रस्ताव नहीं लाया जाता। उधर, संसद में जाने से पहले राहुल गांधी ने कहा, ‘मैं पीएम से रिक्वेस्ट करता हूं कि NEET मामले पर रिस्पेक्टफुली चर्चा करें। देश के युवा घबराए हुए हैं। उन्हें नहीं पता क्या होने वाला है। संसद से यह मैसेज जाना चाहिए कि सरकार और विपक्ष उनकी चिंताओं को लेकर एक साथ हैं। नीट मामले पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार NEET पर जवाब देने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि नीट पर विपक्ष भ्रमित न करे, हम चर्चा से भाग नहीं रहे। छात्रों और अभिभावकों से सुझाव मांगे गए हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार प्रतिबद्धता से मामले की जांच करवा रही है, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

  • सिकन्दर यादवेन्दु की गिरफ्तारी के बाद सामने आया प्रश्न पत्र लीक गिरोह ..

    सिकन्दर यादवेन्दु की गिरफ्तारी के बाद सामने आया प्रश्न पत्र लीक गिरोह ..

     

    पटना : नीट (यूजी) प्रश्न पत्र लीक मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो ( सीबीआई) करेगी। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) द्वारा अब तक इस मामले की जांच का दायरा बढ़कर कई अन्य राज्यों तक पहुंच गया है। इस कथित प्रश्न पत्र लीक मामले का खुलासा इंजीनियर सिकन्दर यादवेन्दु की गिरफ्तारी के बाद हुआ है। अब जब जांच आगे बढ़ रही है तो इसमें कई लोगों के शामिल होने और एक बड़े नेटवर्क की जानकारी मिल रही है।

    बिहार और पड़ोसी राज्य झारखंड में हो रही ताबड़तोड़ गिरफ्तारी और आरोपियों के कबूलनामों से इतना तो साफ है कि संगठित गिरोह ने परीक्षा संचालन करने वाले कर्मियों के साथ मिलीभगत कर प्रश्न पत्र लीक करने का बड़ा खेल खेला।

    गत 5 मई को पटना के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र के बेली रोड के समीप पुलिस ने जूनियर इंजीनियर सिकन्दर यादवेन्दु को गिरफ्तार किया। उसकी कार की तलाशी के क्रम में पुलिस को नीट परीक्षा के चार परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड मिले। इसके बाद पुलिस के कान खड़े हो गए। पटना के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।

    आर्थिक अपराध इकाई ने प्रारंभ में ही स्पष्ट कर दिया था कि प्रश्न पत्र लीक हुआ है। इकाई ने 10 मई को पुलिस को तकनीकी सहयोग दिया और 17 मई को जांच का जिम्मा खुद संभाल लिया। इसके बाद जब जांच का दायरा बढ़ा तो परत दर परत मामले का खुलासा भी होता गया और कड़ियां जुड़ती चली गईं।

    ईओयू ने 18 और 19 जून को परीक्षार्थियों को पूछताछ के लिए बुलाया। गिरफ्तार लोगों की स्वीकारोक्ति और मिल रहे साक्ष्यों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने ईओयू से जांच रिपोर्ट मांगी। इस बीच, ईओयू ने झारखंड के भी विभिन्न शहरों में छापेमारी कर कई और लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद यह साफ हो गया कि प्रश्न पत्र झारखंड के एक परीक्षा केंद्र से लीक हुआ और वहां से बिहार पहुंचा।

    बहरहाल, जांच अभी चल रही है। ईओयू तथा सीबीआई के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस गिरोह के किंगपिन को खोजने और दोषियों को सजा दिलाने की होगी।

  • NEET PAPER लीक मामला: एक दिन पहले मिल गया था प्रश्न पत्र, 32 लाख में हुआ सौदा, आरोपियों ने बताई PAPER लीक होने की सारी कहानी..

    NEET PAPER लीक मामला: एक दिन पहले मिल गया था प्रश्न पत्र, 32 लाख में हुआ सौदा, आरोपियों ने बताई PAPER लीक होने की सारी कहानी..

