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कनाडा में चुनाव नहीं लड़ पाएंगे हिंदू सांसद चंद्र आर्य, PM रेस में थे शामिल

 कनाडा में चुनाव नहीं लड़ पाएंगे हिंदू सांसद चंद्र आर्य, PM रेस में थे शामिल

 

नई दिल्ली- कनाडा में खालिस्तानी चरपपंथियों के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने वाले भारतीय मूल के सांसद चंद्र आर्य को इसकी कीमत चुकानी पड़ी। देश की सत्ताधारी लिबरल पार्टी ने आने वाले चुनावों के लिए सांसद चंद्र आर्य की उम्मीदवारी रद्द कर दी है। एक्स पर एक पोस्ट के जरिए आर्य ने बताया कि पार्टी ने उन्हें सूचित किया है कि नेपियन निर्वाचन क्षेत्र से उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी गई है। आर्य ने पार्टी का एक पत्र भी साझा किया है।

चंद्र आर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए बताया कि पार्टी ने उनका टिकट काट दिया है। लिबरल पार्टी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, चुनाव प्रचार अभियान के अध्यक्ष ने चंद्र आर्य की पात्रता की विस्तृत समीक्षा की। इस समीक्षा के बाद उनका टिकट काटने की सिफारिश की गई जिसे पार्टी ने स्वीकार कर लिया है। आर्य ने इस निर्णय को “बेहद निराशाजनक” करार दिया, लेकिन कहा कि इससे नेपियन के लोगों की सेवा करने का उनका सम्मान और गर्व कम नहीं होगा।

उन्होंने लिखा,”मुझे लिबरल पार्टी द्वारा सूचित किया गया है कि नेपियन में आगामी आम चुनाव के लिए उम्मीदवार के रूप में मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया है। हालांकि यह खबर बेहद निराशाजनक है, लेकिन इससे नेपियन के लोगों – और सभी कनाडाई लोगों – की 2015 से संसद सदस्य के रूप में सेवा करने का गौरव और विशेषाधिकार कम नहीं होता। पिछले कई वर्षों से, मैंने इस भूमिका में अपना दिल और आत्मा झोंक दी है। मुझे एक सांसद के रूप में किए गए अपने काम पर बहुत गर्व है। नेपियन के निवासियों को मैंने जो अटूट सेवा प्रदान की है, कनाडाई लोगों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों पर मैंने जो सैद्धांतिक रुख अपनाया है और मुश्किल घड़ी में भी जिन कारणों के लिए मैंने खड़ा हुआ है – उस सब पर मुझे गर्व है। अपने समुदाय और देश की सेवा करना मेरे जीवन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी रही है, और मैं इसके हर पल के लिए आभारी हूं।”

यह घटना कनाडा की राजनीति में हिंदू समुदाय के प्रतिनिधित्व और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल खड़े कर रही है। चंद्र आर्य नेपियन निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। वे लंबे समय से कनाडा में खालिस्तानी उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों की हिंसक गतिविधियों की निंदा की और हिंदू समुदाय की सुरक्षा के लिए एकजुटता की अपील की थी। हाल ही में, उन्होंने एडमोंटन में एक हिंदू कार्यक्रम के दौरान खालिस्तानी प्रदर्शनकारियों के विरोध का सामना किया था, जिसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी। आर्य ने इसे “कनाडाई समस्या” करार देते हुए सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की थी। भारतीय राजनयिकों के खिलाफ ट्रूडो की मनमानी कार्रवाई के बाद पन्नू ने आर्य के खिलाफ जहर उगला था। एक्स पर एक पोस्ट में पन्नू ने कहा कि कनाडा को खालिस्तान आंदोलन के खिलाफ जहर उगलने और भारत का मुखपत्र होने के लिए आर्य की जांच करनी करनी चाहिए। पन्नू ने कनाडाई सांसद चंद्र आर्य को भारत का एजेंट बता डाला था।