वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह बोले- एक बार जो हमने कमिट किया, फिर अपने आप की भी नहीं सुनते, इन मुद्दों पर भी की बात
नई दिल्ली- एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने सीआईआई बिजनेस समिट 2025 में डिफेंस टेक्नोलॉजी को लेकर बात की। इस मौके पर भारत के एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने डिफेंस डील में हो रही देरी पर अपनी चिंता साफतौर पर जाहिर कर दी। एयर चीफ मार्शल ने कहा, “कई बार, हमें डील पर साइन करते वक्त ही ये पता होता है कि वो चीजें समय पर कभी नहीं आएगी। वहीं, एपी सिंह ने गुरुवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को राष्ट्रीय की जीत बताया। उन्होंने कहा कि सभी भारतीय बलों ने मिलकर इसे बहुत ही पेशेवर तरीके से अंजाम दिया।
सीआईआई बिजनेस समिट में अपने संबोधन में उन्होंने यह भी कहा, ‘हम सच्चाई के रास्ते पर चल रहे थे, मुझे लगता है कि इसमें भगवान भी हमारे साथ थे।’ इस दौरान उन्होंने ‘प्राण जाय पर वचन न जाए…’ और ‘एक बार हमने जो कमिट कर लिया है, उसके बाद अपने आप की भी नहीं सुनता’ जैसी बातें भी कहीं। उन्होंने कहा मैं हर भारतीय का शुक्रिया अदा करता हूं। मुझे यकीन है कि हर भारतीय इस जीत की उम्मीद कर रहा था।’ उन्होंने कहा, ‘जैसा कि बार-बार कहा जाता रहा है कि यह एक ऐसा ऑपरेशन था, जिसे सभी ने बहुत ही पेशेवर तरीके से अंजाम दिया, सभी एजेंसियां, सभी बल, हम सभी एक साथ आए और जब सच्चाई आपके साथ होती है, तो सब कुछ अपने आप हो जाता है।’ उन्होंने कहा कि चाहे वह जमीन की ताकत हो या जल की, वायुसेना हमेशा रहेगी। वायु सेना को इन दोनों के लिए दिलचस्प होना होगा। हम जो भी ऑपरेशन करते हैं, हम उसे वायु सेना के बिना नहीं कर सकते। मुझे लगता है कि इस ऑपरेशन के दौरान भी यह बहुत अच्छी तरह से साबित हुआ है। हम सिर्फ भारत में उत्पादन के बारे में बात नहीं कर सकते। हमें भारत में ही डिजाइनिंग और विकास शुरू करने की जरूरत है।
देरी की वजह से लटकी कई महत्वपूर्ण डिफेंस डील
IAF प्रमुख के अनुसार, देरी ने कई प्रमुख परियोजनाओं को प्रभावित किया है, जिसमें तेजस Mk1A लड़ाकू विमान भी शामिल है, ये डील 3 साल पहले होने के बावजूद अभी तक जेट्स डिलीवर नहीं हुआ है। एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा, “तेजस Mk1 की डिलीवरी में देरी हो रही है। तेजस Mk2 का प्रोटोटाइप अभी तक रोल आउट नहीं हुआ है। स्टेल्थ AMCA फाइटर का अभी तक कोई प्रोटोटाइप नहीं है।” इसी समिट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वायुसेना सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत तेजी से स्वदेशीकरण और घरेलू क्षमता पर जोर दे रही है। हमें भविष्य के लिए तैयार होने के लिए अभी से तैयार रहना होगा। 10 वर्षों में, हमें उद्योग से अधिक उत्पादन मिलेगा, लेकिन हमें आज जो चाहिए, वह हमें आज ही चाहिए। हमें अपने काम को जल्दी से जल्दी पूरा करना होगा। युद्ध हमारी सेनाओं को सशक्त बनाकर जीते जाते हैं।