     

    पटना- नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली से लेकर पटना तक राजनीति गर्म है। परीक्षा रद्द कराने की मांग को लेकर छात्र सड़कों पर उतर रहे हैं। इस बीच, पेपर लीक मामले को लेकर रोज खुलासे भी हो रहे हैं।

    ऐसे में आरोपियों का कबूलनामा सामने आया है। कहा गया है कि परीक्षा से एक दिन पहले ही उन्हें प्रश्नपत्र मिल गया था और परीक्षा में जो प्रश्नपत्र मिले थे, वही पेपर उन्हें एक दिन पहले मिल गए। नीट परीक्षार्थी अनुराग यादव ने साफ कहा कि उसके फूफा सिकंदर प्रसाद यादवेंदु ने ही उसे कोटा से पटना बुलाया था और कहा था कि परीक्षा में सब सेटिंग हो चुकी है। इसके बाद पटना के एक रेस्ट हाउस में अमित आनंद और नीतीश कुमार के पास मुझे छोड़ दिया। इन लोगों ने मुझे नीट परीक्षा का प्रश्न पत्र एवं उत्तर पुस्तिका दी। रात भर में पेपर रटवाया गया।

    सिकंदर यादवेंदु ही अनुराग के फूफा हैं। इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। आरोपी अमित आनंद का कहना है कि उसकी दोस्ती सिकंदर से है। बातचीत के क्रम में सिकंदर द्वारा बताया गया कि मेरे पास भी लड़का है, जिसे आप परीक्षा में पास करा दीजिए, जो नीट की तैयारी कर रहा है। उसे पास करा देना है। इसके बदले में बताया कि 30-32 लाख रुपए लगेंगे, जिसके लिए भी वह तैयार हो गया। सभी को बुलाकर रात में प्रश्न पत्र का उत्तर रटवाया गया। उसने कबूलनामा में बताया कि सिकंदर के पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर हम लोग भी पकड़े गए।

    नीतीश कुमार ने भी स्वीकार किया कि सिकंदर से दोस्ती थी। उसने यह भी बताया कि बीपीएससी की परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक कराने एवं कदाचार के आरोप में जेल गया हूं। आरोपी सिकंदर यादवेन्दु ने स्वीकार किया कि उसकी दोस्ती अमित आनंद और नीतीश कुमार से नगर परिषद कार्यालय में हुई। दोनों से कार्यालय में मुलाकात के बाद काफी देर तक अपनी-अपनी बात साझा करते रहे। उसने बताया इसी बीच मुझे अमित आनंद और नीतीश कुमार द्वारा बताया गया कि मैं किसी भी परीक्षा, प्रतियोगिता में प्रश्न पत्र आउट कराकर बच्चों को पास करा देता हूं। उसने कहा कि जब मैंने नीट परीक्षा के विषय में बताया तो वो 30-32 लाख रुपये में ऐसा करने में सहमत हो गया। इसके बाद रामकृष्णा नगर में जाकर पेपर दिया तथा अमित आनंद एवं नीतीश कुमार द्वारा प्रश्न पत्र लाकर उत्तर सहित सभी को रटवाया गया ताकि परीक्षा में सफल हो सके। उसने बताया, इस बीच मैं भी लोभ लालच से प्रत्येक लड़के से 40-40 लाख रुपये की बात की। इसी दौरान बेली रोड पर वाहन चेकिंग के दौरान शास्त्री नगर थाना के पुलिस द्वारा मुझे दूसरे लड़कों के एडमिट कार्ड के साथ पकड़ लिया गया।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा यूनिवर्सिटी के नए कैंपस का किया उद्घाटन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत 17 देशों के राजदूत रहे मौजूद

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नालंदा यूनिवर्सिटी के नए कैंपस का किया उद्घाटन, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत 17 देशों के राजदूत रहे मौजूद

     

