जानें किस जगह पर दो बसों में आमने-सामने हुई जबरदस्त टक्कर, मासूम समेत 5 की मौत; केबिन तोड़कर निकाले गए यात्री
रायसेन : रायसेन-भोपाल नेशनल हाईवे पर सेहतगंज फैक्ट्री के पास एक पेट्रोल पंप के नजदीक दो तेज रफ्तार यात्री बसें आपस में आमने-सामने सीधे टकरा गईं। यह भीषण टक्कर सागर से भोपाल जा रही ‘शक्ति ट्रैवल्स’ और भोपाल से सागर लौट रही ‘कल्पना ट्रैवल्स’ की बसों के बीच हुई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पलभर में पूरा हाईवे चीख-पुकार से गूंज उठा। इस भयानक हादसे में एक मासूम बच्चे और एक महिला समेत पांच लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 35 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। कई घायलों की हालत बेहद नाजुक होने के कारण मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
सिंगल लेन पर ओवरटेक के चक्कर में हुआ हादसा, पिचक गए दोनों बसों के केबिन
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों ही बसें बेहद तेज रफ्तार में दौड़ रही थीं। रायसेन से गैरतगंज के बीच का यह पूरा हिस्सा सिंगल लेन सड़क है। इसी सिंगल लेन पर हैवी ट्रैफिक के बीच एक बस के चालक ने आगे निकलने (ओवरटेक) का प्रयास किया, जिससे दोनों चालकों का अपनी-अपनी गाड़ियों से नियंत्रण बिगड़ गया और बसें सीधे एक-दूसरे में जा घुसीं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बसों के अगले केबिन पूरी तरह पिचक गए और खिड़कियों के पास बैठे यात्री इसकी सीधी चपेट में आकर लहूलुहान हो गए।
ग्रामीणों ने शीशे तोड़कर बचाई जान, कलेक्टर और एसपी ने खुद संभाला मोर्चा
हादसे के बाद हुए धमाके जैसी आवाज को सुनकर आसपास के ग्रामीण और पेट्रोल पंप के कर्मचारी तुरंत मदद के लिए दौड़े। लोगों ने बसों के शीशे तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालना शुरू किया। सूचना मिलते ही गैरतगंज थाना पुलिस, डायल-100 और 108 एंबुलेंस की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा और पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता ने खुद घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। सभी घायलों को तुरंत गैरतगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां से 12 गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल रेफर किया गया है। हादसे के कारण हाईवे पर करीब डेढ़ घंटे तक लंबा जाम लगा रहा, जिसे बाद में क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बसों को हटाकर खुलवाया गया।
‘खूनी खंड’ बन चुका है हाईवे का यह हिस्सा, 1 साल में जा चुकी है 17 जानें
घटना के चश्मदीद रमेश अहिरवार ने बताया कि वे पास में ही चाय पी रहे थे कि अचानक जोर की आवाज आई। जब वे दौड़कर पहुंचे तो मंजर बेहद खौफनाक था और लोग खिड़कियों से नीचे गिर रहे थे। इस हादसे ने एक बार फिर नेशनल हाईवे-146 की बदहाली और प्रशासनिक अनदेखी की पोल खोल दी है। रायसेन से गैरतगंज तक का 40 किलोमीटर का यह हिस्सा आज भी सिंगल लेन है, जबकि यहां से रोजाना सैकड़ों भारी ट्रक और बसें गुजरती हैं। पिछले महज एक साल के भीतर हाईवे के इसी टुकड़े पर अलग-अलग हादसों में 17 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से इसे फोरलेन बनाने और डिवाइडर लगाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है।
मृतकों के परिवारों को 4-4 लाख की मदद, बस चालकों पर केस दर्ज
कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दोनों बसों की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक पाई गई है, जो इस हादसे की मुख्य वजह बनी। प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
इसके साथ ही एसपी आशुतोष गुप्ता ने बताया कि दोनों बस चालकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। परिवहन विभाग ने भी सख्ती दिखाते हुए सभी बस ऑपरेटरों को स्पीड गवर्नर की जांच के नोटिस जारी किए हैं और एनएचएआई (NHAI) को हाईवे के इस ब्लैक स्पॉट को तुरंत सुधारने और क्रैश बैरियर लगाने के निर्देश दिए हैं। फिलहाल भोपाल और गैरतगंज के अस्पतालों में घायलों का इलाज जारी है।