    पटना  : पीएम मोदी ने आज बिहार को बड़ी सौगात दी है। उन्होंने नवनिर्मित नालंदा विश्वविद्यालय परिसर का उद्घाटन किया। पीएम मोदी जब इसका उद्घाटन किया तो उनके साथ विदेश मंत्री एस जयशंकर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे। इसके अलावा 17 देशों के मिशन प्रमुख इस मौके के साक्षी बने। उद्घाटन से पहले पीएम मोदी ने प्राचीन विश्वविद्यालय के खंडहरों को बारीकी से निहारा है। 5वीं सदी की नालंदा यूनिवर्सिटी को आक्रांताओं ने भले ही नष्ट कर हिंदू और बौद्ध धर्म को खाक में मिलाने की कोशिश की हो। मगर, नालंदा यूनिवर्सिटी बीतती सदियों के साथ और भी ख्याति पाती गई और भी प्रख्यात होती चली गई

     पीएम मोदी ने अपने दौरे से पहले ट्वीट कर आज का दिन बेहद खास बताया है। उन्होंने कहा, ‘हमारे शिक्षा क्षेत्र के लिए यह बहुत खास दिन है। नालंदा का हमारे गौरवशाली हिस्से से गहरा नाता है। यह विश्वविद्यालय निश्चित रूप से युवाओं की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने में बहुत मददगार साबित होगा। नालंदा यूनिवर्सिटी के नए परिसर में 2 शैक्षणिक ब्लॉक होंगे। 1900 छात्रों के बैठने की क्षमता है। 550 छात्र की क्षमता वाले हॉस्टल हैं। 2000 लोगों की क्षमता वाला एम्फीथिएटर है। 3 लाख किताब की क्षमता वाली लाइब्रेरी है। नेट जीरो ग्रीन कैंपस है। विश्वविद्यालय की कल्पना भारत और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन देशों के बीच संयुक्त सहयोग के रूप में की गई है।

    नालंदा यूनिवर्सिटी का इतिहास काफी पुराना है। लगभग 1600 साल पहले नालंदा यूनिवर्सिटी की स्थापना पांचवी सदी में हुई थी। जब देश में नालंदा यूनिवर्सिटी बनाई गई तो दुनियाभर के छात्रों के लिए यह आर्कषण का केंद्र था। विशेषज्ञों के मुताबिक 12वीं शताब्दी में आक्रमणकारियों ने इस विश्वविद्यालयों को नष्ट कर दिया था। इससे पहले करीबन 800 सालों तक इन प्राचीन विद्यालय ने ना जाने कितने छात्रों को शिक्षा दी है।

    नालंदा विश्वविद्यालय की नींव गुप्त राजवंश के कुमार गुप्त प्रथम ने रखी थी। पांचवीं सदी में बने प्राचीन विश्वविद्यालय में करीब 10 हजार छात्र पढ़ते थे, जिनके लिए 1500 अध्यापक हुआ करते थे। छात्रों में अधिकांश एशियाई देशों चीन, कोरिया और जापान से आने वाले बौद्ध भिक्षु होते थे। इतिहासकारों के मुताबिक, चीनी भिक्षु ह्वेनसांग ने भी सातवीं सदी में नालंदा में शिक्षा ग्रहण की थी। उन्होंने अपनी किताबों में नालंदा विश्वविद्यालय की भव्यता का जिक्र किया है। यह बौद्धों के दो सबसे अहम केंद्रों में से एक था।

  • जानें कैसे पकड़े गए नीट पर्चा लीक के मास्टरमाइंड,नीतीश, सिकंदर, अमित और आनंद…

    जानें कैसे पकड़े गए नीट पर्चा लीक के मास्टरमाइंड,नीतीश, सिकंदर, अमित और आनंद…

     

     

     

    नीट परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद से पूरे देश भर में बवाल मचा हुआ है. अभ्यर्थी लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, आरोप लगा रहे हैं कि पेपर लीक हुआ है और धांधली हुई. इस बीच बिहार पुलिस ने नीतीश, सिकंदर, अमित और आनंद समेत कई लोगों को पकड़ा है जिन्होंने परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और बाद में किए अपने एक-एक गुनाह को कबूल किया है.

     

     

    नीतीश, सिकंदर, अमित और आनंद... कैसे पकड़े गए नीट पर्चा लीक के मास्टरमाइंड

    नीट परीक्षा लीक का आरोपी सिकंदर

    बिहार में नीट का पर्चा लीक होने के बाद पुलिस ने एक के बाद एक कई लोगों को हिरासत में लिया है और अब वह लोग जो बात बता रहे हैं, उनसे यह पूरी तरह से साफ है कि एनटीए भले ही परीक्षा के पाक-साफ होने की कितनी भी बात कहे, लेकिन यह पूरी तरह से निराधार है. बिहार पुलिस ने जिन लोगों को पकड़ा है, उनके आधार पर बनाए गई डायरी में आरोपियों ने कई बातों का पर्दाफाश किया है. इसमें नीतीश, सिकंदर, अमित और आनंद समेत ऐसे कई नाम दर्ज हैं, जिन्होंने परीक्षा से पहले, परीक्षा के दौरान और बाद में किए अपने एक-एक गुनाह को कबूल किया है.

    नीट परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद से पूरे देश भर में बवाल मचा हुआ है. अभ्यर्थी लगातार धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, आरोप लगा रहे हैं कि पेपर लीक हुआ है और धांधली हुई है. सुप्रीम कोर्ट तक मामला पहुंचा है, लेकिन एनटीए कह रहा है कि पेपर लीक नहीं हुआ है. हालांकि बिहार पुलिस की डायरी में इस कबूलनामे के सच को कैसे इंकार किया जा सकता है. इसमें जो बातें लिखी गई हैं, वह साफ-साफ कहती हैं कि नीट का पेपर लीक हुआ था और कई नटवरलालों के हाथ में परीक्षा से पहले ही पहुंच गया था.

    14 जून को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, ”किसी बच्चे के साथ कोई अन्याय नहीं होगा. हमारी प्रक्रिया पूरी पारदर्शी है, लेकिन यह भी देखना होगा कि जो लोग सवाल कर रहे हैं, वह कौन हैं. उन्होंने कोचिंग इंस्टिट्यूट वालों पर सवाल उठाए. जब 4750 सेंटर में इतने विद्यार्थी परीक्षा देते हैं, एक-दो सेंटर की गड़बड़ी ध्यान में आई है, उसपर भी कंसर्न अथॉरिटी इंक्वायरी कर रहे हैं. पिछले दिनों में भी टॉपर बच्चे अच्छे नंबर पर होते थे, इस बार यह 61 हुए हैं. ग्रेस मार्क्स मिलने के कारण छह बच्चों का भी नाम जुड़ा था.” धर्मेंद्र प्रधान ने एक-दो सेंटर पर गड़बड़ी की बात कही, लेकिन छात्रों के आरोपों से लगता है कि यह मामला उतना छोटा नहीं है, जितना सरकार समझ रही है. सरकार का दावा है कि वो बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी, लेकिन अब भी सुप्रीम कोर्ट में नई याचिकाएं दाखिल हो रही हैं और छात्र इस परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे हैं.

  • NEET परीक्षा पर SC का बड़ा फैसला, 1563 छात्रों को फिर देनी होगी परीक्षा, काउंसलिंग पर रोक से किया इनकार

    NEET परीक्षा पर SC का बड़ा फैसला, 1563 छात्रों को फिर देनी होगी परीक्षा, काउंसलिंग पर रोक से किया इनकार

     

    नई दिल्ली  : नीट यूजी रिजल्ट 2024 मामले में दायर 3 याचिकाओं पर वीरवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 1563 उम्मीदवारों के स्कोरकार्ड रद्द करने का निर्णय लिया गया है, जिन्हें ग्रेस मार्क्स दिए गए थे। केंद्र ने कहा कि इन 1563 छात्रों को दोबारा परीक्षा देने का विकल्प दिया जाएगा। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 23 जून को दोबारा परीक्षा होगी और 30 जून को रिजल्ट आएगा। इसलिए 6 जुलाई से शुरू होने वाली कॉउंसलिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

    SC’s big decision on NEET, 1563 students will have to re-appear : वकील जे साई दीपक ने कहा कि हम मनमाने ढंग से अनुग्रह अंक देने और अनुचित तरीके अपनाने के खिलाफ हैं। यह कहना होगा कि यह यहां लंबित याचिका के परिणामों के अधीन है अन्यथा यह असफल हो जाएगा। एनटीए की ओर से वकील कनु अग्ररवाल ने कहा कि 12 जून को हुई बैठक के बाद एक निर्णय लिया गया है। समिति का विचार है कि 1563 उम्मीदवारों को नीट परीक्षा के लिए दोबारा परीक्षा देनी होगी। 1563 उम्मीदवारों को जारी किए गए सभी स्कोरकार्ड रद्द कर दिए जाएंगे। दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी, जो लोग इस पुन: परीक्षा में शामिल नहीं होंगे उन्हें बिना प्रतिपूरक अंक के परीक्षा देनी होगी।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब आप कहते हैं कि उनके पास उपस्थित नहीं होने और स्कोरकार्ड रद्द करने का विकल्प है तो कुछ विसंगति है। अग्रवाल ने कहा जो लोग उपस्थित नहीं होंगे उनके पास प्रतिपूरक अंक के बिना उनके मूल अंक होंगे, लेकिन 1563 को पुनः परीक्षा में बैठने का विकल्प मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा तो आपको उसको फिर से तैयार करने की जरूरत है।

  • UGC चेयरमैन ने दिया बड़ा अपडेट ; छात्र अब एक साल में दो बार एडमिशन यूनिवर्सिटिज में ले सकेंगे एडमिशन,जानें क्या पूरी है खबर.

     

    नई दिल्ली : देश भर में कॉलेज या विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है। छात्र अब एक साल में दो बार एडमिशन ले सकेंगे। कॉलेज और विश्वविद्यालय में छात्रों के लिए दो सत्र चलाए जाएंगे। जो छात्र पहले सत्र में एडमिशन लेने से चूक जाएंगे वे दूसरे सत्र में एडमिशन ले सकते हैं।

    यूनिवर्सिटीज ग्रांट कमीशन (UGC) के चेयरमैन एम.जगदीश कुमार ने आज, 11 जून 2024 को इसकी जानकारी दी है। जानकारी के मुताबिक यूजीसी यूनिवर्सिटीज को अब ये छूट दी जाएगी कि वे साल में दो बार एडमिशन प्रक्रिया आयोजित कर सकें। UGC अध्यक्ष ने कहा कि साल में दो बार एडमिशन की प्रक्रिया आयोजित करके भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान भी ग्लोबल लेवल पर चल रही एकेडमिक स्टैंडर्ड्स की बराबरी कर सकेंगे।

    इससे पहले यानी अब तक देश भर की यूनिवर्सिटीज व कॉलेजों में ग्रेजुएट व पोस्टग्रेजुएट कोर्सों के लिए साल में एक बार एडमिशन लिया जाता है। जानकारी के मुताबिक, आयोग का यह फैसला इसी एकेडमिक सेशन यानी 2024-25 से ही लागू होगा, जिसके बाद हायर एजुकेशनल इंस्टिट्यूट जुलाई-अगस्त के बाद छात्रों को जनवरी-फरवरी में भी एडमिशन दे सकेंगे।

    देश भर के गवर्मेंट यूनिवर्सिटीज, प्राइवेट यूनिवर्सिटीज, डीम्ड यूनिवर्सिटीज और सम्बद्ध डिग्री कॉलेजों में रेगुलर ग्रेजुएट कोर्सों में इस वर्ष एडमिशन के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट- यूजी (CUET UG 2024) का आयोजन हाल ही में 15, 16, 17, 18, 21, 22, 24 और 29 मई को किया गया था। इसके बाद से इस परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्रों को अब आंसर-की जारी होने का इंतजार है, इसके बाद उनसे एजेंसी उनके ऑब्जेक्शन मांगेगी। इन ऑब्जेक्शन्स की रिव्यू करने के बाद रिजल्ट जारी होगा और छात्रों के NTA स्कोर जारी होंगे, जिसके आधार पर छात्रों को विभिन्न यूनिवर्सिटी व कॉलेज में एडमिशन मिलेगा।

    बता दें, एंट्रेंस एग्जाम अभी तक साल में एक ही बार आयोजित की रही है। माना जा रहा कि अब साल में दो बार एडमिशन लिए जाने से छात्रों को काफी फायदा मिलेगा।

  • G-20 देशों में विश्व रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों की हुई सबसे अधिक बढ़ोतरी, नरेंद्र मोदी ने बताया नया प्लान

    G-20 देशों में विश्व रैंकिंग में भारतीय विश्वविद्यालयों की हुई सबसे अधिक बढ़ोतरी, नरेंद्र मोदी ने बताया नया प्लान

     

    नई दिल्ली : भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के नवनिर्वाचित सांसद नरेंद्र मोदी ने भारतीय विश्वविद्यालयों की QS World University Ranking में सुधार पर सराहना की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले दशक में शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक बदलावों पर ध्यान केंद्रित किया है। साथ ही सरकार अपने अगले कार्यकाल में रिसर्च और प्रगति को बढ़ावा देने के लिए और भी अधिक काम करना चाहती है।

    पिछले एक दशक में, भारत ने रैंकिंग में अपना प्रतिनिधित्व 318 प्रतिशत बढ़ाया है, ये जी20 देशों में सबसे अधिक बढ़ोतरी है।नरेंद्र मोदी ने पिछले दशक में शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक बदलावों पर ध्यान देने पर जोर दिया और छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों के सामूहिक प्रयास को इस उपलब्धि का श्रेय दिया।

    नरेंद्र मोदी कहते हैं, पिछले दशक में, हमने शिक्षा क्षेत्र में गुणात्मक बदलावों पर ध्यान केंद्रित किया है। यह क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में दर्शाया जाता है। छात्रों, शिक्षकों और संस्थानों को उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए बधाई। मालूम हो कि यह मान्यता अपने उच्च शिक्षा क्षेत्र और वैश्विक शैक्षणिक स्थिति को ऊपर उठाने के भारत के प्रयास के बीच आई है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग दुनिया भर के विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता और प्रतिष्ठा का आकलन करने के लिए एक महत्वपूर्ण बेंचमार्क के रूप में काम करती है।

    बॉम्बे और दिल्ली ने टॉप यूनिवर्सिटी में बनाई जगह
    क्वाक्वेरेली साइमंड्स (क्यूएस) की तरफ से जारी क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2025 से पता चला है कि भारतीय टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (आईआईटी) बॉम्बे और दिल्ली ने वैश्विक स्तर पर टॉप 150 विश्वविद्यालयों में स्थान हासिल किया है। आईआईटी बॉम्बे ने उल्लेखनीय रूप से अपनी रैंक में 31 रैंक की बढ़ोतरी के साथ 149 से 118 तक सुधार किया है, जबकि आईआईटी दिल्ली 47 अंक ऊपर चढ़कर विश्व स्तर पर 150वें स्थान पर पहुंच गया है।

  • एन.डी.डी.वाई के विद्यार्थियो के परिचय सामारोह का आयोजन किया गया

    एन.डी.डी.वाई के विद्यार्थियो के परिचय सामारोह का आयोजन किया गया

    एन.डी.डी.वाई के विद्यार्थियो के परिचय सामारोह का आयोजन किया गया

     

    विद्यार्थियों ने रंगारंग कार्यक्रमों से दर्शकों का मन मोह लिया

    MBD NEWS: चंडीगढ़ (मनोज शर्मा) गांधी स्मारक निधि,पंजाब, हरियाणा तथा हिमाचल प्रदेश,पट्टी कल्याणा जिला पानीपत द्वारा संचालित गांधी स्मारक भवन, चंडीगढ़ में एन.डी.डी.वाई के विद्यार्थियो के परिचय सामारोह का आयोजन किया गया।

    विद्यार्थियों ने रंगारंग कार्यक्रमों से दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर संजय सिंह, अध्यक्ष, गांधी स्मारक निधि, पंजाब, हरियाणा तथा हिमाचल प्रदेश ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि महात्मा गांधी ने प्राकृतिक चिकित्सा के प्रचार प्रसार के लिए काफी कार्य किया। आप सब इस क्षेत्र में आगे आकर जानकारी कर इसमें काफी आगे तक जा सकते हैं। आप स्वयं को अपने परिवार तथा आस पास के समाज को स्वस्थ रख सकते हैं। आज सभी लोग प्राकृतिक चिकित्सा को अपना रहे हैं। इसमें बिना दवा के पंचतत्वों द्वारा शरीर को रोगों से मुक्त किया जाता है। आप सबने आज इस कार्यक्रम में आकर अपने अपने कार्यक्रम प्रस्तुत किए इसके लिए आप सभी का आभार एवं धन्यवाद।

    इस अवसर पर संस्था कि सचिव आनन्द कुमार शरण ने बताया कि प्राकृतिक चिकित्सा स्वस्थ जीवन जीने का एक तरीका है। प्रकृति के साथ रहकर आप स्वयं को स्वस्थ रख सकते हैं। आप प्राकृतिक चिकित्सा के विद्यार्थी हैं। आप सबने इस कार्यक्रम को बेहतर बनाने में जो योगदान दिया है उसके लिए हम आपका हार्दिक धन्यवाद करते हैं और आशा करतें , श्रीमती रंजना गोयल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। प्रभारी अजय कुमार श्रीवास्तव ने उपस्थित सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया।

    इस अवसर पर रंजना गोयल,श्रीमती नीलम मेहता,सुदेश शर्मा,जसमीत सिंह बेदी,रमेश कुमार,अजय कुमार, बसन्त,नीरज यादव हुस्ना,नीलम,संदेश,पुस्तकालय की छात्र-छात्रा, प्राकृतिक चिकित्सा (छण्क्ण्क्ण्ल्ण्) के विद्यार्थियों के साथ – साथ आस पास के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

  • NEET Result पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, NTA और केंद्र से मांगा जवाब

    NEET Result पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, NTA और केंद्र से मांगा जवाब

     

    NEET पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए नीट के रिजल्ट पर रोक लगाने से मना कर दिया है. सर्वोच्च अदालत ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी से जवाब मांगा है.

    NEET Result पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार, NTA और केंद्र से मांगा जवाब
    सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) रिजल्ट पर रोक लगाने से मना कर दिया है. इस साल की NEET में पेपर लीक की आशंका जताने वाली PIL पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) से जवाब मांगा है. जुलाई में मामले की अगली सुनवाई होगी.

    नीट यूजी 2024 परीक्षा का आयोजन 5 मई को देश भर में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से किया गया था. वहीं परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया पर पेपर लीक होने की पोस्ट वायरल होने लगी इसके बाद एनटीए ने अपना बयान जारी किया कर कहा कि नीट यूजी 2024 का पेपर लीक नहीं हुआ है. सोशल मीडिया पर गलत अफवाह फैलाई जा रही है.

    पेपर लीक मामले में 13 गिरफ्तार

    नीट परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बता दें, 5 मई को पटना में नीट का एग्जाम हुआ था. पटना हाई कोर्ट में भी इस मामले को लेकर लोकहित याचिका दायर की गई थी. इसमें प्रश्न पत्र लीक मामले की जांच सीबीआई से कराने का अनुरोध किया गया है. इस याचिका में परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से एग्जाम कराने की भी बात कही गई थी.